Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में बढ़ी एमएसपी पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या, इस साल 98 प्रतिशत से पार पहुंचने की उम्मीद

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छत्तीसगढ़ में बढ़ी एमएसपी पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या, इस साल 98 प्रतिशत से पार पहुंचने की उम्मीद

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छत्तीसगढ़: न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी पर अपनी उपज बेचने वाले किसानों की संख्या छत्तीसगढ़ (farmers selling paddy) में बीते साल के मुकाबले बढ़ी हैं, राज्य में देखा जाए तो यह आंकड़ा 94 प्रतिशत से भी ज्यादा है।





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बता दें कि छत्तीसगढ़ में बीते एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू की गई है। राज्य में इस साल धान बेचने के लिए 21 लाख 29 हजार 764 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनके द्वारा बोये गए धान का रकबा 27 लाख 59 हजार 385 हेक्टेयर से भी ज्यादा है। वहीं दो सालों में धान बेचने वाले किसानों का रकबा 19.36 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 22.68 लाख हेक्टेयर और किसानों की संख्या 12 लाख 6 हजार बढ़कर 18 लाख 38 हजार हो गई है।





इस साल 2 लाख 48 हजार 171 नए किसानों ने कराया पंजीयन





सरकारी आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 2017 में 76 प्रतिशत किसानों (farmers selling paddy) ने एमएसपी पर धान बेचा था। वहीं भूपेश सरकार के आने के बाद इसमें बढ़ोतरी देखी गई और यह आकड़ा 2018 में 92.61 और 2019 में 94.02 पहुंच गया है। वहीं प्रदेश में इस साल 2 लाख 48 हजार 171 नए किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसके बाद यह आकड़ा इस बार 98 प्रतिशत से भी पार पहुंचने की उम्मीद है।





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साल 2017-18 में छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर 56.85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। दो सालों के दौरान धान खरीदी का यह आंकड़ा 83.94 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया। इस साल धान बेचने के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या और धान की रकबे को देखते हुए समर्थन मूल्य पर बीते साल की तुलना में ज्यादा खरीदी का अनुमान है। हालांकि धान उपार्जन के लिए बारदाने की कमी महसूस की जा रही है, लेकिन सरकार की मानें तो वे इसके प्रबंध में जुटी हुई है।





17 लाख 82 हजार किसानों का ऋण माफ





वहीं सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अब तक राज्य के 17 लाख 82 हजार किसानों का लगभग 9 हजार करोड़ रूपए का कृषि ऋण माफ किया जा चुका हैं। इसी तरह 17 लाख से ज्यादा किसानों पर सालों से बकाया 244.18 करोड़ रूपए का सिंचाई कर माफ किया गया है।





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छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए 21 मई 2020 से राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ रूपए चार किश्तों में दिए जा रहे है। अब तक तीन किश्तों में किसानों को 4500 करोड़ रूपए दिए जा चुके है।





दो साल में बढ़ा खेती का रकबा





जानकारी के मुताबिक बीते दो साल में छत्तीसगढ़ में खेती का रकबा बढ़ा है, साथ ही जो लोग खेती-किसानी को छोड़ चुके थे वो लोग भी एक बार फिर खेती की ओर वापस अपना रूख कर रहे है।


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