Media24Media.com: भारत-बांग्लादेश सीमा पर पकड़ाया चीनी जासूस, पूछताछ में हुए कई खुलासे

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भारत-बांग्लादेश सीमा पर पकड़ाया चीनी जासूस, पूछताछ में हुए कई खुलासे

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बांग्लादेश बॉर्डर से भारत में घुसपैठ करने वाले चीनी जासूस को BSF ने गिरफ्तार किया है, जिससे कड़ी पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। चीनी जासूस ने पूछताछ में बताया कि वो बीते दो सालों में करीब 1300 भारतीय सिम कार्ड स्मगलिंग करके चीन ले जा चुका है। BSFऔर खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में चीनी जासूस हान जुनवे ने इस बात का भी खुलासा किया कि चीन में इन सिम कार्ड्स से भारत के अहम एकाउंट्स को हैक करने और फाइनेंशियल फ्रॉड्स में इस्तेमाल किया जाता था।





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करीब 36 घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद BSF ने चीनी जासूस हान जुनवे को पश्चिम बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया। अब आगे की कानूनी कार्रवाई पश्चिम बंगाल पुलिस ही करेगी। मालदा जिले के कालियाचक इलाके की एक थाने में उस पर चीनी जासूस पर केस दर्ज किया गया है। BSF के मुताबिक हान जुनवे ने साल 2019 में गुरूग्राम में अपने एक बिजनेस पार्टनर, सुन जियांग के साथ स्टार-स्प्रिंग नाम का एक बड़ा होटल खोला था। लेकिन ये दोनों इस होटल की आड़ में जासूसी और भोले-भाले भारतीयों की जेब में सेंध लगाने का काम करते थे।






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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदते थे सिम





BSF के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ये दोनों भारतीय सिम कार्ड खरीदते थे। उसके बाद अंडरग्रामेंट्स में इन सिम-कार्ड्स को छिपाकर चीन ले जाते थे। चीन में इन सिम-कार्ड्स का इस्तेमाल एकाउंट्स को हैक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि BSF ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि किस तरह के भारतीय एकाउंट्स को हैक करने का काम हान जुनवे और सुन जियांग करते थे और आखिरकार इस हैकिंग के पीछे कौन है और मकसद क्या है।









फाईनेंसियल फ्रॉड के लिए किया जाता था सिम का इस्तेमाल





BSF से हुई पूछताछ में हान जुनवे ने इस बात को कबूल किया है कि इन सिम-कार्ड का इस्तेमाल फाईनेंसियल फ्रॉड के लिए भी किया जाता था। वे भोले-भाले भारतीयों की मनी-ट्रांजेक्शन मशीन से पैसा उड़ा लेते थे। BSF के मुताबिक कुछ समय पहले सुन जियांग को यूपी पुलिस की एंटी-टेरेरिस्ट स्कॉवयड (ATS) ने फर्जी तरीके से सिम-कार्ड खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया था।





BSF ने किया था गिरफ्तार





इस मामले में हान जुनवे और उसकी पत्नी भी सह-आरोपी हैं। हान के खिलाफ तो ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी, लेकिन उसस पहले गैर-कानूनी तरीके से बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल होते हुए BSF ने हान को मालदा जिले के सुल्तानपुर BOP (बॉर्डर ऑउट पोस्ट) यानी चौकी के करीब से धर-दबोचा था।





पासपोर्ट पर बांग्लादेश का वीजा





पूछताछ में हान ने बताया कि वो पहली बार साल 2010 में हैदराबाद आया था। साल 2019 के बाद तीन बार दिल्ली-गुरूग्राम आ चुका है। चारों बार वो बिजनेस के सिलसिले में भारतीय वीजा लेकर ही आया था। उसका मौजूदा पासपोर्ट चीन के हुबई प्रांत से इसी साल यानी जनवरी 2021 से इश्यू हुआ। उसके पासपोर्ट पर बांग्लादेश का वीजा है।





मालदा इलाके में घुसपैठ करने की कोशिश





यही वजह है कि वो 2 जून के बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचा था। वहां अपने एक मित्र के साथ रूकने के बाद हान बांग्लादेश के छपाई नवाबगंज जिले के सोना-मस्जिद इलाके में पहुंचा। यहां एक होटल में रुकने के बाद 10 जून की सुबह हान ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक नदी के किनारे से पश्चिम बंगाल के मालदा इलाके में घुसपैठ करने की कोशिश की थी, लेकिन वहां पेट्रोलिंग कर रहे BSF के जवानों ने उसे पकड़ लिया था।





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BSF को चीनी घुसपैठिए की तलाशी लेने पर पासपोर्ट के अलावा एक एप्पल लैपटॉप, 02 आइफोन मोबाइल, 01 बांग्लादेशी सिम, 01 भारतीय सिम, 02 चाइनीस सिम, 2 पेनड्राइव, 03 बैटरी, दो स्मॉल टॉर्च, 05 मनी ट्रांजैक्शन मशीन, 02 ATM कार्ड, अमेरिकी डॉलर, बांग्लादेशी टका और भारतीय मुद्रा बरामद हुई थी। BSF के एक अधिकारी ने बताया कि चीनी नागरिक के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहनता से जांच चल रही है ताकि ये पता चल सके कि वो चीन की किस खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी का काम करता था।


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