Media24Media.com: नारी शक्ति और विकसित भारत के संकल्प को समर्पित ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान का रक्षा मंत्री ने किया वर्चुअल प्रस्थान

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नारी शक्ति और विकसित भारत के संकल्प को समर्पित ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान का रक्षा मंत्री ने किया वर्चुअल प्रस्थान

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नई दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से विश्व की पहली त्रि-सेवा संपूर्ण महिला नाविकों की परिक्रमा यात्रा ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ को वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इसे नारी शक्ति, तीनों सेनाओं की एकजुटता, आत्मनिर्भर भारत, सैन्य कूटनीति और भारत की वैश्विक दृष्टि का अद्वितीय प्रतीक बताया।

अगले नौ महीनों में 10 महिला अधिकारी स्वदेशी निर्मित भारतीय थलसेना नौकायन पोत (IASV) त्रिवेणी पर लगभग 26,000 समुद्री मील की यात्रा करेंगी। इस दौरान वे भूमध्य रेखा को दो बार पार करेंगी, तीन महान केप्स (लीउविन, हॉर्न और गुड होप) का चक्कर लगाएंगी और दक्षिणी महासागर तथा ड्रेक पैसेज जैसी खतरनाक जलधाराओं से गुजरेंगी। मई 2026 में यह दल मुंबई लौटेगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल समुद्री यात्रा नहीं बल्कि अनुशासन और संकल्प की साधना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अधिकारी कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए विजयी होकर लौटेंगी और विश्व को दिखाएँगी कि भारतीय महिलाओं का साहस असीम है।

उन्होंने हाल ही में आईएनएस तरिणी पर दो महिला नौसेना अधिकारियों द्वारा विश्व परिक्रमा की ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख किया और विश्वास जताया कि ‘त्रिवेणी’ भी वैश्विक स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। राजनाथ सिंह ने 50 फुट लंबे स्वदेशी निर्मित ‘त्रिवेणी’ को आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसकी हर समुद्री मील यात्रा भारत की सामरिक स्वायत्तता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है।

यात्रा के दौरान दल ऑस्ट्रेलिया के फ़्रेमेन्टल, न्यूज़ीलैंड के लिटेल्टन, कनाडा के पोर्ट स्टैनली और दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन बंदरगाहों पर भी पहुंचेगा, जहाँ भारतीय संस्कृति, परंपरा और सेनाओं की शक्ति का परिचय विश्व को मिलेगा। साथ ही, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी के सहयोग से समुद्र में माइक्रो-प्लास्टिक अध्ययन, समुद्री जीवन का दस्तावेजीकरण और समुद्री स्वास्थ्य पर जागरूकता गतिविधियाँ भी की जाएँगी।

दल में शामिल 10 सदस्य:

लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर (अभियान प्रमुख), स्क्वाड्रन लीडर श्रद्धा पी. राजू (उप प्रमुख), मेजर करमजीत कौर, मेजर ओमिता दलवी, कैप्टन प्राजक्ता पी. निकम, कैप्टन दौली बुटोला, लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसांई, विंग कमांडर विभा सिंह, स्क्वाड्रन लीडर अरुवी जयदेव और स्क्वाड्रन लीडर वैषाली भंडारी।

दल ने पिछले तीन वर्षों में कड़े प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास यात्राओं से अपने कौशल को परिष्कृत किया है। यह अभियान विश्व नौकायन स्पीड रिकॉर्ड काउंसिल के मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा।


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