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‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को देवरबीजा में मिला जीवन, खादी केंद्र बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का उदाहरण

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए वोकल फॉर लोकलअभियान और आत्मनिर्भर भारतके संकल्प को छत्तीसगढ़ में मजबूती से ज़मीन पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बेमेतरा जिले के देवरबीजा स्थित खादी उत्पादन केंद्र का दौरा किया।

यह केंद्र वर्तमान में 129 महिला कत्तिन और 11 बुनकरों के श्रम और समर्पण से चल रहा है, जो स्वदेशी वस्त्र निर्माण को ग्रामीण क्षेत्र में सशक्त आधार दे रहा है। दौरे के दौरान पांडेय ने न केवल उत्पादन की प्रक्रिया को देखा, बल्कि श्रमिकों से संवाद भी किया और उनकी जरूरतों व अनुभवों को सुना।

पांडेय ने कहा कि यह केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकलअभियान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प की सजीव मिसाल है। खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि यह हमारे स्वाभिमान, संस्कृति और स्वदेशी आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि खादी बोर्ड द्वारा इस केंद्र को डिज़ाइन नवाचार, तकनीकी उन्नयन, प्रशिक्षण एवं विपणन के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। पांडेय ने कर्मियों से गुणवत्ता और नवाचार को लगातार बनाए रखने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, खादी बोर्ड के अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महिला कर्मियों और बुनकरों ने बोर्ड की योजनाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए अपनी बात रखी। पांडेय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित कर रहा है, जिससे न केवल रोजगार सृजन हो रहा है, बल्कि गाँवों में आत्मनिर्भरता की नींव भी मजबूत हो रही है। देवरबीजा खादी उत्पादन केंद्र इसी दिशा में एक सशक्त कदम है।

लोकल फॉर वोकल एवं स्वावलंबी भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारतके निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। उन्होंने शासकीय भवनों से लेकर ट्रेनों तक में खादी वस्त्र की उपयोगिता को बढ़ावा दिया है। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है।उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी ने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर मोदी की एक और गारंटी को पूर्ण करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में "अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र" के लिए कॉमन सर्विस सेंटर सेवा प्रदाता एवं सरपंचों के मध्य एमओयू किया गया है। आगामी 24 अप्रैल पंचायत दिवस से इन केंद्रों में नगद भुगतान की सुविधा प्रारंभ होगी। इन केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे और ग्रामवासियों को अनेक वित्तीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे लोगों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस सुविधा का विस्तार चरणबद्ध रूप से सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर खादी पहुंचे, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गजेंद्र यादव, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, धरमलाल कौशिक, प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडेय सहित विभिन्न निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

नारी सशक्तिकरण में टसर धागाकरण निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

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रायपुर। नारी सशक्तिकरण के माध्यम से एक सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने में ग्रामोद्योग संचालनालय की टसर धागाकरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जशपुर जिले में इस योजना के अंतर्गत कुमारी प्रीति चौहान जैसी महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रीति ने टसर धागाकरण का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब वह इस कार्य में अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। गरीब परिवार से आने वाली प्रीति आज अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं और अपनी बचत से खेती में भी योगदान दे रही हैं। उनके खाते में अब तक 1 लाख 2 हजार रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जशपुर जिले में धागाकरण प्रशिक्षण देकर समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिससे उन्हें अपने गाँव में ही रोजगार मिल सके और उन्हें अन्य राज्यों की ओर रोजगार के लिए देखना न पड़े। टसर धागाकरण से जुड़ी अन्य महिलाएं भी अब गरीबी से उबरकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। इस योजना से उन्हें न केवल धागाकरण का कार्य मिला है, बल्कि वे अपनी कृषि भूमि पर खेती कर उन्नत किस्म का धान और अन्य फसलें भी उगा रही हैं। कई महिलाएं जो कभी साइकिल खरीदने का सपना देखती थीं, अब इस योजना से मिली आय से दोपहिया वाहन भी खरीद रही हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रही हैं।

रेशम विभाग द्वारा महिलाओं को कोकून बैंक के माध्यम से कोसा उपलब्ध कराया जाता है और उनके द्वारा उत्पादित धागे को विपणन कर उनकी आय को सीधे उनके खाते में जमा किया जाता है। इस प्रकार टसर धागाकरण योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे न केवल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रही हैं, बल्कि उनका समाज में एक अलग पहचान भी बन रही है। नारी सशक्तिकरण के इस प्रयास से महिलाएं अब आत्मनिर्भर हो रही हैं और अपने परिवार और समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

विभिन्न विभागों ने प्रस्तुत की योजनाओं पर आधारित झांकियां : ग्रामोद्योग विभाग को मिला पहला पुरस्कार

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रायपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा झांकियां प्रस्तुत की गई। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने श्रेष्ठ झांकियों को पुरस्कृत किया। इनमें पहला पुरस्कार ग्रामोद्योग विभाग को, दूसरा पुरस्कार जेल एवं सुधारात्मक विभाग और तीसरा समाज कल्याण विभाग को मिला। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर आधारित योजना को झांकी में प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से ग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत ट्रेड को मुख्य रूप से प्रदर्शित किया गया, जिसमें हस्तशिल्प बोर्ड द्वारा लोहारी कार्य प्रदर्शित करते हुए लौह हस्त शिल्प तथा बेलमेटल शिल्प का जीवंत प्रदर्शन शामिल है।

                               

पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत झांकी में वर्ष 2023 में संशोधित नये कानून को प्रस्तुत कर नवीन कानून संबंधित जानकारी देकर आम जनता को उनके हितों अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। जेल एवं सुधारात्मक सेवा विभाग की झांकी का थीम ‘‘छत्तीसगढ़ जेल बंदी पुनर्वास की ओर बढ़ते कदम‘‘ था। जिसके प्रथम भाग में जेल के अंदर कैदियों के सुधारात्मक सेवा में हिस्सा लेते और सजा काटने के बाद समाज में सकारात्मक सदस्य के रूप में वापस लौटते हुए दिखाया गया है। द्वितीय भाग में विवेकानंद की ध्यानात्मक प्रतिमा और अंतिम भाग में बंदियों द्वारा किए जा रहे मलखम्ब को प्रदर्शित किया गया। 

                               

वहीं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने पीएम-जनमन की संकल्पना को प्रदर्शित करते हुए झांकी निकाली गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा कृषक उन्नत योजना के अंतर्गत किसानों की उन्नति के लिए धान खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को भुगतान की गारंटी, किसानों के प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी तथा गैस सिलेण्डर प्रदाय योजना अंतर्गत 500 रूपए में गरीब परिवार को रसोई गैस देने की गारंटी को प्रदर्शित किया गया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा केन्द्र सरकार की मृदा स्वास्थ्य योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरकों एवं कीटनाशी रसायनों का दक्षतापूर्ण छिड़काव सहित अन्य योजनाओं को  प्रदर्शित किया गया।

                                  

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अपनी झांकी में मिशन शक्ति अंतर्गत दो उपयोजना सबल और सामर्थ्य को प्रदर्शित किया गया।पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति स्थलों आदि को प्रदर्शित करते हुए पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग का संयुक्त झांकी प्रस्तुत किया गया, जो कि छत्तीसगढ़ की शक्तिपीठ पर आधारित है। श्रम विभाग द्वारा मोर चिन्हारी भवन तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पर आधारित झांकियां प्रस्तुत किया गया।

                           

सहकारिता विभाग द्वारा झांकी के अग्र भाग में सहकारी वृ़क्ष के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सहकरिता से समृद्धि लाने हेतु किए जा रहे प्रयास, झांकी के मध्य भाग में भारत सरकार द्वारा सहकारी समितियों को पेशेवर बनाने के उद्देश्य से बनाई गई 45 योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत कबीरधाम के राम्हेपुर में स्थापित भोरमदेव शक्कर कारखाना में गन्ना आधारित एवं कोण्डागांव जिले के कोकोडी में मक्का आधारित एथेनॉल संयंत्र के साथ-साथ बहुतायत में कार्यरत बुनकर, मत्स्य एवं वनोपज सहकारिता की फोटो प्रदर्शित की गई। 

स्कूल शिक्षा विभाग की झांकी में नयी शिक्षा नीति 2020, अत्याधुनिक कम्प्यूटर प्रयोगशाला अटल टिकरिंग लैब को प्रदर्शित किया गया। समाज कल्याण विभाग की झांकी में दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याणार्थ योजनाओं को दर्शाया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने तेंदूपत्ता संग्रहण और उनसे संबंधित गतिविधियां, न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत संग्रहित की जाने वाली वनोपज प्रजातियों, शहद प्रसंस्करण मॉडल, संजीवनी विक्रय केन्द्र को प्रदर्शित किया। 

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन का प्रदर्शन किया गया। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत), सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्यक्रम, डायलिसिस सेंटर, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न निर्माण कार्य अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम (परसदा), फ्लाई ओवर, अरपा नदी में 4 लेन सड़क का निर्माण हाल इत्यादि का झांकियों में प्रदर्शन किया गया।

नैसर्गिक कोसा से दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व और ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार के निर्देशन में विगत पौने पांच साल में रेशम प्रभाग ने दो लाख से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। रेशम प्रभाग में संचालित नैसर्गिक टसर बीज प्रगुणन एवं संग्रहण कार्यक्रम अंतर्गत 2 लाख 5 हजार 565 लोगों को नियमित रोजगार मिला है। इस योजना अंतर्गत 6386.56 लाख नग नैसर्गिक टसर का ककून का उत्पादन किया गया है।

जिससे एक लाख 9 हजार 856 अनुसूचित जनजाति और 19 हजार 196 अनुसूचित जाति के लोगों को रोजगार मिला है। राज्य के दंतेवाड़ा, जगदलपुर (बस्तर), उत्तर बस्तर के तहत कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर तथा धमतरी, रायपुर, राजनांदगांव, कबीरधाम, दुर्ग, कोरबा, जशपुर, कोरिया जिला वनों से आच्छादित क्षेत्र है। इन सभी जिलों में मूलतः अनुसूचित जाति, जनजाति के परिवार निवास करते है जो कि समाज की मुख्य धारा से जुड़े गए हैं। इन लोगों को शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर रेशम पालन को कृषि का दर्जा मिला है। इससे रेशम पालन को बढ़ावा मिलेगा। वनांचल के सभी जिलों में नैसर्गिक कोसा उत्पादन के संग्रहण के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों द्वारा आर्थिक लाभ अर्जित किया जा रहा है। इस दिशा में ग्रामोद्योग संचालनालय द्वारा प्राकृतिक वन क्षेत्रों में नैसर्गिक बीज का प्रगुणन कर उसे सघन वन क्षेत्रों में फैलाया जाता है, जिससे वनवासी हितग्राहियों द्वारा नैसर्गिक कोसा संग्रहण कर आय का एक अतिरिक्त साधन प्राप्त कर सकंे। इस क्षेत्र में निवासरत् परिवार मूलतः वनों पर आधारित उपज का विपणन कर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। उक्त सभी जिलों के वन खण्डों में प्राकृतिक रूप से साल, साजा, सेन्हा, धौरा, बेर के वृक्ष प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। इन वृक्षों में टसर कोसा की रैली, लरिया एवं बरफ प्रजाति के कोसाफल नैसर्गिक रूप से उत्पादित होते हैं।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले सहायक संचालक को किया निलंबित

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रायपुर। ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने आज यहां राजधानी स्थित अपने शासकीय निवास सतनाम सदन में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री गुरू रूद्रकुमार को घटकवार विस्तृत जानकारी दी। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने अद्यतन जानकारी उपलब्ध न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सहायक संचालक पंकज अग्रवाल को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने विगत समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को पूरी तैयारी से आने के निर्देश दिए थे।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बैठक में ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग को रोजगार का जरिया बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को विभागीय कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने विभाग में नई भर्ती पर जोर देने की बात कही। बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के आबंटन व्यय की समीक्षा, वित्तीय वर्ष 2023-24 में आबंटन एवं कार्ययोजना की समीक्षा, अपेक्स बुनकर संघ का वर्ष 2022-23 में शासकीय वस्त्र प्रदाय की समीक्षा के साथ-साथ वर्ष 2023-24 में किए जाने वाले महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यों में कोताही बरतने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामोद्योग विभाग सीधे ग्रामीणों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है, जो लोगों को सीधे रोजगार उपलब्ध कराता है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने गणवेश आपूर्ति में हो रहे विलंब को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए राजधानी सहित निकटवर्ती जिलों में गणवेश आपूर्ति में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर सचिव ग्रामोद्योग एस. प्रकाश, संचालक ग्रामोद्योग अरूण प्रसाद पी., अपर संचालक बी.पी. मनहर, महाप्रबंधक ए. अयाज, एच.बी. अंसारी, संयुक्त संचालक नोन्हारे, प्रबंधक परेश मिंज, साकेत राजपुरिया सहित रेशम, हाथकरघा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, माटीकला बोर्ड और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

मंत्री गुरू रूद्रकुमार के विभागों से संबंधित 1578 करोड़ रूपये से अधिक की अनुदान मांगे सर्वसम्मति से पारित

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रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के विभागों से संबंधित 01 हजार 578 करोड़ 35 लाख 61 हजार रुपए की अनुदान मांगें आज विधानसभा मे सर्वसम्मति से पारित कर दी गई है। अनुदान मांगों में लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के लिए 1433 करोड़ 66 लाख 32 हजार रुपये और ग्रामोद्योग विभाग के लिए 144 करोड़ 69 लाख 29 हजार रुपये शामिल है। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी मंत्री गुरू रुद्रकुमार ने अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को निःशुल्क घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार मिनीमाता अमृतधारा नल योजना प्रारंभ की है। योजना के तहत 73 हजार 584 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि प्रदेश में 02 लाख 61 हजार से अधिक हैंड पंपों के माध्यम से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विभाग ने प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 168 नगरीय निकाय हैं। नगरीय क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए 03 करोड़ 14 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बताया कि प्रदेश में चार वर्ष पहले केवल 7 प्रतिशत ग्रामीणों को ही पेयजल की उपलब्ध हो रही था। हमारी सरकार द्वारा राज्य में जल-जीवन मिशन के तहत कुल 50 लाख 08 हजार ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन से लाभान्वित किए जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। अब तक 20 लाख 28 हजार से अधिक नल कनेक्शन प्रदान कर प्रदेश में 41 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अंतिम छोर के व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के तहत बजट में राज्यांश की राशि में 02 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि प्रदेश के लोगों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गौठानों में भी मवेशियों के लिए पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। अब तक 01 हजार 363 गौठानों में पेयजल हेतु नलकूपों का खनन किया गया है। गौठानों में नलकूप के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने सदन में कहा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बेहतर प्रबंधन किए जा रहे हैं। 45 हजार 796 स्कूलों में पेयजल व्यवस्था का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 43 हजार 933 शासकीय शालाओं में रनिंग वॉटर के जरिए पेयजल की व्यवस्था की गई है। 

इस तरह प्रदेश के 95 प्रतिशत स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। इसके लिए बजट में 3 करोड़ 15 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह आंगनबाड़ियों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में 91 प्रतिशत और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में 98 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल कर ली गई है। इस तरह 45 हजार 732 आंगनबाड़ी, प्राथमिक और उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में पेयजल की व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है, वहीं 41 हजार 669 आंगनबाड़ी एवं 5 हजार 243 स्वास्थ्य केन्द्रों में रनिंग वॉटर से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए 3 करोड़ 33 लाख रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बताया कि विभाग द्वारा जल की गुणवत्ता जांच की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 71 जल परीक्षण प्रयोगशाला में संचालित हैं। राज्य स्तर पर एक, जिला स्तर पर 28, विकासखंड स्तर पर 24 और 18 चलित जल परीक्षण प्रयोगशालाएं शामिल हैं। राज्य स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशाला में हेवी मेटल्स के परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध है, वहीं 1 राज्य स्तरीय एवं 25 जिला स्तरीय तथा 11 उपखण्डीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं एनएबीएल से मान्यता प्राप्त है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ने सदन में बताया कि 32 नगरीय योजनाएं प्रगति पर हैं। इसके लिए लगभग 54 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर स्थित डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर अस्पताल में पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए एक करोड़ रुपए का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नवगठित 5 जिलों के नवीन खंड कार्यालयों की स्थापना के लिए दो करोड़ 50 लाख रूपए, वहीं प्रदेश के अलग-अलग जिलों व तहसीलों में खंड कार्यालय व प्रयोगशाला भ वन निर्माण के लिए लगभग एक करोड़ 62 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। मंडल कार्यालय अंबिकापुर में भवन निर्माण के लिए 56 लाख 42 हजार रूपए का प्रावधान है। ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के महिलाओं, युवाओं

लोक कलाकारों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ग्रामोद्योग विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामोद्योग के अंतर्गत रेशम, हाथ करघा, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड एवं माटीकला बोर्ड के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में हितग्राही उत्थान मूलक योजनाएं संचालित की जा रही है। इस वर्ष 4 लाख 15 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आगामी कार्य योजना में इससे भी अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। 

बुनकरों हस्तशिल्पियों, माटीशिल्पियों एवं रेशम प्रभाग के माध्यम से आजीविका संवर्धन एवं रोजगार सृजन हेतु ग्रामोद्योग के लिए 144 करोड़ 69 लाख 29 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। अनुदान मांगों पर धरमलाल कौशिक, आशीष छाबड़ा, शिवरतन शर्मा, रजनीश सिंह, भुनेश्वर बघेल, अजय चन्द्राकर, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, सौरभ सिंह, डॉ. लक्ष्मी ध्रुव और नारायण चंदेल ने हिस्सा लिया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने छत्तीसगढ़ में जल्द बनेगी ग्रामीण उद्योग नीति: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गौठानों में बन रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में आय मूलक गतिविधियों का अधिक से अधिक संचालन किया जाएगा। जिससे सभी को रोजगार मिलेगा। इसके लिए राज्य की नई औद्योगिक नीति की तर्ज पर जल्द ही ग्रामीण उद्योग नीति बनाई जाएगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री आज रायपुर जिले के आरंग विधानसभा के ग्राम भानसोज में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के दौरान ग्रामीणों से रू-ब-रू चर्चा करते हुए ऋण माफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, गौठानों में संचालित आयमूलक गतिविधियों, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, हाट बाजार क्लीनिक योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में विकसित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में युवाओं को छोटे-छोटे ग्रामोद्योग प्रारंभ करने के लिए जमीन, बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिससे युवा स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाने और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है, सभी को रोजगार मिले हमारा यही प्रयास है। सभी जगह किसान बहुत खुश हैं। हम धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति मांग रहे हैं, जिसकी अनुमति केंद्र से नहीं मिल रही है। भेंट-मुलाकात में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया भी उपस्थित थे।

भेंट-मुलाकात स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीपप्रज्वलन कर एवं राज्य गीत अरपा पैरी के धारसे भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरूआत कर आमजनों से संवाद शुरू किया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च को इस योजना की चौथी किस्त किसानों को मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि 107 लाख मीट्रिक टन धान की रिकार्ड खरीदी की गई है। सभी चीजें सही समय पर उपलब्ध हो गई, बारदाना से लेकर धान का उठाव, टोकन वितरण और किसानों को भुगतान आदि कार्याें का सुचारूपूर्वक संचालन हुआ।

तिलक देवांगन और सुखीराम साहू को मिला ऋण माफी योजना का लाभ 

भेंट-मुलाकात के दौरान ग्राम संडी निवासी तिलक देवांगन ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए बताया कि उनका 3 लाख 50 हजार रुपए का कर्ज माफ हो गया है। बच्चे को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ा रहा हूं। ग्राम भानसोज के किसान सुखीराम साहू ने बताया कि उन्होंने 1100 कट्टा धान बेचा है। उन्होंने कहा कि मेरे धान से ही धान खरीदी की बोहनी की गई। सुखीराम ने बताया कि उनका 3 लाख 70 हजार रुपए का कर्ज माफ हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से गांव में नहर, नाली बनाने की मांग भी की है।

 

मुख्यमंत्री ने जब वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करने वाले किसानों से उत्पादन में आ रहे अंतर के बारे में पूछा तो साहू ने बताया कि मैं जैविक खेती करता हूं, खेती के लिए लगातार वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करता हूं, इससे फसलों की बीमारी भी कम हो रही है और फसल बढ़ भी रही है। उन्होंने बताया कि कर्ज माफी के पैसा से ट्रैक्टर खरीदा है। भानसोज आरंग के किसान ने बताया कि कर्जमाफी से बड़ा लाभ हुआ है। बेटियों की शादी में बड़ी मदद मिली है। उन्होंने बताया कि उनका 6 लाख 50 हजार से ज्यादा का कर्ज ऋण माफी के तहत माफ हुआ है। आपकी योजना से किसान आर्थिक रूप से सबल हो रहे हैं। इन्होंने कविता के माध्यम से मुख्यमंत्री और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की तारीफ़ की।

कुमारी साहू ने गोबर बेचकर बेटे के लिए खोली किराना दुकान

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा पीडीएस के बारे में पूछने पर महिला हितग्राही बिंदु बंजारे ने बताया कि उन्हें राशन दुकान से 35 किलो चावल, शक्कर, नमक मिल रहा है। बिंदु ने कहा कि मिट्टी तेल और सिलेंडर बहुत महंगा है। मुख्यमंत्री से बात करते हुए कुमारी साहू ने बताया की गोधन न्याय योजना में गोबर बेचकर 50 हजार रुपए की आमदनी हुई है। इस पैसे से बेटे के लिए किराना दुकान खोला है, दुकान अच्छी चलती है। कुमारी ने कहा कि गोधन न्याय योजना बहुत अच्छी है। उन्होंने गौठान प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

ग्राम नारा निवासी राजकुमारी साहू ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना से मिल रहे स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दी और कहा कि मैं नियमित रूप से क्लीनिक में जाती हूं, आयरन, कैल्सशियम की गोली भी निःशुल्क मिलती है। डॉक्टर इलाज के पैसे नहीं लेते दवाइयां भी मुफ्त देते हैं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यमिक स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा महिमा साहू ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं पर बात की और बताया कि इससे पहले जिस स्कूल में जाती थी वहां 25 हजार रुपए लगते थे, अब नहीं लगते।

 

 

लाल किले में भारत आया छत्तीसगढ़ ने रंग जमाया : भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के पर्यटन को लेकर लोगों में विशेष रूचि

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रायपुर। नई दिल्ली के लाल किला प्रांगण में चल रहे भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, पर्यटन, ग्रामोद्योग हस्तशिल्प और गढ़कलेवा के स्टॉल को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। बीते तीन दिनों से छत्तीसगढ़ के स्टॉलों में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। गढ़कलेवा के स्टॉल में छत्तीसगढ़ी व्यंजन का लुफ्त उठाने के साथ ही लोग छत्तीसगढ़ के पर्यटन के बारे में विशेष रूचि दिखा रहे हैं।

विदेशी दर्शक बस्तर दशहरा के बारे में जानकारी ले रहे हैं, जबकि देश के अन्य राज्यों के लोग छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के बारे में जानने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के स्टॉल में लगातार पहुंच रहे हैं। शनिवार को अवकाश होने के कारण भारत पर्व में लोगों की भीड़ आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा थी। लोग दोपहर दो बजे से ही भारत पर्व में विभिन्न राज्यों के कला संस्कृति, टूरिज्म और खान-पान के बारे में जानकारी लेने के लिए पहुंचने लगे थे।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के स्टॉल में पहुंचने वाले सभी दर्शकों को राज्य के पर्यटन स्थलों सहित वहां के जन-जीवन एवं प्राकृतिक परिवेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों ने जशपुर के चाय बागान, राम वन गमन पर्यटन परिपथ को लेकर विशेष रूचि दिखाई और इस संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। विदेशी पर्यटकों को बस्तर दशहरा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए राज्य की प्राचीन लोक कला, आदिवासियों के खान-पान, होमस्टेट की सुविधा से अवगत कराया गया। छत्तीसगढ़ के गढ़कलेवा पारंपरिक व्यंजनों का देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए अतिथियों ने खूब स्वाद लिया। गढ़कलेवा के स्टॉल में बच्चों ने इमली के लाटा और बेर (बोईर)का पापड़ी को खूब पसंद किया गया।


स्वास्थ्य और पोषण की डेल्टा रैंकिंग में आकांक्षी जिला सुकमा देश में प्रथम

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रायपुर। नीति आयोग द्वारा अक्टूबर माह में जारी आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में सुकमा जिले ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। आकांक्षी जिला सुकमा को अक्टूबर माह के लिए स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में देश में प्रथम रैंक मिला है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने इस बेहतर प्रदर्शन के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सभी आकांक्षी जिले लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।



गौरतलब है कि प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों से निश्चित ही जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी मापदण्डों में स्थिति बेहतर हुई है। जिले में गर्भवती महिलाओं की एएनसी रजिस्ट्रेशन में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं संस्थागत प्रसव में जिले में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, वर्तमान स्थिति में 90 प्रतिशत संस्थागत प्रसव किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग अन्तर्गत जिले के आंगनबाड़ियों में गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार प्रदान करने की दर 99.14 प्रतिशत है। इसी तरह जिले में टीबी के मरीजों की पहचान में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं टीबी मरीजों के सफल इलाज में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

अक्टूबर माह के ओवरऑल रेंक में मिला तीसरा स्थान

जिला प्रशासन द्वारा जिले में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, मूलभूत सुविधाओं के विकास, कौशल विकास, जल संसाधन के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप नीति आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर अक्टूबर माह के ओवरऑल रेंक में सुकमा जिला को तीसरा स्थान मिला है, जो कि जिले में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी किए जा रहे बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है और सुकमा जिलेवासी इससे लाभांवित हो रहे हैं।

मिट्टी के दीये जला कर मनाएं दीपावली : ग्रामोद्योग मंत्री

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रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने प्रदेशवासियों से दीपावली के पावन पर्व पर मिट्टी के दीये जला कर अपने घर आंगन को रौशन करने की अपील की है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा है कि मिट्टी के दीये हमारे कुम्भकार बंधुओं द्वारा बड़ी ही लगन और मेहनत से इस आशा के साथ तैयार किए जाते है कि दीपावली के अवसर पर लोग उनके दीये खरीदेंगे और दीवाली में जलायेंगे। मिट्टी के दीया खरीदने से कुम्भकार बंधुओं की मेहनत का प्रतिफल उन्हें मिलेगा और हम सबके सहयोग से उनकी दीवाली भी धूम-धाम से मनेगी।



मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के परंपरागत व्यवसाय, कला को बढ़ावा दिया जा रहा हैं, ताकि इससे जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो और वह भी तरक्की करें। छत्तीसगढ़ में हजारों कुम्हार परिवार अपने परंपरागत पेशे से जुड़े हुए है और मिट्टी विभिन्न प्रकार के बर्तन और सामग्री तैयार कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में हम सबका यह दायित्व है कि हम उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग करें तथा उनके द्वारा निर्मित मिट्टी के सामग्री क्रय कर उनके व्यवसाय को प्रोत्साहित करें। दीपावली का त्यौहार कुम्भकार बंधुओं के लिए बड़ी ही उम्मीदों वाला होता है। कुम्हार बंधुओं की त्यौहार की खुशियां उनके द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्तन व दीये की बिक्री पर निर्भर होती है। समाज के सभी वर्ग के लोग दीपावली का त्यौहार खुशी-खुशी मनाये इसलिए जरूरी है कि हम सब स्थानीय उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार की गई सामग्री को खरीदें और उनका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें

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