Media24Media.com: भारत की बेरोज़गारी दर मात्र 2%—जी20 देशों में सबसे कम : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

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भारत की बेरोज़गारी दर मात्र 2%—जी20 देशों में सबसे कम : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

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विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की “फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025” का हवाला देते हुए, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत की बेरोज़गारी दर केवल 2% है, जो जी20 देशों में सबसे कम है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की तीव्र आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार सृजन हुआ है और सरकार की अनेक योजनाओं ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

🤝 रोज़गार और कौशल विकास के लिए समझौते

केंद्रीय मंत्री आज नई दिल्ली में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ‘Mentor Together’ तथा ‘Quikr’ के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
यह MoU युवाओं की रोज़गार क्षमता बढ़ाने और राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल के माध्यम से रोज़गार अवसरों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (श्रम एवं रोजगार) सुश्री शोभा करंदलाजे भी उपस्थित रहीं।

📊 राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) की उपलब्धियाँ

डॉ. मांडविया ने बताया –

  • NCS पोर्टल पर लगभग 52 लाख पंजीकृत नियोक्ता, 5.79 करोड़ नौकरी तलाशने वाले, और अब तक 7.22 करोड़ से अधिक रिक्तियाँ उपलब्ध कराई गई हैं।

  • वर्तमान में पोर्टल पर 44 लाख से अधिक सक्रिय रिक्तियाँ हैं।

  • पिछले वर्ष मंत्रालय ने Amazon, Swiggy सहित 10 प्रमुख संगठनों के साथ MoU किए, जिनके माध्यम से लगभग 5 लाख रिक्तियाँ जुटाई गईं।

🪙 युवाओं पर सरकार का विशेष ध्यान

मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार सत्ता संभालने के तुरंत बाद ही ₹2 लाख करोड़ के पाँच प्रमुख पैकेज की घोषणा की थी, जो 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोज़गार, कौशल और अवसर उपलब्ध कराएंगे।

  • इसमें सबसे अहम है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना (PM-VBRY), जिसका बजट ₹99,446 करोड़ है।

  • इस योजना का लक्ष्य 2 वर्षों में 3.5 करोड़ नौकरियाँ सृजित करना है, जिनमें से 1.92 करोड़ अवसर पहली बार काम तलाशने वालों को मिलेंगे।

🌾 सेवाएँ, उद्योग और कृषि से रोजगार

डॉ. मांडविया ने कहा कि रोजगार सृजन में सेवाएँ, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्र की वृद्धि महत्वपूर्ण है।
उन्होंने मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का उल्लेख किया, जो स्व-रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रही हैं।

👩‍💼 Mentor Together और Quikr साझेदारी

  • Mentor Together : पहले वर्ष में 2 लाख युवाओं तक पहुँचने का लक्ष्य (1 लाख NCS से और 1 लाख PM-VBRY से जुड़े युवा)।

    • इसमें व्यक्तिगत करियर मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    • 24,000 से अधिक प्रशिक्षित पेशेवर युवाओं को मेंटोरिंग उपलब्ध कराएंगे।

  • Quikr : यह साझेदारी NCS पोर्टल पर रोज़गार पारिस्थितिकी तंत्र को और मज़बूत करेगी।

    • 1,200+ शहरों से रोज़ाना 1,200 से अधिक जॉब लिस्टिंग को एकीकृत किया जाएगा।

    • इससे विशेषकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के युवाओं को तुरंत अवसर मिलेंगे।

🗣️ मंत्रियों के बयान

  • डॉ. मांडविया ने कहा, “यह साझेदारी युवाओं के लिए उपयुक्त रोज़गार अवसरों और व्यवस्थित मेंटरिंग की व्यवस्था करेगी। यह केवल युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी होगी और सुनिश्चित करेगी कि देश और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल बने।”

  • केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा, “NCS डिजिटल रोजगार सुविधा का प्रमुख मंच बन गया है। यह साझेदारी युवाओं को सही नौकरी दिलाने के साथ-साथ सही मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी।”

🌐 भविष्य की दिशा

ये समझौते मंत्रालय की उस दृष्टि को साकार करने की ओर कदम हैं, जो नौकरी तलाशने वालों और निजी क्षेत्र के बीच की दूरी को कम करना चाहते हैं।
यह मॉडल डिजिटल, समावेशी और सम्मानजनक रोजगार के अवसरों को सुनिश्चित करने की दिशा में भारत की तैयारी को दर्शाता है।


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