Media24Media.com: #आत्मनिर्भर भारत

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जिंदगी में जीत हार से ज्यादा महत्वपूर्ण है पूरी क्षमता से खेलना : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

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रायपुर। रायगढ़ में आत्मनिर्भर भारत, फिट इंडिया और नशा मुक्त भारत का संदेश देते हुए मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक से मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन रायगढ़ के दौड़ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक से होते हुए गांधी चौक, सुभाष चौक, रामनिवास टॉकीज चौक, शहीद चौक से हेमू कालानी चौक होते हुए कमला नेहरू उद्यान में समाप्त हुई। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़ा 2025 के तहत आयोजित किया गया।

वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने मैराथन दौड़ के विजेताओं को बधाई देते हुए अपने संबोधन में कहा कि जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण अपनी पूरी क्षमता और खेल भावना से प्रतियोगिता में हिस्सा लेना है। लगन और समर्पण के साथ किया गया प्रयास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम दस स्थान पर आने वाले बालक और बालिकाओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रूपये देने की घोषणा की।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कुशल नेतृत्व से आज भारत को वैश्विक मानचित्र में स्थापित करने का काम किया है। उनके मार्गदर्शन में किए जा रहे Forward से देश ने प्रगति के कई सोपान तय किए हैं। 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक यह सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर की संस्था नहीं थी। किन्तु आज आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपलआईटी, एनआईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी देश की लगभग सभी प्रमुख संस्थाएं यहां संचालित हैं। पिछले डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ में 3 राष्ट्रीय स्तर कि संस्थाओं की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जिनमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टी टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटीज शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण देने रायपुर कलेक्टर रहते नालंदा परिसर की आधारशिला रखी थी। आज वहां 3 हजार छात्र प्रवेशित हैं और लगभग उतने ही छात्र प्रतीक्षा सूची में है। रायगढ़ के छात्रों के सुदृढ़ भविष्य के लिए यहां मरीन ड्राइव में 40 करोड़ की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से हो रहा है। रायगढ़ स्टेडियम में उपलब्ध खेल सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है।

खेल सुविधाओं को नया आयाम देने लोहरसिंह में 105 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण की स्वीकृति मिली है। इसका लाभ पूरे जिले के खिलाडिय़ों को मिलेगा। पुसौर और महापल्ली में भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स/स्टेडियम का निर्माण होगा। अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के फिजिकल टेस्ट की तैयारी की सुविधा उर्दना पुलिस लाइन में प्रदान की जाती है। यहां प्रतिभागियों को पौष्टिक आहार के साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।

वित्त मंत्री ने बताया कि रायगढ़ में नव गुरुकुल संस्था का शुभारंभ किया गया है। यहां बालिकाओं एवं युवतियों को आज के बदलते दौर की आवश्यकता के हिसाब से जरूरी ट्रेनिंग प्रदान किया जा रहा है। जिससे वे आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार हासिल कर सके। रायगढ़ में प्रयास आवासीय संस्था का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रवेश लेने वाले छात्रों को आईआईटी और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निरूशुल्क तैयारी कराई जाती है। संस्था का संचालन प्रारंभ हो चुका है तथा 50 करोड़ में इसका नया भवन बनने वाला है।

लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक हम सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं। जिसके तहत यह मैराथन दौड़ का आयोजन आज रायगढ़ में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य युवाओं को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढऩे के लिए फिट इंडिया और नशामुक्त भारत का संदेश देना है। महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि यह नमो मैराथन दौड़ युवाओं के प्रयास और सहभागिता से संपन्न हुआ है।

युवा देश में भविष्य हैं। विजेताओं को दिए गए पुरस्कार वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने नमो मैराथन दौड़ के समापन में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इनमें पुरूष वर्ग में प्रथम स्थान पर मनोज कुमार यादव, द्वितीय-भोजराम साहू एवं तृतीय स्थान पर सुनील कुमार साहू रहे। इसी तरह महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर सोना चौहान, द्वितीय-संगीता यादव एवं तृतीय स्थान पर धनकुवर सिदार रही। प्रथम आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को 5100 रूपए, द्वितीय को 3100 रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहे प्रतिभागियों को 2100 रुपए दिए गए। बालक और बालिका वर्ग से प्रथम दस स्थानों पर आने वाले प्रतिभागियों को वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने 5-5 हजार रूपये देने की घोषणा भी की।


पीएम मोदी का राष्ट्र को संदेश: "मेन इन इंडिया चीजें ही खरीदें, विदेशी चीजों से मुक्ति पाएं"

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि कल से देश में GST बचत उत्सव शुरू हो रहा है। इस उत्सव से आम नागरिकों की बचत बढ़ेगी और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आसानी से उपलब्ध होंगी।


पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा, “देश की समृद्धि और विकास के लिए हमें स्वदेशी वस्तुएं खरीदनी होंगी। जो चीजें देश में बनाई जा सकती हैं, उन्हें बाहर से नहीं लेना चाहिए। हर घर और हर दुकान को स्वदेशी का प्रतीक बनाएं। इसमें हमारे नौजवानों की मेहनत और देशवासियों का पसीना शामिल हो।”

उन्होंने कहा कि GST सुधारों से अब रोजमर्रा की वस्तुओं पर 99% मामलों में केवल 5% टैक्स लगेगा, जिससे आम नागरिकों के लिए चीजें और सस्ती होंगी।

वन नेशन, वन टैक्स

पीएम मोदी ने बताया कि GST लागू होने से देश अब दर्जनों टैक्स के जाल से मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा, “वन नेशन, वन टैक्स का सपना साकार हुआ है। यह केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।”

आत्मनिर्भर भारत और MSMEs

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए कहा कि MSMEs देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी राज्यों और नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया।

GST बचत उत्सव

प्रधानमंत्री ने कहा कि GST बचत उत्सव देशवासियों के लिए त्योहारों के इस सीजन में बड़ी राहत लेकर आएगा। यह सुधार देश की ग्रोथ स्टोरी को तेजी से आगे बढ़ाएगा, कारोबार को आसान बनाएगा और हर राज्य को विकास की दौड़ में बराबरी का मौका देगा।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम : टीडीबी ने स्वदेशी एंटीबायोटिक नेब्युलाइजेशन सस्पेंशन (AONEUM-04) के विकास को दी सहायता

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 प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और सस्ती स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों में भारत को वैश्विक अग्रणी बनाने की आकांक्षा के अनुरूप, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (टीडीबी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने हैदराबाद स्थित एओध लाइफसाइंसेज़ प्राइवेट लिमिटेड को निमोनिया और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) के लिए स्वदेशी एंटीबायोटिक नेब्युलाइजेशन सस्पेंशन (AONEUM-04) विकसित करने हेतु समर्थन प्रदान किया है।

यह नवीन प्रौद्योगिकी एंटीबायोटिक दवा देने की पद्धति में एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। परंपरागत मौखिक या अंतःशिरा उपचारों के विपरीत, AONEUM-04 के माध्यम से एंटीबायोटिक को नेब्युलाइजेशन द्वारा सीधे फेफड़ों में संक्रमण स्थल तक पहुँचाया जा सकता है। इससे फेफड़ों में दवा की उच्च सांद्रता प्राप्त होती है और शरीर पर दुष्प्रभाव कम होते हैं। इस विशेष संरचना में सस्टेन्ड रिलीज़, मजबूत म्यूकोएडहेशन और बायोफिल्म डिसरप्शन की क्षमताएँ शामिल हैं, जिससे प्रभावशीलता बढ़ती है और एंटीबायोटिक प्रतिरोध (एएमआर) की संभावना घटती है। यह विशेष रूप से भारत जैसे देश में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ निमोनिया बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है और एएमआर तेजी से उभरती स्वास्थ्य चुनौती है।

यह तकनीक प्री-क्लिनिकल परीक्षणों को सफलतापूर्वक पार कर चुकी है और अब व्यावसायीकरण से पूर्व फेज-III क्लिनिकल ट्रायल्स से गुजरेगी। उपचार की सुलभता और अनुपालन में सुधार की क्षमता के साथ यह तकनीक न केवल भारत बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी आशाजनक है।

टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा:

“यह परियोजना निमोनिया और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AONEUM-04 जैसे स्वदेशी नवाचारों का समर्थन करके, टीडीबी भारत की क्षमता को सस्ती, स्केलेबल और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक स्वास्थ्य समाधान देने में मजबूत बना रहा है।”
एओध लाइफसाइंसेज़ प्रा. लि. के प्रवर्तकों ने कहा:

“टीडीबी के सहयोग से हम AONEUM-04 को अंतिम क्लिनिकल ट्रायल्स तक ले जाने और इसे एक वास्तविक पेशेंट-सेंट्रिक एंटीबायोटिक थेरेपी के रूप में बाज़ार में लाने के लिए तैयार हैं। हमारा मिशन सुरक्षित, प्रभावी और किफायती उपचार को जन-जन तक पहुँचाना है, साथ ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में योगदान देना है।”


स्वदेशी से समृद्ध और विकसित भारत: आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप पर शिक्षा एवं कौशल नेतृत्व की विचार-विमर्श बैठक

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नई दिल्ली, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) और शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने आज कौशल भवन, नई दिल्ली में “स्वदेशी से समृद्ध और विकसित भारत – शिक्षा एवं कौशल में रणनीतियाँ” विषय पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की। इस अवसर पर जयन्त चौधरी, स्वतंत्र प्रभार, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री एवं शिक्षा राज्यमंत्री तथा डॉ. सुकांत मजूमदार, शिक्षा राज्यमंत्री उपस्थित रहे।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा और कौशल मिशन स्वदेशी के दो प्रमुख स्तंभ हैं। विद्यालयों से ही आत्मनिर्भर भारत के बीज बोए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थी स्वदेशी, नवाचार और सांस्कृतिक गर्व के दूत बन सकें। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा और कौशल एक-दूसरे के पूरक हैं और मिलकर आत्मविश्वासी भारत का निर्माण करेंगे। जयन्त चौधरी ने इसे भारत के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखला में नई भूमिका गढ़ने का अवसर बताया और युवाओं को भविष्य के कौशलों जैसे एआई, प्रौद्योगिकी और डिजाइन से लैस करने पर बल दिया। डॉ. मजूमदार ने उच्च शिक्षा और कौशल संस्थानों को ज्ञान-केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई।

बैठक में जन संपर्क, जन भागीदारी और जन अभियान के दृष्टिकोण से सभी शैक्षणिक और कौशल संस्थानों को मिशन स्वदेशी से जोड़ने का आह्वान किया गया। डिजिटल सामग्री, पॉडकास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों को युवाओं तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया गया।

अंत में, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े सचिवों ने कार्यान्वयन योग्य सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक ने 2047 तक समृद्ध और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा और कौशल को केंद्र में रखने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।



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