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मन की बात: पीएम मोदी ने Gen-Z के जज्बे की तारीफ की, राम मंदिर और संविधान दिवस का किया उल्लेख

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PM Modi Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खाद्यान्‍न उत्पादन में रिकॉर्ड उपलब्धि, अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रम, संविधान दिवस, अंतरिक्ष विज्ञान में नवाचार, और भारतीय पारंपरिक शिल्पकला जैसे कई विषयों पर चर्चा की।


युवाओं और इसरो की ‘ड्रोन प्रतियोगिता’ की तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता मंगल ग्रह जैसी कृत्रिम परिस्थितियों में आयोजित की गई, जिसमें देशभर के युवा, विशेषकर Gen-Z की भागीदारी उल्लेखनीय रही।

उन्होंने बताया कि मंगल पर जीपीएस उपलब्ध नहीं होता, इसलिए प्रतियोगिता में शामिल ड्रोन को कैमरा और इनबिल्ट सॉफ्टवेयर की सहायता से दिशा, ऊंचाई और बाधाओं का अनुमान लगाना था। कई ड्रोन विफल होते देखे गए, लेकिन युवाओं का धैर्य और तकनीकी कौशल प्रेरणादायक रहा।

पीएम मोदी ने पुणे की एक युवा टीम की विशेष रूप से सराहना की, जिसने कई प्रयासों के बाद कृत्रिम मंगल परिस्थिति में ड्रोन उड़ाने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह जज्बा उन्हें चंद्रयान-2 की असफलता और चंद्रयान-3 की सफलता से जुड़ी वैज्ञानिक लगन की याद दिलाता है।

“वीडियो में युवाओं की आंखों में वही दृढ़ता और चमक दिखी, जो हमारे वैज्ञानिकों में रहती है। यही जुनून विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


संविधान दिवस और सांस्कृतिक पर्वों का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने कहा कि नवंबर का महीना कई प्रेरणादायक अवसर लेकर आया।
उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को संसद के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, वहीं वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में कार्यक्रमों की शुरुआत की गई।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण और कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक के लोकार्पण का भी उल्लेख किया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय शिल्पकला का सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी नेताओं को भारतीय पारंपरिक शिल्पकला से निर्मित प्रतीक भेंट किए गए, जिनमें—

  • दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को तंजावुर की चोल कालीन शैली की कांस्य नटराज प्रतिमा
  • कनाडा के प्रधानमंत्री को उदयपुर की चांदी के अश्व की प्रतिकृति
  • जापान की प्रधानमंत्री को तेलंगाना- करीमनगर की चांदी की बुद्ध प्रतिमा

उन्होंने कहा कि ये शिल्पकृतियां भारत की समृद्ध विरासत और कला परंपरा का प्रतीक हैं।

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