Media24Media.com: पुराने कोरोना के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलता है नया स्ट्रेन, रिसर्च में खुलासा

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पुराने कोरोना के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलता है नया स्ट्रेन, रिसर्च में खुलासा

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कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचाकर रखा है। दुनियाभर के अलग-अलग कोनों से रोजाना हजारों की संख्या में कोरोना मरीजों की पहचान हो रही हैं। इसी बीच कोरोना वैक्सीन बनाने की खबर ने सभी लोगों को इस वायरस से लड़ने के लिए एक उम्मीद जगाई थी, लेकिन इस बीच कोरोना के नए कोविड स्ट्रेन(New Covid 19 Strain) की पहचान होने से लोगों की चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई है।





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बता दें कि ब्रिटेन में सामने आया कोरोना वायरस (Corona virus) का नया स्ट्रेन पूर्व वर्जन के मुकाबले 'बहुत' ज्यादा तेजी से फैलनेवाला है। यह खुलासा इम्पीरियल कॉलेज लंदन के रिसर्च में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक नई किस्म रिप्रोडक्शन या आर नंबर को 0.4 और 0.7 के बीच बढ़ाती है। ब्रिटेन का आर नंबर 1.1 और 1.3 के बीच अनुमान लगाया गया है और मामलों में कमी लाने के लिए उसे 1.0 से नीचे होना जरूरी है।





शोधकर्ताओं का दावा (New Covid 19 Strain)





शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस की दोनों किस्मों के बीच अंतर 'बहुत ज्यादा' है। उन्होंने कहा, 'ये बहुत बड़ा अंतर है कि कैसे आसानी से वायरस का नया स्ट्रेन(New Covid 19 Strain) फैल सकता है। महामारी के शुरू होने से अब तक ये वायरस में आनेवाला सबसे ज्यादा गंभीर बदलाव है।' रिसर्च में बताया गया कि नई किस्म का फैलाव इंग्लैंड में लॉकडाउन के दौरान 3 गुना हुआ। हालांकि पूर्व वर्जन के मामलों में एक तिहाई कमी आई। ब्रिटेन में कोविड-19 के मामले हाल के दिनों में तेजी से बढ़ने शुरू हुए हैं और गुरुवार को एक दिन में मामलों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई।





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शुरुआती नतीजों से संकेत मिला था कि कोरोना वायरस ज्यादा तेजी से 20 साल से नीचे की उम्र के लोगों खास कर स्कूल जानेवालों की उम्र के बच्चों में फैल रहा है, लेकिन नए रिसर्च के डेटा में बताया गया कि कोरोना वायरस की नई किस्म सभी उम्र के लोगों में तेजी से फैल रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि एक संभावित व्याख्या ये है कि शुरुआती डेटा नवंबर में लॉकडाउन के दौरान उस वक्त इकट्ठा किए गए थे जब स्कूल खुले हुए थे और व्यस्क आबादी की गतिविधियों पर पाबंदी थी।





ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने दी जानकारी(New Covid 19 Strain)





शोधकर्ताओं ने कहा है कि 'अब हम देख रहे हैं कि वायरस का नया स्ट्रेन संक्रामकता को सभी ग्रुप में बढ़ा रहा है।' ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जिम नाइस्मिथ (Oxford University Professor Jim Naismith) ने कहा कि 'मुझे नई खोज से इस बात का संकेत मिलता है कि सख्त पाबंदियों की जल्द जरूरत होगी।' उन्होंने बताया कि सरल शब्दों इसे इस तरह समझा जा सकता है कि जब तक हम कुछ अलग नहीं करते हैं, तो वायरस का नया स्ट्रेन(New Covid 19 Strain) फैलने जा रहा है, ज्यादा संक्रमण होने जा रहा है, अस्पताल में ज्यादा संख्या होने जा रही है और ज्यादा मौत होने जा रही है।





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आर नंबर लोगों का औसत नंबर है, जिससे ये समझा जाता है कि एक संक्रमित शख्स कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है। अगर नंबर 1 से ऊपर है तो महामारी बढ़ने जा रही है। रिसर्च की चौंकानेवाली बात ये थी कि इंग्लैंड में नवंबर का लॉकडाउन बहुत लोगों के लिए जरूर सख्त था मगर उससे वायरस की नई किस्म का फैलाव रुक नहीं सका। हालांकि उन पाबंदियों के नतीजे में वायरस की पूर्व किस्म के मामलों में एक तिहाई कमी आई। मगर नई किस्म के मामलों में 3 गुना बढ़ोतरी देखा गया। फिलहाल अभी स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान सख्ती वायरस के फैलाव को काबू करने के लिए काफी होगी।





ये है कोरोना के नए स्ट्रेन का नाम





कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का नाम ‘VUI 202012/01’ है। इसमें स्पाइक प्रोटीन में जेनेटिक म्यूटेशन शामिल है, जिससे आसानी और तेजी से वायरस का फैलाव हो सकता है और इस वजह से ज्यादा खतरनाक होता है। कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन 17 बार बदलाव ला चुका है जो वायरस के आकार को प्रभावित करता है।





कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण (Symptoms of new strain of corona)





वायरस की नई किस्म के आने के साथ तीन सबसे आम लक्षणों में बुखार, सूखी खांसी और गंध सहित स्वाद का क्षरण (Symptoms of new strain of corona) शामिल है, लेकिन सात अन्य लक्षण भी कोरोना वायरस की नई किस्म से जुड़े हुए हैं। लक्षणों में थकान, भूख की कमी, डायरिया, सिर दर्द, मांसपेशियों का दर्द और मानसिक भ्रम की स्थिति शामिल है।





बच्चों पर इस तरह पड़ेगा वायरस का असर (This way the virus will affect children)





वायरस के म्यूटेशन से उसका इंसानी कोशिकाओं में घुसना आसान हो गया है। जिसके कारण बच्चों को संक्रमित होने का खतरा (virus will affect children) ज्यादा है। हालांकि युवाओं को भी इसका खतरा बराबर है। कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के साथ हमें बच्चों को ज्यादा संक्रमित होते देखना पड़ सकता है। इसीलिए इस नए वायरस से बचने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है, नहीं तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है।


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