Media24Media.com: खगोलीय रोमांच: पहली बार एक-दूसरे की परिक्रमा करते दो ब्लैक होल की तस्वीर कैद

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खगोलीय रोमांच: पहली बार एक-दूसरे की परिक्रमा करते दो ब्लैक होल की तस्वीर कैद

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नई दिल्ली- खगोलविदों ने पहली बार एक-दूसरे की परिक्रमा करते हुए दो ब्लैक होल का प्रत्यक्ष अवलोकन किया है। ये ब्लैक होल हमारे ब्रह्मांड के अद्भुत और रहस्यमयी नृत्य में लिप्त हैं। सामान्यतया ब्लैक होल अदृश्य होते हैं, लेकिन उनके आस-पास का क्षेत्र चमकता है क्योंकि पदार्थ उसमें गिरता है। इससे पहले खगोलविद केवल दो सुपरमैसिव ब्लैक होल का प्रत्यक्ष अवलोकन कर पाए थे — गैलेक्सी मैसिएर 87 और संगीतार (सैजिटेरियस A)।

 एक-दूसरे की परिक्रमा करते दो ब्लैक होल, जिन्हें RadioAstron टेलीस्कोप सिस्टम से अवलोकित किया गया; दाईं ओर वास्तविक अवलोकन और बाईं ओर उसकी योजनात्मक व्याख्या।

हाल ही में, अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की टीम ने क्वेज़र OJ287 का रेडियो इमेजिंग अध्ययन किया, जो एक दूरस्थ गैलेक्सी है और इसमें दो ब्लैक होल लगभग 12 साल के चक्र में एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं। इस जोड़ी की मौजूदगी का अनुमान पहले क्वेज़र के नियमित झिलमिलाहट पैटर्न के आधार पर लगाया गया था, जो 19वीं सदी की पुरानी तस्वीरों से भी पता चला।

इस खोज में आर्यभट्ट अनुसंधान संस्थान (ARIES), नैनीताल के शुबहम किशोर और आलोक सी. गुप्ता तथा TIFR, मुंबई के ए. गोपाकुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। NASA के TESS उपग्रह और रेडियोधर्मी दूरबीनों की मदद से शोधकर्ताओं ने देखा कि OJ287 की चमक केवल 12 घंटों में अचानक बढ़ गई, जो सैकड़ों गैलेक्सियों के बराबर प्रकाश के बराबर थी।

RadioAstron नामक स्पेस टेलीस्कोप, जो पृथ्वी से बहुत दूर कक्षा में है, और ग्राउंड-बेस्ड ऑब्जर्वेटरीज़ के संयुक्त प्रयोग से OJ287 का उच्च-रिज़ॉल्यूशन रेडियो इमेज प्राप्त हुआ। इस इमेज में दोनों ब्लैक होल स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, ठीक वहीं जहां उनके होने की भविष्यवाणी की गई थी।

विशेष रूप से, छोटे ब्लैक होल से उच्च-ऊर्जा कणों की जेट निकलती दिखाई दी, जो अपने बड़े साथी के चारों ओर घूमते हुए “झूलती पूँछ” या “घूमते बाग़ के पाइप” जैसी बनावट ले रही थी।

इस खोज का महत्व केवल अद्भुत इमेजिंग तक सीमित नहीं है। यह हमारे ब्रह्मांड के भविष्य की झलक भी है। जब ये ब्लैक होल अंततः आपस में टकराएंगे, तो वे ग्रेविटेशनल वेव्स पैदा करेंगे — वही तरंगें जिन्हें LIGO और Virgo जैसे उपकरणों ने पहले ही देखा है।

साथ ही, OJ287 ब्लैक होल प्रणाली को निरंतर देखना खगोलविदों को यह समझने में मदद करेगा कि ये विशाल ब्रह्मांडीय घटनाएँ कैसे घटित होती हैं और ब्लैक होल की गतिशीलता और जेट का विकास कैसे होता है।


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