Media24Media.com: केंद्र ने राज्यों को गंदे स्थलों की सफाई तेज़ करने और दृश्यमान स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

केंद्र ने राज्यों को गंदे स्थलों की सफाई तेज़ करने और दृश्यमान स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी

Document Thumbnail

 दिल्ली- गृह एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 पर एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने की। बैठक में MoS, MoHUA श्री टोकन साहू तथा सचिव, MoHUA श्री एस. कटिकिथाला भी उपस्थित रहे। बैठक में शहरी भारत में दृश्यमान स्वच्छता और क्लीनलीनेस टार्गेट यूनिट्स (CTUs) की पहचान एवं रूपांतरण की दोहरी रणनीति पर ज़ोर दिया गया।

स्वच्छता ही सेवा 2024 के दौरान 8 लाख से अधिक CTUs का रूपांतरण किया गया। मंत्रालय ने राज्यों से आग्रह किया है कि उपेक्षित, कठिन और डार्क स्पॉट्स को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर तय समयसीमा में उनका रूपांतरण और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करें।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि शहरी विकास और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने शहरी भूमि की समयबद्ध सफाई हेतु एक रूपरेखा तैयार की है, जिसमें राज्यों द्वारा नियमित समीक्षा, आक्रामक निगरानी, नागरिक सहभागिता, स्वच्छता ऐप के माध्यम से CTUs का मैपिंग, तेज़ और समयबद्ध सफाई, सौंदर्यीकरण तथा पुनः गंदगी न होने की रोकथाम शामिल है।

इन CTUs को https://swachhatahiseva.gov.in/ पोर्टल पर मैप किया जाएगा। शहरों को सलाह दी गई है कि लीगेसी वेस्ट डंपसाइट्स को उच्च-गंभीरता वाले CTUs के रूप में चिन्हित करें, जिनके रूपांतरण हेतु अधिक समय और संसाधन की आवश्यकता होगी। इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों, CSR समूहों, NGOs, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों से सहयोग ले सकते हैं।

शहरों को स्वच्छता ऐप का उपयोग और अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। 2 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं वाला यह ऐप, नागरिकों द्वारा दर्ज की गई शिकायत का स्थान, तस्वीर और विवरण दर्ज करता है तथा उसे स्वतः वार्ड अधिकारियों को सौंप देता है। शिकायत दर्ज और समाधान पर नोटिफिकेशन भेजा जाता है तथा नागरिकों को 7 दिनों का समय दिया जाता है कि वे समाधान की पुष्टि करें या शिकायत पुनः खोलें।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री के आह्वान को दोहराते हुए कहा—
“CTU की सफाई का मतलब बदसूरत स्थलों को गौरव के स्थानों में बदलना है, सार्वजनिक स्थलों की गरिमा बहाल करना है, और यह सुनिश्चित करना है कि स्वच्छता केवल कागज़ों पर नहीं बल्कि हर नागरिक के दैनिक जीवन में दिखे, महसूस हो और अनुभव हो।”

MoS, MoHUA टोकन साहू ने राज्यों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) में तेज़ हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि SBM-U 2.0 की समाप्ति में केवल 12 महीने शेष हैं, इसलिए सभी प्रमुख लक्ष्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए तुरंत और तेज़ी से कार्य करना आवश्यक है।

स्वच्छ शहरों के निर्माण और SBM-U 2.0 के तहत क्षमता सुदृढ़ीकरण की दिशा में MoHUA ने स्वच्छ शहर जोड़ी (SSJ) दिशानिर्देश जारी किए हैं। SS 2024-25 के 72 शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहर 72 कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले शहरों का मार्गदर्शन करेंगे। ‘Each One Teach One’ मॉडल पर आधारित यह पहल सफल स्वच्छता मॉडलों के प्रभाव को बढ़ाने और राज्यों के भीतर मेंटर तथा मेंटी शहरों के बीच संरचित मेंटरशिप, सह-अध्ययन और सहयोगात्मक कार्रवाई को संस्थागत बनाने का प्रयास है।

दो महीनों के भीतर, MoHUA ने SBM-U 2.0 की प्रगति की समीक्षा हेतु दो चरणों में राज्य स्तरीय बैठकें आयोजित की हैं। इसमें लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और CBG प्लांट्स की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया गया। मंत्रालय ने राज्यों से अपील की कि वे कचरा-मुक्त शहर (Garbage Free Cities) के लक्ष्य को तेज़ी से हासिल करने के लिए आक्रामक निगरानी, दैनिक समीक्षा और अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों एवं डंपसाइट रेमेडिएशन को तेज़ी से लागू करें।

हमें यह याद रखना है कि स्वच्छता, एक दिन, एक पखवाड़े, एक साल या कुछ लोगों का ही काम नहीं है। स्वच्छता हर किसी का, हर दिन, हर पखवाड़े, हर साल, पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला महाअभियान है। स्वच्छता जीवनशैली है, स्वच्छता जीवन मंत्र है।” – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.