Media24Media.com: आखिर कका की गोद तक पहुंच ही गई नन्हीं फ्रेंड वैष्णवी

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आखिर कका की गोद तक पहुंच ही गई नन्हीं फ्रेंड वैष्णवी

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रायपुर। ग्राम जगन्नाथपुर की रहने वाली 3 साल की बच्ची वैष्णवी यादव को जब भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं इस बच्ची के पास आए और उसे पहचानते हुए कहा, अच्छा यही है वैष्णवी। उन्होंने बच्ची के परिजनों से बातचीत भी की और वैष्णवी द्वारा दिए गए फ्रेम तोहफे को स्वीकार किया। वैष्णवी अपने "कका" से मिलने के इंतजार में काफी देर तक बैठी हुई थी। कका से मिलने के लिए भीड़ इतनी थी कि लोग धक्का-मुक्की कर रहे थे।



ऐसे में वह निराश होकर रोने भी लगी थी, जिसे देखते हुए कका ने तत्काल उसे दुलारते हुए उनके पिता दीपक यादव की गोद से उठाकर अपनी गोद में ले लिया और उसे दुलार किया । इस दौरान मुख्यमंत्री की नजर वैष्णवी की हथेली पर पड़ी, जिस पर मेहंदी सजी थी, जिस पर लिखा था मोर मयारू कका भूपेश बघेल। मेहंदी देखकर उन्होंने कहा- वाह! बढ़िया मेहंदी सजाई हो। मोर से बिकट मया करथस का नोनी? यह सुनकर आसपास खड़े लोग ठहाके मारकर हंस पड़े।

मुख्यमंत्री के गांव पहुंचते ही उत्साहित थी बेटी, बार-बार मिलने के लिए पिता का हाथ खींचती रही

 जैसे ही मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर गांव पहुंचा वैष्णवी उनसे मिलने के लिए आतुर हो रही थी। वह बार-बार पिता के हाथ खींचते हुए मंच की ओर बढ़ने का इशारा करती थी। जब मुख्यमंत्री पहुंचे तो उसकी आतुरता और बढ़ गई, लेकिन मुलाकात नहीं हो पा रही थी। वह इंतजार में ही बैठी थी, फिर कार्यक्रम के अंत में स्वयं मुख्यमंत्री वैष्णवी से मिलने के लिए उनके पास पहुंचे और उसे पहचान भी गए। इस दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने मुख्यमंत्री से वैष्णवी को मिलवाते हुए कहा कि यह वही बेटी है।

 पिता ने भेंट किया सीएम को फ्रेम, लिखा था पहुना ल मया के पाती, साथ मे दिया एक अनूठा पत्र

इस दौरान पिता दीपक ने मुख्यमंत्री को बेटी वैष्णवी की ओर से एक फोटो फ्रेम भेंट किया जिसमें "पहुना ल मया के पाती" के साथ कका के लिए छत्तीसगढ़ी में शायरी लिखा था। इसके अलावा उन्होंने एक पत्र भी दिया जिसमें बेटी है तो कल है के उद्देश्य को बतलाया गया था। उन्होंने इस पत्र के जरिए मुख्यमंत्री से अपेक्षा भी की कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजन दिवस पर बेटी तिहार के रूप में भी मनाया जाना चाहिए। जैसे बेटियों के सम्मान में जगन्नाथपुर में मिट्टी के दीपक जलाए  जाते हैं वैसे हर गांव और शहर में होना चाहिए। उन्होंने पत्र के जरिए बताया कि समाज में बेटी बेटा के प्रति भेदभाव दूर होना चाहिए। 

 मुख्यमंत्री से वैष्णवी को उपहार के तौर पर मिला फ्रॉक, गुल्लक और पहाड़ा

 मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात के दौरान वैष्णवी को तोहफा भी मिला, जिसमें फ्रॉक, गुल्लक और पहाड़ा था। घर आते ही उसने वही फ्रॉक पहनकर सबको बताती रही कि उनके कका ने यह गिफ्ट दिया है।

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