Media24Media.com: बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें : देरी से कोरोना जांच के कारण मौतों की बढ़ रही संख्या

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बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें : देरी से कोरोना जांच के कारण मौतों की बढ़ रही संख्या

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कोरोना संक्रमण के मामले पूरी दुनिया सहित भारत में फिर बढ़ रहे हैं। इस समय सतर्क रहना बहुत जरूरी है। चिकित्सक ,विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ बार -बार आगाह कर रहे हैं कि संक्रमण से बचने के लिए अभी सार्वजनिक स्थलों में मास्क पहनना, दूसरों से दो गज की सुरक्षित दूरी रखना,भीड़ से बचना और हाथों की साबुन पानी से सफाई करना जरूरी है।





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छत्तीसगढ़ में बीते हफ्ते के डेथ आडिट रिव्यू में यह तथ्य सामने आया कि मृतकों में 65 प्रतिशत व्यक्ति 60 साल से ज्यादा उम्र के थे। बीते हफ्ते हुई 29 मौतों में सें 19 मृतक इसी श्रेणी के थे और कोमार्बिड थे।





डॉ. सुंदरानी ने दी जानकारी





समिति के सदस्य डॉ. सुंदरानी ने कहा कि इसीलिए बार बार सभी को आगाह किया जाता है कि बुजुर्ग और ऐसे व्यक्ति जिन्हें किसी भी प्रकार की अन्य कोई बीमारी है उन्हें विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा और बच्चों को बुजुर्गों से दूरी रखनी चाहिए क्योंकि वे खुद अगर संक्रमित होंगे तो बिना लक्षण वाले हो सकते हैं।





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वहीं प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होने के कारण ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्ग उनसे आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि T.B. ,सांस की बीमारी,अधिकरक्त चाप, डायबिटीज ,कैंसर जैसे गंभीर बीमारी वाले व्यक्तियों के परिजनों को भी उनका ध्यान रखना चाहिए और हल्के लक्षण दिखने पर भी तुरंत कोरोना जांच कराना चाहिए। जल्दी जांच और दवाइयां समय पर मिलने से रिकवरी तेजी से होती है। ऐसे मरीजों को होम आइसोलेशन में न रख करा अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए।





CM ने दिए अधिकारियों को ये निर्देश





बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र में कोविड-19 के बढ़ते केसों को देखते हुए राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट और महाराष्ट्र बॉर्डर में कोरोना की थर्मल स्क्रीनिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।





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मुख्यमंत्री ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूर्व में जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 'जब तक हम कोरोना पर विजय प्राप्त नहीं कर लेते तब तक इससे बचने के लिए मास्क पहने, सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को धोते रहने से ही हम कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं और आगे भी इसका पालन करते हुए इसकी रोकथाम कर सकेंगे।'





रैबीज से बचाव के लिए अपील





सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बीजापुर सह नोडल अधिकारी जुनोटिक रोग डॉ. अभय प्रताप सिंह तोमर ने रेबिज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए आम जनता से अपील करते हुए बताया कि यह एक विषाणु से होने वाला संक्रमण है। जो कि अधिकतर कुत्ते के काटने या खरोंच से फैलता है, लेकिन यह कैनाईन दांत वाले जानवरों की प्रजाति में आने वाले अन्य जानवर जैसे बिल्ली, बंदर , सियार, भेड़िया , भालू , सूअर के काटने से भी होता है।





लोगों में जागरूकता का अभाव





जागरूकता के अभाव में कुछ लोग जानवरों के काटे जाने पर स्वास्थ्य केंद्र जाकर इलाज कराने में घबराते हैं, विलंब करते हैं या जड़ी- बूटी द्वारा इलाज कराते हैं, कई लोग अभी भी यह मानते हैं कि कुत्ते के काटने से 14 इंजेक्शन लगेंगे, इस भय से वे अस्पताल ही नहीं जाते जो कि उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।





भ्रम के कारण लोग कर रहे लापरवाही





वर्तमान में स्वास्थ्य संस्थाओं में इन्ट्राडर्मल पद्धति से जिसमें से 0 और 3 या 7 और 28 दिनों में वैक्सीनेशन होता है। वहीं इन्ट्रामस्क्युलर पद्धति से जिसमें 0 से 3 और 7 या 14 और 28 दिनों के निश्चित अंतराल में वैक्सीनेशन किया जाता है। अतः जनसाधारण से अपील है कि इन जानवरों के काटे जाने पर तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला चिकित्सालय में जाकर चिकित्सक से संपर्क करें। एनिमल बाइट के उपचार के लिए इन सभी केन्द्रों में एन्टी रेबिज कॉर्नर बनाए गए हैं। जहां एनिमल बाईट के प्रकरणों का निः शुल्क उपचार किया जाता है।





टीकाकरण कार्ड





इलाज के बाद मरीज को टीकाकरण कार्ड भी दिया जाता है, जिसमें अगले टीके की तिथि भी अंकित होती है। अतः आम जनसाधारण से अपील है कि टीका लगवाते समय अपने साथ टीकाकरण कार्ड अवश्य लायें। साथ ही रेबिज के सभी टीके निर्धारित समय में अनिवार्यत लगवाएं।


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