Media24Media.com: इतिहास के अनेक रहस्यों से पर्दा उठाने आ रही है 'मेरी माँ कर्मा' हिन्दी फीचर फिल्म, 5 अप्रैल को सिनेमाघरों में होगी रिलीज

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इतिहास के अनेक रहस्यों से पर्दा उठाने आ रही है 'मेरी माँ कर्मा' हिन्दी फीचर फिल्म, 5 अप्रैल को सिनेमाघरों में होगी रिलीज

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 आनंदराम पत्रकारश्री


महासमुन्द । तैलिक वंश की आराध्य देवी, जगकल्याणी माता कर्मा की जीवनी और भक्ति पर आधारित हिन्दी फीचर फिल्म 'मेरी माँ कर्मा' जल्द ही रिलीज होने वाली है। 5 अप्रैल चैत्र कृष्ण-11, पापमोचनी एकादशी (कर्मा जयंती) पर्व पर यह फ़िल्म देशभर के सभी सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित होगी। छत्तीसगढ़ के कसडोल निवासी डीएन साहू और यूके साहू इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर हैं। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बड़े पर्दे की इस ऐतिहासिक और धर्म-कर्म-अध्यात्म पर केंद्रित फ़िल्म को देखने लोग लालायित हैं।

फ़िल्म के प्रमोशन के क्रम में स्वाध्याय केंद्र महासमुन्द में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित फ़िल्म के प्रोड्यूसरद्वय ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भक्तिभाव से परिपूर्ण पारिवारिक फ़िल्म है। इसके प्रचार प्रसार के लिए राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, तहसील, परिक्षेत्र और गांव-गांव में हजारों स्टार प्रचारक बनाए गए हैं। जो डिजिटल मीडिया प्लेट फार्म पर नित्य जन- जन तक फ़िल्म का प्रमोशन कर रहे हैं। फ़िल्म रिलीज होने के पहले ही जिस तरह का माहौल बना है, उससे इसकी अपार सफलता मिलने की संभावना के बीच निर्माता उत्साहित हैं। उन्होंने अगले फ़िल्म 'तेल' की स्क्रिप्ट भी तैयार कर लिया है।

चलचित्र का मानव जीवन में गहरा प्रभाव

फ़िल्म निर्माता यूके साहू ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि चलचित्र का मानव जीवन में गहरा प्रभाव पड़ता है। हम अपने समृद्ध इतिहास को जानेंगे नहीं, तब मानेंगे कैसे? इसी क्रम में इस फ़िल्म का निर्माण किया गया है। इतिहासकारों द्वारा उपेक्षित माता कर्मा की जीवनी को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस फ़िल्म का निर्माण कराया गया है। मानव समाज के लिए माता कर्मा के योगदान को फ़िल्म में रेखांकित किया गया है।

जनजागरण के लिए कर रहे भारत भ्रमण

सहनिर्माता और पॉपकॉर्न फ़िल्म प्रोडक्शन के डायरेक्टर डीएन साहू ने कहा कि उनकी टीम जनजागृति के लिए और गौरवशाली इतिहास से लोगों को परिचित कराने देशभर में भ्रमण कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मा माता मैत्री की प्रतीक हैं। महाप्रसाद की अटूट परंपरा की शुरुआत माता कर्मा के खिचड़ी प्रसाद से हुई है। आज भी जगन्नाथपुरी में भगवान को माता का महाप्रसाद ही चढ़ता है, जो बहुत ही विख्यात है। उन्होंने फिल्म निर्माता की रूपरेखा तैयार होने से लेकर फ़िल्म की कहानी, कलाकारों का संक्षिप्त परिचय, फ़िल्म बनाने का उद्देश्य से लेकर तेली जाति के इतिहास पर विस्तृत प्रकाश डाला।

माता कर्मा का बलिदान अनुकरणीय

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आनंदराम पत्रकारश्री ने कहा कि कोई भी युग पुरूष, संत अथवा महान कार्य करने वाले व्यक्ति का जीवन जाति-धर्म-क्षेत्र अथवा वर्ग से परे होता है। इसलिए तैलिक वंश की अधिष्ठात्री देवी माता कर्मा को एक जाति तक सीमित किया जाना सही नहीं है। मानव जाति के कल्याण के लिए अपनी भक्ति योग के बल पर माता कर्मा ने जो तपस्या, त्याग और बलिदान दिया है। वह अनुकरणीय है। सर्व समाज द्वारा पूज्यनीय है। फ़िल्म में माता कर्मा की जीवन वृत्त को समाहित कर जनसामान्य को जो संदेश देने का प्रयास किया गया है, वह प्रशंसनीय है। कार्यक्रम का संचालन दिशा नाट्य मंच के नरेश साहू, आभार ज्ञापन कर्मा जागृति महिला मंच की हेमलता साव ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से कर्मा जागृति महिला मंडल अध्यक्ष सती साहू, साहू समाज कार्यकारी जिलाध्यक्ष गौकरण साहू, मनोजकांत साहू, मुन्ना साहू, मोहन साहू आदि मंचस्थ थे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ देवेंद्र साहू, सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर यशवंत साहू, नंदू साहू, आनंद साहू, अश्वन्त तुषार साहू, शेर परिक्षेत्र अध्यक्ष टीकम साहू, जितेंद साहू,, मन्नूलाल साहू, बोधन साहू, सुधा साहू, पार्वती साहू, सहित युवा प्रकोष्ठ, कर्मचारी प्रकोष्ठ, महिला प्रकोष्ठ का योगदान सराहनीय रहा।

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