Media24Media.com: भारत ने 18वें अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO-2025) में जीते 7 पदक

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भारत ने 18वें अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO-2025) में जीते 7 पदक

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भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक – 1 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य – तथा इंटरनेशनल जियोसाइंस यूथ मूवमेंट (I-GYM) रिपोर्टर श्रेणी में तृतीय पुरस्कार जीता।

विजेता छात्र इस प्रकार रहे:

  • रयांश गुप्ता (सत पॉल मित्तल स्कूल, लुधियाना, पंजाब) – स्वर्ण, रजत एवं I-GYM तृतीय पुरस्कार

  • चारुव्रत बैंस (एम.जी.एन. पब्लिक स्कूल, कपूरथला, पंजाब) – 2 रजत, 1 कांस्य

  • अपम निधि पांडेय (पीएम श्री के.वी. नं.1, जयपुर, राजस्थान) – 1 रजत

  • प्रियांशी घंघास (एम.डी. इंद्रप्रस्थ सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, दिल्ली) – 1 कांस्य

छात्रों का मार्गदर्शन प्रो. देवेश वालिया और प्रो. हेमा आच्युतन ने किया, जबकि डॉ. जगवीर सिंह (वैज्ञानिक-जी) पर्यवेक्षक रहे।

इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवा प्रतिभाओं को राष्ट्र का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं में स्टार्टअप क्रांति के बाद उत्पन्न नई आकांक्षी भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) ने कठोर विषय धाराओं की सीमाओं से युवाओं को मुक्त कर उनकी रचनात्मक क्षमता को उजागर किया है। अब युवा पृथ्वी विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आधारित स्वरोजगार जैसे नए क्षेत्रों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

डॉ. सिंह ने छात्रों से आग्रह किया कि वे विज्ञान ज्योति, छात्रवृत्ति, फैलोशिप और अनुसंधान अनुदान जैसी सरकारी पहलों का लाभ उठाकर अपने विचारों को आगे बढ़ाएँ और समाज के लिए उपयोगी बनाएँ।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव, डॉ. एम. रविचंद्रन ने बताया कि मंत्रालय हर साल INESO (इंडियन नेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड) के माध्यम से छात्रों का चयन करता है, जो देशभर के 300 केंद्रों पर आयोजित होता है। लगभग 30 छात्रों की शॉर्टलिस्टिंग के बाद चार छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना जाता है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में IESO में भारत का प्रदर्शन लगातार उत्साहजनक रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्रों से यह भी कहा कि वे केवल प्रतियोगिता जीतने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने नवाचारों का उपयोग समाज की वास्तविक समस्याओं को हल करने में करें।

अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO), इंटरनेशनल जियोसाइंस एजुकेशन ऑर्गेनाइजेशन (IGEO) द्वारा 2003 में स्थापित किया गया था। यह कक्षा IX–XII के छात्रों के लिए एक वार्षिक प्रतियोगिता है। भारत 2007 से इसमें भाग ले रहा है और 2013 में मैसूर में इसका 10वां संस्करण आयोजित कर चुका है।


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