Media24Media.com: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम : टीडीबी ने स्वदेशी एंटीबायोटिक नेब्युलाइजेशन सस्पेंशन (AONEUM-04) के विकास को दी सहायता

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आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम : टीडीबी ने स्वदेशी एंटीबायोटिक नेब्युलाइजेशन सस्पेंशन (AONEUM-04) के विकास को दी सहायता

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 प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और सस्ती स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों में भारत को वैश्विक अग्रणी बनाने की आकांक्षा के अनुरूप, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (टीडीबी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने हैदराबाद स्थित एओध लाइफसाइंसेज़ प्राइवेट लिमिटेड को निमोनिया और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) के लिए स्वदेशी एंटीबायोटिक नेब्युलाइजेशन सस्पेंशन (AONEUM-04) विकसित करने हेतु समर्थन प्रदान किया है।

यह नवीन प्रौद्योगिकी एंटीबायोटिक दवा देने की पद्धति में एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। परंपरागत मौखिक या अंतःशिरा उपचारों के विपरीत, AONEUM-04 के माध्यम से एंटीबायोटिक को नेब्युलाइजेशन द्वारा सीधे फेफड़ों में संक्रमण स्थल तक पहुँचाया जा सकता है। इससे फेफड़ों में दवा की उच्च सांद्रता प्राप्त होती है और शरीर पर दुष्प्रभाव कम होते हैं। इस विशेष संरचना में सस्टेन्ड रिलीज़, मजबूत म्यूकोएडहेशन और बायोफिल्म डिसरप्शन की क्षमताएँ शामिल हैं, जिससे प्रभावशीलता बढ़ती है और एंटीबायोटिक प्रतिरोध (एएमआर) की संभावना घटती है। यह विशेष रूप से भारत जैसे देश में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ निमोनिया बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है और एएमआर तेजी से उभरती स्वास्थ्य चुनौती है।

यह तकनीक प्री-क्लिनिकल परीक्षणों को सफलतापूर्वक पार कर चुकी है और अब व्यावसायीकरण से पूर्व फेज-III क्लिनिकल ट्रायल्स से गुजरेगी। उपचार की सुलभता और अनुपालन में सुधार की क्षमता के साथ यह तकनीक न केवल भारत बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी आशाजनक है।

टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा:

“यह परियोजना निमोनिया और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AONEUM-04 जैसे स्वदेशी नवाचारों का समर्थन करके, टीडीबी भारत की क्षमता को सस्ती, स्केलेबल और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक स्वास्थ्य समाधान देने में मजबूत बना रहा है।”
एओध लाइफसाइंसेज़ प्रा. लि. के प्रवर्तकों ने कहा:

“टीडीबी के सहयोग से हम AONEUM-04 को अंतिम क्लिनिकल ट्रायल्स तक ले जाने और इसे एक वास्तविक पेशेंट-सेंट्रिक एंटीबायोटिक थेरेपी के रूप में बाज़ार में लाने के लिए तैयार हैं। हमारा मिशन सुरक्षित, प्रभावी और किफायती उपचार को जन-जन तक पहुँचाना है, साथ ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में योगदान देना है।”


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