Media24Media.com: ​​​​​​​शांति का एक ही मंत्र है- विकास, विश्वास और सुरक्षा- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

​​​​​​​शांति का एक ही मंत्र है- विकास, विश्वास और सुरक्षा- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि शांति का एक ही मंत्र है- विकास, विश्वास और सुरक्षा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर अंचल के लोगों को विकास की मुख्यधारा में आगे लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। वनवासियों को जल-जंगल और जमीन का हक देने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टों के साथ वन संसाधनों का भी अधिकार दिया जा रहा है। वनवासियों को तेंदूपत्ता सहित लघु वनोपजों का सही मूल्य दिलाने के साथ-साथ रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। बस्तर अंचल में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत की गई हैं। वनवासियों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों तक राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। जिससे उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आ रहा है।





मुख्यमंत्री बघेल आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में कांकेर और नारायणपुर जिले को 222 करोड़ रूपए के 275 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कांकेर जिले में 152 करोड़ 59 लाख रूपए की लागत के 145 कार्यों का और नारायणपुर जिले में 69 करोड़ 75 लाख रूपए की लागत के 130 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।





मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मण्डावी के आग्रह पर कांकेर जिले के कोड़ेकुर्से में विद्युत सब-स्टेशन की घोषणा की। संसदीय सचिव शिशुपाल सिंह सोरी और मुख्यमंत्री के सलाह राजेश तिवारी के आग्रह पर कांकेर में बीएड कॉलेज और चारामा विकासखण्ड के ग्राम गिधाली के स्कूल चौक में गलवान घाटी में शहीद गणेश कुंजाम की प्रतिमा की स्थापना के लिए 2 लाख रूपए की स्वीकृति की घोषणा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप के आग्रह पर नारायणपुर जिले में मधुमक्खी पालन के लिए कलेक्टर को डीएमएफ और सीएसआर मद से आवश्यक कार्य कराने के लिए स्वीकृति देने के निर्देश दिए।





मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों के जीवन मे बदलाव के लिए नई-नई योजनाएं शुरू की है। किसान हितैषी अनेक फैसले भी लिए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर ढाई हजार रूपए से बढ़ाकर 4000 रूपए की गई है। इसी प्रकार 52 प्रकार के लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य में खरीदने की व्यवस्था से वनवासियों को पहले से ज्यादा कीमत मिल रही है। वनोपज इकट्ठा करने, बेचने, खरीदने प्रोसेसिंग करने का सारा काम अब गांव के लोग ही कर रहे हैं, इससे गांवों के लोगों को रोजगार और भरपूर आमदनी मिल रही है।





बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य 3 हजार रूपए क्विंटल निर्धारित किया है। वनोपजों की प्रोसेसिंग के साथ ही कोदो-कुटकी की भी प्रोसेसिंग का काम किया जा रहा है। कांकेर के कृषि विकास केन्द्र और दुर्गुकोंदल विकासखण्ड के गोटूलमुंडा गांव में इसकी प्रोसेसिंग यूनिट लग चुकी है। कांकेर के ही इच्छापुर में हर्रा-बेहड़ा की प्रोसेसिंग यूनिट चल रही है। नारायणपुर की फूल-झाडू तो दिल्ली में भी बिक रही है। जो वनोपज कभी शोषण का जरिया थे, आज वनवासियों की बहुत बड़ी ताकत बन गए हैं।





मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी योजना से अब जमीन भी ऊपजाऊ हो रही है, और सिंचाई का भी इंतजाम हो रहा है। गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। गोबर खरीदकर और गौठान में वर्मी कंपोस्ट बनाकर हमारी हजारों बहनें रोजगार पा रही हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना ने तो खेती-किसानी में बड़ी क्रांति ही कर दी है। योजना शुरु होने के बाद लगातार खेती का रकबा बढ़ रहा है। किसानों की संख्या भी बढ़ रही है। अब इस योजना का दायरा और बढ़ा दिया गया है।





मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ के ओरछा के 237 और नारायणपुर विकासखंड के 09 गांवों का सर्वेक्षण अभी तक नहीं हो पाया था। इसके कारण वहां के किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। हमारी सरकार सर्वे का काम प्राथमिकता के साथ कर रही है। ओरछा विकासखंड के 04 गांवों का प्रारंभिक सर्वे पूरा हो गया है। उन्हें भुइंया साफ्टवेयर से जोड़ दिया गया है। इससे अब वहां के 1041 किसान भी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। शेष गांवों का सर्वे भी तेजी कर रहे हैं। नारायणपुर जिला अस्पताल को भारत सरकार ने प्रसव संबंधी उत्कृष्ट सेवा के लिए लक्ष्य सर्टिफिकेशन प्रमाण-पत्र दिया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।





विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मण्डावी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने और प्रदेश के लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। कांकेर और नारायणपुर जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इन जिले में स्वास्थ्य सुविधा को और भी अधिक मजबूत करने के लिए डीएमएफ मद की राशि का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि दो साल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बस्तर अंचल को विकास कार्याें के लिए करोड़ों की सौगात मिली। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि नारायणपुर में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर कोदो-कुटकी के प्रसंस्करण का अच्छा काम किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ में विकास का पहिया गतिमान रहा है। लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम और विधायक और हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप ने कहा कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी, अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई से नई पीढ़ी को देश-दुनिया में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी ने कहा कि कांकेर के जिला चिकित्सालय में जल्द ही एमआरआई और मेमोग्राफी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।





इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उपस्थित थे। विधायक अनूप नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।


Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.