Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, जानिए कैसे करें बचाव

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छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, जानिए कैसे करें बचाव

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में दूसरे गंभीर अपराधों के साथ ही साइबर अपराध (Cyber crime in Chhattisgarh) के मामले भी रोजाना बढ़ते जा रहे है, ऐसे में छत्तीसगढ़ पुलिस (Chhattisgarh Police) ने एक सूची जारी की है. जिसमें साइबर अपराध से बचने के तरीके दिए गए है.





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साइबर सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें





सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के लिए:-





क्या करें:-





  • अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
  • पासवर्ड को अक्षरांकीय में रखें अक्षरों/संख्याओं के साथ स्पेशल कैरेक्टर के कॉम्बिनेशन में बनाएं।
  • सोशल मीडिया के लिए बैंकिंग से अलग मोबाइल नंबर का प्रयोग करें।
  • अपने डिजिटल खातों में सिक्योरिटी प्रश्न,मोबाइल नंबर, एसएमएस अलर्ट, ऑल्टरनेट मेल आईडी अवश्य अंकित करें।
  • अलग-अलग एकाउंट के पासवर्ड अलग-अलग रखें।
  • सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल करते समय प्राइवेसी/सिक्योरिटी सेटिंग का इस्तेमाल जरूर करें और उपयोग के मुताबिक प्राइवेसी सेटिंग्स हाई रखें।
  • उपयोग नहीं होने वाले सोशल मीडिया एकाउंट को डिलीट कर दें।




क्या न करें:-





  • अलग-अलग एकाउंट्स के लिए एक ही पासवर्ड इस्तेमाल न करें।
  • परिवार की महिलाओं का फोटो,मोबाइल नंबर,ईमेल आईडी, जन्मतिथि, घर से बाहर रहने के लोकेशन भी सोशल मीडिया पर न डालें, साथ ही बैंकिंग डिटेल्स सार्वजनिक पोस्ट न करे।
  • अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
  • अपने प्राईवेट फोटो किसी के मांगने पर शेयर न करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति लड़का या लड़की/पुरुष या महिला से दोस्ती न करें और न ही स्वयं किसी को गलत मैसेज भेजें।




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मोबाइल फोन और मोबाइल बैंकिंग सुरक्षित उपयोग के लिए





क्या करें:-





  • अपना मोबाइल अपने पास रखें। खुद और सिर्फ परिवार को ही इस्तेमाल करने की अनुमति दे।
  • अपना मोबाइल फोन हमेशा पासवर्ड और पिन से सुरक्षित रखे या स्क्रीन ऑटो लॉक हमेशा ऑन रखें।
  • एन्टी वायरस और एंटी थेफ्ट एप्लीकेशन (मोबाइल चोरी होने की दशा में मोबाइल को ट्रेक करने वाला एप्लीकेशन )का उपयोग करें और उन्हें समय-समय पर अपडेट करे।
  • अपने मोबाइल का ब्लूटूथ और वाई-फाई सिर्फ आवश्यकता पड़ने पर खोलें नहीं तो बंद कर दें।
  • हाॅटस्पॉट का डिफाल्ट पासवर्ड बदल दे।
  • बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए मोबाइल बैंकिंग/भुगतान सुरक्षित ढंग से करें और कीबोर्ड वाली टाइप साइटों को ही खोले साथ ही वर्चुअल से जलचम करके ही बैंकिंग साइटों को खोले। बैंक कभी भी आपसे आपके खाते के बारे में जानकारी फोन/एसएमएस से नहीं पूछता यह घ्यान रखे।
  • अपना आधार नंबर किसी को सार्वजनिक तौर पे न बताए।
  • क्रेडिट/डेबिट कार्ड को अपनी आंख के सामने स्वाइप करें। कार्ड के पीछे सीवीवी नंबर याद करने के बाद मिटा दें।
  • किसी भी फ्रॉड ट्रांसेक्शन पर तुरंत बैंक और पुलिस को तत्काल सूचित करें।
  • अपने बैंक एकाउंट से फ्रॉड होने की जानकारी पर तत्काल संबंधित बैंक के कस्टमर केयर पर फोन कर उसे ब्लॉक करवाएं।
  • मोबाइल और सिम कार्ड के खो जाने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
  • मोबाइल खरीदने के बाद रसीद जिसमें मोबाइल का नंबर स्पष्ट अंकित हो, वो जरूर लें और संभाल कर रखें।




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क्या न करें:-





  • अपना मोबाइल किसी अनजान को इस्तेमाल करने के लिए न दें।
  • कोई संदिग्ध एप्लीकेशन को इनस्टॉल न करें ।
  • बैंकिंग डिटेल्स सार्वजनिक न करें।
  • किसी अज्ञात नंबर पर कॉल बैक करने से बचें।
  • किसी भी अज्ञात कॉल पर कोई भी व्यक्तिगत जानकारी न दें।
  • कोई भी बैंकिंग जानकारी फोन पर न दें।
  • किसी भी व्यक्ति को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए (वन टाइम पासवर्ड) को नहीं बताएं।
  • जिन स्थानों (पब्लिक प्लेस) पर फ्री वाईफाई का इस्तेमाल बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड/ई-वॉलेट से भुगतान के लिए न करें।
  • इंटरनेट बैंकिंग किसी भी साइबर कैफे से न करें, ।
  • ईनाम जीतने, नौकरी लगने, लॉटरी जीतने, इनकम टैक्स रिफंड, पेन कार्ड/आधार कार्ड अपडेट करने के लिए मेल/एसएमएस पर कभी भी कोई कदम आगे न बढ़ाएं न ही लोन या टॉवर लगवाने के नाम पर अन्य किसी झांसे में न आएं।




कंप्यूटर के सुरक्षित उपयोग के लिए





क्या करें:-





  • कंप्यूटर को अपडेट रखें, एंटीवायरस और सिस्टम फाइल को अपडेट रखें ।
  • बैंकिंग ट्रांसेक्शन करते समय ऊपर लॉक के सिंबल को देख कर ही आगे बढ़े।
  • HTTPS और SSL साइटों को ही खोले ।
  • समय-समय पर एन्टी वायरस से पूरे सिस्टम को स्कैन करें।
  • कंप्यूटर लॉगिन के पासवर्ड को मजबूत रखें।
  • वाई-फाई के डिफॉल्ट पासवर्ड को बदल दें।
  • ब्राउजर में 'सेव पासवर्ड' को जरुरत अनुसार अनचेक/चेक करें।
  • फायरवॉल को ऑन रखें।
  • ईमेल सेटिंग हमेशा जंक/स्पैम मेल फिल्टर ऑन रखें।
  • एंटीवायरस और फायरवॉल सॉफ्टवेयर को प्रयोग करे ब्राउजर या ऑपरेटिंग सिस्टम को पैच रखें।
  • बैंकिंग ट्रांसेक्शन करते समय वर्चुअल की बोर्ड और फिजिकल कीबोर्ड का मिश्रित तौर पर उपयोग करें।
  • हमेशा लाइसेंस सॉफ्टवेयर या ऑपरेटिंग सिस्टम का ही उपयोग करें।




क्या न करें:-





  • लुभावने ऑफर वाले लिंक पर कभी क्लिक न करें।
  • बिना एन्टी वायरस स्कैन किए पेन ड्राइव का उपयोग न करें ।
  • कोई भी अनजान सॉफ्टवेयर को सिस्टम में इनस्टॉल न करें।
  • समय - समय पर जरुरी फाइल्स का बैकअप ले।




ईमेल/इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के संबंध में





क्या करें:-





  • ईमेल सेटिंग में हमेशा जंक/स्पैम मेल फिल्टर ऑन रखें।
  • अज्ञात व्यक्ति से प्राप्त ईमेल या उससे जुड़े अटैचमेंट और वायरस स्कैन के बाद ही खोले।
  • ईमेल में दिए गए लिंक को क्लिक करने से पहले सावधानी पूर्वक देखकर ही खोले ।
  • फिशिंग ईमेल प्राप्त होने पर इसकी सूचना सेवा प्रदाता या पुलिस को जरुर दें।
  • अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग ई-मेल एकाउंट का उपयोग किया जाना चाहिए। जैसे-व्यक्तिगत, आधिकारिक, खरीदारी ।
  • यदि प्राप्त ई-मेल संदेहास्पद है तो ईमेल हैडर से मूल ईमेल आईडी/प्रेषक ईमेल आईडी की प्रमाणिकता की जांच करें।
  • ईमेल या वेब ब्राउजर में सेवा प्रदाता द्वारा दी गई एंटी-फिशिंग सेवा का उपयोग करें।




क्या न करें:-





  • इंटरनेट उपयोगकर्ता को अपनी व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारी जैसे- वित्तीय सूचना खाता संख्या, पिन नंबर इंटरनेट पर न बाताएं।
  • अनजाने ईमेल से प्राप्त किसी भी हाइपरलिंक को क्लिक कर नेविगेट न करें।
  • कभी भी समुद्री डाकू/मुफ्त सॉफ्टवेयर या ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग न करें। ऐसा करने से आपकी गोपनीय जानकारी और सूचनाओं की चोरी हो सकती है।





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