Media24Media.com: मध्यप्रदेश: सरकारी अस्पताल में तीन दिन में आठ बच्चों की मौत

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मध्यप्रदेश: सरकारी अस्पताल में तीन दिन में आठ बच्चों की मौत

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भोपाल: मध्यप्रदेश के शहडोल के जिला अस्पताल में दो और नवजात शिशुओं (Newborn death in Shahdol district hospital) की मौत हो गई है। पिछले पांच दिनों में इस अस्पताल में कुल आठ बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से चार बच्चे (नवजात शिशुओं) ऐसे हैं, जो मात्र दो से पांच दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती (admitted to hospital) हुए थे। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इस अस्पताल में मात्र 20 बेड हैं, लेकिन यहां 32 बच्चे इलाज के लिए भर्ती थे।





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लापरवाही के बाद भी क्लीन चिट





इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद अस्पताल की जांच करने पहुंची सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के वरिष्ठ डॉक्टर पवन घनघोरिया और सहायक प्राध्यापक डॉ. अखिलेंद्र सिंह परिहार की दो सदस्यीय टीम ने डॉक्टरों को क्लीन चिट दे दी। जांच दल ने कहा कि यहां डॉक्टर सही उपचार दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि स्टाफ-नर्स की कमी जरूर है और जगह भी कम है लेकिन इले बढ़ाना होगा।





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CMHO बोले, मौसमी परिवर्तन





सीएमएचओ डॉ. राजेश पांडे का कहना है कि हर साल इस तरह का मौसमी परिवर्तन होता है। पिछले हफ्ते निमोनिया से पीड़ित बच्चे आए थे लेकिन अब उनकी संख्या घटी है।





सात बच्चों को था निमोनिया (Newborn death in Shahdol district hospital)





अस्पताल प्रशासन ने दावा किया है मरने वाले आठ में से सात बच्चे (नवजात शिशुओं) निमोनिया से पीड़ित थे, जबकि एक बच्चे की मौत गंदा पानी पीने की वजह से हो गई थी। नवजात को डिलिवरी के दौरान गंदा पानी पिला दिया था, जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई थी। सोमवार को दो और बच्चों की मौत हो गई, इन दोनों बच्चों की उम्र तीन माह बताई जा रही है।





मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने मंगलवार को कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को बच्चों की मौत के मामले में जांच कर जल्द रिपोर्ट पेश करने के लिये कहा गया है.


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