Media24Media.com: अंबिकापुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने शुरू की कार्रवाई, किया जा रहा सुरक्षित डिस्पोजल

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अंबिकापुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने शुरू की कार्रवाई, किया जा रहा सुरक्षित डिस्पोजल

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बर्ड फ्लू (bird flu) एवियन इनफ्लूएन्जा (H-5 N-1) का मामला जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद अंबिकापुर के पास स्थित सकालो शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रक्षेत्र की लेयर मुर्गियों, चूजों और अण्डों के सुरक्षित निस्तारण की कार्रवाई शुरू कर दी है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ। एन।पी सिंह ने बताया है कि प्रक्षेत्र सहित एक किलोमीटर की परिधि को इन्फेक्टेड जोन और 10 किलोमीटर की परिधि को सर्विलेंस जोन घोषित किया गया है।





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इस वायरस की पुष्टि हुई है उसे पशु चिकित्सा विभाग ने इंसानों के लिए खतरनाक बताया है। दरअसल अब तक कई राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। लेकिन जो वायरस सरगुजा में पाया गया है, वह अलग और इंसानों के लिए खतरनाक बताया जा रहा है।









सरगुजा में बर्ड फ्लू वायरस H-5 N-1 की पुष्टि हुई है। अन्य जगहों पर अबतक H-5 N-8 वायरस की पहचान हुई है। बर्ड फ्लू का H-5 N-1 वायरस इंसानों के लिये भी बेहद खतरनाक होता है। सरगुजा प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। चिकन और अंडा खाने के शौकीन लोगों को भी सतर्क होने की जरूरत है।





सैंपल जांच के लिए भेजा गया था पुणे





सकालो प्रक्षेत्र के पक्षियों, अंडों और इन्फेक्टेड खाद्यान्न, औषधि, टीकाद्रव्य के डिस्पोजल के साथ ही पूरे प्रक्षेत्र को डिसइन्फेक्टेड करने की कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि शासकीय प्रक्षेत्र में मृत 2 लेयर मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा गया था। जिसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसके बाद विभाग ने सकालो प्रक्षेत्र के कुक्कुट और उत्पादों का सुरक्षित डिस्पोजल किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी।









उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं सिंह ने बताया कि एक किलोमीटर की परिधि में विशेष टीम गठित कर सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के बाद पक्षियों का डिस्पोजल एवं निरजंतुकरण किया जाएगा और शासन द्वारा निर्धारित क्षतिपूर्ति का भुगतान भी संबंधित कुक्कुट पालकों किया जाएगा। इस दौरान 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले समस्त कुक्कुट और कुक्कुट उत्पाद का विक्रय या परिवहन पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा।





संशोधित कार्य योजना 2021





उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान एवियन इनफ्लूएन्जा ओ।आई।ई। प्रयोगशाला भोपाल के द्वारा भारत सरकार द्वारा एवियन एनफ्लुएंजा की रोकथाम और संक्रमण के लिए संशोधित कार्य योजना 2021 के निर्धारित मापदण्ड के अनुसार की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सकालो स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में 3 हजार 533 लेयर पक्षी, 18 हजार 397 चूजे, 30 हजार 265 अण्डे उपलब्ध है, जिनका सुरक्षित निस्तारण पशु चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा किया जा रहा है।





कुक्कुट उत्पादों का डिस्पोजल शुरू





उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ। एन।पी सिंह ने बताया है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान एवियन इनफ्लूएन्जा ओ।आई।ई। प्रयोग शाला भोपाल के द्वारा शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र सकालो, अंबिकापुर के नमूना जांच में एवियन इनफ्लूएन्जा (एच 5 एन 1) का संक्रमण पाया गया है।









भारत सरकार द्वारा एवियन एनफ्लुएंजा की रोकथाम और संक्रमण के लिए संशोधित कार्य योजना 2021 के निर्धारित मापदण्ड के अनुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि वर्तमान में प्रक्षेत्र में 3 हजार 533 लेयर पक्षी, 18 हजार 397 चूजे, 30 हजार 265 अण्डे उपलब्ध है, जिसका निस्तारण किया जा रहा है।





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1 किलोमीटर की परिधि में विशेष टीम गठित कर सर्वे का कार्य शुरू किया गया है। सर्वे के बाद पक्षियों का डिस्पोजल और निरजंतुकरण किया जाएगा। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित क्षतिपूर्ति का भुगतान भी किया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले समस्त कुक्कुट और कुक्कुट उत्पाद का विक्रय और परिवहन पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा।


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