Media24Media.com: Dantewada latest news

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label Dantewada latest news. Show all posts
Showing posts with label Dantewada latest news. Show all posts

धूर नक्सल क्षेत्र में मौजूद है गणेश जी का खास मंदिर, जहां विघ्नहर्ता के साथ विराजित है उनके जुड़वां…

No comments Document Thumbnail





छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के जंगलों के बीच गणेश जी का एक अनोखा मंदिर है। यहां विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का जुड़वां स्वरुप विराजित है। हैरान मत होइए, जी हां बारसूर इलाके (Barsur Ganesh Temple Dantewada) में जुड़वां गणपति है। यहां बप्पा की एक जैसी 2 मूर्तियां है। फर्क बस इतना है कि एक बड़ी तो दूसरी छोटी है।





मोनोलिथिक है मूर्तियां





इन मूर्तियों की खासियत ये है कि यह दोनों ही मोनोलिथिक है। लोगों की मान्यताएं है कि यहां आकर दर्शन करने वालों के कष्ट विघ्नहर्ता हर लेते है।





Read More- दसवीं फेल होकर शुरू की नौकरी, अब करोड़पति किसान हैं आनंदराम





बेटी के लिए राजा ने बनवाया था ये मंदिर





कहा जाता है कि इस मंदिर को यहां के राजा ने अपनी बेटी के लिए बनवाया था। राजा बाणासुर का वर्णन पुराणों में मिलता है, उनके नाम पर ही इस नगर का नाम बारसूर पड़ा। राजा की बेटी उषा और उनके मंत्री की बेटी चित्रलेखा आपस में पक्की सहेलियां थीं। दोनों गणेश जी की भक्त थीं पर आस-पास गणेश जी का कोई मंदिर नहीं था। इस वजह से दोनों मन ही मन गणेश जी की अराधना करती थी। उषा ने मंदिर न होने की बात अपने पिता से कही।





फिर क्या था बाणासुर ने दोनों सहेलियों के लिए गणेश जी की मूर्तियों का निर्माण करा दिया। यह अनोखा मंदिर जुड़वा में (Barsur Ganesh Temple Dantewada) प्रतिमाएं विराजमान है। दोनों सहेलियां रोज उस मंदिर में गणेश जी की पूजा करने जाया करती थीं। कहा जाता है कि गणपति उषा और चित्रलेखा की साधना से प्रसन्न हुए थे और तब से यहां आने वाले अपने सभी भक्तों की हर कामना पूरी करते हैं।





Read More- खुशख़बरी - बजट के बाद सोने-चांदी के भाव में आई गिरावट, देखें नए मूल्य





हुआ करते थे ढेरों मंदिर और तालाब






बारसूर में कभी 147 मंदिर और अनेक तालाब हुआ करते थे। बारसूर को तालाबों और मंदिरों का शहर कहा जाता था। जहां कभी 147 मंदिर हुआ करते थे वहां आज सिर्फ 5 या 6 मंदिर बचे हुए है। अधिकांश तालाब सूख चुके गए।


बड़ी घोषणा- अब नक्सल गढ़ से अलग गारमेंट हब बनेगा दंतेवाड़ा, पूरे देश में होगी डैनेक्स की सप्लाई

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नवा छत्तीसगढ़ और नवा-दंतेवाड़ा गढ़ने में दंतेवाड़ा जिले की माताएं और बहनें आगे बढ़कर काम कर रही हैं। अब जिले को मां दन्तेश्वरी के नाम से ही नहीं यहां की माताओं और बहनों के नाम से भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाया है। जिले को नयी पहचान दिलाने के लिए डैनेक्स नाम से गारमेंट तैयार कर रही है। दंतेवाड़ा को गारमेंट हब (Dantewada As Garment Hub) के रूप में विकसित करने 04 नवा दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री तैयार की जा रही है। डैनेक्स (दंतेवाड़ा नेक्स्ट) में तैयार गारमेंट की सप्लाई पूरे देश में होगी। CM आज जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में आम सभा को संबोधित कर रहे थे।






विकास के साथ संस्कृति बचाए रखना भी जरुरी






मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास जितना जरूरी है, अपनी संस्कृति को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है। देवगुड़ियों के कायाकल्प (Dantewada As Garment Hub) की शुरुआत गमावाड़ा से हुई है, बस्तर संभाग के सातों जिलों में देवगुड़ियों का कायाकल्प किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों और बच्चों को कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सुपोषण अभियान की शुरूआत दंतेवाड़ा जिले से की गई थी। केवल 10 माह में कुपोषण की दर घटाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। सुपोषण अभियान से छत्तीसगढ़ में एक वर्ष में 99 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं तथा 20 हजार महिलाएं एनीमिया से मुक्त हुई हैं।





Read More- Budget 2021: आज पेश होगा आम बजट, कोरोना काल में लिए जा सकते हैं कई अहम फैसले





मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 सालों से लंबित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को फिर से शुरु करने की पहल सरकार ने की है। इस योजना के पूरी होने से न सिर्फ दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के किसानों का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा, बल्कि इसका लाभ नारायणपुर और कोण्डागांव जिले तक मिलेगा। वनांचल क्षेत्र के किसानों और वनवासियों की आय बढ़ाने शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपया मानक बोरा किया गया। वनांचल क्षेत्रों में 52 तरह के लघु वनोपज समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे हैं। कोरोना-काल में वनवासियों की आय प्रभावित न हो, इसलिए लॉकडाउन के दिनों में भी छत्तीसगढ़ में वनोपज इकट्ठा करने का काम बंद नहीं होने दिया गया। जिसके फलस्वरूप लॉकडाउन के समय छत्तीसगढ़ में देश का सबसे ज्यादा लघु-वनोपज संग्रह किया गया।




Dantewada as garment hub




मुख्यमंत्री ने कहा कि वन-भूमि पर वर्षों से काबिज किसान जमीनों के पट्टे बांटने का काम तत्परता से किया है। व्यक्तिगत पट्टों के साथ-साथ, सामुदायिक पट्टे और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार भी दिया है। वनभूमि के पट्टे देने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को भूमिहीन नहीं रहने दिया जाएगा, जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, उन्हें भी जमीन दी जाएगी। साथ ही सरकार द्वारा जल्द ही कोदो-कुटकी का भी समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा। कोदो-कुटकी प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे।





मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव में गोठानों का निर्माण किया जा रहा, ताकि पशुओं की देखभाल अच्छी तरह हो, फसलों को चराई से होने वाला नुकसान रुके और दूध का उत्पादन भी बढ़े। इन गोठानों का विकास आजीविका केंद्रों के रूप में भी किया जा रहा है, जहां स्व सहायता समूह की हजारों माताएं-बहनें तरह-तरह की गतिविधियों से आय प्राप्त कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार दुनिया की पहली सरकार है, जो दो रुपए किलो में गोबर खरीद रही है। जिन लोगों के पास न पशुधन है, न जमीन, वे भी आज गोबर इकट्ठा कर आय प्राप्त कर रहे हैं। पहले लोग धान बेचकर मोटरसाइकिल खरीदते थे, अब तो गोबर बेचकर ही मोटरसाइकिल और जेवर खरीद रहे हैं।





Read More- चुनाव बाद अकेले रह जाएंगी ममता दीदी, यहां पढ़ें गृहमंत्री अमित शाह के संबोधन





उन्होंने कहा कि गरीबों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ सकें इसके लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना शुरु की गई है। इस योजना के तहत अभी 52 स्कूल संचालित हो रहे हैं। अगले साल से 100 और स्कूल शुरु किया जाएगा।





कार्यक्रम को उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, सांसद दीपक बैज, स्थानीय विधायक श्रीमती देवती कर्मा, विधायक मोहन मरकाम ने भी संबोधित किया और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं, जनहितैषी निर्णय एवं फैसलों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


कुआकोंडा में बड़ा सड़क हादसा, 1 की मौत, 40-50 लोगों के घायल होने की सूचना

No comments Document Thumbnail

दंतेवाड़ा : जिले में CM के कार्यक्रम के लिए ग्रामीणों को ला रही ट्रकों का एक्सीडेंट (Accident in Dantewara) हो गया। दुर्घटना कुआकोंडा थाना के सामने हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे में 1 ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं करीब 40 से 50 लोगों के घायल होने की सूचना है।





जानकारी के मुताबिक भूपेश बघेल के दंतेवाड़ा दौरे के लिए लोगों को ला रही 2 ट्रकें आपस में भिड़ गई। भिड़ंत(Accident in Dantewara) के बाद एक ट्रक सामने मकान जा घुसी। घायलों को कुआकोंडा अस्पताल में भर्ती किया गया है।





पूर्व मंत्री की बहू और पोती की बेडरूम के दीवान में मिली लाश





बता दें कि सीएम भूपेश बघेलआज दंतेवाड़ा के दौरे पर रहेंगे। वे हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे, वहां दंतेवाड़ा गारमेंट फैक्ट्री पहुंचकर, फैक्ट्री का लोकार्पण करेंगे। इसी कार्यक्रम के लिए लोगों को लेकर ट्रकें आ रही थी।


किसानों की शिकायत पर सख्त कार्रवाई, गीदम धान खरीदी केंद्र प्रभारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम धान खरीदी केंद्र (Geedam Paddy Procurement Center of Dantewada District) में किसानों की शिकायत पर धान खरीदी केंद्र के प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। गीदम धान खरीदी केंद्र के प्रभारी विजेन्द्र ठाकुर (Vijender Thakur in charge of Paddy Procurement Center) को अपने पदीय कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सहकारी समिति सेवा नियम के उल्लंघन के कारण उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसके लिए आदिम जाति कृषक सेवा सहकारी समिति गीदम के प्राधिकृत अधिकारी ने आदेश भी जारी कर दिया है।





छत्तीसगढ़ में 14 दिसंबर तक 20.67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी, 5.70 लाख किसानों ने बेचा धान





जांच दल द्वारा धान खरीदी केन्द्र में कृषि उपज के मालिक शुभम राय का 6.31 क्विंटल 12 बोरा धान को जब्त किया गया है। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दंतेवाड़ा कलेक्टर (Dantewada Collector) के निर्देश पर धान खरीदी केंद्र का खाद्य निरीक्षक गीदम, मंडी उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक द्वारा लैम्पस प्रबंधक, ऑपरेटर और किसानों की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि धान विक्रय के लिए कुल 14 किसानों से 564.80 क्विंटल अनुमानित धान के लिए टोकन जारी किया गया था।





छत्तीसगढ़ में फिर एक किसान ने की आत्महत्या, यह बनी खुदकुशी की वजह





टोकन क्रमांक 61001401202100117 किसान कोड एफसी 610140180593 किसान लालजीध्फागू द्वारा टोकन में अनुमानित धान 77.60 क्विंटल धान विक्रय के लिए खरीदी केंद्र लाया गया। खरीदी केन्द्र प्रभारी की अनुपस्थिति में कृषक लालजी के बेटे दशरथ साहू द्वारा ढेरी लगाकर हमालों की उपस्थिति में धान का कांटा कराया गया। तौल करने के दौरान हमालों द्वारा प्रति बोरा 41-42 किलो धान की भर्ती की जा रही थी, जो कि शासन द्वारा निर्धारित 40.700 किलोग्राम (बोरा सहित) से ज्यादा है। कृषक लालजी द्वारा तौल कराए गए 90 धान की बोरियों में निर्धारित मानक 40.700 किलोग्राम से ज्यादा भरकर तौल किया गया।





शादी के पांच दिन बाद ही दूल्हे ने की आत्महत्या, छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे खुदकुशी के मामले





इस संबंध में जांच दल द्वारा लैम्पस प्रबंधक आलोक ठाकुर की भूमिका के बारे में उपस्थित किसानों से पूछताछ कर जानकारी ली गई। किसान दशरथ साहू और हेमंत साहू ने बताया कि लैम्पस प्रबंधक को इस त्रुटि के बारे में अवगत कराया, जिसे प्रबंधक आलोक ठाकुर द्वारा सुधार करते हुए सरकार द्वारा निर्धारित मानक के मुताबिक भरकर तौलकर धान विक्रय किया गया। धान खरीदी केन्द्र में निरीक्षण के दौरान 63 किसानों से 1339 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी हैं। कृषक लालजी और पूर्व में क्रय किए गए किसानों के धान को रैंडमली तौला गया।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.