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भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी पर होगी कड़ी कार्यवाही : खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल

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रायपुर। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल आज सुशासन तिहार के तीसरे चरण के गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंड में जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल हुए। शिविर में ग्राम पोंड सहित आसपास के गांव के लोगों ने अपने-अपने आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मंत्री बघेल ने शिविर में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया।

खाद्य मंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को जानना एवं उनका यथा संभव निराकरण सुनिश्चित करना है। इसी तारतम्य में समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों के गांवों के नजदीक क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार एवं अवैध लेन-देन की शिकायत प्राप्त होने पर भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। यह योजना लोगों की भलाई के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही है, जिससे उन्हें आवास की सुविधा मिल रही है। साथ ही उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है।

मंत्री बघेल ने कहा कि शासन की महती योजना प्रधानमंत्री आवास योजना से सभी पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ मिल रहा है। वहीं महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा भूमि खरीदी बिक्री के पश्चात स्वतः नामांतरण की सुविधा शुरू की गई है। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। लोगों की सुविधा के लिए जून में एकमुश्त 3 माह का चावल भी दिया जाएगा। समाधान शिविर में राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष चन्दूलाल साहू, कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, जिला पंचायत सीईओ जी.आर. मरकाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिवांगी चतुर्वेदी, जनपद अध्यक्ष छुरा श्रीमती मीरा ठाकुर, वरिष्ठ नागरिक अनिल चन्द्राकर, राजेश साहू, ग्राम पंचायत पोंड के सरपंच श्रीमती कौशिल्या कंवर सहित आसपास गांव के सरपंच एवं भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मंत्री ने गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार किट का किया वितरण

शिविर में प्रभारी मंत्री बघेल एवं विधायक ने 5 गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार किट प्रदान कर गोदभराई रस्म एवं 2 शिशुओं का अन्नप्रासन किया। साथ ही उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए ग्राम पोंड, कुटेना, फुलझर एवं मुरमुरा के सरपंच, स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छाग्राहियों एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसके अलावा हितग्राहियों को ट्रायसिकल, आइस बॉक्स सौर सुजला किट, मछली जाल जैसे सामग्री एवं राशन कार्ड का वितरण भी किया। इस अवसर पर विधायक साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में शुरू किए गए सुशासन तिहार के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सुशासन तिहार के आयोजन के निर्णय को राज्य सरकार के अत्यंत जनहितैषी एवं संवेदनशील निर्णय बताते हुए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का कारगर प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में मोदी जी की गारंटी को तत्परता से पूर्ण किया जा रहा है।

राज्यपाल डेका ने तीन गांव लिए गोद, तीन गांवों में होगा समावेशी मानव केन्द्रित विकास

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने एक नई पहल करते हुए, प्रदेश के तीन गांवों को गोद लेने का संकल्प लिया है। बेमेतरा जिले के टेमरी, गरियाबंद जिले के मड़वा डीह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सोनपुरी गांव को गोद लेने के लिए चयन किया गया है। इन गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं के हेतु समुदाय को शामिल करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की पहल की जाएगी। इसके लिए पृथक से कोई राशि का आबंटन नहीं किया जाएगा, बल्कि विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध राशि के समुचित उपयोग एवं निगरानी से ही यह कार्य किया जाएगा। गांवों को गोद लेने से सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में मानव-केंद्रितदृष्टिकोण के साथ गांवों के समावेशी विकास के उद्देश्य पर अधिक जोर दिया जा सकेगा।

राज्यपाल डेका द्वारा जिन गांवो को गोद लिया जा रहा है उनमें जल संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाना, शिक्षा ,स्वास्थ्य एवं पोषण, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, सतत् कृषि, विरासत एवं संस्कृति के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जल संरक्षण के लिए अमृत सरोवर बनाने एवं नरेगा एवं जल जीवन मिशन से कार्य कराए जाने, कैम्पा, नरेगा, वृक्षारोपण अभियान के जरिए हरित आवरण बढ़ाने, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के शाला छोड़ने की दर को कम करने के लिए स्कूलों में अभिभावकों के साथ मीटिंग करने, पुस्तकालयों में शिक्षाप्रद एवं आकर्षक पुस्तकें रखे जाने, एनसीसी, स्कूलों का जीर्णोंद्धार आदि कार्यो पर ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीणों के स्वास्थ्य की बेहतरी एव्ं पोषण के लिए टी बी उन्मूलन, स्वच्छता अभियान, आईसीडीएस, पर जोर रहेगा। ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए एनआरएलएम, स्व सहायता समूह, कौशल प्रशिक्षण, ग्रामीण उद्यमिता सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बुजुर्गों एवं दिव्यांगों की देखभाल, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा। कृषि में सुधार के लिए जैविक खेती, पारंपरिक कृषि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, विरासत और संस्कृति-स्थानीय और ग्रामीण पर्यटन, विरासत स्थल के संरक्षण हेेतु सामुदायिक प्रयास किए जाएंगे।

इसके अलावा गोद लिए गए गांवों की निगरानी समय-समय पर की जाएगी और विभिन्न परियोजनाओं के परिणाम के रूप में मापने योग्य संकेतकों का मूल्यांकन किया जाएगा जैसे भूजल स्तर में वृद्धि, हरित क्षेत्र में वृद्धि, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों में शाला छोड़ने की दर आदि। कुल मिलाकर गोद लिए गए गांव संबंधित जिला प्रशासन के लिए गांव के सामाजिक-आर्थिक और  पर्यावरणीय विकास हेतु एक समावेशी मानव केंद्रित दृष्टिकोण रखने के लिए मार्ग दर्शक के रूप में कार्य करेंगे।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में सभी राज्यपालों को प्रधानमंत्री फ्लेगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में प्रत्येक जिले के अधिकारियों के साथ चर्चा करने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी निर्देश के परिपालन में राज्यपाल डेका लगातार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर केन्द्र की फ्लेगशिप योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का फीडबैक ले रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कुछ गांवों को आदर्श गांव की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प लिया।

दो शिक्षकों को नोटिस, दो निलंबित, गुणवत्ताहीन शिक्षा के मामले में कार्रवाई

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रायपुर। शिक्षा सचिव परदेशी ने आज गरियाबंद जिले का दौरा कर स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की स्थिति का जायजा लिया। शिक्षा सचिव ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारूका एवं मालगांव के निरीक्षण के दौरान कक्षा 8वीं के छात्रों के अधिगम स्तर में भारी गिरावट और विद्यार्थियों की विषयगत समझ अत्यंत कमजोर पाए जाने पर नाराजगी जताई।

उन्होंने इसके लिए शाला के प्रधान पाठक ललित कुमार साहू (बारूका) और संकुल समन्वयक भूपेन्द्र सिंह ठाकुर (मालगांव) को पूर्ण रूप से उत्तरदायी मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। जिसके परिपालन में संभागीय संयुक्त संचालक राकेश कुमार पाण्डेय द्वारा उक्त दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया।शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारूका के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के ज्ञान का स्तर परखने के लिए उनसे सहज सवाल पूछे। शिक्षा सचिव ने पाया कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान का स्तर अत्यंत कमजोर है। 

विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती दीपा साहू एवं श्रीमती कविता साहू से भी शिक्षा सचिव ने अध्ययन-अध्यापन को लेकर सवाल किए। शाला में पदस्थ दोनों शिक्षिकाओं का शैक्षणिक स्तर संतोषजनक नहीं पाए, विद्यालय की साफ-सफाई एवं प्रबंधन की लचर स्थिति को लेकर शिक्षा सचिव ने नाराजगी जताई। शिक्षा सचिव के निर्देश पर दोनों शिक्षिकाओं को शिक्षा अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जबाब तलब किया है।

गरीबों के आवास का सपना हो रहा साकार: खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल

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रायपुर। खाद्य मंत्री एवं गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल आज जिले में गांधी मैदान स्थित मंगल भवन में आयोजित जिला स्तरीय आवास मेला कार्यक्रम में शामिल हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना से आज गरीबों के स्वयं का आवास का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार में आते ही सबसे पहला काम 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति देने का काम किया। मंत्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम में महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं राजिम विधायक रोहित साहू विशेष रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर बघेल ने जनप्रतिनिधियों के साथ पीएम आवास योजना के अंतर्गत पूर्ण आवास के 10 हितग्राहियों को चाबी एवं नये स्वीकृत आवास के 10 हितग्राहियों को स्वीकृति आदेश प्रदान किया। मंत्री बघेल ने इस मौके पर हितग्राहियों को नए मकान की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

खाद्य मंत्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा गरीबों के आवास के सपने को पूरा किया जा रहा है। मोदी द्वारा आवास देने की गारंटी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूर्ण करने के लिए संकल्पित है। इसी तारतम्य में राज्य में अधिकाधिक संख्या में नए आवासों की स्वीकृति की गई है। इससे जररूरतमंद गरीब परिवार आवास योजना से लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाये गये।

प्रभारी मंत्री ने अतिथियों के साथ बच्चों को अन्नप्राशन, हितग्राहियों को श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, स्वाइल हेल्थ कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन एवं पोषण किट आदि का वितरण किया। कार्यक्रम में पोंड निवासी श्रीमती सरस्वती कमार के नवीन घर का मॉडल बनाया गया था। अतिथियों ने मॉडल घर का फीता काटकर लोकार्पण किया। साथ ही हितग्राही को मिठाई खिलाकर नए घर की बधाई दी।

इस अवसर पर कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव, नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालिमा ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य फिरतुराम कंवर, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सोनटेके, वरिष्ठ नागरिक राजेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

 

विधायक रोहित साहू ने राजिम कुंभ कल्प मेला की तैयारियों के संबंध में ली बैठक, आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा

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गरियाबंद। राजिम विधायक रोहित साहू ने आज मेला स्थल पर 24 फरवरी माघ पूर्णिमा से आयोजित होने वाले 15 दिवसीय राजिम कुंभ कल्प मेला की तैयारियों की अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लिया जाए। मेला स्थल में हुई बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव, एसडीएम धनंजय नेताम सहित धमतरी एवं रायपुर जिले के क्रियान्वयन एजेंसी के अधिकारी मौजूद थे।

समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के मरम्मत और अस्थाई निर्माण तथा टेंट और बेरिकेड्स संबंधी समीक्षा की गई। इसी तरह पीएचई विभाग के अधिकारी ने बताया कि पाइप और शौचालय लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी को वन विभाग से समन्वय कर बांस बल्ली की आवश्यक व्यवस्था करने कहा गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी ने कहा कि स्नान कुंड बनाने का कार्य अंतिम चरण पर है। विधायक ने आयोजन के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि गरियाबंद जिले के कलाकारों को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल करे। उन्होंने प्रतिदिन होने वाले विभागीय कार्यक्रमों के बारे भी चर्चा की।

वीवीआईपी, पार्किंग, सेल्फी जोन, दाल भात केन्द्र को और अधिक बढ़ाने, लाईट व्यवस्था, नगर पंचायत राजिम के सभी मोहल्लों में लाईटिंग की व्यवस्था, साफ-सफाई, महानदी आरती, मंच, दुकान आबंटन, विभागीय स्टॉल सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन कर जानकारी ली। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को कहा कि पुलिस बल की व्यवस्था पर्याप्त कराने। इसके अलाव उन्होंने सामाजिक प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए। विधायक साहू ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला का आयोजन इस बार भव्य तरीके से किया जायेगा। इस मेले में प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रांत के दर्शनार्थी भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।


समय पर कार्य पूरा नहीं होने पर क्रेडा द्वारा जल जीवन मिशन के 234 कार्य निरस्त

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रायपुर। मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्रेडा राजेश सिंह राणा द्वारा जोनल कार्यालय, रायपुर अंतर्गत जिला रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी एवं गरियाबंद अंतर्गत क्रेडा द्वारा संचालित और क्रियान्वित जल जीवन मिशन, सौर सुजला योजना, सोलर हाई मास्ट लाईट परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में जल जीवन मिशन योजनांतर्गत कार्य को समय-सीमा में पूर्ण न कर पाने कारण 12 इकाईयों के 234 कार्य निरस्त किये गये तथा सभी स्थापनाकर्ता इकाईयों को शीघ्रातिशीघ्र संयंत्रों की स्थापना गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश दिये गये। राज्य में सौर सुजला योजना, जल जीवन मिशन, सोलर हाई मास्ट, ऑनग्रिड, ऑफग्रिड सोलर पॉवर प्लांट एवं संचालन, संधारण के अंतर्गत स्थापित और स्थापनाधीन संयंत्रों की गुणवत्तापूर्वक स्थापना सुनिश्चित करने हेतु गुणवत्ता नियंत्रण सेल का गठन किया गया। 

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, क्रेडा द्वारा सभी अधिकारियों एवं स्थापनाकर्ता इकाईयों को कतिपय कारणों से अकार्यशील सौर संयंत्रों को निर्धारित समय सीमा में सुधार कर कार्यशील करने के निर्देश दिये गये ताकि हितग्राहियों को सौर संयंत्रों का सम्पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके। बैठक में प्रधान कार्यालय के शाखा प्रमुख, जोनल एवं क्षेत्रीय कार्यालय के अभियंता तथा संबंधित जिला प्रभारियों के साथ परियोजनाओं से संबंधित सेवाकर्ता इकाई उपस्थित थे।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा योजनाओं अंतर्गत कार्य की प्रगति की जानकारी ली गई तथा जिन स्थापनाकर्ता इकाई द्वारा संयंत्रों की स्थापना में विलम्ब किया जा रहा है उनसे विलम्ब के कारणों की समीक्षा की गई। कुछ इकाईयों द्वारा परियोनाओं की क्रियान्वयन में फील्ड में आ रही कठिनाईयों से मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्रेडा को अवगत कराया गया जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा क्रेडा के जिला प्रभारियों को तत्काल संबंधित विभागो से समन्वय कर फील्ड मे आ रही कठिनाईयों को दूर करने के संबंध में निर्देश दिए गए।

सम्मेलन स्थल तक पहुंचने के लिए रायपुर पुलिस ने जारी किया संभाग अनुसार रूट चार्ट

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रायपुर। रायपुर की यातायात पुलिस ने शनिवार को नवा रायपुर में राजीव युवा मितान सम्मेलन के लिए क्षेत्रवार पहुंच मार्ग एवं पार्किंग प्लान बनाया है। इसके अनुसार बस्तर संभाग तथा जिला बालोद , धमतरी, गरियाबंद व अभनपुर क्षेत्र की ओर से आने वाले वाहन केंद्री मोड से नवा रायपुर मार्ग में मुड़कर लॉ युनिवर्सिटी से ट्रिपल आई चौक मुक्तांगन के सामने से कार्यक्रम स्थल की ओर प्रस्थान करेंगे।

                  राजीव युवा मितान सम्मेलन के लिए रूट चार्ट

बिलासपुर संभाग, सरगुजा संभाग तथा जिला महासमुंद , बलौदा बाजार व रायपुर (आरंग व खरोरा क्षेत्र) की ओर से आने वाले वाहन मंदिर हसौद से नवागांव मोड़ से नवा रायपुर में मुड़कर क्रिकेट स्टेडियम-साईं अस्पताल से दीन दयाल चौक से ट्रिपल आईटी मुक्तांगन के सामने से कार्यक्रम स्थल की ओर प्रस्थान करेंगे।

जिला रायपुर (शहर व धरसींवा क्षेत्र) की ओर से आने वाले वाहन सेरीखेड़ी ब्रिज से नवा रायपुर मार्ग होकर क्रिकेट स्टेडियम टर्निंग से सीधे राज्योत्सव मैदान कार्यक्रम स्थल की ओर प्रस्थान करेंगे।

इसी तरह से दुर्ग संभाग व राजनांदगांव संभाग की ओर से आने वाले वाहन टाटीबंध से पचपेड़ी नाका से माना बस्ती होकर तुता की ओर से राज्योत्सव मैदान की ओर प्रस्थान करेंगे।

13 पार्किंग स्थानों में बांटा गया है पार्किंग प्लान

राजीव युवा मितान सम्मेलन में शामिल होने के लिए आने वाले वाहनों के लिए क्षेत्रवार पार्किंग प्लान तैयार किया गया है। पार्किंग क्रमांक 2 में 1500 गाड़ियों की पार्किंग होगी जो  मेला स्थल परिसर के अंतर स्थित है जिसमें संपूर्ण क्षेत्र के विधायक, पदाधिकारी एवं व्हीआईपी गाड़ियां पार्क होंगी।

पार्किंग क्रमांक 3 में 300 कार पार्क होंगी जो मेला स्थल परिसर के अंदर पेवर्ड पार्किंग है जिसमें सुरक्षा, विद्युत, पेयजल, टेन्ट आदि व्यवस्था में लगे अधिकारी गणों की गाड़ियां पार्क होंगी।

पार्किंग क्रमांक 4 में 500 कार पार्क होंगी। यह पार्किंग धरनास्थल के सामने है। यहां पर रायपुर संभाग के कार एवं जीप के खड़ी होने की व्यवस्था होगी।

पार्किंग क्रमांक 5 में  तुता तालाब के किनारे बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग की 500 कारें पार्क होंगी।

पार्किंग क्रमांक 6 में पुरखौती मुक्तांगन के सामने रायपुर एवं धरसीवां क्षेत्र की 500 बसों की खड़े होने की व्यवस्था है।

पार्किंग क्रमांक 7 में पुरखौती मुक्तांगन के सामने बस्तर संभाग, धमतरी, गरियाबंद एवं अभनपुर क्षेत्र के लिए 500 बसों के लिए पार्किंग है।

पार्किंग क्रमांक 8 में पुरखौती मुक्तांगन के सामने  बिलासपुर संभाग, सरगुजा संभाग तथा जिला महासमुंद , बलौदा बाजार व रायपुर (आरंग व खरोरा क्षेत्र) की 700 बसों के खड़ी होने के लिए पार्किंग है।

पार्किंग क्रमांक 9 में निर्माणाधीन रेल्वे स्टेशन मैदान में सभी संभाग की 300 कारों के लिए पार्किंग बनाई गयी है।

पार्किंग क्रमांक 10 में कन्वेंशन सेंटर के पास समाचार चैनलों की ओबी वैन और अधिकारियों की 100 कारों के लिए पार्किंग व्यवस्था है।

पार्किंग क्रमांक 11 में माना की ओर मुख्य मार्ग किनारे दुर्ग संभाग की 400 बसों  के पार्किंग की व्यवस्था है।

पार्किंग क्रमांक 12 में ग्राम तुता मार्ग के किनारे दुर्ग संभाग की 600 कार एवं जीप पार्क होंगी।

पार्किंग क्रमांक 13 में निमोरा तालाब के किनारे बस्तर संभाग, धमतरी, गरियाबंद जिले की 500 कार एवं जीप के लिए पार्किंग बनाई गयी है।

गोबर, बांस और मोती से बने आकर्षक राखियों से सजेगी भाईयों की कलाईयां

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रायपुर। आगामी 30 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर गरियाबंद जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गोबर, बांस और मोती से निर्मित आकर्षक इको फ्रेंडली राखियां भाइयों की कलाईयों पर सजेगी। इसके लिए समूह की महिलाओं द्वारा जोर-शोर से राखियों के निर्माण लगी हुई है। राखियां निर्माण में जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से मदद की जा रही है। ताकि उन्हें त्यौहार के सीजन में बाजार की उपलब्धता करा सके

गरियाबंद जिला प्रशासन की अधिकारियों ने चर्चा के दौरान बताया कि पैरी बंधन के तहत व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिले की 13 महिला समूहों के द्वारा बांस की कलात्मक राखियां, गोबर, मोती, रत्नजड़ित राखियों का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्डों में बड़े एवं बच्चों की कलात्मक पैरी राखियां का विविध कलाकृतियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर समूह द्वारा सुंदर, आकर्षक व पर्यावरण सुरक्षित राखियों का निर्माण किया जा रहा है। समूह की महिलाओं द्वारा अब तक 7000 राखी का निर्माण किया जा चुका है। 2,235 राखियाँ विक्रय कर 26 हजार 285 रूपये आय प्राप्त कर चुका है।

समूह की दीदियां द्वारा राखी तैयार करने में अनाज, धान, चावल, दालों के अलावा कुमकुम, मौली धागा का उपयोग किया जा रहा है। समूह की दीदियों द्वारा बड़े पैमाने पर रत्नजड़ित मोती, गोबर, बांस से भी राखी बनाई जा रही है। इन राखियों की गरियाबंद सहित पद्रेश के अन्य जिलों में भी काफी मांग है। दीदियों ने इस साल लगभग 40 हजार राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है। रक्षाबंधन के बाद भाई चाहें तो बीजों से बनी राखियों को गमले में लगा सकते है। इन बीजों से निकलने वाले पौधे लंबे समय तक भाई बहन के स्नेह के प्रतीक के रूप में दिखते रहेंगे। महिला स्व-सहायता समूहों को राखी तैयार करने से लेकर बाजार उपलब्ध कराने तक में जिला प्रशासन मदद कर रहा है। इन इको फ्रेंडली राखियों की कीमत 30 रूपये से लेकर 250 रूपये तक है।

बंधन नेह का, बहनों के स्नेह का, पुनीत बंधन, बढ़ेगा गौधन, आओ बच्चों बांधे, पैरी का पवित्र रक्षा सूत्र, बच्चों का हाथ, पैरी बन्धन के साथ, मोतियों से बंधा, पैरी का अटूट बंधन, रत्नों से जड़ा, पैरी का अटूट बंधन जैसे स्लोगन के साथ इस पैरी बंधन अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन समस्त राखियों के विक्रय हेतु सी-मार्ट, जिला गरियाबंद को विक्रय केन्द्र बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार का मितानिनों के हित में अहम निर्णय, प्रतिमाह 2200 रूपए मिलेगा मानदेय’

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गरियाबंद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करने वाले मितानिनों के हित में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस संबंध में शासन से जारी आदेश के तहत मितानिनों को पूर्व में दी जा रही प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त मितानिन कल्याण योजना के अंतर्गत 2200 रुपए की राशि एक अप्रैल 2023 से प्रतिमाह मानदेय में वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

कलेक्टर आकाश छिकारा ने आज जिले के मितानिनों को आदेश की कॉपी भेंट करते हुए बधाई दी। उन्होंने मितानिनों से कहा कि राज्य सरकार द्वारा मितानिनों के हित में सराहनीय निर्णय लिया गया है। कलेक्टर ने मेहनत, लगन, निष्ठा और सेवा भाव से निरंतर कार्य करने के लिए मितानिनों को प्रोत्साहित किया। मितानिनों ने भी राज्य सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि के फैसले पर खुशी जताते हुए सरकार का आभार जताया। इस दौरान मितानिन रानू यादव, अंजना साव, नीरो पटेल, अन्नपूर्णा मानिकपुरी, रमशीला ध्रुव, रूखमणी पटेल तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. उरांव उपस्थित रहें।

गरियाबंद की मितानिन थनेश्वरी नागेश ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि सरकार के इस फ़ैसले से हमें बेहद प्रसन्नता है। 22 सौ रूपये मानदेय से हमें काम के लिए संबल मिला है। इस पहल के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया। इसी तरह मितानिन किरण सिंह ठाकुर ने मानदेय वृद्धि पर कहा कि सरकार का यह फ़ैसला हमारे हित में है। उन्होंने इस फ़ैसले के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया।

बीजापुर के मद्देड़ बफर रेंज में बाघ के खाल के साथ 10 गिरफ्तार

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बीजापुर। इंद्रावती टायगर रिजर्व में एंटीपोचिंग के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई की गई है। इंद्रावती टायगर रिजर्व बीजापुर, सामान्य वन मंडल बीजापुर और एंटीपोचिंग उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व, गरियाबंद की संयुक्त टीम ने मद्देड़ बफर रेंज में 10 आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा है। वन विभाग द्वारा वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर एंटीपोचिंग के संबंध में निरंतर कार्यवाही हो रही है। इसी क्रम में मद्देड़ बफर रेंज में भी वन विभाग की नजर ऐसे मामलों पर बनी हुई है। मामलें के मुख्य आरोपी को ग्राम कांडला से गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
                 

वन विभाग लगातार इस संबंध में मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं का अन्वेषण कर रहा था। विभाग को यह जानकारी मिली कि तंत्र विद्या के लिए कुछ लोग बाघ की खाल प्राप्त करने में लगे हुए है। इस पर 15 सदस्यों की एंटीपोचिंग टीम गठित की गई। टीम ने ट्रैक करने पर सफेद रंग की मारूति वैगन आर को रूद्रागम गांव की ओर जाते देखा। गाड़ी का पीछा किया गया। गाड़ी रूद्रागम में एक व्यक्ति के घर रूकी और कार से पांच लोग उतरे और घर में प्रवेश किया। एंटीपोचिंग टीम जब घर में पहुंची तब उन्हें एक नग बाघ का खाल मिला। इसकी लम्बाई 2.15 मीटर और चौड़ाई एक मीटर है।
                     

आरोपियों में आरती दास, विक्रम ठाकुर, प्रीतम लाल साहू, तामेश्वर जैन, काका दीपक, मनोज कुरसम, किशोर दशराहिया शामिल है। साथ ही अन्य दो आरोपी फरार है, जिनकी पतासाजी की जा रही है। यह कार्यवाही प्रधान मुख्य वन सरंक्षक व्ही. श्रीनिवास राव तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) सुधीर अग्रवाल के निर्देशन में गठित टीम द्वारा की गई। कार्यवाही के संयुक्त टीम में गंणवीर धम्मशील, उपनिदेशक इंद्रावती टायगर रिजर्व बीजापुर, वरूण जैन, उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व गरियाबंद और अशोक पटेल, वन मण्डलाधिकारी, वन मण्डल बीजापुर शामिल हैं। 

इस विशेष टीम में इन्द्रावती टायगर रिजर्व से संजय रौतिया सहायक संचालक बफर हितेश कुमार ठाकुर वन परिक्षेत्र अधिकारी फरसेगढ़, संतोष लंकन वनपाल मददेड़ बफर एवं अन्य सभी मददेड़ बफर के स्टॉफ तथा सामान्य वनमण्डल से देवेन्द्र कुमार गोंड उपवनमण्डाधिकारी बीजापुर योगेश रात्रे वन परिक्षेत्र अधिकरी भैरमगढ़ एवं उदन्ति सीतानदी टायगर रिजर्व से गोपाल कश्यप, चन्द्रबली ध्रुवे, रोहित निषाद, ऋषि धु्रव, फलेश दिवान, दिरेन्द्र धु्रव, ओम प्रकाश राव, चुरामन लाल, तारकेश्वर देवांगन, भूपेन्द्र भेड़िया, शिव शामिल है। प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ कर वन्यप्राणी अधिनियम 1972 के तहत कार्यवाही की जा रही है।

लगभग 10 लाख रूपए मूल्य के एक जिंदा पेंगोलिन तस्करी में पकड़ाए तीन आरोपी

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रायपुर। वन विभाग अंतर्गत संचालित अभियान के तहत एन्टीपोचिंग टीम उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद तथा कापसी वन परिक्षेत्र के संयुक्त टीम द्वारा विगत दिवस पखांजुर कापसी मार्ग पर माटोली चौक से आगे तीनो आरोपियों को एक जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) एवं मोटर सायकल होण्डा साईन एम.एच. 33 जेड 1757 के साथ पकड़े गए। उक्त पेंगोलिन तस्करी में दलसु पिता देवसाई, अशोक पिता पसरु पोटाई, नरेश पिता बालाजी मेश्राम जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) शामिल थे। जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) का वजन कुल 11 किलो 500 ग्राम और अनुमानितमूल्य 10 लाख रूपए है। 
                                          

यह कार्यवाही वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार विभाग द्वारा संचालित अभियान के तहत प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सुधीर अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में एवं उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद वरुण जैन और वनमंडल अधिकारी पश्चिम भानुप्रतापपुर ससिगानंधन द्वारा गठित संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर की गई। टीम द्वारा जिंदा पेंगोलिन तथा वाहन को जप्त कर तीनों आरोपियों के विरूद्ध वन अपराध अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्यवाही में एन्टी पोचिंग की टीम के नोडल अधिकारी सहायक संचालक उदंती मैनपुर गोपाल कश्यप एवं परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव घुरवागुड़ी बफर चन्द्रबली ध्रुव तथा चुरामन घृतलहरे, मार्कंडेय, ओम प्रकाश राव, रोहित निषाद, टकेश्वर देवांगन, विरेन्द्र ध्रुव, ऋषि धु्रव, फलेश्वर दीवान, लोखू, और उप वनमंडलाधिकारी कापसी पखांजूर सुरेश कुमार पिपरे एवं स्टॉफ का विशेष योगदान रहा।

बारिश के मौसम में जहरीले जीव जंतुओं से बचाव के लिए रहे सतर्क, जमीन पर सोने से बचे : कलेक्टर छिकारा

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गरियाबंद। कलेक्टर आकाश छिकारा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक ली। उन्होंने वर्तमान बारिश के मौसम को देखते हुए अत्यधिक जल भराव वाले जगहों का चिन्हांकन कर बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही वनांचलों के गांवों में रहने वाले लोगों को बाढ़ के अलावा जहरीली जीव-जंतुओं से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि बारिश के मौसम में सांप, बिच्छु एवं अन्य जहरीले कीटो का प्रकोप बढ़ जाता है।

पानी जमा होने के कारण बिलो में रहने वाले जीव-जन्तु बिल से निकलकर बाहर विचरण करने लगते है। इनसे बचाव के लिए सुरक्षित दूरी बनाये रखे। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण जमीन में सोने से बचे। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करे। कलेक्टर ने सांप, बिच्छू के काटने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क कर इलाज करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में एन्टी स्नैक वेनम उपलब्ध है। साथ ही अन्य जरूरी दवाईयां भी उपलब्ध है। जिससे मरीजों के इलाज में अव्यवस्था नहीं होगी। कलेक्टर ने जहरीले जीवों के काटने पर किसी प्रकार के झाड़-फूंक में समय व्यर्थ न करते हुए तत्काल स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेने की भी अपील जिलेवासियों से की है। बैठक में राजस्व, पुलिस, जिला सेनानी, जल संसाधन, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, वन विभाग एवं पीएचई विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

अत्यधिक जल भराव एवं बाढ़ की सूचना फोन नम्बर 07706-241288 पर देवें - जिले में बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। कन्ट्रोल रूम संयुक्त जिला कार्यालय गरियाबंद के कक्ष क्रमांक 01 में स्थापित है। जिले में कहीं भी अत्यधिक जल भराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने पर फोन नम्बर 07706-241288 पर फोन करके सूचना दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष चौबीस घंटे कार्यशील है। इसमें तीन शिफ्टों में तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष में किसी भी प्रकार के आपदा की सूचना प्राप्त होने पर समय रहते राहत की कार्यवाही की जायेगी।

कलेक्टर छिकारा ने बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बाढ़ से निपटने सभी जरूरी तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने पूर्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां जान-माल की सुरक्षा के लिए अभी से सभी तैयारियां दुरूस्त करने के निर्देश दिये। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी गांवों में शिविर एवं ठहरने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिससे आपातकालीन स्थितियों में लोगों का बचाव किया जा सके। उन्होंने जल संसाधन विभाग को बांध से नदी में जल छोड़ने की पूर्व सूचना सभी प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों व दवाईयों की उपलब्धता, डायरिया एवं मलेरिया से बचाव की दवाईयां एवं जागरूकता तथा मेडिकल टीम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीम, तैराक, नाव, टॉर्च, बूट, वाहन, लाईफ जैकेट एवं रस्सी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिल सेनानी को दिये। कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित एवं पहुंच विहीन क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में राशन भण्डारण एवं वितरण भी सुनिश्चित करने के निर्देश खाद्य विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था एवं साफ पानी के लिए आवश्यतानुसार ब्लीचिंग पाउडर की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

महासमुंद : जिले के नवनियुक्त कलेक्टर मलिक ने कार्यभार ग्रहण किया

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महासमुंद। जिले के नवनियुक्त कलेक्टर प्रभात मलिक ने आज सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने निर्वाचन शाखा के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मशीन सुरक्षा का जायजा लिया। मलिक जिला गरियाबंद से स्थानांतरित होकर यहां आए हैं। मलिक भारतीय प्रशासनिक सेवा वर्ष 2015 बैच के अधिकारी हैं।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर दुर्गेश कुमार वर्मा, एसडीएम उमेश साहू, डिप्टी कलेक्टर एवं जिला उप निर्वाचन अधिकारी श्रीमती ऋतु हेमनानी, डिप्टी कलेक्टर श्रवण कुमार टंडन, सुश्री नेहा भेड़िया, श्रीमती मिषा कोसले, वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी डी.पी. वर्मा एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।

विशेष लेख : गरियाबंद जिले के सोरिद खुर्द स्थित रमई पाठ में आज भी मौजूद हैं त्रेतायुग की निशानियां

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गरियाबंद। गरियाबंद जिले के सोरिद खुर्द (छुरा-फिंगेश्वर रोड) स्थित रमई पाठ में त्रेतायुग की अनेक निशानियां मौजूद हैं। खैर और कर्रा के पेड़ों से तैयार यहां के घने जंगल में मौजूद पहाडियां और उनसे गिरते झरने आज भी लोगों को यहां रम (रुक) जाने के लिए विवश करता है। झरन, गरगच और देवताधर पहाड़ी की विशेषाताएं आज भी क्षेत्र के घरों में माता सीता और प्रभु राम के प्रति उनकी भक्ति की कथा का गवाह रूप है।

वाल्मिकी रामायण में उल्लेखित सीता वनगमन के जंगल और पहाड़ियों पर मौजूद शिलालेख सोरिद खुर्द के रमई पाठ को रामराज्य के काल से जोड़ते हैं। किवदंती के अनुसार अयोध्या से परित्यज होने के बाद सीता माता को लक्ष्मण जी सोरिद खुर्द के जंगल में छोड़ गए थे। यहां की तीनों पहाड़ियों से घिरे एक पाठ (पठारी) क्षेत्र में माता सीता का मन रम गया और इसे रमई पाठ की पहचान मिली। कहा जाता है कि गर्भवती मां सीता यहां कुछ दिन रहे और यहीं पर माता ने पाषाण शीला से प्रभु राम की प्रतिमा तैयार करवाई और नित्य उनकी पूजा करने लगी। घरों में दादा-दादी की रामकथा में यह उल्लेख होता है कि माता की रक्षा और सेवा के लिए हनुमान जी यहां स्त्री रूप में आए।

उनकी रक्षा के लिए हनुमान उपस्थित हुए थे, वह पाताल लोक की देवी के रूप में यहां पर आकर माता की देखरेख किया था, इसलिए करीब 6 फीट ऊंची हनुमान की प्रतिमा है। यहां मौजूद राम, भगवान विष्णु, हनुमानजी, गरुड़ जी और शिव जी की पाषाण प्रतिमाएं माता सीता की भक्ति रूप को दर्शाती हैं। बताया जाता है कि छठवीं शताब्दी में यहां बिखरी प्रतिमाओं और शिलालेखों को एकत्र कर व्यवस्थित किया गया। साधु-संत, ऋषि-मुनि और तपस्वियों की जुबानी सुनी सीताराम की कथा यहां के लोगों को रमई पाठ के प्रति धार्मिक और आस्था का केंद्र बनाने में मददगार रही हैं।

यहां मौजूद प्रतिमाओं की आयु अभी तक पुराविद भी नहीं बता सके हैं। यहां एक पेड़ की जड़ के पास से निकली जलधारा आज भी अपने अविरल स्वरूप के कारण जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। लोग इसे सीता कुंड की छोटी गंगा कहते हैं। रमई माता मंदिर मुख्यतः निःसंतान महिलाओं की मनोकामना पूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। इस कारण गादी माई के नाम से भी इस स्थान की पहचान है। संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुजन यहां लोहे का बना झूला या संकल अर्पित करते हैं।

नवरात्र के मौके पर विशेष पूजा

माता के मंदिर के समीप प्राचीन हनुमान जी की प्रतिमा श्याम रंग की शिला पर है उसके आगे भैरव बाबा की प्रतिमा है। रमई पाठ को तपस्या स्थली के रूप में भी पूजा जाता है। यहां पर चैत्र-क्वांर नवरात्रि में माता को प्रसन्न करने के लिए भक्तों के द्वारा मनोकामना ज्योति जलाई जाती है। भंडारे का आयोजन किया जाता है। रमई पाठ पर माता के सम्मान में प्रतिवर्ष मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होते है।

कैसे पहुंचे रमई पाठ

यह मंदिर राजिम से 30 कि.मी की दूरी पर फिंगेश्वर से होते हुए छुरा मार्ग पर सोरिद ग्राम से 1 किमी की दूरी पर स्थित है। यह स्थान महासमुन्द से भी नजदीक है, महासमुन्द से राजिम फिंगेश्वर छुरा मोड़ मार्ग होते हुए माता के दरबार में पहुंचा जा सकता है। अब यह स्थान पर्यटन स्थान के रूप में उभरता नजर आ रहा है।

 

बाल विवाह एक सामाजिक बुराई ही नहीं अपितु कानूनन अपराध भी

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गरियाबंद। कलेक्टर प्रभात मलिक ने बाल विवाह की पूर्णतः रोकथाम के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई ही नहीं अपितु कानूनन अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वर एवं वधु के माता-पिता, सगे-संबंधी, बाराती यहाँ तक कि विवाह कराने वाले पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

इसके अतिरिक्त यदि वर या कन्या बाल विवाह पश्चात विवाह को स्वीकार नहीं करते है, तो बालिक होने के पश्चात विवाह को शून्य घोषित करने के लिए आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा है कि बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर के साथ घरेलू हिंसा में भी वृद्धि होती है। हम सभी का दायित्व है कि समाज में व्याप्त इस बुराई के पूर्णतः उन्मूलन के लिए जनप्रतिनिधियों नगरीय निकाय, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजनों से सहयोग प्राप्त कर इस प्रथा के उन्मूलन हेतु कारगर कार्यवाही किया जा सकता है।

कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि बाल विवाह के रोकथाम के लिए विशिष्ट जातियों का चिन्हांकन, ग्राम पंचायत स्तर पर विवाह पंजी का संधारण एवं पंजीयन, गांवों में कोटवारों के माध्यम से बाल विवाह को रोकने के लिए मुनादी, जिले में आयोजित होने वाले सभी ग्राम सभाओं में बाल विवाह के रोकथाम के उपाय एवं बाल विवाह के कारण महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारें में चर्चा की जाए।

ग्राम पंचायत एवं विकासखण्ड स्तरीय बाल संरक्षण समितियों के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम, प्रचार-प्रसार, सूचना तंत्र का प्रभावी होना एवं पुलिस थानों में किसी भी माध्यम से प्राप्त बाल विवाह संबंधी लिखित एवं मौखिक शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही किया जाए। कलेक्टर ने कहा है कि बच्चों के सर्वोत्तम हित में बाल विवाह की पूर्ण रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही करते हुये कार्यवाही से महिला एवं बाल विकास विभाग गरियाबंद को अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे।

आदिवासियों का हित संरक्षित करना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास परिसर में गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति भुंजिया और कमार समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के हितों का संरक्षण राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने पिछले 4 सालों में अनुसूचित जनजाति के हितों में अनेक फैसले लिए हैं।

मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चंद्राकर, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समाज के प्रतिनिधि नवतू राम, गुंजलाल कमार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सीधी भर्ती के संबंध में युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

नरवा विकास योजना के तहत बासीखाई नाला के सिंचाई क्षेत्र में हुई वृद्धि

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गरियाबंद। नदी नालों एवं जल स्त्रोतों को उपचारित कर भूमिगत जल स्तर में सुधार एवं मृदा क्षरण को रोकने के उद्देश्य से नरवा विकास योजना के तहत उपचारित बासीखाई नाला के सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि होने से अब क्षेत्र के किसान भी रबी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।

वनमण्डलाधिकारी मणिवासगन एस के अनुसार गरियाबंद वनमंडल के वन परिक्षेत्र गरियाबंद अंतर्गत बासीखाई नाला को उक्त योजना अंतर्गत उपचारित किया गया है। नाले की कुल लंबाई 8.500 कि.मी. है एवं केचमेंट एरिया 1768 हेक्टेयर है। इस नाला के उपचार हेतु कंटूरट्रेंच- 7570 नग, ब्रशवुड- 277 नग, लुज बोल्डर चेकडेम- 326, गेवियन संरचना- 8 नग, तालाब - 2 नग, क्ले डाईक- 2 नग, अर्दन गली प्लग- 21 नग कुल 8206 नग संरचनाओं का निर्माण 52.84 लाख लागत राशि से किया गया है। उपरोक्त संरचनाओं के निर्माण से 1.030 लाख घन.मी. जल भण्डार मे वृद्धि हुई है, जिससे संभावित जल सिंचाई क्षेत्र 42 हेक्टेयर तथा वनक्षेत्र में 1768 हेक्टेयर मृदा क्षरण को कम करने में सफलता मिली है।

उक्त कार्याे के माध्यम से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिला है। वन क्षेत्रों में बनाये गये विभिन्न संरचनाओं से भू-जल स्तर मे औसत 120 सेमी. वृद्धि हुई है। इसके अलावा 1.030 लाख घन मीटर संचित जल का प्रत्यक्ष लाभ वन एवं वन्य प्राणियों को भी मिल रहा है, जिससे वन्य प्राणियों को वन क्षेत्रों में भोजन एवं रहवास में सुविधा हो रही है। परिणाम स्वरूप वन्य प्राणियों का रहवास क्षेत्रो में आवागमन कम हुआ है, जिससे वन्य प्राणी - मानव द्वन्द की स्थिति न्यून हुई है। नरवा विकास योजना के तहत् नालों में वर्षाकाल का पानी संचय कर कृषक उन्नत कृषि कर आर्थिक रूप से सक्षम बन रहे है, साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को लगभग 15058 मानव दिवस रोजगार प्राप्त हुआ है।

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