Media24Media.com: कार्तिक का महीना आज से शुरू, जानिए यह माह क्यों माना जाता है ...

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कार्तिक का महीना आज से शुरू, जानिए यह माह क्यों माना जाता है ...

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Kartik Maas 2023 : हिंदू पचांग का आठवां महीना कार्तिक मास सबसे पवित्र माना जाता है. आज से कार्तिक मास की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन 27 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ होगा. मान्यता है कि इस जो मनुष्य कार्तिक मास में व्रत, तप करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है.


कार्तिक मास आज से शुरू हो रहा है. भगवान विष्णु के इस प्रिय महीने में व्रत, तप और पूजा पाठ करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. कार्तिक मास से देव तत्व भी मजबूत होता है. इसी महीने भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि में आनंद और कृपा की वर्षा होती है.

इस महीने में मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और भक्तों को अपार धन देती हैं. इस महीने में धन और धर्म दोनों से संबंधित कई प्रयोग और नियम हैं. कार्तिक मास में विशेष रूप से श्रीहरि की उपासना की जाती है. कार्तिक मास में तुलसी का रोपण और विवाह सर्वोत्तम होता है. इस महीने दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है. विशेष तौर पर दीप दान करने से बड़ा लाभ मिलता है. इस बार कार्तिक का महीना 29 अक्टूबर यानी आज से शुरू हो रहा है, जो 27 नवंबर 2022 तक रहेगा.

कार्तिक मास का महत्व

हिंदू धर्म में कार्तिक मास का बहुत विश्ष महत्व है. इस मास में श्री विष्णु जी के साथ तुलसी की भी पूजा अर्चना की जाती है. इस मास में स्नान, दान, दीप करने से कष्टों से छुटकारा मिलता है. पूरे कार्तिक के महीने में सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

कार्तिक मास के नियम

1. तुलसी पूजा- कार्तिक के महीने में तुलसी पूजन, रोपण और सेवन करने का विशेष महत्व बताया गया है. कार्तिक मास में तुलसी पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. कहा जाता है कि इस माह में तुलसी की पूजा करने से विवाह संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं.

2. दीपदान- शास्त्रों में कार्तिक मास में सबसे प्रमुख काम दीपदान करना बताया गया है. इस महीने में नदी, पोखर, तालाब और घर के एक कोने में दीपक जलाया जाता है.इस महीने दीपदान और दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है.

3. जमीन पर सोना- कार्तिक मास भूमि पर सोना भी एक प्रमुख नियम माना गया है. भूमि पर सोने से मन में सात्विकता का भाव आता है तथा अन्य विकार भी समाप्त हो जाते हैं.

4. तेल लगाना वर्जित- कार्तिक महीने में शरीर पर तेल लगाने की भी मनाही होती है. कार्तिक महीने में केवल एक बार नरक चतुर्दशी के दिन ही शरीर पर तेल लगाना चाहिए.

5. दलहन खाना निषेध- कार्तिक महीने में द्विदलन यानी उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर, राई खाने पर भी मनाही होती है. इसके अलावा इस महीने में दोपहर में सोने को भी मना किया जाता है.

कार्तिक मास उपाय

कार्तिक मास में मां लक्ष्मी की कृपा के लिए दीपावली जैसा बड़ा पर्व मनाया जाता है. फिर भी कार्तिक मास में हर दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के उपाय किए जाने चाहिए. कार्तिक मास में रोज रात्रि को भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की संयुक्त पूजा करें. गुलाबी या चमकदार वस्त्र धारण करके उपासना करें.

 

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