Media24Media.com: हरियाणा में हादसा

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जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 मजदूरों की मौत, इस फैक्ट्री में हुआ हादसा

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हरियाणा के करनाल में रविवार को बड़ा हादसा हुआ है। दरअसल, यहां रविवार को 3 मजदूरों की जहरीली गैस चढ़ने से मौत हो गई। उनके 3 साथी अस्पताल में मौत और जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मरने वालों की पहचान करनाल के सतीश, झारखंड के पवन और बिहार के राजू के रूप में हुई। घटना कुंजपुरा स्थित संजय लैदर नामक चमड़ा फैक्ट्री में हुई। 

बताया जा रहा है कि मजदूरों को फैक्ट्री में बने लगभग 40 गहरे गड्‌ढे को साफ करने के लिए उतारा गया, लेकिन जहरीली गैस चढ़ने से उनका दम घुटने लगा। किसी तरह मजदूरों को बाहर निकालकर करनाल के ट्रॉमा सेंटर में पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने 3 मजदूरों को मृत घोषित किया। जबकि 3 अन्य का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि इन मजदूरों की मौत एक-दूसरे को बचाते समय हुई। मजदूरों की मौत के बाद फैक्ट्री मालिक मौके से फरार हो गया है। कुंजपुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है।

फैक्ट्री मालिक के खिलाफ केस दर्ज 

मालिक उनके बेटे और अन्य मजदूरों को रविवार को काम पर लेकर गया। फैक्ट्री में मजदूरों को 40 फीट गहरे गड्‌ढे को साफ करने के लिए अंदर उतारा गया। मालिक ने इन मजदूरों को गड्‌ढे के अंदर उतारने से पहले इस बात की जांच नहीं की कि अंदर जहरीली गैस तो नहीं है। फैक्ट्री मालिक की इसी लापरवाही की वजह से उनके बेटे और अन्य मजदूरों की जान गई। इस बीच घटना का पता चलते ही करनाल के ट्रॉमा सेंटर में मजदूरों के परिवार पहुंचना शुरू हो गए।  पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मजदूरों के परिवार की शिकायत पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में हुई मौत 

जानकारी के मुताबिक रविवार दोपहर बाद संजय लैदर नामक फैक्ट्री में गड्ढे की सफाई के लिए मजदूर लगाए गए। पुलिस ने बताया कि पहले एक मजदूर गड्‌ढे में उतरा तो वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे बचाने के लिए दूसरा मजदूर गया। जब वह भी बेहोश हो गया तो उनका तीसरा साथी नीचे उतरा लेकिन जहरीली गैस के कारण वह भी होश खो बैठा। इसके बाद अन्य मजदूर गड्‌ढे में उतरे तो उन्हें भी चक्कर आने लगे। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने सभी मजदूरों को किसी तरह बाहर निकालकर दो एंबुलेंस के जरिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां पहुंचने से पहले तीन मजदूरों ने दम तोड़ दिया।

फैक्ट्री मालिक फरार, तलाश जारी

जहरीली गैस की वजह से जान गंवाने वाले सतीश के पिता ने बताया कि हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक फरार हो गया। उसने मजदूरों के परिवारों को इसकी सूचना तक नहीं दी। परिवारों को यह तक नहीं बताया कि उनके बेटे कौन से अस्पताल में भर्ती है। मृतकों के परिवारों में इसे लेकर रोष नजर आया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री मालिक का फर्ज बनता था कि वह अस्पताल पहुंचे लेकिन वह नहीं आया। फिलहाल पुलिस फरार फैक्ट्री मालिक की तलाश में जुटी हुई है। वहीं पुलिस ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है।

नदी में डूबने से 2 युवकों की मौत, नहाने के दौरान हुआ हादसा

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हरियाणा के सोनीपत से दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां यमुना नदी में डूबने से 2 युवकों की मौत हो गई। युवकों के नहर में बहने की सूचना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया और काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों की पहचान UP के जिला संभल के गांव मुटैना के सुनील (उम्र 19) और सुनील (उम्र 20) के तौर पर हुई है। दोनों यहां फैक्टरी में काम करते थे और फिलहाल गन्नौर के हरी नगर में किराए पर रहते थे।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जेठ के दशहरा के मौके पर बड़ी संख्या में लोग यमुना नहर में स्नान के लिए मुरथल क्षेत्र में मिमारपुर घाट पर पहुंचे थे। बताते हैं कि इस बीच यमुना में नहाने के लिए उतरे दो युवक पानी में डूब गए। आसपास के लोगों ने उनको बचाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। हालांकि यमुना में इन दिनों पानी का बहाव बहुत कम है। दोनो युवकों के नहाते समय गड्‌ढे में फंसने से हादसा हुआ। 

पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव

युवकों के डूबने की सूचना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को यमुना से बाहर निकाला। दोनों की मौत हो चुकी थी। आवश्यक कार्रवाई के बाद उनके शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

राजस्थान में 3 बच्चों की मौत

वहीं 7 मई को राजस्थान के धौलपुर के राजघाट गांव में चंबल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। तीनों बच्चे सुबह नदी में नहाने गए थे, तभी तीनों डूबने लगे। वहीं भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार गांव सोहल के पास चिनाब नदी में फंसे दो युवकों को बचाया। जानकारी के मुताबिक सुनील और बाबुल नाम के ये युवक शनिवार रात जेसीबी मशीन के जरिए नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसके बाद दोनों युवक नदी के बीच फंस गए। हालांकि करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने दोनों युवकों को सकुशल निकाल लिया था।

कुकदा डैम में डूबने से 3 लोगों की मौत

इससे पहले 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कुकदा डैम में डूबने से युवती समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक तीनों लोग अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कर्मचारी थे, जो अपने साथियों के साथ रायपुर, धमतरी और कांकेर से पिकनिक मनाने के लिए कुकदा डैम पहुंचे थे। सूचना मिलने पर ASP चंद्रेश ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।

10 सितंबर को हुआ था ऐसा ही हादसा

इससे पहले 10 सितंबर 2021 को बिहार के पूर्वी चंपारण में 3 बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। तीनों बच्चे पढ़ने के लिए कोचिंग जा रहे थे। इसी बीच तीनों का पैर गड्ढे के पास फिसल गया और वो पानी भरे गड्ढे में गिर गए। बच्चों के डूबने का पता तब चला जब ग्रामीण इस रास्ते से होकर गुजर रहे थे, तो उन्होंने पानी भरे गड्ढे में शव को देखा और शोर मचाने लगे इसके बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और तीनों शव को पानी से बाहर निकाला।

तालाब में डूबने से एक ही परिवार के 5 बच्चों की मौत

बता दें कि 5 सितंबर को राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ क्षेत्र में तालाब में नहाने गए एक ही परिवार 5 बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। पानी के बाहर खड़े अन्य बच्चों ने गांव के लोगों को इसकी सूचना दी, जिस पर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और पांचों बच्चों को पानी से बाहर निकाला और सभी बच्चों को मंगलवाड़ के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। 

गंदे पानी से भरे तालाब में डूबने से 3 बच्चों की मौत, पैर फिसलने से हुआ हादसा

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हरियाणा के भिवानी में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए गए तालाब में भरे गंदे पानी में डूबने से 3 बच्चों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने तीनों के शवों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के मुताबिक बहल गांव में खाड़ी वाले तालाब को अमृत सरोवर योजना के तहत विकसित किया गया है। फिलहाल इस तालाब में गंदा पानी भरा हुआ है। गांव के ही तीन बच्चे यानी सुशील उर्फ गोलू (उम्र 10), सचिन (उम्र 11) और लखन (उम्र 8) आज सुबह तालाब के पास पगडंडी से गुजर रहे थे। इस बीच एक बच्चे का पांव फिसल गया, जिससे वो नीचे तालाब में गिरने लगा। 

उसे बचाने के की कोशिश में दो और बच्चे गहरे तालाब में जा गिरे। तालाब में काफी समय से गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे वहां दलदल हो चुकी है। तीनों बच्चे पानी में गिरने के बाद दलदल में फंस गए और ऊपर नहीं आ पाए। बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। इसके बाद कुछ युवकों को रस्सी के सहारे तालाब में उतारा गया और तीनों बच्चों को बेसुध हालत में तालाब से बाहर निकाला गया। 

ग्रामीण तीनों को तालाब से बाहर निकलकर अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी जांच कर मृत घोषित कर दिया। तीनों बच्चों  के शवों को पोस्टमार्टम के लिए लोहारू के नागरिक अस्पताल में भेजा गया है। तीनों ही बच्चे बहल के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में कक्षा 4, 6 और 2 के छात्र थे, जो सुबह तालाब के खड़ी घास में बकरियों को चराने के लिए गए थे।

राजस्थान में 3 बच्चों की मौत

वहीं 7 मई को राजस्थान के धौलपुर के राजघाट गांव में चंबल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। तीनों बच्चे सुबह नदी में नहाने गए थे, तभी तीनों डूबने लगे। वहीं भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार गांव सोहल के पास चिनाब नदी में फंसे दो युवकों को बचाया। जानकारी के मुताबिक सुनील और बाबुल नाम के ये युवक शनिवार रात जेसीबी मशीन के जरिए नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसके बाद दोनों युवक नदी के बीच फंस गए। हालांकि करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सेना के जवानों ने दोनों युवकों को सकुशल निकाल लिया था।

कुकदा डैम में डूबने से 3 लोगों की मौत

इससे पहले 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में कुकदा डैम में डूबने से युवती समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक तीनों लोग अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कर्मचारी थे, जो अपने साथियों के साथ रायपुर, धमतरी और कांकेर से पिकनिक मनाने के लिए कुकदा डैम पहुंचे थे। सूचना मिलने पर ASP चंद्रेश ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।

हादसा: जहरीली गैस की चपेट में आने से 4 लोगों की मौत, बोरवेल सफाई के दौरान हुआ हादसा

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हरियाणा के नीमका गांव में शनिवार को बड़ा हादसा हुआ है। दरअसल, बोरवेल में सफाई के लिए उतरे चार युवकों की जहरीली गैस से दम घुटकर मौत हो गई है। इसमें दो चचेरे भाई और दो पड़ोसी शामिल हैं। जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने CMO और SGM से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के मुताबिक नीमका गांव में हनीफ ने अपने खेल की सिंचाई के लिए 12 फीट गहरा कुआं बना रखा है। इसकी सफाई के लिए दोपहर करीब सवा 12 बजे वो अपने बेटे शाहिद और मिस्त्री जमशीद के साथ खेत में पहुंचा। इस काम में मदद के लिए शाहिद ने अपने दोस्तों जाकिर और इसराइल और याहया को भी बुला लिया। ये दोनों चचेरे भाई थे। 


एक ग्रामीण ने बताया कि सफाई के लिए सबसे पहले जमशीद को उतर गया। उसकी कोई आवाज नहीं आई तो बाहर खड़े याहया, शाहिद और जाकिर कुएं में कूद गए और जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए। वहीं बाहर खड़ा हनीफ कुएं के पास गया तो देखा कि चारों अचेत पड़े हैं। उस पर भी बेहोशी छाने लगी। लेकिन उसने शोर मचा दिया। उसकी आवाज सुनकर आस-पास के खेतों में काम करने वाले लोग पहुंचें। उन्होंने हनीफ को बैठाकर पानी पिलाया, जिसके बाद वो ठीक हो गया।

हादसे की धारा के तहत कार्रवाई

इसके बाद उसने बताया कि चार युवक कुएं में बेहोश पड़े हैं। फिर लोगों ने रस्सी की मदद से चारों को बाहर निकालकर पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषत कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुन्हाना के DACP शमशेर सिंह का कहना है कि हादसे की धारा के तहत कार्रवाई कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। SDM मनीषा शर्मा ने बताया कि घटना की जांच पुन्हाना के नायब तहसीलदार को सौंपी गई है।

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