Media24Media.com: शिक्षा हमारे जीवन की सबसे बड़ी धरोहर है : मंत्री लखन लाल देवांगन

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शिक्षा हमारे जीवन की सबसे बड़ी धरोहर है : मंत्री लखन लाल देवांगन

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रायपुर। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन आज कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम नोनबिर्रा में शाला प्रवेश उत्सव समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित बच्चों को देश का बेहतर नागरिक बनने और प्रतिदिन स्कूल आकर पढ़ाई करने का आव्हान किया। देवांगन ने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी विद्यार्थी शिक्षा अर्जन कर बेहतर नागरिक बनें। शिक्षा हमारे जीवन की सबसे बड़ी धरोहर है, जिसका बंटवारा नहीं किया जा सकता। शिक्षा से ही देश की प्रगति होती है। घर का एक व्यक्ति शिक्षित होने पर परिवार जागरूक और शिक्षित होता है।

मुख्य अतिथि देवांगन ने उपस्थित ग्रामीणों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने तथा बच्चों की पढ़ाई लिखाई में स्वयं रूचि लेते हुए बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी ने सर्व शिक्षा अभियान प्रारंभ कर दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के विकास को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करना चाहिए एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने देना चाहिए। उन्होंने बालक एवं बालिकाओं को शाला में लाने एवं शाला में निरंतर बनाये रखने में सहयोग प्रदान करने की अपील ग्रामीणों से की।

मंत्री देवांगन ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होता है तथा बेहतर नागरिक बन पाता है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा स्कूल न छोड़े, उनकी नियमित उपस्थिति बनी रहे एवं उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। हम सबको मिलकर प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा दिलाने में अपना अमूल्य योगदान प्रदान करना चाहिए जिससे प्रत्येक बच्चा शिक्षा के माध्यम से समग्र रूप से विकसित होकर उज्जवल भविष्य की मंजिल पा सके। उन्होंने कहा कि जिले के सभी शाला जाने योग्य बच्चे शाला में नामांकित हों तथा अपनी शिक्षा पूर्ण कर सकें इस हेतु जागरूकता एवं निष्ठापूर्वक प्रयास किया जाना जरूरी है।

मंत्री देवांगन ने कोरबा जिले में विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने शुरू की गई कोचिंग की व्यवस्था, स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवाओं सहित विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि इससे जिले में शिक्षा का बेहतर माहौल बनेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों को बताते हुए श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों के शिक्षा के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों से इसका लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री द्वारा शाला प्रवेशोत्सव के संबंध में दिए गए संदेश का वाचन भी किया। 

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, विधायक पाली-तानाखार तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कहा कि शासन द्वारा बच्चों को स्कूल पहुंचने में सुविधा व अपनी पढ़ाई भली-भंाति पूरी कर सकें इसके लिए रूचिकर मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क किताबें, गणवेश वितरण, निःशुल्क साइकिल आदि तरीकों से बच्चों की रूचि बढ़ाने व जरूरतमंद पालकों को राहत देने का इंतजाम भी किया जाता है। शाला प्रवेश उत्सव अभियान के जरिये इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि दाखिला लेने वाले बच्चों की पढ़ाई बीच में न छुटे तथा एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न हो। विधायक पटेल ने विद्यार्थियों के लिए परिवार को प्रथम पाठशाला बताते हुए अभिभावकों को अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन अपनी प्रतिभा को निखारने का और आगे बढ़ने का समय होता है। उन्होंने सिर्फ नौकरी ही नहीं हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा को महत्व देने की अपील की। प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का अवसर नए सपनों को लेकर आता है। उन्होंने अच्छे नागरिक के निर्माण के लिए शिक्षा को आवश्यक बताया। इसके साथ ही बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भी बड़ी जिम्मेदारी होने की बात कही। कलेक्टर ने जिले में शिक्षा के विकास को बढ़ावा देने नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग हेतु जिले के विद्यार्थियों को बाहर भेजने, स्कूलों में रिक्त पदों के विरूद्ध शिक्षकों की नियुक्ति करने की जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले समय में स्कूलों में जो भी रिक्त पद हैं उसे भी पूर्ण कर लिया जाएगा।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नोनबिर्रा के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं को तिलक लगाकर व मिष्ठान खिलाकर शाला में प्रवेश दिया गया। नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क गणवेश, स्कूल बैग, पाठ्य पुस्तक व अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर न्योता भोज का आयोजन भी किया गया। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया और उन्हें शिक्षा हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, सभापति जनप्रतिनिधिगण, प्रेस प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, पालकगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

 

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