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Mahakumbh 2025 : एकता का महायज्ञ संपन्‍न हुआ, 140 करोड़ देशवासियों की आस्‍था एक साथ, महाकुंभ के समापन पर पीएम मोदी

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Mahakumbh 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ पर एक भावपूर्ण ब्लॉग पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने इसे "एकता का भव्य उत्सव" बताया है। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की भक्ति और भागीदारी की गहरी प्रशंसा की, जिन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक सफलता बनाने के लिए एक साथ मिलकर काम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतिबिंब बताया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे समाज के सभी वर्गों के लोग आस्था और भक्ति में एकजुट हुए।


महाकुंभ पर प्रधानमंत्री मोदी का चिंतन

"महाकुंभ संपन्न हो गया है। एकता का भव्य उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। प्रयागराज में 45 दिनों तक जिस तरह से 140 करोड़ भारतीयों की आस्था इस पवित्र आयोजन से जुड़ी रही, वह वाकई अभिभूत करने वाला है! महाकुंभ के समापन पर मैंने अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोने की कोशिश की है।" उन्होंने आगे बताया कि किस तरह इस आयोजन ने "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" के दृष्टिकोण को मूर्त रूप दिया और लाखों श्रद्धालुओं पर इसका अमिट प्रभाव पड़ा।

"इस महाकुंभ में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ आए। एकता का यह अविस्मरणीय नजारा करोड़ों भारतीयों के लिए आत्मविश्वास का पर्व बन गया। इस पर्व को सफल बनाने में लोगों के प्रयासों, समर्पण और दृढ़ संकल्प ने मुझे बहुत प्रभावित किया है।"

प्रार्थना के लिए सोमनाथ की यात्रा

महाकुंभ के समापन के बाद, पीएम मोदी ने 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर की अपनी यात्रा की घोषणा की। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए सभी भारतीयों की भलाई और एकता के लिए प्रार्थना करने की इच्छा व्यक्त की।

"मैं प्रार्थना करने के लिए बारह ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम सोमनाथ जाऊंगा। मैं अपनी भक्ति की भेंट चढ़ाऊंगा और प्रत्येक भारतीय के लिए प्रार्थना करूंगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे देश के लोगों के बीच एकता का यह शाश्वत प्रवाह निर्बाध रूप से जारी रहेगा।"

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 ने एक बार फिर भारत की समृद्ध परंपराओं, गहरी आस्था और सामूहिक भावना को प्रदर्शित किया है, तथा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत किया है।

महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में भीड़ नियंत्रित करने के लिए वाहनों के प्रवेश पर रोक

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 MahaKumbh 2025 : महाशिवरात्रि और महाकुंभ पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार को शाम चार बजे से मेला क्षेत्र और शाम छह बजे से कमिश्नरेट प्रयागराज को “नो-व्हीकल जोन” घोषित किया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस निर्णय का पालन करते हुए सुचारू यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधा में सहयोग करें।


एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से प्रशासन ने प्रवेश मार्गों के अनुसार स्नान घाटों का निर्धारण किया है। इसके अंतर्गत झूसी से आने वाले श्रद्धालु दक्षिणी झूसी के श्रद्धालु संगम द्वार ऐरावत घाट पर स्नान करेंगे। वहीं, उत्तरी झूसी के श्रद्धालु संगम हरिश्चंद्र घाट एवं संगम ओल्ड जीटी घाट का उपयोग करेंगे।

बयान के मुताबिक, परेड क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार भरद्वाज घाट, संगम द्वार नागवासुकी घाट, संगम द्वार मोरी घाट, संगम द्वार काली घाट, संगम द्वार रामघाट और संगम द्वार हनुमान घाट पर स्नान करेंगे। मेला प्रशासन के अनुसार, अरैल क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार अरैल घाट पर स्नान करेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने प्रवेश मार्ग के निकटतम घाट पर स्नान करें ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।

हालांकि, मेला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यातायात प्रतिबंधों के बावजूद, दूध, सब्जी, दवा, पेट्रोल/डीजल की आपूर्ति, एंबुलेंस और सरकारी सेवाओं (पुलिस, डॉक्टर, प्रशासन) से जुड़े वाहनों के आवागमन पर कोई रोक नहीं रहेगी। इन आवश्यक सेवाओं के निर्बाध संचालन की व्यवस्था की गई है।

पांटून पुलों का संचालन भीड़ के अनुसार होगा। भीड़ नियंत्रण के लिए सभी पांटून पुलों का संचालन श्रद्धालुओं की संख्या और दबाव के आधार पर किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ हो जाती है तो प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए जाएंगे। 

Mahakumbh 2025: कल मंत्री-विधायकों के साथ प्रयागराज जाएंगे CM साय, संगम में लगाएंगे डुबकी

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 Mahakumbh 2025: तीर्थनगरी प्रयागराज में महाकुंभ का भव्य आयोजन हो रहा है. जहां अब तक करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके है. वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय, मंत्री-विधायकों के साथ अक्ल 13 फरवरी को प्रयागराज जाएंगे और गंगा में आस्था की डुबकी लगाएगी.


सीएम विष्णु देव साय, मंत्री-विधायकों के साथ 13 फरवरी को प्रयागराज जाएंगे. वहीं मुख्यमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर मिनट 2 मिनट कार्यक्रम जारी हुआ है. इसके तहत मुख्यमंत्री विष्णु सुबह 8.25 को रायपुर एयरपोर्ट से प्रयागराज के लिए रवाना होंगे. फिर सीएम प्रयागराज एयरपोर्ट से सीधे अरेल घाट जाएंगे. अरेल घाट में गंगा स्नान कर सीएम साय पूजा पाठ करेंगे. अरेल घाट से सीएम छत्तीसगढ़ पवेलियन के लिए रवाना होंगे.

छत्तीसगढ़ पवेलियन भी जाएंगे CM साय

इसके बाद छत्तीसगढ़ पवेलियन जाकर सीएम साय अलग-अलग विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण करेंगे. इसके बाद सीएम विष्णु देव साय सहित सभी मंत्री और विधायक भोजन भी करेंगे.

बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार किया गया है. जिसमें राज्य के लोगों के लिए ठहरने और भोजन करने की निःशुल्क व्यवस्था की गई है.

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में केवल तौलिये में डुबकी लगाने लगी युवती, भड़के लोग बोले- ये गोवा नहीं

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 Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। इसे सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन कहा जा रहा है। इसमें देश ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम लोग शामिल हो रहे हैं। साधु संतों, भक्तों का जमावड़ा लगा हुआ है। इस महाकुंभ में कई सिलिब्रिटी और इंफ्लुएंसर भी पहुंच चुके हैं। इस वक्त सोशल मीडिया पर एक लड़की का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको लेकर लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है।


वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक लड़की महाकुंभ में स्नान करने के लिए पहुंची है। उसने सिर्फ सफेद रंग तौलिया पहना है। घाट पर मौजूद तमाम लोगों के बीच से होते हुए ये लड़की गंगा में स्नान करने के लिए गई। वहां मौजूद लोग इस लड़की को देखकर हैरत में पड़ गए। चौंकाने वाली बात ये भी है कि लड़की खुद का वीडियो भी रिकॉर्ड करवा रही थी।

वीडियो को @samuelina45 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पांच दिन पहले शेयर किया गया है। शेयर किए जाने के बाद इस वीडियो को करीब 70 लाख लोग देखे चुके हैं। वीडियो तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है और इस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि इन फूहड़ता फैलाने वालों को बता दिया जाए कि यह गोवा या मालदीव का बीच नहीं है, यह प्रयागराज महाकुंभ है, यहां लोग अपनी आस्था में लीन होकर आते हैं। इन फूहड़ नचनियों को समझाया जाए कि यह आस्था का केंद्र है, यहां इस तरह की फूहड़ता के लिए कोई भी जगह नहीं है। एक अन्य ने लिखा कि इन असामाजिक तत्वों ने तो श्रद्धा के महाकुंभ प्रयागराज में भी गंध मचा रखी है! इन अश्लील फूहड़ नचनियों को समझाना चाहिए कि धार्मिक आयोजनों में रील ना बनाएं।

Mahakumbh 2025 : मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में भगदड़, 10 से ज्यादा मौतों की आशंका

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 Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या से पहले प्रयागराज के संगम क्षेत्र में भगदड़ मच गई। 10 से ज्यादा लोगों की मौत होने की आशंका जताई गई है।


हालांकि कुंभ क्षेत्र में अब स्थिति सामान्य है. सभी घायलों को हॉस्पिटल ले जाया गया है. घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है. वहीं अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान रद्द करने का फैसला लिया है.

लोगों को संगम क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए बैरिकैडिंग हटा दी गई है. हालांकि, अब भी संगम तट पर लोगों का तांता लगा हुआ है. भगदड़ के बाद भी लोग किसी तरह से संगम तट की तरफ जाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. साधु-संत लोगों से संगम तट न जाने की अपील कर रहे हैं.

बता दें कि 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक करीब 15 करोड़ लोग गंगा में डुबकी लगा चुके हैं. आज यानी बुधवार को मौनी अमावस्या पर ही 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है. महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद अखाड़ा परिषद ने बड़ा फैसला लिया है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा है कि आज के स्नान को सभी अखाड़ों ने रद्द कर दिया है. घटना की वजह से कोई भी अखाड़ा अमृत स्नान नहीं करेगा.

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में 12वें दिन भी उमड़े श्रद्धालु, सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता हैं

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 Mahakumbh 2025: तीर्थराज प्रयागराज में ‘महाकुंभ 2025’ का आयोजन हो रहा है। यहां पर रोजाना लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। महाकुंभ के 12वें दिन भी श्रद्धालु अच्छी खासी संख्या में दिखे। कइयों ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की उन्हें उम्मीद नहीं थी।


शुक्रवार को लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में किए स्नान

13 जनवरी को शुरू हुए ‘महाकुंभ 2025’ को अब 12 दिन हो चुके हैं। लेकिन अभी भी श्रद्धालुओं का जोश ठंडा नहीं पड़ा है, उनका आना जारी है। शुक्रवार को भी लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य हो चुकी सरस्वती के त्रिवेणी तट पर ब्रह्म मुहूर्त से ही आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

महाकुंभ की व्‍यवस्‍था देख कर श्रद्धालु मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की

महाकुंभ में नेपाल से भी लोग संगम स्नान करने आ रहे हैं। उन्होंने विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन की सुव्यवस्था देखकर शासन-प्रशासन की तारीफ की और मुख्यमंत्री योगी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। नेपाल से आए पारस ने बताया कि “महाकुंभ में आकर बहुत खुशी हो रही है, जिसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मैंने सोचा नहीं था कि इतनी अच्छी व्यवस्था होगी। वहीं, सुरक्षा के भी इंतजाम पुख्ता हैं। पीएम मोदी को इसके लिए बहुत धन्यवाद देना चाहूंगा।”

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया गया है विशेष प्रबंध

अनूप भी भीड़ नियंत्रण को लेकर तत्पर टीम की प्रशंसा करते नहीं थके। उन्होंने कहा, “इस बार महाकुंभ की बहुत अच्छी व्यवस्था है। नहाने के लिए विशेष ख्याल रखा गया है। भीड़ को नियंत्रित करने का विशेष ख्याल रखा गया है। स्टेशन से लेकर घाट तक सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया है। कोई परेशानी नहीं हो रही है।”

कुंभ में साफ-सफाई का रखा गया है विशेष ख्याल

बुजुर्ग नवरत्न के लिए भी यह आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि “कुंभ मेले में हमारा परिवार बहुत दूर से आया है। यहां पर बहुत अच्छी व्यवस्था है। सुरक्षा का भी विशेष ख्याल रखा गया है। इतनी अधिक भीड़ होने के कारण उन्हें संभालने का विशेष ख्याल रखा जा रहा है।” कविता तिवारी प्रयागराज से ही हैं। उन्हें मेला क्षेत्र की स्वच्छता पसंद आ रही है। उन्होंने कहा, “इस बार कुंभ की व्यवस्था बहुत अच्छी की गई है। साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा गया है, जहां भी हल्की गंदगी हो रही है, सफाईकर्मी उसे साफ कर दे रहे हैं।

Mahakumbh 2025: महाकुंभ के भव्य आयोजन पर दुनिया हैरान, 27 फरवरी को करूंगा स्नान: अमित शाह, इस दिन राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति भी आएंगे

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Mahakumbh 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अहमदाबाद में हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान द्वारा आयोजित मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वो 27 जनवरी को पवित्र गंगा में डुबकी लगाने प्रयागराज जाएंगे।


प्रयागराज में 144 साल बाद महाकुंभ लगा है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज हिंदू आध्यात्मिक सेवा मेले का उद्घाटन हुआ है। वहीं प्रयागराज में 144 साल बाद महाकुंभ लगा है। दुनिया इस पर हैरान है। अनेक देशों के लोगों ने मुझसे कहा कि हमें आमंत्रण पत्र चाहिए। मैंने उन्हें समझाया कि कुंभ एक मेला है, जिसमें किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं है। वे हैरान हैं कि 40 करोड़ लोग बिना निमंत्रण के एक जगह आते हैं। वे मुझसे पूछते हैं कि इसे कौन प्रबंधित करता है। मैंने उनसे कहा कि सरकार द्वारा किया गया प्रबंधन राम सेतु बनाने में गिलहरी के योगदान जितना महत्वपूर्ण है।

गुजरात की जनता से अपील है कि वे इस पुण्य का भागी बनें

मुगल और कांग्रेस के राज के दौर में भी महाकुंभ का आयोजन होता था और आज भी महाकुंभ का आयोजन बेहद सुंदर तरीके से हुआ है। गुजरात की जनता से अपील है कि वे इस पुण्य का भागी बनें। हर किसी को मौका नहीं मिलता। इस बार महाकुंभ 144 साल में लगा है, वहां हर किसी को जाना चाहिए। मैं अपने जीवन में 9 कुंभ में जा चुका हूं। अर्धकुंभ देखे हैं लेकिन महाकुंभ में 27 जनवरी को जाने वाला हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच फरवरी को महाकुंभ मेला 2025 का दौरा कर सकते हैं। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 27 जनवरी को मेले में शामिल होने वाले हैं। उम्मीद है कि एक फरवरी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी समारोह का हिस्सा बनेंगे। 27 जनवरी को गृहमंत्री अमित शाह अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक महाकुंभ में हिस्सा लेंगे। वह संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे। गंगा पूजा करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

इससे पहले मंगलवार को महाकुंभ मेले में श्रद्धालु जुटे, जबकि क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ था। खराब मौसम की स्थिति का तीर्थयात्रियों की संख्या पर कोई असर नहीं पड़ा। आने वाले दिनों में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें चार प्रमुख शाही स्नान होंगे। अगली प्रमुख स्नान तिथियों में 29 जनवरी (मौनी अमावस्या), तीन फरवरी (बसंत पंचमी), 12 फरवरी (माघी पूर्णिमा) और 26 फरवरी (महाशिवरात्रि)।

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज महाकुंभ में पवेलियन में ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था, पढ़े पूरी खबर

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 Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के दौरान छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ पवेलियन की स्थापना की गई है। इस पवेलियन में छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए निःशुल्क ठहरने और भोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और आरामदायक अनुभव भी प्रदान करती है।


विशेष सुविधाएं और स्थान की जानकारी

छत्तीसगढ़ पवेलियन प्रयागराज महाकुंभ के सेक्टर 6 में स्थित है। यह बघाड़ा मेले के समीप है, जहां श्रद्धालु लक्ष्मी द्वार से प्रवेश कर सकते हैं। यदि आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं, तो निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है। सड़क मार्ग या हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते होते हुए यमुना ब्रिज पार करके आसानी से पवेलियन तक पहुंच सकते हैं।

महाकुंभ मेले में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए यह पवेलियन एक बड़ा सहारा है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, श्रद्धालुओं को ठहरने और भोजन के लिए किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी होगी। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखते हुए, यहां के भोजन और वातावरण को विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिससे हर व्यक्ति को अपने राज्य की महक और अपनापन महसूस हो।

यह पवेलियन न केवल छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एक सुविधा है, बल्कि राज्य की समृद्ध संस्कृति और सेवा भावना का प्रतीक भी है। यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि श्रद्धालु अपनी धार्मिक यात्रा को पूरी तरह से आनंदमय और तनावमुक्त बना सकें। 

Mahakumbh 2025 : प्रयागराज महाकुंभ को लेकर इस्लामिक देशों में भी खूब हो रही है चर्चा, दुनियाभर के लोग गूगल में कर रहे सर्च

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 Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में शुरू हो चुका है और इस बार यह आयोजन सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है। महाकुंभ के अद्भुत धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व ने इसे एक वैश्विक उत्सव बना दिया है। पाकिस्तान, कतर, यूएई और बहरीन जैसे मुस्लिम देशों में भी इस भव्य मेले को लेकर गहरी रुचि देखी जा रही है। इन देशों के लोग गूगल पर महाकुंभ के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए खोज रहे हैं।


यह बदलाव यह दर्शाता है कि महाकुंभ अब सिर्फ भारतीयों का नहीं, बल्कि एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन बन चुका है, जिसे दुनियाभर के लोग देखने और समझने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। इस बार के महाकुंभ में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जो इस धार्मिक आयोजन के वैश्विक आकर्षण को और भी बढ़ा रही है।

ब्राजील, जर्मनी, जापान, इंग्लैंड, अमेरिका और स्पेन जैसे देशों के श्रद्धालु भी प्रयागराज पहुंचने लगे हैं। यह आयोजन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनातन संस्कृति के बढ़ते प्रभाव को दिखा रहा है। पाकिस्तान और अरब समेत इस्लामिक देश भी महाकुंभ में रुचि दिखा रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स के अनुसार, इस्लामिक देशों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे महाकुंभ के आयोजन को खूब सर्च किया जा रहा है।

महाकुंभ को सर्च करने वाले देशों की सूची पर नजर डालें तो पहला नाम सबसे ज्यादा चौंकाता है जो कि पाकिस्तान का है। भारत के परस्पर विरोधी देश में लोग महाकुंभ के आयोजन और यहां जुट रही व्यापक भीड़ को खूब सर्च कर रहे हैं।

पाकिस्तान के बाद कतर, यूएई और बहरीन जैसे देशों ने महाकुंभ में गहरी रुचि दिखाई है। इसके अलावा, नेपाल, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, आयरलैंड, ब्रिटेन, थाईलैंड और अमेरिका जैसे देशों के लोग भी महाकुंभ के बारे में पढ़ और खोज रहे हैं।

महाकुंभ में अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या यह दिखाती है कि सनातन संस्कृति का प्रभाव तेजी से फैल रहा है। संगम में डुबकी लगाने वाले सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशों से आए लाखों श्रद्धालु भी इस दिव्य अनुभव का हिस्सा बन रहे हैं। इस रिपोर्ट के नतीजे बताते हैं कि महाकुंभ 2025 ने दुनिया को एक बार फिर भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन धर्म की अद्भुत शक्ति का अहसास कराया है।

महाकुंभ के दूसरे दिन मकर संक्रांति के मौके पर अमृत स्नान के दौरान संगम तट पर 3.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए दी। सीएम योगी ने बताया कि प्रथम अमृत स्नान पर्व पर मंगलवार को 3.50 करोड़ से अधिक पूज्य संतों एवं श्र‌द्धालुओं ने त्रिवेणी में अमृत स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया। 

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ मेले का पहला अमृत स्नान शुरू, सुबह 7 बजे तक किया 1 करोड़ लोगों ने स्नान, घाटों पर भारी भीड़

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 Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले का पहला अमृत स्नान (शाही स्नान) मंगलवार को संक्राति के दिन शुरू हो गया। पहले अमृत स्नान के समय साधु-संतों और नागा संन्यासियों के वैभव के विराट रूप के दर्शन हुए। धर्म घ्वजा और अखाड़े के इष्ट देव सबके आकर्षण का केन्द्र थे। वातावरण में हर ओर हर हर महादेव और गंगा मैय की जय के जयकारे गुंजायमान हो रहे थे। सुबह 6 बजकर 15 मिनट से शुरू हुआ अखाड़ों का अमृत स्नान शाम 4.30 बजे तक जारी रहेगा। अनुमान है कि आज संगम में अखाड़ों के साधु संतों के साथ ढाई से तीन करोड़ श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाकर पुण्य के भागी बनेंगे।


पहला स्नान श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अखाड़ा ने किया

आपको बता दें, पवित्र डुबकी लगाने वाला पहला श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अखाड़ा था। श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा भी महानिर्वाणी अखाड़े के साथ अमृत स्नान में शामिल था। महानिर्वाणी अखाड़े ने 5.15 पर शिविर से प्रस्थान किया और निश्चित समय 6.15 पर संगम घाट पहुंचा।


महाकुंभ के दौरान कुल 6 स्नान आयोजित होंगे

गौरतलब है कि, महाकुंभ के दौरान कुल छह स्नान आयोजित होंगे, जिनमें से तीन स्नान अमृत (शाही) स्नान होंगे, जिन्हें अखाड़े विशेष रूप से करते हैं। पहले अमृत स्नान का आयोजन मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को होगा, दूसरा मौनी अमावस्या पर 29 जनवरी को और तीसरा वसंत पंचमी के दिन 3 फरवरी को होगा।

अमृत स्नान में दूसरे स्थान पर श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा ने किया

अमृत स्नान में दूसरे स्थान पर श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा, एवं श्री पंचायती अखाड़ा आनन्द है। तीसरे स्थान पर तीन संन्यासी अखाड़े अमृत स्नान करेंगे, जिसमें श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा एवं श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री पंचाग्नि अखाड़ा शामिल हैं। तीन बैरागी अखाड़ों में सबसे पहले अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा, अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा, अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा ​अमृत स्नान करने वाले हैं।

शेष बचे तीन अखाड़ों में उदासीन अखाड़े आते हैं। इसमें उदासीन श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, इसके बाद श्री पंचायती अखाड़ा, नया उदासीन, निर्वाण की बारी है। सबसे आखिर में में श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा अमृत स्नान के लिए जाएगा।

सुबह तक ही 1 करोड़ लोगों ने कर लिया स्नान

उत्तर प्रदेश के DGP प्रशांत कुमार ने महाकुंभ को लेकर बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने कहा, आज 2025 महाकुंभ का प्रथम अमृत स्नान है, जिसमें विभिन्न अखाड़ों को साधु-सन्यासी भी स्नान कर रहे हैं. आज ब्रह्म मुहूर्त से ही अखाड़ों का आना शुरू हो चुका है. अन्य घाटों पर जो स्नान चल रहा है सुबह 7 बजे तक वहां 98 लाख 20 हजार लोगों ने स्नान कर लिया था, ऐसे में अब तक लगभग 1 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं. उन्होंने आगे कहा, आज घाटों पर अत्यंत भीड़ है. हमारे सभी अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं. हमारे सभी कंट्रोल रूम के द्वारा लगातार अनुसरण किया जा रहा है. सभी लोग रेड अलर्ट पर हैं. हम लोगों का प्रयास है कि स्नान पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो.

Mahakumbh 2025: यमुना घाट पर वाटर लेजर शो का औद्योगिक विकास मंत्री ने किया उद्घाटन, पानी में दिखेगी कुंभ कथा

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 Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 में अब एक ही दिन रह गया है। कल यानी सोमवार, 13 जनवरी से महाकुंभ मेले की शुरुआत होगी और 14 जनवरी 2025 को पहला स्नान होगा। प्रयागराज में पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए और महाकुंभ मेले को श्रद्धालुओं के लिए और यादगार बनाने के लिए प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने प्रयागराज में यमुना बैंक घाट पर महाकुंभ 2025 से संबंधित प्रमुख कार्यक्रमों को प्रदर्शित करने वाले एक वाटर लेजर शो का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने शो की खूबसूरती को उजागर करते हुए इसे ऐतिहासिक और अद्भुत अनुभव बताया।


संगम में श्रद्धालुओं को गंगा और यमुना की लहरों पर अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे

नंद गोपाल गुप्ता नंदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “सनातन धर्म एवं आस्था के सबसे बड़े समागम दिव्य एवं भव्य महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा और यमुना की लहरों पर अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के कुशल नेतृत्व में यमुना बैंक रोड के काली घाट पर 22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पर्यटन विभाग के वाटर लेजर शो का विधि विधान पूर्वक पूजन कर एवं बटन दबाकर उद्घाटन किया। जिसका संचालन प्रतिदिन किया जाएगा। इसमें कुंभ कथा को वाटर स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा।”

लेजर शो के माध्यम से दर्शकों को आध्यात्मिकता तथा आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा

उन्होंने आगे कहा, “इस अवसर पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह, यूपी पीसीएल के जीएम सुरेश यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश शर्मा, एपीएम गणेश प्रसाद एवं सूरज बाबू उपस्थित रहे। वाटर लेजर शो महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों के लिए एक आकर्षक एवं दृश्यात्मक रूप से अद्भुत अनुभव प्रदान करने वाला होगा। पानी और प्रकाश के अद्भुत संयोजन से सजी यह प्रस्तुति महाकुंभ की भव्यता में चार चांद लगाएगी और दर्शकों को आध्यात्मिकता तथा आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।”

Mahakumbh 2025: इस बार कब और कहां होगा महाकुंभ, नोट कर लें शाही स्नान की तिथियां

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 Mahakumbh 2025: हिन्दू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण उत्सव महाकुंभ अगले साल यानि साल 2025 में लगने जा रहा है। महाकुंभ का आयोजन 12 साल बाद होता है जहां पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। महाकुंभ का आयोजन चार तीर्थ स्थानों पर ही किया जाता है। इसका आयोजन प्रयागराज के संगम , हरिद्वार में गंगा नदी, उज्जैन में शिप्रा नदी, और नासिक में गोदावरी नदी पर किया जाता है।


धार्मिक मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान पवित्र नदी में डुबकी लगाने से व्यक्ति को हर तरह के रोग-दोष और पापों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं साल 2025 में कब से कब तक लगेगा महाकुंभ और कहां लगेगा महाकुंभ का मेला।

कहां लगेगा महाकुंभ?
साल 2025 में महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज में किया जाएगा। आपको बता दें महाकुंभ 12 साल में एक बार लगता है।

कब से कब तक लगेगा महाकुंभ ?
हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा के दिन महाकुंभ आरंभ होगा और महाशिवरात्रि के साथ ही यह समाप्त होगा। साल 2025 में महाकुंभ 13 जनवरी से आरंभ होगा और 26 फरवरी 2025 को समाप्त होगा। यह महाकुंभ पूरे 45 दिन तक रहेगा।

महाकुंभ 2025 शाही स्नान की तिथियां

13 जनवरी 2025- पौष पूर्णिमा स्नान
14 जनवरी 2025- मकर संक्रांति स्नान
29 जनवरी 2025- मौनी अमावस्या स्नान
03 फरवरी 2025- बसंत पंचमी स्नान
12 फरवरी 2025- माघी पूर्णिमा स्नान
26 फरवरी 2025- महाशिवरात्रि स्नान

महाकुंभ लगाने के लिए कैसा होता स्थान का चयन?

महाकुंभ लगने का निर्णय देवताओं के गुरु बृहस्पति और ग्रहों के राज्य सूर्य की स्थिति के हिसाब से किया जाता है। आइए जानते हैं किस स्थान पर मेला लगेगा इसका निर्णय कैसे होता है।

हरिद्वार- जब देवगुरु बृहस्पति कुंभ राशि में और सूर्यदेव मेष राशि में होते हैं तब हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन किया जाता है।

उज्जैन- जब सूर्यदेव मेष राशि में और गुरु ग्रह सिंह राशि में होते हैं कुंभ मेले का आयोजन उज्जैन में किया जाता है।

नासिक- जब गुरु गृह और सूर्य देव दोनों ही सिंह राशि में विराजमान रहते हैं तो महाकुंभ मेले का आयोजन स्थल नासिक होता है।

प्रयागराज- जब गुरु ग्रह बृहस्पति वृषभ राशि में और ग्रहों के राजा मकर राशि में होते हैं तो महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज में किया जाता है।

Mahakumbh 2025: संगम नगरी में 45 दिनों तक महाकुंभ का आयोजन, शाही स्नान का भी हुआ ऐलान

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Mahakumbh 2025: दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक जनसमागम महाकुंभ 2025 ठीक 45 दिनों का होगा। इसमें तीन शाही स्नान होंगे, जिसकी तिथियों की घोषणा शनिवार को की गई। सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से इन तिथियों का औपचारिक एलान किया गया।


पहला शाही स्नान मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025, दूसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 तथा तीसरा व अंतिम शाही स्नान वसंत पंचमी तीन फरवरी 2025 को होगा। इसके अलावा चार प्रमुख स्नान पर्वों की भी घोषणा की गई। पौष पूर्णिमा 13 जनवरी 2025, अचला सप्तमी चार फरवरी, माघी पूर्णिमा 12 फरवरी को तथा महाशिवरात्रि का स्नान पर्व 26 फरवरी को होगा।

बैठक में अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव

बैठक में अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने महाकुंभ को महादिव्य और महाभव्य बनाने के लिए सुझाव दिए। मंडलायुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में निर्वाणी अनी, महानिर्वाणी, जूना, निरंजनी, निर्मोही अनी, आह्वान, अटल, नया उदासीन, बड़ा उदासीन, अग्नि, निर्मल, दिगंबर अनी व आनंद अखाड़ा के दो-दो प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक में सबसे पहले मेला प्राधिकरण ने अखाड़ों के पदाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त किया। इसके बाद पंचांग विशेषज्ञों से परामर्श पर शाही स्नान की तिथियों से अखाड़ों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। इस पर मुहर लगने के बाद महाकुंभ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने महाकुंभ की वृहद कार्ययोजना के बारे में अखाड़ों के संतों को जानकारी दी। अखाड़ों को दी जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा हुई।

आर्थिक मदद को लेकर संतों ने किया परामर्श

अखाड़ों के देश भर के मठ-मंदिरों और आश्रमों के जीर्णोद्धार के लिए आर्थिक मदद को लेकर भी संतों से परामर्श लिया गया। शनिवार को दिन में 11 बजे से शुरू हुई यह बैठख लगभग डेढ़ बजे तक चली।

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, एडीजी भानु भास्कर, आइजी चंद्रप्रकाश, डीएम संजय कुमार खत्री, पुलिस आयुक्त रमित शर्मा, पीडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान के साथ ही मेला प्राधिकरण तथा जिला प्रशासन, पुलिस, पर्यटन, रेलवे, सेना, एयरपोर्ट एथारिटी, एनएचएआइ, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, पीडीए, स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में महाकुंभ मेलाधिकारी ने अखाड़ों से आए सुझावों को लेकर आश्वासन दिया।

अखाड़ों से गुजरात से निर्मोही अनी अखाड़े के अध्यक्ष राजेंद्र दास, अयोध्या से निर्वाणी अनी के महंत धर्मदास महाराज, महानिर्वाणी अखाड़ा के श्रीमहंत व अखाड़ा परिषद के सचिव यमुनापुरी, बड़ा अखाड़ा उदासीन से महंत महाशिवानंद, नया उदासीन अखाड़ा से जगतार मुनि, निर्मल अखाड़ा से महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, निरंजनी अखाड़ा से ओमकार गिरिर, आनंद अखाड़ा से राजेश्वरानंद, अटल अखाड़ा से बलराम भारती शामिल रहे।

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