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ACB ने ED के अफसर को ही कर लिया अरेस्ट, 15 लाख की घूसखोरी का है मामला

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 राजस्थान। ACB ने ED के अधिकारी को ट्रैप किया है। एसीबी ने दलाल को 15 लाख की घूस लेते गिरफ्तार किया है। बता दें कि मणिपुर में एक चिट फंड कंपनी के केस में सैटलमेंट करने और अन्य सुविधा देने के नाम पर पीड़ित से 17 लाख रुपये मांग रहा था।


मणिपुर में पिछले दिनों कुछ लोगों के खिलाफ चिट फंड कंपनी चलाने और ठगी का केस दर्ज हुआ था। इस केस में पीड़ित से ईडी वाले रुपये मांग रहे थे। पीड़ित ने एसीबी अफसरों को बताया कि ईडी अधिकारी नवल किशोर मीणा और उनके सहायक कर्मचारी बाबूलाल मीणा उनसे रुपये मांग रहे थे।

चिटफंड कंपनी के केस में उनकी सम्पत्ति अटैच नहीं करने की एवज में ये रुपये मांगे जा रहे थे। साथ ही केस को भी रफा दफा करने की बात की जा रही थी। नवल किशोर मीणा जयपुर के बस्सी के और बाबूलाल मीणा भी बस्सी के ही रहने वाले हैं। बाबूलाल ही इस केस में मीडियेटर का काम कर रहे थे। वे फिलहाल अलवर के खैरथल में कनिष्ट सहायक कार्यालय, उप पंजीयक के पद पर तैनात हैं।

कांग्रेस ने दागे सवाल, मोटर सायकल में चलने वाले भाजपा नेता कैसे बने अरबों के मालिक ?

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रायपुर। ED पूरी तरह से भाजपा के इशारों पर कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिये षड़यंत्र कर रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी की कार्यवाही का तरीका और ईडी की कार्यप्रणाली बता रही है कि पूरी कार्यवाही विद्वेषपूर्ण और 2023 के चुनाव के पहले कांग्रेस की चुनावी गतिविधियों को बाधित करने का है।


ईडी पहले कोल माईनिंग, आबकारी फिर डीएमएफ, चावल, अब जल जीवन मिशन को लेकर कार्यवाही की बातें सामने आ रही है। पूरे देश में किसी एक राज्य सरकार के खिलाफ इतने सारे विभागों पर कार्यवाही यह बताने और समझने के लिये पर्याप्त है कि छत्तीसगढ़ में ईडी भाजपा के राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति में लगी हुई है। ईडी जब एक विभाग में गड़बड़ी नहीं खोज पाती तो दूसरे में लग जाती है। ईडी की कार्यवाही के बाद भाजपा नेताओं की बयानबाजी भी यह साबित करती है कि ईडी की पटकथा का भाजपा नेता मिट्ठू की भांति पढ़ते है।

कांग्रेस प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से पूछा है कि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं के यहां छापेमारी की कार्यवाही कब से की जायेगी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल के सरकार में भाजपा के अनेक नेता फर्श से अर्श पर पहुंच गये। कुछ भाजपा के ऐसे नेता है जो भाजपा की सरकार बनने के पहले खटारा यामहा मोटर सायकल पर चला करते थे। 15 साल मंत्री रहे उनकी संपत्ति हजारो करोड़ो रूपयो में पहुंच गयी।

कारोबारी पारिवारिक पृष्ठ भूमि के मंत्री रहे भाजपा नेता जिनके परिवार की कारोबारी हालत भाजपा की सरकार के पहले दिवालिया होने की थी वे और उनके भाई 15 साल में अकूत धन सपंदा के मालिक बन गये। इनके यहां ईडी छापेमारी करने कब जायेगी। छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है। इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक में मुख्य अभियुक्त ने नार्कोटेस्ट में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह और आधा दर्जन मंत्रियो को करोड़ो रू. देना स्वीकार किया था ईडी इसकी जांच कब करेगी?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी रमन सिंह सरकार के घोटालों की जांच कब करेगी? 36000 करोड़ का नान घोटाला और 6200 करोड़ का चिटफंड घोटाला रमन सिंह सरकार का वह घोटाला है जिसमें सीधे आम आदमी के साथ लूट की गयी है। इन दोनों ही घोटालों में तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के प्रमाण भी सामने आये है और इसमें रूपयों का भी लेनदेन हुआ है।

किसी भी प्रकार के नगदी अवैध लेनदेन की जांच प्रत्यावर्तन निदेशालय के द्वारा की जानी चाहिये। इन दोनों ही मामलों में पुलिस अपना काम कर रही है और आपराधिक मामलों की जांच भी हो रही। पनामा पेपर के अभिषाक सिंह की जांच कब होगी? रमन सिंह तो स्वयं को ईडी का प्रवक्ता भी घोषित कर चुके है ऐसे में उन्हें स्वयं होकर ईडी से जांच की मांग का समर्थन करना चाहिये। रमन सिंह की घबराहट और बौखलाहट बताती है कि वे जांच की मांग से डर रहे है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी की कार्यवाही और कार्यप्रणाली दोनों लगातार सवालों के घेरे में रहती है। ईडी बताएं कि पिछले 8 साल में कितने भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों के लोगों के यहां छापे की कार्यवाही की गयी? देश में सारी अनियमितता विरोधी दल के लोग ही कर रहे है, भाजपा और उसके सहयोगी दल के नेता दूध के धुले हुए है?

ईडी, आईटी और भाजपा का जो नापाक गठबंधन देशभर में दिख रहा, लोग जानना चाहते है ये रिश्ता क्या कहलाता है? 8 सालो में 6000 छापे मारने वाली ईडी सिर्फ 23 मामलों में ही सबूत दे पाई है मतलब ईडी सिर्फ भाजपा के विरोधियों की छवि खराब करने का काम कर रही।


Chhattisgarh News: महादेव सट्टा एप से चल रहा था बड़ा खेल, नेताओं को प्रोटेक्शन मनी देता था ASI

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी ने बड़ा खुलासा किया। ईडी के अनुसार एएसआई चंद्रभूषण वर्मा लाइजनर का काम कर रहा था। इतना ही वह नेताओं को प्रोटेक्शन मनी भी दे रहा था। ईडी ने बताया कि जांच में 65 करोड़ रुपए की नगदी मिली है। जिसे चंद्रभूषण ने लिया था। उसने इन पैसों का उपयोग पुलिस अफसरों और नेताओं को रिश्वत देने में किया था।


ईडी ने इस मामले में पीएमएलए एक्ट के तहत एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, हवाला कारोबारी अनिल और सुनिल दम्मानी को अरेस्ट किया है। ईडी ने इन्हें कोर्ट में पेश कर 6 दिन की रिमांड मांगी। जो कोर्ट ने दे दी। मामले में ईडी ने कई खुलासे किए। ईडी के अधिकारियों की मानें तो इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दर्ज की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। मामले में विशाखापटट्नम पुलिस की ओर से भी एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही ईडी ने दूसरे राज्यों से भी रिकाॅर्ड लिया है।

दुबई से होता है ऐप का संचालन

ईडी से मिली जानकारी के अनुसार महादेव ऐप ऑनलाइन बुक पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबाॅल जैसे गेम में अवैध सट्टेबाजी के लिए आॅनलाइन प्लेटफाॅर्म मुहैया करवाती थी। ईडी ने बताया कि भिलाई के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इस ऑनलाइन ऐप के मेन प्रमोटर्स हैं और दुबई से इस ऐप का चलाते थे। बता दें कि एजेंसी ने बुधवार को रायपुर और दुर्ग में सीएम बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और दो ओएसडी के ठिकानों पर छापे मारे थे।

निलंबित IAS रानू साहू की न्यायिक रिमांड 18 अगस्त तक बढ़ी

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 रायपुर : निलंबित IAS रानू साहू की मुश्किलें एक फिर बढ़ गई हैं। दस दिन की रिमांड पूरी होने के बाद शुक्रवार को ED ने रानू साहू को एक बार फिर कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद विशेष न्यायालय ने रानू साहू की जुडिशल रिमांड बढ़ा दी है,अब रानू साहू 18 अगस्त तक रिमांड पर रहेंगी। वहीं सुनवाई के दौरान आज रानू साहू के वकील द्वारा जमानत आवेदन पर बहस की गई और कल ED द्वारा इस पर जवाब दिया जाएगा।


जिसके बाद रानू साहू की रिमांड बढ़ा दी गई है, कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुई रानू साहू 18 अगस्त न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोयला और लेवी घोटाले के मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी की टीम ने 22 जुलाई को रानू साहू को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद कोर्ट ने 3 दिन और फिर 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया था। और अब विशेष न्यायालय ने रानू साहू को 18 अगस्त तक जुडिशल रिमांड पर भेज दिया है। ईडी ने इस दौरान रानू साहू से कोयला घोटाले को लेकर कई अहम पूछताछ की है।


BIG NEWS : IAS रानू साहू से 3 दिन तक पूछताछ करेगी ED , कोर्ट ने दी रिमांड

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रायपुर। विशेष कोर्ट ने आईएएस रानू साहू तीन दिनों का रिमांड मंजूर कर लिया है। ईडी ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी। ईडी को 25 जुलाई को रानू साहू को फिर से कोर्ट में पेश करना होगा। ईडी विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में आईएएस रानू साहू को पेश करके 14 दिन की रिमांड मांगी थी। 


आईएएस रानू साहू की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील फैजल रिजवी ने बताया कि ईडी ने 14 दिन की रिमांड मागी थी। कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड मंजूर की है।

आईएएस रानू को भी कोयला से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया है।  अक्‍टूबर 2022 से जनवरी 2023 तक ईडी ने जब-जब आईएएस साहू को बुलाया तब- तब वे ईडी के कार्यालय गईं। जनवरी 2023 के बाद से आज तक ईडी ने उन्‍हें कोई सम्‍मन जारी नहीं किया है। 

बता दें कि आईएएस रानू साहू के घर ईडी ने कई कोल परिवहन से जुड़े मामले को लेकर दबिश दी थी। इस दौरान ईडी के अफसरों द्वारा उनके बंगले और मायके से कई अहम दस्तावेज बरामद किए जाने का दावा किया था। बताया जा रहा है कि ईडी ने इन दस्तावेजों और आय से जुड़े मामलों को लेकर कई बार पूछताछ की, लेकिन उन्होंने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।


CG BREAKING : IAS रानू साहू गिरफ्तार, विशेष न्यायाधीश कोर्ट में किया पेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की आईएएस अधिकारी रानू साहू को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है। शनिवार सुबह उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया है। रानू साहू को इससे पहले ED अपने दफ्तर ले आई थी। शुक्रवार देर रात तक रानू साहू के देवेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी की थी।


कौन है रानू साहू

दरअसल, IAS रानू साहू का जन्म ​गरियांबद जिले के पांडुका के एक गरीब परिवार में हुआ था। उनके पति जयप्रकाश भी 2010 बैच के आईएएस है। मां लक्ष्मी साहू जिला पंचायत की सदस्य हैं और पिता अरुण साहू हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। IAS रानू साहू की दो बहन और एक भाई हैं।

बता दें कि कोरबा की पूर्व कलेक्टर आईएएस रानू साहू के घर ईडी ने तीसरी बार छापा मारा है। इससे पहले कोल परिवहन केस में भी उनके सरकारी बंगले और मायके में छापा पड़ चुका है। ईडी उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुला चुकी है। इसके अलावा ईडी की टीमें कोरबा निगम के ऑडिटर सीए अनूप गुप्ता बालाजी स्टील और टीआर सिंह कमल विहार और ऋषभ सोनी देवपुरी के घर ईडी पहुंची थी। राज्य के बड़े ठेकेदार सुनील रामदास अग्रवाल के रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ स्थित मकान व दफ्तर में छापा मारा गया है। अंबिकापुर में अशोक अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, नीमचंद अग्रवाल और बिलासपुर के संजय शिंदे तथा राजनांदगांव में ट्राइबल अफसर श्रीकांत के घर जांच चल रही है।


सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को दिया झटका, कहा- ED चीफ का कार्यकाल बढ़ाना अवैध

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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार  को बड़ा झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने ED चीफ संजय मिश्रा  को तीसरा एक्सटेंशन देने का आदेश रद्द कर दिया. हालांकि वह 31 जुलाई 2023 तक इस पद पर बने रहेंगे. उसके बाद नए डायरेक्टर की तलाश करनी होगी. कोर्ट ने कहा कि ED चीफ की तीसरी बार नियुक्ती अवैध और कानून में अमान्य है. अब संजय मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई तक रहेगा जबकि उन्हें 18 नवंबर को रिटायर होना था.


क्या है मामला?

बता दें कि संजय मिश्रा पिछले कुछ सालों से लगातार ED चीफ के पद पर तैनात थे. इसी के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत में चुनौती दी गई थी. हालांकि, कोर्ट ने CVC और DSPE एक्ट में किये गए संसोधन की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा. इसका मतलब यह कि CBI और ED निदेशक का कार्यकाल 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है.

ईडी के डायरेक्टर संजय मिश्रा के कार्यकाल को दिए गए तीसरे विस्तार को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मई में कहा था कि वह अपने 2021 के फैसले पर फिर से निगाह डाल सकता है कि एक रिटायर ऑफिसर का कार्यकाल केवल असाधारण परिस्थितियों में ही बढ़ाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 12 दिसंबर को मिश्रा को दिए गए तीसरे विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा था. केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में संजय कुमार मिश्रा को रिटायर होने से एक दिन पहले एक साल का विस्तार दिया था. यह मिश्रा के कार्यकाल में तीसरा विस्तार था, जिन्हें 18 नवंबर, 2023 तक पद पर रहना था. ईडी प्रमुख के रूप में उनका कुल कार्यकाल पांच साल का था.




ED ने धनशोधन के मामले में रिटायर्ड IAS अधिकारी की 20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

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उत्तराखंड। प्रवर्तन निदेशालय (ED ) ने बुधवार को कहा कि उसने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत उत्तराखंड में अतिरिक्त सचिव के पद से सेवानिवृत्त पूर्व आईएएस अधिकारी राम बिलास यादव की 20.36 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क की है।


ईडी ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यादव के खिलाफ सतर्कता प्रतिष्ठान, देहरादून द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की। आरोपपत्र में आरोप लगाया गया था कि 1 जनवरी 2013 से 31 दिसंबर 2016 के बीच चेक अवधि के दौरान, यादव ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 78,51,777 रुपये कमाए, जबकि उनका खर्च 21.40 करोड़ रुपये था। इसलिए, उन पर आय से अधिक करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। 20.61 करोड़ जो उनकी कानूनी आय के ज्ञात स्रोतों से 2,626 प्रतिशत अधिक था।

जांच के दौरान ईडी ने 19 मई को यादव को गिरफ्तार कर लिया। "पीएमएलए के तहत जांच से पता चला कि यादव द्वारा कमाए गए इस अवैध धन का इस्तेमाल अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर एक फ्लैट, जमीन के चार टुकड़े खरीदने में किया गया और लखनऊ, जनता विद्यालय में अपने घर की इमारतों के निर्माण पर भी खर्च किया गया। ईडी के एक अधिकारी ने कहा, गुडंबा, लखनऊ, एक कॉम्प्लेक्स और दिवंगत रामकरण दादा मेमोरियल ट्रस्ट, गाजीपुर और चल संपत्ति में निवेश में भी इसका इस्तेमाल किया गया था।

ईडी ने कहा कि अपराध की आय की पहचान के बाद फ्लैटों, जमीन के टुकड़ों और उस पर निर्माण के रूप में 18.33 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों और सावधि जमा (एफडी) के रूप में चल संपत्तियों को कुर्क करने के लिए एक अनंतिम कुर्की आदेश दिया जाएगा, क्‍योंकि आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर 2.03 करोड़ रुपये जारी किए गए।


एक और गिरफ्तारी ,.भिलाई होटल कारोबारी पप्पू ढिल्लन को ED ने किया गिरफ्तार

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रायपुर। ED ने एक बड़े शराब कारोबारी पप्पू को उठा लिया है। इसके कई बड़े राजनीतिक दलों से निकटता के संबंध है। इसका झारखंड और पंजाब के शराब कारोबार में बड़ा स्टेक है। खबर लिखे जाने तक भिलाई के शराब कारोबारी को कोर्ट में पेश किया गया है।


बता दें कि बिल्डर अनवर ढेबर को कल फिर विशेष ED कोर्ट में पेश किया गया था। चार दिनों की पूछताछ के बाद ईडी ने 10 दिनों की रिमांड की मांग की है। पिछले सप्ताह ईडी ने अनवर को 15 दिन की रिमांड पर मांगा था और 4 दिन की मिली थी। और आज भी 5 दिन की रिमांड मंजूर की गई। ED ने अनवर और साथियों पर सरकारी दुकानों से शराब की अवैध बिक्री कर दो हजार करोड़ रूपए कमाई कर राजनीतिक आकाओं तक पहुंचाने की बात कही है । ईडी ने बकायदा अपने प्रेस नोट में भी उल्लेख किया है।


छत्तीसगढ़ में ईडी का एक्शन, IAS रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी समेत इनकी संपत्ति की कुर्क

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रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रानू साहू आईएएस, सूर्यकांत तिवारी, देवेंद्र यादव, विधायक, चंद्रदेव प्रसाद राय, विधायक, आरपी सिंह, विनोद तिवारी और 90 अचल संपत्तियों, शानदार वाहनों, आभूषणों और 51.40 करोड़ रुपये की नकदी को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।


इससे पहले, ईडी ने सूर्यकांत तिवारी, समीर विश्नोई आईएएस सौम्या चौरसिया (छत्तीसगढ़ सिविल सेवा अधिकारी), सुनील अग्रवाल और अन्य की 170 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। इस मामले (ED)  में कुल कुर्की करीब 221.5 करोड़ रुपए हो गई है।


ईडी ने आयकर विभाग की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी (ED)  के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है। 145 से अधिक परिसरों में तलाशी ली गई है और अब तक 9 अभियुक्तों को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया गया है। ये सभी न्यायिक हिरासत में हैं। दिनांक 09.12.2022 एवं 30.01.2023 को माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए) में सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई आईएएस एवं अन्य के विरूद्ध अभियोजन परिवाद दायर किया गया है। ईडी की जांच से पता चला है कि इस जबरन वसूली रैकेट में 540 करोड़ रुपये के अपराध की आय अर्जित की गई थी।


ईडी ने लगाया शराब घोटाले का आरोप, अनवर ढेबर को 4 दिन की ED रिमांड

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रायपुर : ED ने छत्तीसगढ़ में शराब के दो हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। वही अनवर ढेबर को इसका मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। शराब के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ED ने अनवर टेबल की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे किए हैं। ईडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनवर ढेबर के घर एक गुप्त दरवाजा है छापे के दौरान वे उसी दरवाजे से भाग निकलते थे।


वही अनवर ढेबर को शुक्रवार की देर रात राजधानी रायपुर स्थित होटल ग्रैंड इंपीरिया से गिरफ्तार किया गया है। जहां से कमरे में दो डोंगल,दो आईफोन और एक सामान्य फोन बरामद किया गया है जिसके सीन बेनामी है। साथ ही आबकारी विभाग के विशेष सचिव ए पी त्रिपाठी की भी इसमें मिलीभगत है इस बात का जिक्र किया गया है। ईडी उनसे भी पूछताछ कर चुकी है।


ED ने आबकारी के 35 अधिकारी-कर्मचारियों को भेजा समन , जेल में भी बंद कारोबारियों से पूछताछ जारी

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 रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आबकारी में गड़बड़ी के मामले में जांच तेज कर दी है। विभाग में पदस्थ तीन दर्जन से ज्यादा अ​धिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करके कार्यालय पहुंचने का निर्देश ईडी ने जारी किया है।


जिन लोगों को नोटिस दिया गया है। उसमें डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, सुपरवाइजर और सेल्समेन रैंक के लोग शामिल है। ईडी सूत्रों (ED) की मानें तो कुछ अ​धिकारियों को पूछताछ के लिए बुधवार-गुरुवार को बुलाया गया था। उनका बयान लिया गया है। जो लोग बचे है, उनका जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

चार से ज्यादा टीम कर रही काम

ईडी (ED) के अ​धिकारी पिछले एक हफ्ते से टीम बनाकर प्रदेश में काम कर रहे है। रायपुर जिले में चार से ज्यादा टीम सक्रिय है। एक टीम के सदस्य जेल जाकर वहां पर बंद कारोबारियों और अ​धिकारियों से पूछताछ कर रहे है। दूसरी टीम नोटिस देकर लोगों को बुला रही है और उनसे पूछताछ कर रही है। तीसरी टीम शहर, प्रदेश और देश से बाहर जाने वाले लोगों की जानकारी जुटा रहे है। चौथी टीम बयानों को क्रॉस चेक करके जानकारी जुटा रही है।

बुधवार को कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से पूछताछ की गई। उनका बयान दर्ज किया गया है। इससे पहले उपसचिव सौम्या चौरसिया और आईएएस समीर विश्नोई का बयान दर्ज किया गया है। गुरुवार को बयान लेने का आखिरी दिन है। इसमें खनिज अधिकारी शिवशंकर नाग और कारोबारी सुनील अग्रवाल का बयान दर्ज किया जाएगा। वहीं 29 अप्रैल को पेशी में सभी को कोर्ट लाया जाएगा।

 

देश के सभी थानों में लगाएं जाएंगे CCTV कैमरे , SC निर्देश

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उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केन्द्र को निर्देश दिया कि गिरफ्तार करने और पूछताछ करने का अधिकार रखने वाले केन्द्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय और राष्ट्रीय जांच एजेन्सी सहित सभी जांच एजेन्सियों के कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाये जायें.





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न्यायमूर्ति रोहिन्टन फली नरिमन, न्यायमूर्ति के एम जोसेफ और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने कहा कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक थाने में प्रवेश और निकासी के स्थान, मुख्य प्रवेश द्वार, हवालात, सभी गलियारों, लॉबी, स्वागत कक्ष क्षेत्र और हवालात कक्ष के बाहर के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे हों।





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शीर्ष अदालत ने इससे पहले मानव अधिकारों के हनन पर अंकुश लगाने के लिये थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था. न्यायालय ने कहा कि नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो, राजस्व गुप्तचर निदेशालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालयों सहित सभी जांच एजेन्सियों के उन सारे कार्यलयों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाये जायें जिनमे पूछताछ होती है और आरोपियों को रखा जाता है.





न्यायालय ने कहा कि CCTV कैमरे प्रणाली में नाइट विजन सुविधा (Night vision facility)के साथ ही आडियो और वीडियो की फुटेज की व्यवस्था होनी चाहिए और केन्द्र तथा राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लिये ऐसी प्रणाली खरीदना अनिवार्य होगा जिनमें कम से कम एक साल और इससे ज्यादा समय तक CCTV कैमरे के आंकड़ों को संग्रहित कर रखने की सुविधा हो.


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