Media24Media.com: एसपी ने बच्चों को पढ़ाया संघर्ष का पाठ, कहा- सपने को पूरा करने के लिए सच्चे मन से परिश्रम जरूरी

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एसपी ने बच्चों को पढ़ाया संघर्ष का पाठ, कहा- सपने को पूरा करने के लिए सच्चे मन से परिश्रम जरूरी

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जब एसपी साहब खुद बच्चों को संघर्ष का सबक सिखाए तो, बच्चे बनेंगे ही संर्घषशील। जीवन एक संघर्ष है, इस सत्यता को हमें स्वीकारना और जीतना होगा। गरियाबंद जिले के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (SP Bhojram Patel) ने इस आशय के विचार स्कूल शिक्षा विभाग के 'पढ़ई तुंहर दुआर' के साप्ताहिक वेबिनार में खुद के जीवन संघर्ष के वृतांत बच्चों को सुनाया।





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एसपी (SP Bhojram Patel) ने कहा कि हर बच्चा अपने सपनों को पूरा कर सकता है, बशर्तें की इसके लिए हमें पूरे मनोयोग से अपने सपने को पूरा करने के लिए सच्चे मन से परिश्रम करना चाहिए। एसपी पटेल ने हवाई जहाज का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके आविष्कारक ने पक्षियों को उड़ते हुए देखा, तो उनके मन में विचार आया कि जब पक्षी उड़ सकता है तो क्यों न किसी चीज को भी उड़ाया जाए।





संघर्ष का पाठ





कल्पना शक्ति को आगे बढ़ाते हुए विज्ञान के प्रयोग के जरिए हवाई जहाज हमारे बीच आया। कल्पना करने से एक दृश्य उभर कर हमारे सामने आता है। दृश्य और कल्पना को मिलाकर एक सोच बनती है। इसी सोच को जब हकीकत में बदलने के लिए जब व्यक्ति परिश्रम करता है, तब उसे कामयाबी मिलती है।





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एसपी पटेल (SP Bhojram Patel) ने बच्चों आगे कहा कि सकारात्मक चीजों को देखकर, विचार, कल्पना शक्ति और परिश्रम से मंजिल पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई आगे बढ़ा है और बहुत कुछ अपने जीवन में हासिल किया है तो मैं क्यों नहीं कर सकता। यही सोच हम सबके दिलों-दिमाग में होनी चाहिए। सोच को पूरा करने के लिए हमें छोटे-छोटे लक्ष्य बनाने होंगे। जिस तरह छोटे-छोटे कदमों से बच्चे अपने लक्ष्य तक पहुंचते है। इसी तरह हमें भी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए रणनीति बनानी चाहिए।





निर्धारित समय पर अपने काम पूरी करने से मिलेगी संतुष्टि





एसपी (SP Bhojram Patel) ने धनुर्धारी अर्जुन के अचूक लक्ष्य का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सुभाषितानी श्लोक ने मुझे जीवन में काफी कुछ सिखाया है। हर बच्चा दिन के चैबीस घंटे को पढ़ाई, मनोरंजन, परिवार, खेल जैसे गतिविधियों पर विभाजित करें और इन निर्धारित समय पर अपने काम पूरी करें, जिससे न सिर्फ उसे संतुष्टि मिलेगी बल्कि उसे लक्ष्य भी प्राप्त होगा।





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गौरतलब है कि गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (SP Bhojram Patel) ने एसपी बनने से पहले शिक्षाकर्मी के तौर पर बच्चों को पढ़ाने का काम किया। एसपी साहब अपने काम को पूरा करने के बाद बाकी बचे समय में वेबिनार के माध्यम से स्कूली बच्चों का मार्गदर्शन और उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं।


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