Media24Media.com: छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 3 नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 3 नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई,  जिसमें पुलिस ने 3 नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस ने तेलंगाना के मुलगु जिले और बीजापुर की सीमा पर 3 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से SLR और AK-47 रायफल भी जब्त किया है। 


जानकारी के मुताबिक सूचना के आधार पर तेलंगाना पुलिस और तेलंगाना ग्रे हाउंड्स ये कार्रवाई की है। बस्तर IG सुंदरराज पी. ने बताया कि 'सीमा पर बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन चल रहा है। नक्सलियों को उस ऑपरेशन में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी जवान सुरक्षित हैं। जवानों के वापस लौटने के बाद घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई

वहीं गढ़चिरौली जिले की स्थापना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां बढ़ गई थी। इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्कालीन SP केपी रघुवंशी ने 1 दिसंबर 1990 को C-60 की स्थापना की। उस वक्त इस फोर्स में सिर्फ 60 विशेष कमांडो की भर्ती हुई थी, जिससे इसे यह नाम मिला। नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए गढ़चिरौली जिले को दो भागों में बांटा गया। पहला उत्तर विभाग, दूसरा दक्षिण विभाग।

नक्सलियों को मुख्यधारा में जोड़ने की कोशिश

इन कमांडो को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें दिन-रात किसी भी समय कार्रवाई करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, NSG कैंप मनेसर, कांकेर, हजारीबाद में होती है। नक्सल विरोधी अभियान के अलावा ये जवान नक्सलियों के परिवार, नाते-रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का काम भी करते हैं। नक्सली इलाकों में ये प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी भी जुटाते हैं। इससे पहले 3 मई 2019 को घात लगाकार बैठे 100 से ज्यादा नक्सलियों ने एक ऐसा ही हमला किया था। गढ़चिरौली में हुए आईईडी ब्लास्ट में 15 QRT जवान शहीद हो गए थे। इस दुर्दांत हमले के पीछे उत्‍तरी गढ़चिरौली के सीपीआई (माओवादी) का कमांडर भास्‍कर हमले का मास्‍टर माइंड बताया गया था।

बौखलाए नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं और IED ब्लास्ट कर पुलिस और सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

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