Media24Media.com: भारतीयों को जल्द वापस लाने की तैयारी, यूक्रेन के पड़ोसी देशों में जाएंगे 4 केंद्रीय मंत्री, PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग के बाद फैसला

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भारतीयों को जल्द वापस लाने की तैयारी, यूक्रेन के पड़ोसी देशों में जाएंगे 4 केंद्रीय मंत्री, PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग के बाद फैसला

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यूक्रेन संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक हाई लेवल बैठक बुलाई, जिसमें फैसला लिया गया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और पूर्व थलसेना अध्यक्ष वीके सिंह यूक्रेन के पड़ोसी देशों में जाएंगे, ताकि वहां फंसे छात्रों के बचाव काम में मदद की जा सके। ये मंत्री भारत के विशेष दूत के रूप में जा रहे हैं। बता दें कि यूक्रेन से 249 भारतीयों को लेकर पांचवी फ्लाइट दिल्ली लैंड कर चुकी है। ये फ्लाइट रोमानिया से दिल्ली के लिए रविवार रात उड़ी थी। 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। जब फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची तो अपनों से मिलकर परिजन भावुक हो गए। उन्होंने फूलमाला और गुलदस्तों से अपनों का स्वागत किया। वहीं यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध का आज पांचवा दिन है, लेकिन दोनों देशों में से कोई एक झुकने को तैयार नहीं है।  यूक्रेन की राजधानी कीव की तरफ रूस की सेना का 5 किमी लंबा काफिला तेजी से बढ़ रहा है। कीव पर रूस की सेना की कब्जे की तैयारी है। दुनिया के सबसे बड़े विमान को रूस के सैनिकों ने कीव के पास एक हवाई क्षेत्र में नष्ट कर दिया।  

यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रविवार को इसे लेकर जानकारी दी। दरअसल, AN-225 'Mriya' को  यूक्रेनी एयरोनॉटिक्स कंपनी एंटोनोव ने बनाया था और इसकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े कार्गो विमान के रूप में होती थी। ये विमान रूसी गोलाबारी के कारण कीव के बाहर होस्टोमेल हवाई अड्डे पर कथित तौर पर जला दिया गया। यूक्रेन ने दावा किया है कि अब तक रूस के हमले में 116 बच्चों समेत 1684 लोग घायल हुए हैं। हालांकि मंत्रालय की ओर से नहीं बताया गया कि अब तक कितने सैनिक मारे गए हैं। 

11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में किया मतदान

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के दौरान यूक्रेन ने दावा किया है कि अब तक लड़ाई में लगभग 4,300 रूसी सैनिक मारे गए हैं। साथ ही 146 टैंक, 27 विमान और 26 हेलिकॉप्टर को तबाह कर दिया गया है। इधर, UNSC में 11 मतों से पारित एक प्रस्ताव पर भारत मतदान से बाहर रहा। चीन, भारत और UAE समेत 3 देशों ने मतदान से बाहर रहने का फैसला किया। 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। रूस ने इसके खिलाफ मतदान किया।

UNSC में  मतदान से बाहर रहा भारत 

यूक्रेन पर UNSC की बैठक में UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि सीमा पार से संघर्ष और अनिश्चित स्थितियों से हमारे निकासी प्रयासों पर प्रभाव पड़ा है। ये मानवीय आवश्यकता है, जिसे संबोधित किया जाना चाहिए। परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने आज के मतदान से खुद को बाहर रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हिंसा को समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराते हैं। हम दोनों पक्षों द्वारा बेलारूस सीमा पर पक्ष रखने की घोषणा का स्वागत करते हैं। हम यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंतित हैं। 

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