Media24Media.com: भारत में पिछले 9 सालों में 24 करोड़, 82 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले : नीति आयोग

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भारत में पिछले 9 सालों में 24 करोड़, 82 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले : नीति आयोग

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 NITI Aayog Report:  केंद्र  की नरेन्द्र मोदी सरकार  के नौ साल के कार्यकाल  में 24.82 करोड़ लोग  गरीबी से बाहर निकले हैं। नीति आयोग  की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।


नीति आयोग ने रिपोर्ट में सोमवार को बताया कि 2013-14 से 2022-23 तक कुल नौ वर्षों में 24.82 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में गरीबी में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। देश में बहुआयामी गरीबी 2013-14 में 29.17 फीसदी थी, जो घटकर 2022-23 में 11.28 फीसदी रह गई है।

आयोग की इस रिपोर्ट को नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद द्वारा नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम की उपस्थिति में जारी किया गया। हालांकि, राज्यों का प्रदर्शन अलग-अलग है, कुछ राज्यों में जहां परंपरागत रूप से उच्च गरीबी थी, उन्होंने लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जीवन स्तर में सुधार के आधार पर मापा जाता है। इन्हें विकास के 12 सतत लक्ष्यों पर आधारित संकेतकों के जरिए मापा गया है। इनमें पोषण, बाल एवं किशोर मृत्यु दर, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूलों में उपस्थिति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते शामिल हैं।

किस राज्य से कितने लोग गरीबी रेखा से हुए बाहर?

उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों में सबसे ज्यादा 5.94 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं. दूसरे नंबर पर बिहार है, जहां 3.77 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, जबकि मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ और राजस्थान में 1.87 करोड़ लोग गरीबी रेखा से निकले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक गरीब राज्यों में बेहद तेज रफ्तार के साथ गरीबी घटी है जिससे आर्थिक असामनता में कमी आई है.

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