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अलग-अलग राज्यों में भीषण सड़क हादसा, 12 लोगों की मौत

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देश में सड़क दुर्घटना (Road accident increased in India) लगातार बढ़ता ही जा रहा है। देश के अगल-अलग राज्यों में हुए भीषण सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है। पहला मामला हरियाणा के गुरुग्राम जिले का है, जहां एक कार को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार चकनाचूर हो गई और उसमें सवार ब्रांच मैनेजर समेत 5 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब पांचों दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित एक होटल में मैनेजर का बर्थडे सेलिब्रेट करके वापस रूम पर लौट रहे थे। फिलहाल बिलासपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक मानेसर IMT स्थित सोम लॉजिस्ट कंपनी में कार्यरत भारत भूषण, चंद्रमोहन (उम्र 25) निवासी हांसी हिसार, संदीप (उम्र 23) निवासी कैथल, प्रवीण शर्मा (उम्र 29), आशीष (उम्र 24) पांचों गाजियाबाद में बतौर ब्रांच मैनेजर कार्यरत चंद्रमोहन की बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट कर गाजियाबाद से कार में सवार होकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बिलासपुर थाना क्षेत्र के बिनोला गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई और उसमें सवारों पांचों युवक बुरी तरह फंस गए। 

हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें कार से निकालने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उसके बाद कटर की मदद से कार के हिस्से को काटा गया और फिर पांचों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने पांचों को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। ये सभी राजस्थान नंबर की गाड़ी में सवार थे। 

22 मार्च को होने वाली थी संदीप की शादी

मरने वालों में शामिल संदीप की इसी महीने 22 मार्च को शादी थी। जबकि प्रवीन और चंद्रमोहन की पहले ही शादी हो चुकी है। मरने वाले आशीष और चंद्रभूषण दोनों अविवाहित थे। गाड़ी को आशीष चला रहा था। बिलासपुर पुलिस पूरे मामले की कार्रवाई में जुटी है। 

4 डिलीवरी बॉय की मौके पर ही मौत

दूसरा हादसा भी हरियाणा के गुरुग्राम में हुआ है, जहां तेज रफ्तार लग्जरी कार ने गोल्फ कोर्स रोड पर 2 बाइक पर सवार स्विगी के 4 डिलीवरी बॉय को टक्कर मार दी। इस हादसे में चारों की मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने कार के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक चारों युवक DLF फेस-1 से चक्करपुर की ओर जा रहे थे। मरने वालों में 2 युवक बिहार, एक उत्तराखंड और एक मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। गुरुवार को चारों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया। 

पुलिस के मुताबिक बिहार के रहने वाले जितेंद्र मंडल और रजनीश मंडल, उत्तराखंड के गोपाल सिंह अधिकारी और मध्यप्रदेश के गोविंद एक रेस्टोरेंट से लौट रहे थे। उसी समय पीछे से आई कार ने उनकी बाइकों को टक्कर मार दी। पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार ड्राइवर ने शराब तो नहीं पी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

3 चचेरे भाइयों की मौत 

तीसरा हादसा जयपुर-आगरा हाईवे के पास हुआ है, जहां लोक परिवहन की बस ने बाइक सवार तीन चचेरे भाइयों को रौंद दिया। बस तीनों को 50 फीट तक घसीटती ले गई, जिसकी वजह से मौके पर ही तीनों ने दम तोड़ दिया। शादी समारोह में शामिल होकर सभी अपने गांव लौट रहे थे। मरने वालों में पावटा (तुंगा) निवासी पंकज बैरवा (उम्र 20), हीरालाल बैरवा (उम्र 28) और अजय बैरवा (उम्र 18) शामिल हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस तेज रफ्तार में आ रही थी। बाइक सवार दौसा से बस्सी की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने अचानक से स्पीड कम की और राइट टर्न लेने की कोशिश की। इसी बीच पीछे से आ रही बस ने उन्हें टक्कर मार दी। 

टक्कर लगते ही एक बाइक सवार उछलकर सड़क पर जा गिरा। इसके बाद बस तीनों को घसीटती हुई डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। बस्सी पुलिस ने बताया कि हीरालाल बैरवा के साले की दौसा में शादी थी। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर दौसा से पावटा लौट रहे थे। लोगों ने बताया कि बस भी ओवर स्पीड में थी और बाइक सवार ने भी अचानक से ब्रेक लगा दिया था, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ। युवकों के चिथड़े उड़ गए। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। लोगों ने बताया कि मोहनपुरा पुलिया के पास पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। मुख्य सड़क पर बनाए गए डिवाइडर के कारण यहां पर सड़क हादसे होते हैं।

4 अलग-अलग राज्यों में भीषण सड़क हादसा, SI समेत 14 लोगों की मौत, कई घायल

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देश में सड़क दुर्घटना (Road accident increased in india) लगातार बढ़ता ही जा रहा है। देश के 4 अगल-अलग राज्यों में हुए भीषण सड़क हादसे में SI समेत 14 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई घायल है। पहला हादसा झारखंड के रांची-पटना फोरलेन पर हुआ है, जहां ट्रेलर ने 6 से ज्यादा वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है और 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। 

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक रांची पटना फोर लेन पर एक बड़े ट्रक ने कई वाहनों को अपने चपेट में लिया। इस दुर्घटना में 4 लोगों की मौत होने की सूचना है। रामगढ़ थाना क्षेत्र में ये एक्सीडेंट हुआ है। वहीं हादसे की वजह से सड़क पर लंबा जाम लग गया था। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हरियाणा से आ रही ट्रक ने बोलेरो, कार और बाइक समेत कई वाहनों को टक्कर मारी है। इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं।  

MP में पिकअप पलटने से चार की मौत

वहीं मध्यप्रदेश के शिवपुरी के गोरा टीला के पास एक पिकअप वाहन पलट गई, जिसमें सवार चार मजदूरों की मौत हो गई है। जबकि 15 मजदूर घायल है। घायल मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि ये मजदूर एक पिकअप वाहन में सवार होकर रात के समय कोलारस आ रहे थे, तभी यह वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि मृतक और घायल मजदूर लोडिंग में बैठकर जा रहे थे। सभी पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। यह मजदूर शिवपुरी के गोरा टीला के पास चल रहे सड़क निर्माण में लगे हुए थे। मृतक मजदूरों के परिवार के लोगों को जानकारी दे दी गई है।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर 4 की मौत

इधर, पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। 8 घायलों में से तीन की हालत गंभीर है। खंडाला घाट के खोपोली एग्जिट पर हुए इस हादसे में एक साथ 6 गाड़ियां आपस में टकराई हैं। ट्रक और कंटनेर के बीच एक कार चपटगई और सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई।

ट्रक ने कई गड़ियों को रौंदा

हाईवे पुलिस के मुताबिक दुर्घटना सुबह 6.40 बजे एक्सप्रेसवे पर पुणे से मुंबई की ओर जाने वाली लेन में हुई है। इस हादसे में दो ट्रक, एक कंटनेर, दो कार और एक टेम्पो आपस में टकराए हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और सभी गाड़ियों को किनारे कर एक घंटे तक बंद रहे रूट को चालू करवाया। इस दुर्घटना में गौरव खरात (36), सौरभ तुलसी (32), सिद्धार्थ राजगुरु (31) और एक अन्य की मौत हुई है।

 रायगढ़ जिले के खोपोली इलाके में हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक तेज रफ्तार से आते हुए ट्रक के ड्राइवर ने ब्रेक फेल होने की वजह से अचानक संतुलन खो दिया और यह ट्रक कई वाहनों से जाकर टकरा गया। धीमी  ट्रैफिक की वजह से मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर कई गाड़ियां फंसी हुई थीं। ऐसे में पीछे से आते हुए ट्रक ने आगे चल रही गाड़ियों को टक्कर मार दी। ये दुर्घटना महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खोपोली इलाके में हुई है।

SI और उनकी मां की मौके पर मौत 

इधर, उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एक बड़े हादसे में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में तैनात पुलिस SI के साथ ही उनकी मां की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक हादसा जयसिंहपुर इलाके में हुआ और कंटेनर में कार घुसने से गोमतीनगर थाना के सब इंस्पेक्टर मनीष कुमार वर्मा (उम्र 40) और उनकी मां चंद्रावती (उम्र 70) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि  हादसे में मनीष की पत्नी जया, बच्ची, भाभी और दो भतीजी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

SI मनीष के सहयोगियों ने दी जानकारी

SI मनीष के सहयोगियों ने बताया कि मनीष सोमवार को सिर्फ ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए आ रहे थे। मनीष कुमार अंबेडकर नगर के बसखारी के भिटोरा रहने वाले थे और 2015 बैच के पुलिस अफसर थे। वर्तमान में वे गोमतीनगर थाने के विरामखंड बीट के प्रभारी थे और  छुट्टी पर अपने गांव गए थे। जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह SI मनीष वर्मा पैतृक घर से मां चंद्रावती, पत्नी जया, बेटी, भाभी और दो भतीजियों के साथ कार से लखनऊ के लिए निकले थे। वे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते आ रहे थे और मनीष कार चला रहे थे। 

हादसे की वजह से लग गया था लंबा जाम

वहीं एक्सप्रेस-वे पर जयसिंहपुर के सारंगपुर के पास करीब 10 बजे कार अनियंत्रित होकर आगे जा रहे कंटेनर में जा घुसी और इस टक्कर में कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही मनीष और उनकी मां की मौत हो गई। जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि मनीष वर्मा और मां चंद्रावती की मौके पर ही मौत हो गई थी और बाकी सभी लोग कार में फंसे हुए थे। किसी राहगीर ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इस हादसे के कारण ट्रैफिक जाम लग गया था और क्रेन की मदद से कार को सड़क से हटाने के बाद यातायात सामान्य किया जा सका।

सालाना डेढ़ लाख लोगों की मौत

बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है।

सड़क हादसों से हर 4 मिनट में एक मौत

रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।' 

रिपोर्ट: सड़क के गड्ढे बने लोगों के लिए काल, सिर्फ साल 2020 में हुए 3 हजार 564 हादसे

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सड़कों में बने गड्ढे लोगों के लिए काल बनते जा रहे हैं। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसद को बताया कि साल 2020 में गड्ढों के कारण देश में कुल 3 हजार 564 सड़क हादसे हुए हैं। हालांकि हादसे बीते पांच सालों में सबसे कम बताई गई हैं। 2016, 2017, 2018 और 2019 में गड्ढों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या क्रमशः 6424, 9423, 4869 और 4775 थी। गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने चार कारकों के आधार पर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को संबोधित करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति बनाई है, जिसमें शिक्षा, सड़कों और गाड़ियों दोनों की इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट और आपातकालीन देखभाल शामिल है।


साल 2019 में हुई कुल हादसों के बारे में बताते हुए गडकरी ने कहा कि आंकड़े 4 प्रतिशत घटकर 4,49,002 हो गए हैं। इनमें से, ओवरस्पीडिंग के कारण 3,19,028 दुर्घटनाएं हुईं, जबकि नशे में गाड़ी चलाने-शराब और ड्रग्स का सेवन करने से 12,256 दुर्घटनाएं हुईं। 2019 में गलत साइड-लेन अनुशासनहीनता, लाल बत्ती कूदने और मोबाइल फोन के इस्तेमाल के कारण दुर्घटनाओं की संख्या 24,431 थी; क्रमशः 4,443 और 10,522।

सड़क दुर्घटनाओं का कारण 

दुर्घटनाओं के कारणों के बारे में बात करते हुए मंत्री ने बताया कि ऑटोमोबाइल डिजाइन, अधिक गति, मोबाइल फोन का उपयोग, शराब के नशे में गाड़ी चलाना- शराब- नशीली दवाओं का सेवन, ओवरलोड वाहन, वाहनों की स्थिति और खराब रोशनी जैसे कई कारण हो सकते हैं। इनके अलावा अन्य फैक्टर्स में लाल बत्ती जंप करना, ओवरटेक करना, नगर निकायों की उपेक्षा, मौसम की स्थिति, चालक की गलती, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, सड़क की स्थिति में खराबी, मोटर वाहन की स्थिति में खराबी, साइकिल चालक की गलती और पैदल यात्री की गलती शामिल हैं।

गडकरी ने दी जानकारी

गडकरी ने संसद को बताया कि योजना के स्तर पर सड़क सुरक्षा को सड़क डिजाइन का एक अभिन्न अंग बना दिया गया है और उनके मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट या दुर्घटना संभावित स्थान की पहचान और सुधार को उच्च प्राथमिकता दी है। मंत्री ने बार-बार सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में बताया और ओईएम से अपने वाहनों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से मेल खाने के लिए डिजाइन करने का भी आग्रह किया।

नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा सड़क हादसा

भारत में सुरक्षित यात्रा करने के लिए भारत सरकार ने लोगों की जीवन सुरक्षा के लिए यातायात के नियम ( Traffic rules) बनाए हैं, जिन नियमों का पालन करना हर भारतीय का परम कर्तव्य है, लेकिन वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि इन्हीं यातायात के नियम की अनदेखी के कारण हुआ है।

यातायात के नियम

गति सीमा में चलना (Speed Control)

सड़क पर गाड़ी चलाने के लिए गाड़ी की एक गति सीमा निश्चित की जाती है, जिसके अंदर के ही रफ्तार से गाड़ी चलाना होता है, जैसे कई जगहों पर लिखा होता है 40 KM प्रति घंटा यानि वाहन की गति 40 के आस-पास ही होना चाहिए।

यातायात सिग्नल को फालो करना (Traffic Signal)

गाड़ी चलाते समय Traffic Signal का पालन करना बहुत ही आवश्यक होता है यानी हर रोड, हर चौराहे, हर गली, हर मोड़ के लिए Traffic Signal बने होते है, जिन्हें हर किसी को फालो करना चाहिए। सबसे ज्यादा तो लाल, पीला और हरे रंग के Traffic Signal होते है, जिनका लाल से मतलब रुकना, पीले सिग्नल से वाहन धीरे करते हुए रोक जाना, और हरे रंग के सूचक से चलना होता है। इन Traffic Signal को हर किसी को पालन करना चाहिए।

एकल मार्ग (One Way)

सड़कों में आने और जाने के लिए दो अलग-अलग रास्ते बने होते है, जिनमें एक तरफ से जाने के लिए तो दूसरी तरफ आने के लिए रास्ते बने होते हैं इसलिए जो रास्ते जिधर जाने के लिए बने हो उसी रास्ते के हिसाब से गाड़ी चलाना चाहिए।

ओवरटेक से बचे (Overtake the vehicle)

हर किसी को अपने गन्तव्य स्थान पर जल्दी पहुंचने की होड़ लगी रहती है, जिससे हर कोई गाड़ी की स्पीड अत्यधिक और ओवरटेक करना पसंद करते है जब भी वाहन चलाते समय किसी दूसरे वाहन से आगे निकलने की होड़ में एक दूसरे को टक्कर दे सकते है, ऐसे में जब भी बिना सिग्नल लिए बगैर कभी भी गाड़ी को ओवरटेक नहीं करना चाहिए

सुरक्षित यु टर्न लेना ( U-Turn With Safety)

अगर आप गाड़ी चलाते समय U-Turn लेना चाहते है तो थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है तो ऐसे अगर यु- टर्न लेना चाहते है तो सबसे पहले अपनी वाहन सड़क के एकदम किनारे धीमा करके पीछे देखे की कोई दूसरी गाड़ी तो नहीं आ रही है. सबकुछ क्लियर होने के बाद ही अपना वाहन फिर से U-Turn ले। आपकी थोड़ी से सक्रियता बड़े से हादसे आपके साथ दूसरों का भी जान बचा सकती है।

जल्दबाजी नहीं आराम से निश्चित गति सीमा में वाहन चलाना

सावधानी हटी दुर्घटना घटी, ऐसे में कही भी यात्रा करने के लिए एक निश्चित रफ्तार के साथ ही गाड़ी चलाए और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि ये जीवन अनमोल है जो अपनी सुरक्षा के प्रति परवाह करता है वह अपने परिवार की भी परवाह करता है। इसके अलावा यातायात के इन छोटे-छोटे नियमों पर भी ध्यान देना चाहिए।

यातायात के महत्वपूर्ण नियम (Very important Traffic Rules)

  • एम्बुलेंस को पहले रास्ता दे।
  • गलत तरीके से या निषेध जगह पर वाहन पार्किंग न करें।
  • वाहन चलाते समय दूसरे वाहन से रफ्तार की कॉपीटीशन न करें।
  • बिना कारण हॉर्न न बजाये।
  • Traffic Signal के मुताबिक गाड़ी चलाए।
  • गाड़ी चलाते समय हाथ के सिग्नल का भी उपयोग करें।
  • निश्चित और नियंत्रित गति से ही वाहन चलाए।
  • चौराहे, यु-टर्न, भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ी धीमी गति से ही चलाए।
  • सीट बेल्ट, हेलमेट का उपयोग जरुर करें, ये सभी चीजे हमारी सुरक्षित यात्रा के लिए ही बने होते है।
  • अपने वाहन से कही की भी यात्रा करने से पहले अपने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के जरुरी कागजात अपने साथ जरुर रखें।
  • सुरक्षित यातायात के लिए हमेशा ISI मार्क का हेलमेट ही उपयोग करें।
  • वाहन सुरक्षित रूप से चलाए और राहगीरों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में चौकन्ने रहें।
  • ड्राइविंग करते समय आगे वाले वाहन से उचित दूरी बनाए रखें।
  • ड्राइविंग करते समय अपने पीछे वाले वाहन की स्थिति जानने के लिए रियर व्यू मिरर का इस्तेमाल करें।
  • हमेशा सड़क जेब्राकॉसिंग से ही पार करें।
  • हाईवे पर मिलने से पहले एक बार रूक कर दाएं देखकर ही मिले।
  • सुरक्षित यातायात के लिए ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
  • ट्रैफिक सिग्नल न तोड़े।
  • शराब पीकर या अन्य नशा कर ड्राइविंग न करें।
  • कम उम्र के बच्चे को ड्राइविंग के लिए प्रोत्साहित न करें।
  • बच्चों को सड़क पर खेलने के लिए अनुमति न दें।
  • दुपहिया वाहन पर तीन व्यक्ति न बैठाएं।
  • लालबत्ती को पार न करें।
  • स्कूल बस और आटो वेन जैसे गाड़ियों में क्षमता से ज्यादा न बैठाएं।
  • थकान या तनावग्रस्त होने पर ड्राइविंग न करें।
  • अवैध यात्री वाहनों में यात्रा न करें।

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