Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल…3 मकानों को किया ध्वस्त

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छत्तीसगढ़ में हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल…3 मकानों को किया ध्वस्त

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अंबिकापुर। आबादी बढ़ने की वजह से भी जंगलों में अतिक्रमण बढ़ने लगे हैं। जंगल की पूरी संरचना प्रभावित हो रही है। जंगलों में बांस और फलदार वृक्ष भी कम हो रहे हैं। अपने निवास स्थान की कमी और पेट भरने के लिए हाथी इन्सानी बस्तियों का रुख कर रहे हैं। सिमटते जंगल से हाथी और मनुष्य के बीच द्वंद्व (Elephant attack in Chhattisgarh) की स्थिति बनी हुई है।





हर दूसरे दिन गजराज के हमले से इंसानों की मौत की खबर सामने आते रहती है। वन में रहने वाले ये दंतैल अब रहवासी इलाकों में प्रवेश कर चुके हैं। हाथियों को जंगल तक ही सीमित रखने के लिए सरकार अब तक करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है। इसके बावजूद हाथियों के हमले बढ़ते जा रहे हैं।





एक बार प्रदेश के अंबिकापुर जिले में 8 हाथियों के दल (Elephant attack in Chhattisgarh) ने तीन मकानों को क्षति पहुंचाई है। वहीं वन अमला मौके पर मौजूद था और समय रहते ग्रामीणों को आंगनबाड़ी केंद्र में सुरक्षित रखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार जनपद मुख्यालय मैनपाट से महज 4 किलोमीटर दूर ग्राम बरडीह में शनिवार शाम आठ हाथियों के दलों ने अचानक धावा बोल दिया और तीन घरों को नुकसान पहुंचाया है।





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घर में मौजूद लोगों को वन विभाग ने समय रहते आंगनबाड़ी केंद्र में भेज दिया, जिससे किसी को कोई नुकसान की खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि इन 8 हाथियों के दल से एक हाथी बिछड़ गया है जो ग्राम बरिमा में जाकर फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। मामले पर मैनपाट वन क्षेत्राधिकारी फेंकू चौबे ने बताया कि नुकसान हुए घरों का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही मुआवजे की राशि पीड़ितों को दी जाएगी।


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