Media24Media.com: FCI के अधिकारी बोले- जितना चावल देंगे, हम रख लेंगे, हमारे गोदाम हैं खाली

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

FCI के अधिकारी बोले- जितना चावल देंगे, हम रख लेंगे, हमारे गोदाम हैं खाली

Document Thumbnail

रायपुर। राज्य शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी हो गई है। लेकिन धान के उठाव की स्थिति खरीदी के पहले दिन से जिस तरह बनी थी, वह आज भी जस के तस बनी हुई है। लिहाजा, प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों में अभी भी भारी मात्रा में धान जाम पड़ा हुआ है। ऐसे में बारिश की संभावना से धान खराब होने व बढ़ रही गर्मी से धान सूखने से जिले की समितियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।





अब तक कुल 3671952.63 टन धान का उठाव
अब तक कुल 2053489 किसानों से 9200753.36 टन धान उपार्जन किया गया है। जिसमें से उपार्जन केंद्रों से 3671952.63 टन धान मिलर्स ने उठाव कर लिया है। जिसमें से 1503089.90 टन चावल मिलर्स ने नान और भारतीय खाद्य निगम को दे दिया है।





एफसीआई के गोदामों में 3413007.43 क्विंटल पहुंचा चावल
भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में सोमवार तक 3413007.43 क्विंटल चावल रखवा दिया गया है। जिसमें 51.14 क्विंटल अरवा और 48.86 क्विंटल उसना चावल रखवा दिया गया है। भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र के तय किए गए क्षमता के अनुरुप उनके गोदामों में चावल रखने की जगह बना ली गई है। जिसमें लगातार चावल का रखाव हो रहा है। इसके अलावा नान के गोदामों में अब तक 11617891.53 क्विंटल चावल स्टॉक किया जा चुका है। जिसमें से 99.45 अरवा और 0.5 उसना स्टॉक किया गया है। भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि एफसीआई के सभी गोदाम निर्धारित क्षमता के अनुरुप खाली हैं। जितना चावल देना है हम रख लेंगे।





सूखने की कगार पर पहुंचा लाखों क्विंटल धान
दरअसल जिले में चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया पूरी हो गई है। प्रदेश में इस साल 2053489 पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की गई है। चालू खरीफ विपणन वर्ष में 2311 खरीदी केंद्रों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की गई है। किसानों से 9200753.36 टन धान खरीदा गया है। जो पिछले साल के किसानों से खरीदे गए धान से ज्यादा है।





5528800 टन धान जाम
समर्थन मूल्य में धान खरीदने के बाद भी प्रदेश भर के उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव की रफ्तार कम है। प्रदेश के उपार्जन केंद्रों से अभी तक 3671952.63 टन धान का उठाव किया गया है। लेकिन इन खरीदी केंद्रों में अभी भी 5528800.73 टन धान जाम है। ऐसे में उठाव नहीं होने से समितियों को भारी बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समितियों को धान सूखने का डर है। वहीं उन्हें सुरक्षित करने के लिए अतिरिक्त खर्च भी करने पड़ रहे है।





धान सूखने का भय
प्रबंधकों का कहना है कि शासन प्रशासन से धान परिवहन और अन्य मांगों के संबंध में लगातार प्रयास किया गया। उसके बाद भी आज तक उनकी मांग को पूरा करने ध्यान नहीं दिया गया। प्रदेश में बहुतायत मात्रा में धान जाम पड़ा हुआ है। धान सूखने के कगार पर है।





मार्च तक हो जाएगा उठाव
प्रशासन का कहना है कि जिले में धान का उठाव किया जा रहा है। धान खरीदी देर होने से उठाव में देरी हुई है। धान के उठाव में कमी का कारण नए बारदाने की कमी है। प्रदेश में 40 से 50 हजार मैट्रिक टन धान का उठाव रोजाना किया जा रहा है। उम्मीद है कि 31 मार्च तक धान की उठाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।





एफसीआई के गोदामों की स्थिति





गोदाम- अब तक पहुंचा धान





रायगढ़ 47981.82





बालोद 119430.29





जांजगीर-चांपा-588472.75





बिलासपुर - 315639.66





दुर्ग- 199706.12
राजनांदगांव- 2018098.8





बलौदाबाजार- 13339.94





धमतरी- 397049.22





महासमुंद- 479747.76





रायपुर- 679830.08





जितना चावल आएगा हम रख लेंगे कोई दिक्कत नहीं है। केंद्र से निर्धारित क्षमता के अनुरूप पहले से ही जगह तैयार कर ली गई है।
- सन्नी सोरी, क्षेत्रीय अधिकारी, एफसीआई


Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.