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मरवाही में हाथियों का बड़ा झुंड, ड्रोन से गिनती में सामने आए 62 गजराज; किसानों की बढ़ी चिंता

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 गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल में हाथियों की बढ़ती मौजूदगी ने वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के झुंड की वास्तविक संख्या अब सामने आ गई है। पहले वन विभाग इस दल में करीब 55 हाथियों के होने का अनुमान लगा रहा था, लेकिन ड्रोन कैमरे से निगरानी और गिनती के बाद इनकी संख्या 62 होने की पुष्टि हुई है। हाथियों के इतने बड़े झुंड की मौजूदगी से आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।


ड्रोन कैमरे ने खोला राज, अनुमान से ज्यादा निकले हाथी

वन विभाग के मुताबिक, हाथियों का यह दल कई बार दो से तीन छोटे समूहों में बंटकर अलग-अलग स्थानों पर विचरण करता था। इस वजह से उनकी वास्तविक संख्या का सही आकलन नहीं हो पा रहा था। अलग-अलग समूहों में हाथियों की आवाजाही के कारण कभी इनकी संख्या कम तो कभी ज्यादा दिखाई देती थी।

हाल ही में वन विभाग ने ड्रोन कैमरे की मदद से इलाके का एरियल सर्वे कराया। आसमान से ली गई तस्वीरों और निगरानी के आधार पर हाथियों की सटीक गिनती की गई, जिसमें कुल 62 हाथियों की मौजूदगी सामने आई। मरवाही वन मंडल के डीएफओ एवं IFS अधिकारी कुमार निशांत ने इसकी पुष्टि की है।

खेतों में घुस रहा हाथियों का झुंड, किसानों की फसलें हो रहीं बर्बाद

मरवाही क्षेत्र में 62 हाथियों के एक बड़े झुंड की मौजूदगी किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। हाथियों का दल लगातार जंगल से लगे खेतों और कृषि क्षेत्रों में पहुंच रहा है। खेतों में खड़ी फसलें हाथियों के आहार का हिस्सा बन रही हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

एक साथ इतनी बड़ी संख्या में हाथियों के विचरण करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। किसानों को अपनी फसलों की चिंता सता रही है, वहीं हाथियों के अचानक गांवों या खेतों की ओर पहुंचने से जनहानि की आशंका भी बनी हुई है।

वन विभाग और हाथी मित्र दल अलर्ट, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील

हाथियों की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मैदानी अमले के साथ हाथी मित्र दल भी सक्रिय है। टीम हाथियों की लोकेशन, उनके मूवमेंट और संभावित रास्तों पर लगातार नजर रख रही है, ताकि ग्रामीणों को समय रहते सूचना दी जा सके।

वन विभाग का प्रयास है कि हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी तरह का टकराव न हो। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है और लोगों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने तथा उन्हें परेशान नहीं करने की सलाह दी जा रही है।

फिलहाल मरवाही वन मंडल में 62 हाथियों की मौजूदगी वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में हाथियों का यह झुंड किस दिशा में आगे बढ़ता है और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

ओमान से भारत पहुंचा महादेव सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, CM साय बोले- पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज

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 रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आरोपी की भारत वापसी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की बड़ी कामयाबी बताया है। सोमवार को दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के बाद महादेव सट्टा सिंडिकेट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार सुबह करीब 9:45 बजे नियमित कार्यक्रम के तहत रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली प्रवास के दौरान उनकी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना है। हालांकि, मुलाकातों को लेकर विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने महादेव सट्टा ऐप मामले में हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सौरभ चंद्राकर को पकड़ने के लिए CBI लगातार प्रयास कर रही थी। आखिरकार उसे भारत लाना जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता है।

ओमान में हिरासत के बाद प्रत्यर्पण, CBI की टीम भारत लेकर पहुंची

महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा सिंडिकेट के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारतीय जांच एजेंसियों ने ओमान से प्रत्यर्पित कराया है। बताया गया है कि इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की और CBI की विशेष टीम उसे भारत लेकर पहुंची।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर दो CBI मामलों में वांछित था, जिनमें आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसके खिलाफ एक मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। भारत वापसी के बाद मेडिकल परीक्षण और ट्रांजिट रिमांड की कानूनी प्रक्रिया के जरिए उसे रायपुर लाकर विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की तैयारी थी।

सट्टा नेटवर्क से लेकर हवाला कारोबार तक, जांच एजेंसियों के निशाने पर कई पहलू

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले की जांच केवल ऑनलाइन बेटिंग के संचालन तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, कथित मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला के जरिए विदेशों में रकम भेजने और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

CBI की जांच में विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से पैसों के लेनदेन और कथित तौर पर कुछ सरकारी कर्मचारियों को संरक्षण राशि दिए जाने के आरोप भी शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी।

अब सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियां सट्टा नेटवर्क के संचालन, पैसों के स्रोत, विदेशों में कथित संपत्तियों, आर्थिक लेनदेन और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती हैं। माना जा रहा है कि उसकी पूछताछ से जांच के कई अहम पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है महादेव ऐप मामला

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का मामला छत्तीसगढ़ में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में रहा है। इस प्रकरण में कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, करोड़ों रुपये के लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर लगातार जांच होती रही है।

सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे केंद्रीय एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि अब मामले से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

फिलहाल सभी की नजरें सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूछताछ और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि उसकी गिरफ्तारी के बाद महादेव सट्टा ऐप के पूरे नेटवर्क, कथित आर्थिक साम्राज्य और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां क्या नए तथ्य सामने लाती हैं।

ओडिशा में चक्रवात का खतरा

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ओडिशा और पूर्वी भारत

इस खबर में दो अलग-अलग पहलुओं को समझना जरूरी है:

  1. पहले आए चक्रवात और उसके बाद हुई बाढ़ से नुकसान।

  2. संभावित नए चक्रवात को लेकर मौसम विभाग और प्रशासन की तैयारी।

पहले चक्रवात अर्नब से कितना नुकसान हुआ?

चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल किया था। इसके बाद हुई भारी बारिश से दक्षिणी ओडिशा के कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी।

1 नवंबर तक ओडिशा सरकार के विशेष राहत आयुक्त के हवाले से जारी आंकड़े:

1,18,730- लोग प्रभावित

75,855- लोग सुरक्षित निकाले गए

75,388- हेक्टेयर फसल प्रभावित

1,672- मकान क्षतिग्रस्त

इसके अलावा:

  • 6 लोगों की मौत की सूचना दी गई।

  • 10 लोग लापता बताए गए।

  • कम से कम 10 भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।

  • लगभग 396 राहत शिविर स्थापित किए गए।

  • बिजली बहाली के लिए 6,400 से अधिक कर्मचारी लगाए गए।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कौन से हैं?
गंजाम (Ganjam)

सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल। 398 गांवों और 22 ब्लॉकों में लगभग 1.5 लाख लोगों के प्रभावित होने की रिपोर्ट है। करीब 74 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि और लगभग 1,000 मकान प्रभावित बताए गए।

कंधमाल (Kandhamal)

भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हुआ। गिड़िपाबाली गांव में मलबे ने मकानों को नष्ट कर दिया। यहां राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

गजपति (Gajapati)

प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका वाले लगभग 150 स्थानों की पहचान की और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की।

गांव पर पहाड़ का मलबा गिरा, पूरा गांव तबाह

कंधमाल और गंजाम जिले की सीमा पर स्थित गिड़िपाबाली गांव में चक्रवात के दौरान हुई लगातार बारिश से पहाड़ का भारी मलबा नीचे आ गया।

  • गांव में करीब 26 लोग रहते थे।

  • पहाड़ी से कीचड़ और पत्थरों का बड़ा हिस्सा नीचे आया।

  • कई मकान मलबे में दब गए।

  • बचाए गए कम से कम 13 लोगों को G. Udayagiri के पास राहत केंद्र में रखा गया।

  • प्रशासन के अनुसार, भूस्खलन से लापता लोगों की तलाश जारी थी।

यह घटना बताती है कि चक्रवात के दौरान केवल समुद्र तटीय क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में भी जान का खतरा बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री ने राहत पैकेज की घोषणा की

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और किसानों, मकान मालिकों तथा छोटे कारोबारियों के लिए विशेष आर्थिक सहायता पैकेज घोषित किया।

सरकार की घोषित सहायता:

प्रभावित वर्ग

    घोषित सहायता

प्रत्येक प्रभावित परिवार

    50 किलो चावल + ₹2,500

असिंचित खेत की फसल

      ₹8,500 प्रति हेक्टेयर

सिंचित खेत की फसल

    ₹17,000 प्रति हेक्टेयर

ग्रीष्मकालीन फसल

    ₹22,500 प्रति हेक्टेयर

मैदानी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त मकान

    ₹1.20 लाख

पहाड़ी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त मकान

    ₹1.30 लाख

छोटे दुकानदार/अस्थायी दुकान

       ₹10,000

बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान

        ₹25,000

सरकार ने कहा है कि अंतिम नुकसान का आकलन होने के बाद सहायता राशि में संशोधन किया जा सकता है।

इसके अलावा 2 से 4 नवंबर के बीच आठ सदस्यीय केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम ओडिशा पहुंचकर नुकसान का आकलन करने वाली है।

अब नया चक्रवात मुरासु (MURASU) कितना खतरनाक है?

IMD द्वारा चक्रवाती तूफान की पुष्टि

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 2 नवंबर सुबह 6:48 बजे जारी समुद्री बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में चक्रवात मुरासु तेज होकर गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) बन चुका था।

IMD की रिपोर्ट में दी गई स्थिति:

विवरण

    जानकारी

चक्रवात का नाम

    मुरासु (Murasu)

समुद्री क्षेत्र

    पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी

अनुमानित हवा की गति

    100–110 किमी/घंटा

तेज झोंके

       120 किमी/घंटा तक

संभावित लैंडफॉल

    2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह

संभावित क्षेत्र

    नेल्लोर से नरसापुर, आंध्र प्रदेश

संभावित समय

    रात 11:30 से सुबह 4 बजे के बीच

इसका नाम भारत ने दिया है। मुरासु का अर्थ युद्ध का नगाड़ा (War Drum) है।

चक्रवात का संभावित रास्ता

ध्यान दें: मुरासु का मुख्य लैंडफॉल ओडिशा में नहीं, बल्कि दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर होने का अनुमान था। हालांकि इसके प्रभाव से ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका है।

ओडिशा में किन तारीखों को बारिश का अलर्ट?

IMD भुवनेश्वर की 2 नवंबर की चेतावनी:

तारीख

    मौसम चेतावनी

2 नवंबर

    भारी बारिश, गरज-चमक

3 नवंबर

    बहुत भारी बारिश

4 नवंबर

    बहुत भारी बारिश

5 नवंबर

    गरज-चमक और बिजली

6–8 नवंबर

कोई चेतावनी नहीं


इसका मतलब है कि 3 और 4 नवंबर ओडिशा के लिए विशेष सतर्कता वाले दिन हैं।

ओडिशा सरकार ने क्या तैयारियां की हैं?

राज्य सरकार ने पिछले चक्रवात से हुए नुकसान को देखते हुए नई आपदा प्रबंधन तैयारियां की हैं।

  • दक्षिणी ओडिशा के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया।

  • गंजाम सहित संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

  • निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की निकासी की तैयारी की गई।

  • NDRF, ODRAF और अग्निशमन विभाग को अलर्ट पर रखा गया।

  • बिजली और संचार सेवाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

  • मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई।

  • दक्षिणी ओडिशा के कुछ जिलों में 3 नवंबर तक स्कूल और कॉलेज बंद करने की घोषणा की गई।

क्या छत्तीसगढ़ और रायपुर पर भी असर पड़ेगा?

छत्तीसगढ़ के लिए भी इस मौसम प्रणाली पर नजर रखना जरूरी है।

  • ओडिशा में भारी बारिश होने पर सीमावर्ती इलाकों में मौसम प्रभावित हो सकता है।

  • बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के मौसम पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए।

  • भारी बारिश की स्थिति में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।

  • रायपुर में बारिश होगी या नहीं, इसकी पुष्टि अलग से IMD के जिला-वार पूर्वानुमान से करनी होगी।

अभी उपलब्ध ओडिशा IMD चेतावनी के आधार पर रायपुर में चक्रवात का सीधा असर घोषित नहीं किया गया है।

आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

  1. समुद्र, नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें।

  2. प्रशासन के निर्देश पर राहत शिविरों में जाएं।

  3. पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर मकानों से दूर रहें।

  4. मोबाइल फोन चार्ज रखें और जरूरी दवाइयां साथ रखें।

  5. किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।

  6. मछुआरे समुद्र में न जाएं।

इस खबर का निष्कर्ष

इस समय ओडिशा दोहरी चुनौती से गुजर रहा है।

  • पहली चुनौती: चक्रवात अर्नब के कारण 1.18 लाख से अधिक प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास देना।

  • दूसरी चुनौती: चक्रवात मुरासु के कारण आने वाली भारी बारिश और संभावित बाढ़ से लोगों को सुरक्षित रखना।

सबसे अधिक चिंता गंजाम, कंधमाल और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की है। वहीं मुरासु का मुख्य लैंडफॉल दक्षिण आंध्र प्रदेश में अनुमानित था।

आधिकारिक अपडेट कहां देखें?

मेरी सलाह: इस खबर में सबसे महत्वपूर्ण अगले 48 घंटे हैं। विशेष रूप से 2 से 4 नवंबर के IMD अपडेट और प्रशासन की निकासी संबंधी घोषणाओं पर नजर रखें।


आज का समाचार बुलेटिन | 2 नवंबर 2026 | छत्तीसगढ़, देश और दुनिया की बड़ी खबरें

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नमस्कार! प्रस्तुत है आज सुबह का समाचार बुलेटिन। इसमें छत्तीसगढ़, देश-दुनिया, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार, बैंकिंग, रक्षा, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और मनोरंजन की प्रमुख खबरों को शामिल किया गया है।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

1. छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस का जश्न: राज्य में तीन दिवसीय राज्‍योत्सव आयोजित किया जा रहा है। नवा रायपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, सरकारी विभागों की प्रदर्शनियां और विकास योजनाओं की झलक देखने को मिल रही है।

2. आज फिर होगा एयर शो: नवा रायपुर के सेंद लेक में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर टीम का प्रदर्शन आज सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित है।

3. महादेव सट्टा ऐप मामला: सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने की खबर है। आज रायपुर की CBI अदालत में पेशी की संभावना है। यह राज्य के चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी मामलों में बड़ी कार्रवाई है।

4. छत्तीसगढ़ में न्यायिक नियुक्तियां: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए 11 न्यायाधीशों के नामों को मंजूरी दी है।

5. हॉकी में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि: पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में मेनपाट टाइटन्स ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराकर खिताब जीता।

6. कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत: राज्य सरकार द्वारा महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) 58% से बढ़ाकर 60% किए जाने का फैसला 1 नवंबर से लागू हो गया है। इससे लगभग 5.35 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।

7. आज का प्रशासनिक कार्यक्रम: रायपुर में कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग अवॉर्ड्स से जुड़ा कार्यक्रम भी आज आयोजित होना है।

8. बिलासपुर में साइबर ठगी: इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद ट्रेडिंग के नाम पर 66 लाख रुपये की ठगी की खबर सामने आई है।

देश की बड़ी खबरें

1. GST कलेक्शन में बड़ी बढ़ोतरी: अक्टूबर 2026 में GST संग्रह 22.9% बढ़कर ₹2.31 लाख करोड़ पहुंच गया। त्योहारी मांग को इसका प्रमुख कारण बताया गया है।

2. विपक्ष का प्रदर्शन: दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली हुई। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची संशोधन के मुद्दे उठाए।

3.मणिपुर में तनाव: सेनापति जिले में दो लापता कुकी युवकों के शव मिलने के बाद तनाव बढ़ने की खबर है।

4.प्रधानमंत्री की बैठक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 नवंबर को नीति आयोग के नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं। इसमें सरकारी योजनाओं और आगामी बजट की प्राथमिकताओं पर चर्चा संभावित है।

5.सुप्रीम कोर्ट का नया नियम: वरिष्ठ वकीलों द्वारा मौखिक रूप से तत्काल सुनवाई की मांग करने की प्रक्रिया को लेकर नया सर्कुलर आज से प्रभावी होने की खबर है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

1. होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव: ईरान की ओर से दो तेल टैंकरों में आग लगने की खबर सामने आई है। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका है।


2. अमेरिका में विमान हादसा: फ्लोरिडा में एक निजी जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ। विमान में सवार सभी 9 लोगों की मौत की खबर है।


3. मॉस्को में सुरक्षा अलर्ट: संभावित बड़े हमले की अमेरिकी चेतावनी के बाद रूस में एक नाबालिग की गिरफ्तारी की खबर है।

4. गाजा में हमले: गाजा में इजरायली हमलों के दौरान कम से कम आठ फलस्तीनियों के मारे जाने की खबर है।

5. भूटान में भारत का सम्मान: गेलेफू में 108 स्तूपों की प्रतिष्ठा के दौरान एक स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया गया।

अर्थव्यवस्था, कारोबार और शेयर बाजार
  • GST: ₹2.31 लाख करोड़ का अक्टूबर संग्रह भारतीय अर्थव्यवस्था और त्योहारी खपत के लिए सकारात्मक संकेत है।

  • शेयर बाजार: 2026 में निफ्टी 50 में लगभग 12% गिरावट का उल्लेख है। विदेशी निवेशकों की निकासी और महंगे कच्चे तेल को प्रमुख दबाव बताया गया है।
  • निवेश की उम्मीद: Axis AMC के फंड मैनेजर ने आर्थिक वृद्धि और कंपनियों की कमाई के आधार पर आगे बाजार में सुधार की संभावना जताई है।
  • बैंकिंग साइबर सुरक्षा: बैंक ऑफ बड़ौदा साइबर सुरक्षा पर अपना खर्च बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
  • Sebi की तैयारी: पेनी स्टॉक्स की निगरानी के लिए AI आधारित व्यवस्था लाने की योजना की खबर है।
मौसम और पर्यावरण

रायपुर का मौसम
  • अधिकतम तापमान: लगभग 30°C

  • न्यूनतम तापमान: लगभग 20°C

  • आसमान: आंशिक रूप से बादल

  • आज गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश की संभावना है।
  • IMD के अनुसार रायपुर में 2 नवंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी है।
  • 3 और 4 नवंबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
  • चक्रवात अर्नब का अवशिष्ट प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मौसम को प्रभावित कर चुका है।
  • किसानों के लिए सलाह: खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें और मौसम खराब होने पर बिजली गिरने से बचाव के लिए खुले मैदान तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

खेल जगत की खबरें

1. हॉकी में भारत की जीत: एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने मलेशिया को 4-2 से हराया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार हैट्रिक लगाई।
The Times of India

2. पीवी सिंधु की शानदार वापसी: सिंधु ने हाइलो ओपन का खिताब जीतकर इस साल अपना दूसरा खिताब हासिल किया।

3. लक्ष्य सेन बने चैंपियन: लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन फाइनल में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को हराकर खिताब जीता।

4. भारत बनाम न्यूजीलैंड: पांचवें T20 मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया। हालांकि भारत ने सीरीज 3-2 से अपने नाम की।

5. छत्तीसगढ़ हॉकी: मेनपाट टाइटन्स ने राज्य की पहली हॉकी लीग का खिताब जीता।

शिक्षा, स्वास्थ्य और विज्ञान-तकनीक
  • शिक्षा: राज्‍योत्सव में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, STEM शिक्षा और अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहलों को प्रदर्शित किया।
  • स्वास्थ्य: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लंबित प्रोत्साहन राशि और सेवा संबंधी मुद्दों को लेकर 5 नवंबर को स्वास्थ्य भवन घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है।
  • AI और बैंकिंग: सेबी द्वारा AI आधारित निगरानी से पेनी स्टॉक्स पर नियंत्रण मजबूत करने की तैयारी की खबर है।

  • डिजिटल भुगतान: RBI के रडार पर क्रिप्टो कार्ड और विदेशी वॉलेट के जरिए होने वाले भुगतान आए हैं

  • रक्षा और स्वदेशी तकनीक: नवा रायपुर में वायुसेना के स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टर और सारंग टीम के प्रदर्शन ने भारतीय एयरोस्पेस क्षमता को प्रदर्शित किया।
कृषि और ग्रामीण विकास
  1. छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना से किसानों की सिंचाई लागत कम होने और आय बढ़ने की खबर है।

  2. छत्तीसगढ़ का खैरा गांव प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत देश का पहला 100% सौर ऊर्जा वाला गांव बनने की खबर के कारण चर्चा में है।
  3. किसानों को रबी फसलों की बुआई और कटाई से पहले स्थानीय मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।

कानून, अपराध और न्यायपालिका

  • हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लिए 11 न्यायिक नियुक्तियों को मंजूरी दी है।

  • बिलासपुर साइबर फ्रॉड: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 66 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

  • सुप्रीम कोर्ट: मौखिक उल्लेख से जुड़ा नया सर्कुलर आज से प्रभावी होने की खबर है।
सिनेमा और मनोरंजन

फिल्म 'King' का पहला गाना रिलीज

शाहरुख खान के जन्मदिन 2 नवंबर पर उनकी आगामी फिल्म 'King' का पहला गाना 'मिल जाए तो' रिलीज किया गया। इसमें दीपिका पादुकोण भी नजर आ रही हैं।

  • रामायण फिल्म: रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग में लगभग ₹36.68 करोड़ की कमाई की खबर है।

    जेलर 2: रजनीकांत की फिल्म ने विश्वभर में ₹800 करोड़ का आंकड़ा पार किया है।
आज के महत्वपूर्ण कार्यक्रम और तारीखें

कार्यक्रम

        तारीख / समय

छत्तीसगढ़ राज्‍योत्सव

         1–3 नवंबर

नवा रायपुर एयर शो

        2 नवंबर, 11:30–12:30

IDBI कर्मचारियों का प्रस्तावित आंदोलन

        2–3 नवंबर

स्वास्थ्य अधिकारियों का प्रस्तावित घेराव

        5 नवंबर

प्रधानमंत्री-नीति आयोग बैठक

        5 नवंबर




आसमान से गिरा प्राइवेट जेट, सड़क पर टकराते ही बना आग का गोला; 9 लोगों की दर्दनाक मौत

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 फ्लोरिडा। अमेरिका के फ्लोरिडा में रविवार को एक दर्दनाक विमान हादसे में 9 लोगों की जान चली गई। बहामास जा रहा एक प्राइवेट जेट उड़ान के दौरान अचानक अनियंत्रित होकर रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जमीन से टकराते ही विमान में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते वह आग के विशाल गोले में तब्दील हो गया। हादसे में विमान के पायलट समेत सभी 9 लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।


टेक्सास से बहामास जा रहा था विमान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, Learjet 60 मॉडल के इस निजी विमान ने टेक्सास के ऑस्टिन-बर्गस्ट्रॉम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। इसका गंतव्य बहामास था। उड़ान के दौरान विमान अचानक नीचे की ओर गिरने लगा और दक्षिण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

विमान सड़क के पास जोरदार धमाके के साथ टकराया। इसके बाद उसमें आग लग गई और घटनास्थल से धुएं का काला गुबार उठने लगा। टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। विमान का मलबा आसपास बिखर गया और काफी देर तक आग की लपटें उठती रहीं।

कार सवारों ने कैमरे में कैद किया खौफनाक मंजर

हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विमान को तेजी से आसमान से नीचे गिरते और जमीन से टकराने के बाद आग के गोले में बदलते देखा जा सकता है। सड़क से गुजर रहे कुछ वाहन चालकों ने इस पूरी घटना को अपने कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान रिहायशी मकानों के बेहद करीब दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान सीधे किसी घर से नहीं टकराया। हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

FAA और NTSB की टीम करेगी हादसे की जांच

अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने बताया कि संघीय विमानन प्रशासन (FAA) की टीम राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) की जांच में सहयोग करेगी। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है।

ऑस्टिन-बर्गस्ट्रॉम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता जिम रेनॉल्ड्स के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान एक निजी जेट था, जिसका टेल नंबर N722BD बताया गया है। जांच एजेंसियां तकनीकी खराबी, उड़ान के दौरान आई संभावित परेशानी और अन्य पहलुओं की जांच करेंगी। विमान में सवार लोगों की पहचान भी अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।

हादसे के बाद कई घंटे तक बिजली गुल, सड़कें बंद

यह दुर्घटना पाम बीच काउंटी में मिलिट्री ट्रेल और 10वीं एवेन्यू नॉर्थ के पास हुई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पाम बीच काउंटी शेरिफ कार्यालय ने घटनास्थल के आसपास की सड़कों को दोनों दिशाओं में बंद कर दिया। लोगों से दुर्घटनास्थल से दूर रहने की अपील भी की गई।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। स्थानीय निवासी के मुताबिक, हादसे के बाद इलाके में करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।

फिलहाल जांच एजेंसियां हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर हवाई सुरक्षा और उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Diwali 2026: दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की एक साथ क्यों होती है पूजा? माता पार्वती के वरदान से जुड़ी है रोचक पौराणिक कथा

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 Diwali Lakshmi Ganesh Puja 2026: दीपावली का त्योहार मां लक्ष्मी के आगमन, सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा करने की विशेष परंपरा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धन की देवी मां लक्ष्मी के साथ बुद्धि और विवेक के देवता भगवान गणेश की आराधना क्यों की जाती है? इसके पीछे एक दिलचस्प पौराणिक कथा प्रचलित है, जिसका संबंध माता पार्वती के वरदान से बताया जाता है। आइए जानते हैं दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की संयुक्त पूजा का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी मान्यता।


दिवाली पर क्यों जरूरी मानी जाती है लक्ष्मी-गणेश की पूजा?

हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। वहीं भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, ज्ञान और विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जीवन में केवल धन-संपत्ति होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही उपयोग करने के लिए बुद्धि और विवेक का होना भी जरूरी है।

इसी मान्यता के आधार पर दीपावली की पूजा में मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश को भी स्थान दिया जाता है। भक्त मां लक्ष्मी से आर्थिक संपन्नता और भगवान गणेश से सद्बुद्धि, सफलता एवं निर्विघ्न जीवन की कामना करते हैं। मान्यता है कि धन के साथ सही निर्णय लेने की क्षमता हो, तभी जीवन में वास्तविक सुख और समृद्धि आती है।

माता पार्वती के वरदान से जुड़ी है लक्ष्मी-गणेश की कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार मां लक्ष्मी को अपने धन और ऐश्वर्य पर अभिमान हो गया था। उन्हें अपने वैभव पर गर्व होने लगा। तब भगवान विष्णु ने उन्हें समझाया कि संसार में धन और संपत्ति का महत्व जरूर है, लेकिन मातृत्व के बिना उनका जीवन पूर्ण नहीं है।

भगवान विष्णु की बात सुनकर मां लक्ष्मी दुखी हो गईं। उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि उनके पास सब कुछ होने के बावजूद मातृत्व का सुख नहीं है। मां लक्ष्मी की उदासी देखकर माता पार्वती ने अपने पुत्र भगवान गणेश को उनकी गोद में बैठा दिया।

गणेशजी को गोद में पाकर मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न हुईं। उन्होंने भगवान गणेश को अपने पुत्र के रूप में स्वीकार कर लिया। प्रसन्न होकर मां लक्ष्मी ने वरदान दिया कि जो भी भक्त उनकी पूजा करेगा, उसे भगवान गणेश की आराधना भी अवश्य करनी होगी। मान्यता है कि तभी से दीपावली पर लक्ष्मीजी के साथ गणेशजी की पूजा करने की परंपरा प्रचलित हुई।

रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ का भी है खास महत्व

भगवान गणेश की पूजा का संबंध रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ की मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है। धार्मिक परंपराओं में रिद्धि और सिद्धि को गणेशजी की पत्नियां माना जाता है। रिद्धि को धन, समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है, जबकि सिद्धि सफलता, ज्ञान और उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

इसी तरह शुभ और लाभ को रिद्धि-सिद्धि का पुत्र माना जाता है। शुभ का अर्थ मंगल, कल्याण और अच्छे कार्यों से है, जबकि लाभ का संबंध उन्नति, प्रगति और आर्थिक फायदे से है।

यही कारण है कि दीपावली के अवसर पर लोग अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पूजा स्थलों के प्रवेश द्वार पर 'शुभ-लाभ' लिखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में मंगल और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

लक्ष्मी-गणेश की पूजा देती है धन के साथ सद्बुद्धि का संदेश

दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की एक साथ पूजा करने के पीछे केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा गहरा संदेश भी छिपा है। मां लक्ष्मी धन और संपन्नता का प्रतीक हैं, तो गणेशजी बुद्धि और विवेक के। दोनों की संयुक्त आराधना यह सिखाती है कि धन कमाने के साथ उसका सदुपयोग करना भी जरूरी है।

इसी भावना के साथ दिवाली पर भक्त मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।

सारंग टीम का प्रदर्शन अनुशासन, आपसी विश्वास, टीम भावना और उत्कृष्टता का अनुपम उदाहरण : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर आज नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के रोमांचकारी हवाई प्रदर्शन की फुल ड्रेस रिहर्सल में शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जाँबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और बेहतरीन तालमेल से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा, हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।


मुख्यमंत्री साय ने भारतीय वायु सेना के जाँबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। हमारे वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है।


मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ इसी प्रकार निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जाँबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर हम एक ऐसे गौरवशाली उत्सव के साक्षी बन रहे हैं, जहाँ राज्य स्थापना की खुशियों के साथ भारतीय वायु सेना का शौर्य, अनुशासन और अदम्य साहस भी जुड़ गया है। नवा रायपुर का आसमान हमारे वायु वीरों के अद्भुत हुनर, साहस और आपसी तालमेल का गवाह बन रहा है।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब हमें भले ही सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकता है।

आकाशगंगा के जाँबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण

हवाई प्रदर्शन का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जाँबाजों ने अपने पैराशूटों को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का अद्भुत परिचय दिया।

ऊंचे आसमान से उतरते हुए स्काईडाइवर्स ने निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप अपने पैराशूटों को नियंत्रित किया तथा सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। आसमान से धरती की ओर उतरते इन साहसी जवानों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए रोमांच और उत्सुकता से भरा रहा। निर्धारित स्थान पर सफलतापूर्वक उतरते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह ने भारतीय वायु सेना के इन जाँबाजों के अद्भुत साहस और उत्कृष्ट प्रशिक्षण की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

आकाशगंगा टीम की इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता, कठिन परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने की क्षमता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।

गरुड़ कमांडोज ने दिखाया चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विशेष ऑपरेशन का कौशल

आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के पश्चात भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का साहसिक प्रदर्शन किया। हवा में एक स्थान पर स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुँचने की अपनी दक्षता का परिचय दिया।

गरुड़ कमांडोज ने हेलीकॉप्टर से उतरकर सेंध लेक के सामने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरने और निर्धारित स्थान पर ऑपरेशन को अंजाम देने की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

इस प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई, साहसिक प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने की दक्षता का परिचय मिला। दर्शकों ने कमांडोज के अदम्य साहस और अनुशासित प्रदर्शन की करतल ध्वनि से सराहना की।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों ने आसमान में रचा रोमांच, हैरतअंगेज करतबों ने थाम दीं दर्शकों की सांसें

हवाई प्रदर्शन का सबसे प्रमुख और रोमांचकारी आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और साहसिक हवाई करतब प्रस्तुत किए।

सारंग टीम के पायलटों ने अपने हेलीकॉप्टरों को अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ उड़ाते हुए अद्भुत कौशल का परिचय दिया। आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए।

प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों के बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाले रोमांचकारी 'क्रॉसओवर' करतब ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित रह गया। इस साहसिक करतब में पायलटों की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और एक-दूसरे के साथ सटीक तालमेल स्पष्ट दिखाई दिया।

सारंग टीम ने विभिन्न आकर्षक फॉर्मेशनों और रोमांचकारी मैनुवर के माध्यम से भारतीय वायु सेना की तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक उत्कृष्टता और साहसिक उड़ान कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रत्येक नई फॉर्मेशन के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया। हेलीकॉप्टरों के अद्भुत करतबों को देखकर दर्शक बार-बार तालियां बजाकर वायु वीरों का उत्साहवर्धन करते रहे।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सारंग टीम के रोमांचकारी प्रदर्शन को उत्साहपूर्वक देखा और पायलटों के साहस, अनुशासन तथा उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की।

सारंग के कॉकपिट से गूंजा 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया', दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया।

आसमान से गूंजे इस आत्मीय उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण विशेष रूप से यादगार बन गया।

तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान

हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने 'वंदे मातरम्' गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना से भर दिया।

भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा प्रस्तुत इस शानदार फॉर्मेशन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। आसमान में उड़ान भरते हेलीकॉप्टरों के अद्भुत तालमेल, तिरंगे के रंगों और देशभक्ति गीत की गूंज ने एक अविस्मरणीय दृश्य उपस्थित किया।

शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ हवाई प्रदर्शन का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप से परिचित कराया।

विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम

उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है।

सारंग टीम ने जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टीम की प्रस्तुतियां भारतीय वायु सेना की दक्षता, साहस, तकनीकी उत्कृष्टता और उत्कृष्ट समन्वय का प्रभावशाली परिचय देती रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में सारंग टीम की उपस्थिति प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव का अवसर है।

2 नवंबर को सेंध लेक में होगा सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि आज आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल के पश्चात कल 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम अपना मुख्य हवाई प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।

राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित यह रोमांचकारी आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना के अद्भुत शौर्य, साहस, अनुशासन और उड़ान कौशल को निकट से देखने का विशेष अवसर प्रदान करेगा। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों से यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाएगा।

इस अवसर पर खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  धरमलाल कौशिक, कौशल्या साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, भारतीय वायु सेना के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

कांग्रेस पार्टी पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती है - अरुण साव

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 रायपुर। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें तो सिर्फ एक परिवार के उत्सव से मतलब है। जब छत्तीसगढ़ की जनता राज्य स्थापना दिवस का उत्सव मना रही है, तब कांग्रेस दिल्ली में एक परिवार को बचाने के लिए रैली निकाल रही है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस के लिए गांधी परिवार ही सर्वोपरि है, देश और प्रदेश नहीं।


उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। पूरी दुनिया जब युद्ध की विभीषिका से गुजर रही है, तब भारत तेजी से विकसित देश की ओर अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की 5 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जो पहले 10 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भी नहीं था। प्रधानमंत्री जी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा करने का जो संकल्प लिया है, वही संकल्प कांग्रेस को चुभ रहा है। आज पूरी दुनिया में भारत की आवाज गूंज रही है।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की आदत बन गई है कि वह हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाती रहती है। चाहे चुनाव आयोग हो, ईडी हो, सीबीआई हो या न्यायपालिका, जब भी कांग्रेस के खिलाफ फैसले आते हैं तो वह सभी संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर देती है। लोकतंत्र पर खतरा कांग्रेस की हार से नहीं, बल्कि कांग्रेस की सोच से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र पूरे देश ने देख लिया है। जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीत जाती है, वहां चुनाव आयोग अच्छा काम करता है और ईवीएम ठीक रहती है, लेकिन जहां हार जाती है, वहां चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है और कहती है कि कोई भी बटन दबाओ वोट भाजपा को ही जाता है। यह हार की हताशा के अलावा कुछ नहीं है। जनता ने इन्हें नकार दिया है, इसलिए ये अब ईवीएम और चुनाव आयोग को कोस रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है, जो पूरे देश में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ चुनाव संपन्न कराती है। चुनाव आयोग पर आरोप लगाना सीधे-सीधे लोकतंत्र और बाबा साहेब द्वारा बनाए गए संविधान का अपमान है। कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि झूठे आरोपों से न तो जनता भ्रमित होने वाली है और न ही लोकतंत्र कमजोर होने वाला है।

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