Media24Media.com: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने तालाब में कूदकर की खुदकुशी, कारण अज्ञात

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मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने तालाब में कूदकर की खुदकुशी, कारण अज्ञात

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देश में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव का है, जहां मेडिकल कॉलेज के एक युवा डॉक्टर ने तालाब में कूदकर खुदकुशी कर ली है। पेंड्री के ही मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद यहां इंटर्न कर रहे थे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने SDRF की मदद से करीब 5 घंटे बाद शव तालाब से बरामद किया। डॉक्टर की खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं है।  

जानकारी के मुताबिक राजस्थान के रहने वाले प्रसून भारद्वाज यहां शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेंड्री में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटरशिप कर रहे थे। बताया जा रहा है कि डॉक्टर सुबह करीब 6 बजे शहर के रानी सागर तालाब पहुंचे और उन्होंने छलांग लगा दी। युवक को कूदते देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर बसंतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद SDRF की टीम को बुलाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद टीम ने तालाब से शव बरामद कर लिया है। 

मामले की जानकारी जुटा रही पुलिस

मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं साथी दोस्तों से भी पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि 10 दिन बाद ही डॉक्टर की इंटर्नशिप खत्म होने वाली थी। तालाब को शव से बाहर निकालते ही वहां मौजूद डॉक्टर के साथी रोने लगे। डॉक्टर प्रसून के दोस्त मनीष गहलोत ने बताया कि वह रात करीब 1 बजे से गायब था। सभी उसे तलाश रहे थे। इस बीच सुबह सूचना मिली कि कोई युवक रानी सागर तालाब में कूदा है। इस पर वह लोग यहां पहुंचे थे। उन्हें नहीं पता था कि प्रसून ही तालाब में कूदा है। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया पता नहीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर एक नजर   

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau)के साल 2019 के आंकड़ों के मुताबिक आत्महत्या के मामले में छत्तीसगढ़ देश में 9वें नंबर पर है। छत्तीसगढ़ में साल 2019 में कुल 7629 लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें 233 किसान और खेतीहर शामिल हैं। राज्य में साल 2018 के मुकाबले आत्महत्या के मामलों में 8.3% की बढ़ोतरी हुई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में छत्तीसगढ़ में कुल 7046 लोगों ने आत्महत्या की थी। वहीं कृषक और खेतिहर द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में पूरे देश में छत्तीसगढ़ का छठवां स्थान है। आत्महत्या की दर भी छत्तीसगढ़ में पिछले साल के मुकाबले करीब 2 प्रतिशत बढ़ी है। इस मामले में छत्तीसगढ़ देश में चौथे नंबर पर है।

ये हैं आत्महत्या के प्रमुख कारण  

  • पारिवारिक - 26 %
  • बीमारी - 19 %
  • वैवाहिक - 11 %
  • बेरोजगारी - 6 %
  • नशे की लत - 5 %
  • अन्य कारण - 24 %

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