Media24Media.com: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने छत्तीसगढ़ में जल्द बनेगी ग्रामीण उद्योग नीति: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने छत्तीसगढ़ में जल्द बनेगी ग्रामीण उद्योग नीति: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गौठानों में बन रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में आय मूलक गतिविधियों का अधिक से अधिक संचालन किया जाएगा। जिससे सभी को रोजगार मिलेगा। इसके लिए राज्य की नई औद्योगिक नीति की तर्ज पर जल्द ही ग्रामीण उद्योग नीति बनाई जाएगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री आज रायपुर जिले के आरंग विधानसभा के ग्राम भानसोज में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के दौरान ग्रामीणों से रू-ब-रू चर्चा करते हुए ऋण माफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, गौठानों में संचालित आयमूलक गतिविधियों, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, हाट बाजार क्लीनिक योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में विकसित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में युवाओं को छोटे-छोटे ग्रामोद्योग प्रारंभ करने के लिए जमीन, बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिससे युवा स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाने और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है, सभी को रोजगार मिले हमारा यही प्रयास है। सभी जगह किसान बहुत खुश हैं। हम धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति मांग रहे हैं, जिसकी अनुमति केंद्र से नहीं मिल रही है। भेंट-मुलाकात में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया भी उपस्थित थे।

भेंट-मुलाकात स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीपप्रज्वलन कर एवं राज्य गीत अरपा पैरी के धारसे भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरूआत कर आमजनों से संवाद शुरू किया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च को इस योजना की चौथी किस्त किसानों को मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि 107 लाख मीट्रिक टन धान की रिकार्ड खरीदी की गई है। सभी चीजें सही समय पर उपलब्ध हो गई, बारदाना से लेकर धान का उठाव, टोकन वितरण और किसानों को भुगतान आदि कार्याें का सुचारूपूर्वक संचालन हुआ।

तिलक देवांगन और सुखीराम साहू को मिला ऋण माफी योजना का लाभ 

भेंट-मुलाकात के दौरान ग्राम संडी निवासी तिलक देवांगन ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए बताया कि उनका 3 लाख 50 हजार रुपए का कर्ज माफ हो गया है। बच्चे को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ा रहा हूं। ग्राम भानसोज के किसान सुखीराम साहू ने बताया कि उन्होंने 1100 कट्टा धान बेचा है। उन्होंने कहा कि मेरे धान से ही धान खरीदी की बोहनी की गई। सुखीराम ने बताया कि उनका 3 लाख 70 हजार रुपए का कर्ज माफ हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से गांव में नहर, नाली बनाने की मांग भी की है।

 

मुख्यमंत्री ने जब वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करने वाले किसानों से उत्पादन में आ रहे अंतर के बारे में पूछा तो साहू ने बताया कि मैं जैविक खेती करता हूं, खेती के लिए लगातार वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करता हूं, इससे फसलों की बीमारी भी कम हो रही है और फसल बढ़ भी रही है। उन्होंने बताया कि कर्ज माफी के पैसा से ट्रैक्टर खरीदा है। भानसोज आरंग के किसान ने बताया कि कर्जमाफी से बड़ा लाभ हुआ है। बेटियों की शादी में बड़ी मदद मिली है। उन्होंने बताया कि उनका 6 लाख 50 हजार से ज्यादा का कर्ज ऋण माफी के तहत माफ हुआ है। आपकी योजना से किसान आर्थिक रूप से सबल हो रहे हैं। इन्होंने कविता के माध्यम से मुख्यमंत्री और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की तारीफ़ की।

कुमारी साहू ने गोबर बेचकर बेटे के लिए खोली किराना दुकान

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा पीडीएस के बारे में पूछने पर महिला हितग्राही बिंदु बंजारे ने बताया कि उन्हें राशन दुकान से 35 किलो चावल, शक्कर, नमक मिल रहा है। बिंदु ने कहा कि मिट्टी तेल और सिलेंडर बहुत महंगा है। मुख्यमंत्री से बात करते हुए कुमारी साहू ने बताया की गोधन न्याय योजना में गोबर बेचकर 50 हजार रुपए की आमदनी हुई है। इस पैसे से बेटे के लिए किराना दुकान खोला है, दुकान अच्छी चलती है। कुमारी ने कहा कि गोधन न्याय योजना बहुत अच्छी है। उन्होंने गौठान प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

ग्राम नारा निवासी राजकुमारी साहू ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना से मिल रहे स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दी और कहा कि मैं नियमित रूप से क्लीनिक में जाती हूं, आयरन, कैल्सशियम की गोली भी निःशुल्क मिलती है। डॉक्टर इलाज के पैसे नहीं लेते दवाइयां भी मुफ्त देते हैं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यमिक स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा महिमा साहू ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं पर बात की और बताया कि इससे पहले जिस स्कूल में जाती थी वहां 25 हजार रुपए लगते थे, अब नहीं लगते।

 

 

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