Media24Media.com: नए अधिकारियों ने सीखा टीमवर्क, नैतिकता और डिज़ाइन थिंकिंग

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नए अधिकारियों ने सीखा टीमवर्क, नैतिकता और डिज़ाइन थिंकिंग

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS), नई दिल्ली ने नव-प्रोन्नत सहायक भविष्य निधि आयुक्तों (APFCs) के लिए तीन सप्ताह का ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न किया।

समापन सत्र के मुख्य अतिथि रमेश कृष्णमूर्ति, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (CPFC) रहे। उन्होंने अकादमी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण भविष्य के ईपीएफओ अधिकारियों को ज्ञान, सहानुभूति और जनसेवा मूल्यों पर आधारित नेतृत्व के लिए तैयार करता है।

एक प्रशिक्षु ने अनुभव साझा करते हुए कहा, “हम अपने कार्यस्थलों पर लौट रहे हैं एक नए दृष्टिकोण और गहरी समझ के साथ, जो हमें कक्षा सत्रों और टीम-निर्माण गतिविधियों से मिली। प्रशिक्षण में ‘ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण,’ ‘नैतिकता,’ ‘करुणा,’ ‘महत्वपूर्ण न्यायालयीन निर्णय,’ ‘ऑडियो-वीडियो अधिगम’ और ‘डिज़ाइन थिंकिंग’ जैसे विषयों पर ध्यान दिया गया, जिनका स्थायी प्रभाव रहेगा।” उन्होंने श्री कुमार रोहित, अतिरिक्त केंद्रीय पी.एफ. आयुक्त (मुख्यालय) एवं निदेशक, PDUNASS का आभार जताया।

अपने संबोधन में रमेश कृष्णमूर्ति ने प्रशिक्षुओं को उनकी सक्रिय भागीदारी पर बधाई दी और PDUNASS की समग्र प्रशिक्षण रूपरेखा की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे ईपीएफओ की ईमानदारी, जवाबदेही और सहानुभूति जैसी मूलभूत मान्यताओं को अपने 30 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ व्यवहार में अपनाएँ।

इस अवसर पर CPFC ने प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार पुस्तिकाएँ जारी कीं, जिनमें पुस्तक समीक्षाएँ, Delicious Initiative (खानपान पर रचनात्मक लेखन) और आउटबाउंड प्रशिक्षण अनुभव शामिल थे। उन्होंने ईपीएफओ के हाल के सुधारों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्नत इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) प्रणाली का शुभारंभ भी है। यह नई प्रणाली सदस्यता, अंतर्राष्ट्रीय कर्मचारी स्थिति और अनुपालन की उन्नत जाँच करती है तथा धारा 7Q और 14B के अंतर्गत ब्याज व क्षतिपूर्ति की स्वचालित गणना की सुविधा देती है।

कुमार रोहित, निदेशक, PDUNASS ने बताया कि अकादमी शिक्षण पद्धतियों को आधुनिक बना रही है। इसमें केस-आधारित अध्ययन, आउटबाउंड प्रशिक्षण और डिज़ाइन थिंकिंग कार्यशालाएँ शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि अकादमी का लक्ष्य नागरिक-केंद्रित और करुणामय लोकसेवक तैयार करना है।

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि थी – “Compassion in Governance” (शासन में करुणा) पर पहला कोर्स, जिसे संजय राय, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I ने तैयार किया। यह देश का पहला ऐसा कोर्स है जो प्रशासनिक प्रशिक्षण में सहानुभूति और भावनात्मक बुद्धिमत्ता को समाहित करता है।

रोहित ने कहा, “हमारा पाठ्यक्रम विषयगत ज्ञान को व्यवहारिक क्षमताओं के साथ जोड़ता है। प्रशिक्षुओं की सक्रिय भागीदारी उनके जनसेवा समर्पण को दर्शाती है।” उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे शिकायत निवारण और नागरिक संतुष्टि को प्राथमिकता दें।

राम आनंद, क्षेत्रीय पी.एफ. आयुक्त-I एवं कोर्स निदेशक ने प्रशिक्षण की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम का 50% हिस्सा व्यवहारिक और नेतृत्व विकास पर केंद्रित था। सत्रों का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (अहमदाबाद), नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (दिल्ली), इंडिया सेंटर फॉर गवर्नेंस और वी.वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने किया।

प्रमुख घटक:

  • नैतिकता, डिज़ाइन थिंकिंग, Compassion in Governance और ग्राहक-केंद्रितता पर कक्षाएँ

  • 4-दिवसीय आउटबाउंड प्रशिक्षण (टीम-निर्माण व अनुभव आधारित अधिगम)

  • प्रगति आकलन हेतु साप्ताहिक मूल्यांकन

  • ऑडियो-वीडियो मॉड्यूल से बेहतर सहभागिता

पुरस्कार श्रेणियाँ:

  • श्रेष्ठ कक्षा प्रदर्शन

  • Delicious Initiative में उत्कृष्ट योगदान

  • पठन पहल और आउटबाउंड प्रशिक्षण में उत्कृष्टता

  • iGOT प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्धि

  • योग, शतरंज, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और साइक्लिंग जैसी गतिविधियों में भी विशेष पुरस्कार

इस प्रकार, यह प्रशिक्षण नव-प्रोन्नत APFCs के लिए एक मजबूत आधार साबित हुआ—जिससे वे आवश्यक व्यावसायिक कौशल, नैतिक मूल्य और करुणामय नेतृत्व के साथ भारत की कार्यशक्ति और उसकी सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी सेवा कर सकेंगे।

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