Media24Media.com: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: 800 से अधिक चिकित्सा कर्मियों की होगी भर्ती

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में यह घोषणा की। दो दिवसीय इस बैठक के पहले दिन मंत्री ने विभागीय योजनाओं और कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को जनसेवा के प्रति निस्वार्थ भाव से कार्य करने का निर्देश दिया।


स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहा अभूतपूर्व विस्तार

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक और सर्वसुलभ बनाने के लिए अनेक परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

1. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल: बिलासपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण।

2. रायपुर मेकाहारा में नया अस्पताल भवन: 231 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों वाला एकीकृत अस्पताल भवन तैयार किया जाएगा।

3. चार नए मेडिकल कॉलेज: राज्य में 1,020 करोड़ रुपये की लागत से चार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।

4. स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अगले एक वर्ष में 800 से अधिक चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती होगी।

5. एमबीबीएस की हिंदी में पढ़ाई: राज्य में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम अब हिंदी में भी उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारियों और चिकित्सकों को पूरी निष्ठा से काम करना होगा।"

इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक के दौरान योजनाओं की समीक्षा की गई और उनके बेहतर कार्यान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित प्रसव के लिए बेहतर सुविधा : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं संसाधनों में लगातार इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास सतत रूप से जारी है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार में कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार में इस वर्ष जनवरी 2024 से माह सितंबर तक 9 माह में कुल 1816 सफल प्रसव कराए गए हैं। उक्त प्रसव में से 1354 सामान्य प्रसव तथा 462 सिजेरियन शामिल है। सिजेरियन में आकस्मिक और पूर्व नियोजित दोनों ही सम्मिलित हैं।


जिला अस्पताल बलौदाबाजार के सिविल सर्जन डॉक्टर के. के. टेम्भूरने ने बताया कि अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ कुशल प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ अपनी सेवाएं देते हैं। यहाँ आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रसव कक्ष स्थापित है। प्रसव के बाद नवजात शिशु के देखभाल हेतु विशेष एस.एन.सी.यू. भी स्थापित है। उक्त कुल प्रसव में 161 बच्चों को उक्त एस.एन.सी.यू. में भर्ती कर उनकी विशेष देखभाल भी की गई।


ग्राम खैरा से माह सितंबर में अपनी 23 वर्षीय पत्नी को प्रसव पीड़ा पर जिला अस्पताल लेकर आएं नोहर पटेल ने बताया कि अस्पताल में आने पर उन्हे बताया गया कि फीटल डिस्ट्रेस की स्थिति है जिसमें भ्रुण तक ऑक्सीजन पहुँचने में दिक्कत होती है और बच्चे की धड़कन बढ़ती है। ऐसे में ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ जिसमें मां और बच्चे दोनों ही स्वस्थ हैं। इसी प्रकार प्रोलांग लेबर (देर तक प्रसव पीड़ा) की स्थिति में आये हुए गिरौदपुरी के पास स्थित ग्राम खोसड़ा के रहने वाले महेंद्र पैकरा ने बताया कि 28 वर्षीय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा काफी देर से हो रही थी जिस कारण जिला अस्पताल लेकर आया तथा यहाँ ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ। अस्पताल में दवाई और अन्य सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त हुई। इस प्रकार के ऑपेरशन का निजी अस्पताल में काफी पैसा खर्च होता, जो बच गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलौदाबाजार डॉ. राजेश कुमार अवस्थी के अनुसार जिला अस्पताल एन.क्यू.ए.एस. प्रमाण पत्र धारी संस्था है। यह प्रमाण पत्र उच्च गुणवत्त्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करने के कारण राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के बाद प्राप्त हुआ है। अस्पताल में प्रसव की इस सुविधा को लगातार बेहतर से और बेहतर करने का प्रयास जारी है, जिससे आम जनता को इसका लाभ प्राप्त हो सके।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने किया महर्षि चरक सदन का लोकार्पण, बोले - इलाज के आने वाले लोगों को मिलेगी रुकने की व्यवस्था

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 रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अपने निवास कार्यालय में महर्षि चरक सदन का लोकार्पण किया। 30 बिस्तरों का ये सदन लोगों के रुकने और रायपुर में इलाज कराने के लिए तैयार किया गया है।


इससे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए हसदेव सदन तैयार करवाया है। हसदेव सदन में 15 लोगों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध है।


इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा की मनेंद्रगढ़ और चिरमिरी जैसे दूर दराज क्षेत्रों से इलाज कराने वाले लोगों को रायपुर में रुक कर इलाज कराना काफी मुश्किल काम है। ऐसे में 15 और 30 बिस्तरों वाले ये दोनो सदन बीमार लोगों और उनके परिजनों को राहत प्रदान करेंगे। कई मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें कुछ दिनों के अंतराल में ही चेकअप के लिए आना पड़ता है, लिहाजा रुकने की व्यवस्था होने से उन्हें बार बार आना जाना नही करना पड़ेगा।

 

मरीजों को रेफर करने की बतानी होगी वजह, रेफर के कारणों की होगी समीक्षा : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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 रायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सोमवार को राज्य के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ), सिविल सर्जन (सीएस) और नोडल अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य सुधार और नीतियों पर चर्चा की गई, जिसमें निजी पैथोलॉजी लैब्स की नियमितता, चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस और जन औषधि केंद्रों की स्थापना प्रमुख रूप से शामिल थी।


निजी पैथोलॉजी लैब्स की सूची बनाने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों के सीएमएचओ को निर्देशित किया कि एक माह के भीतर अपने जिलों में संचालित सभी निजी पैथोलॉजी लैब्स की सूची तैयार करें। साथ ही, जिन लैब्स के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें एक वर्ष के भीतर नियमितिकरण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए लैब्स को आयुष विश्वविद्यालय से डिप्लोमा कोर्स करने का मौका दिया जाएगा। इसके अलावा, सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।

निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर सख्त रुख
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने शासकीय चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शासकीय चिकित्सकों को नियमानुसार भत्ता दिया जा रहा है, और इसके बावजूद अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों के रेफर के कारणों की होगी समीक्षा
जायसवाल ने शासकीय अस्पतालों से अन्य अस्पतालों में रेफर किए जा रहे मरीजों की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को मरीजों को रेफर करने के स्पष्ट कारण बताने होंगे, और जरूरत पड़ने पर इन कारणों की समीक्षा भी की जाएगी।

500 जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी
मंत्री ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि तीन माह के भीतर राज्य में 500 जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी पूरी की जाए। यह प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी योजना के तहत किया जाएगा, जिससे जनता को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

मौसमी बीमारियों पर जागरूकता फैलाने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, और डायरिया के प्रति जागरूकता फैलाएं और इसके लिए अस्पतालों में दवाइयों और जांच किट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। स्वाइन फ्लू के संदर्भ में भी विशेष सतर्कता बरतने और अधिक जांच करने के निर्देश दिए गए।

इस बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, एनएचएम के एमडी जगदीश सोनकर, और सीजीएमएमसी की एमडी श्रीमती पद्मिनी भोई भी उपस्थित थीं।

 

 

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मियावाकी पद्धति से किया वन महोत्सव का शुभारंभ

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 एमसीबी : आज जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम‘अभियान के तहत वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया। आयोजन में कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मियावाकी पद्धति के माध्यम से परिसर में वन महोत्सव का शुभारंभ फीता काटकर किया।


इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वनमण्डालाधिकारी ने वन महोत्सव के माध्यम से जिले में मियावाकी पद्धति के बारे में बताया। आज बड़े-बड़े मेट्रो सिटी में इस पद्धति के माध्यस से वानिकी किया जा रहा है। एक-एक मीटर के दूरी पर संघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। जिससे घना वन मिलता है। जिससे हमें शुद्ध हवा मिलता है। 30 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है। इतना ही वायु और ध्वनि प्रदूषण भी सोखता है। हमारा मनेंद्रगढ़ अर्बन हिट आईलैण्ड बन सकता है। जिले के लोगों ने कॉॅफी मात्रा में पौधारोपण किया है। इसी प्रकार खाली स्थानों में और अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता है। जिससे हमें स्वस्थ पर्यावरण का लाभ मिलेगा। हमारे जिले में इस बार बारिश अच्छा हुआ है। पौधारोपण के लिए हमें पर्याप्त मात्रा में आर्द्रता और नमी मिलेगी। उन्होंने जिले जनप्रतिनिधिया, अधिकारियों, महतारी वंदन के हिग्राहियों तथा स्कूल के छात्र एवं छात्राओं को अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने वनमण्डलाधिकारी को जिले में पौधा रोपण कार्यक्रम को अभियान के मिशन मोड में करने कहा। जिससे हम अपनी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध एवं स्वच्छ हवा प्रदान कर सके।

पर्यावरण एवं वानिकी की उपलब्ध बताते उन्होंनेे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरूघासीदास तमोर पिंगला के रूप में जिले को बड़ा उपहार दिया है। जिसकी स्वीकृति कैबिनेट में मिल चुकी है। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। उन्होंने सभी को पौधारोपण एवं पर्यावरण की रक्षा करने के हरसंभव उपाय करने को कहा। पृथ्वी के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए वृक्षों का होना आवश्यक है। इसके लिए सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान का शुभारंभ पर्यावरण एवं जलवायु को बेहतर करने के उद्देश्य से किया गया है। अतः सभी जिलेवासी इस अभियान में शामिल होकर इसे सफल बनाएं। पौधारोपण कार्य केवल वनक्षेत्र न किया जाये बल्कि वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, छात्रावास, स्कूल परिसरों आदि स्थानों में भी किया जावेगा।

वनमण्डलाधिकारी मनीष कश्यप ने मियावाकी पद्धति के बारे में बताते हुये कहा कि इस विधि का प्रयोग कर के घरों के आस-पास खाली पड़े स्थान (बैकयार्ड) को छोटे बगानों या जंगलों में बदला जा सकता है। मियावाकी पद्यति के प्रणेता जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी हैं। इसके माध्यम से जिले के छोटे-छोटे स्थानों पर मिनी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करना है। जिससे जिले को हिट वेव से बचाया जा सके। इस पद्धति से प्लानटेशन 3 से 4 चार में बढ़ जाता है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया श्रीमती रेणुका सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सोनमती उर्रे, जिला पंचायत सदस्य दृगपाल सिंह, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, गणमान्य नागरिक अनिल केशरवानी, लखन लाल श्रीवास्त, धमेंद्र पटवा, जमुना पाण्डेय, श्रीमती राज कुमारी बैगा, आलोक जायसवाल, धीरेन्द्र विश्वकर्मा, राहुल सिंह, अंकुर जैन, वीरेंद्र राणा, रंजीत सिंह, प्रवीण निशी सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि तथा वनविभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय की पहल से बस्तर संभाग में 11 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अनुशंसा पर बस्तर संभाग में 11 विशेषज्ञ चिकित्सकों (एनएचएम संविदा) की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से इन विशेषज्ञ चिकित्सको का पोस्टिंग आदेश भी जारी हो गया है। इन चिकित्सकों के मिल जाने से संभाग में त्वरित एवं बेहतर उपचार की बड़ी सुविधा मिलेगी।


राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी किये गए आदेश में डॉ. मेनका खरे, एम.डी. मेडिसिन को जिला अस्पताल, जिला - बस्तर , डॉ. गौरीसेट्टी श्रव्या, शिशुरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला - बस्तर , डॉ. पाड़ीशाला हरिश कुमार, एम.डी. मेडिसिन को जिला अस्पताल, जिला - बीजापुर , डॉ. लीना पुराइन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला - बीजापुर , डॉ. कृष्णा कुमार मरकाम, निश्चेतना विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला - नारायणपुर में पदस्थ किया गया है।

इसी प्रकार डॉ. लक्ष्मी नारायण वर्मा, नेत्ररोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला - नारायणपुर , डॉ. जयश्री साहू, शिशुरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल (एस.एन.सी.यू.), जिला - नारायणपुर, डॉ. मनोज कुमार, अस्थिरोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल, जिला - नारायणपुर,डॉ. परिणीता रायस्त, स्त्रीरोग विशेषज्ञ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छिन्दनार, जिला - सुकमा ,डॉ. निरंजन

CG NEWS : बहाल हुए 5 हजार स्वास्थ्य कर्मी, 25 हजार कर्मियों को मिला रूका वेतन

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 रायपुर : स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी 21 अगस्त 2023 से 12 सितम्बर 2023 तक हड़ताल में थे। इस अवधि का अवकाश व रूका वेतन स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर जारी कर दिया गया है। इसका लाभ प्रदेश के लगभग 30 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को मिला हैं। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन ने स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल को आभार व्यक्त किया है।


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन के आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का उस दौरान कार्यालय में अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्तगी व वेतन अस्वीकृत कर दिया गया था। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की थी। स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने मुलाकात के बाद स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को इन विसंगतियों को दूर करने के निर्देश दिये थे।

    निर्देश के परिपालन में बर्खास्त पांच हजार कर्मचारियों को वापस सेवा में ले लिया गया है। साथ ही 25 हजार कर्मचारियों का अंदोलन के दौरान रूका वेतन भी स्वीकृत कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन ने स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल का निज निवास कार्यालय में गत दिवस सौजन्य भेंट कर धन्यवाद दिया है।

आंदोलन के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग के दो हजार कर्मचारियों के रूके हुये वेतन को देने का आदेश जारी नहीं किया गया हैं। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने इन कर्मियों का भी वेतन जारी करने का निवेदन स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल से किया हैं।


एम्स की तर्ज पर प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालय में बनेगा सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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 रायपुर : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों से संबंधित 6206 करोड़ 51 लाख 52 हजार रूपए की अनुदान मांगें आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दी गई। इनमें लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 4,413 करोड़ 16 लाख 5 हजार रूपए, चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 1,788 करोड़ 86 लाख 12 हजार रुपए तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग के लिए 4 करोड़ 49 लाख 35 हजार रूपए की राशि शामिल है।


स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रदेश में त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ड्रोन सेवा के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा सेवा जैसे रोबोट टेक्नोलॉजी व रोबोट डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थान चिन्हांकित कर ट्रामा सेंटर खोलने की भी घोषणा की।

स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने सदन में कहा कि अगले वित्तीय वर्ष के  बजट में एम्स की तर्ज पर सभी संभागीय मुख्यालयों में सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल खोलने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही राज्य के दूरस्थ अंचलों के 6 जिला अस्पतालों गरियाबंद, कवर्धा, मुंगेली, रायगढ़, बैकुण्ठपुर और नारायणपुर को आदर्श जिला अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 20 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।

इस राशि से इन अस्पतालों में आवश्यकतानुसार मशीनें, अधोसंरचना तथा मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीब-मजदूर सहित जरूरतमंद मरीजों के इलाज हेतु मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने सब की चिंता की है।

इसके लिए शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने सदन में बताया कि दूर-दराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराने नए बजट में 393 लैब टेक्निशियन के नवीन पदों का सृजन किया गया है। साथ ही दूरस्थ अंचलों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु 57 नए मोबाइल मेडिकल यूनिट का भी इस बजट में प्रावधान किया गया है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने अनुदान मांगों पर हुई चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि निरोगी होना परम भाग्य है और अच्छे स्वास्थ्य से अन्य सभी कार्य सिद्ध होते हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी मोदी की गारंटी को पूरा कर रही है। उन्होंने सदन में बताया कि हमने वर्ष 2024-25 के बजट में राज्य के 5 नये जिलों सक्ती, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं सारगंढ-बिलाईगढ़ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के लिए 165 नए पदों का प्रावधान किया है।

मनेन्द्रगढ़ एवं कुनकुरी में 220 बिस्तर अस्पताल खोलने के साथ ही इनके भवन निर्माण का भी प्रावधान किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन, बिलासपुर उच्च न्यायालय के आवासीय परिसर में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने तथा कुरूद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का 50 बिस्तर से 100 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन का प्रावधान आगामी वर्ष के बजट में रखा गया है।


स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में बताया कि वर्ष 2024-25 के बजट में 18 नये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का प्रावधान किया गया है। ये नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ग्राम गोडखाम्ही अखरार, डिडोरी (ची) जिला मुंगेली, गोलावण्ड जिला कोण्डागाव, नगर निगम चिरमिरी अन्तर्गत कोरिया कालरी, ग्राम सेवारी जिला बलरामपुर, ग्राम पोडागुडा एवं चितापुर जिला बस्तर, ग्राम मुरमा, जिला बैकुण्ठपुर ग्राम पंचायत करदेगा, ग्राम पेटामारा (अंकिरा), ग्राम गन्झियाडीह, ग्राम केराडीह एवं सिरिमकेला जिला जशपुर तथा रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा एवं जगदलपुर एयरपोर्ट में खोले जाएंगे।

लकवा और वातरोग के पीड़ितों तथा नशामुक्ति के लिए लोगों को उनके रहवास के समीप फिजियोथेरेपी, मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति की काउंसलिंग व योग परामर्श प्रदान करने के लिए सभी शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों में फिजियोथेरेपिस्ट, योग शिक्षा एव नशा मुक्ति परामर्शदाता की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने जगदलपुर, चिरमिरी और रायपुर में मानसिक चिकित्सालय खोलने की बात भी कही। 

 जायसवाल ने सदन में बताया कि प्रदेश के 123 अस्पताल राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्राप्त हैं। भारत सरकार द्वारा सभी राज्य सरकारों को चिकित्सालयों को एन.क्यू.ए.एस. के मापदण्डों के अनुरूप सुविधाओं से युक्त कर प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के निर्देश जारी किये गये हैं। इस बजट में हमने 12 जिला अस्पतालों एवं 95 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मानकों के अनुरूप सुविधायें उपलब्ध कराकर एन.क्यू.ए.एस. सर्टिफिकेट प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बजट में 12 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आयुष पद्धतियों का भी राज्य में निरंतर विकास एवं विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 हेतु कुल राशि रुपए 442.68 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 के बजट में औषधि हेतु 23.26 करोड़ रूपए और चिकित्सकीय उपकरण हेतु 3.92 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 में 7 आयुर्वेद चिकित्सालय, 12 आयुष पॉलीक्लीनिक एवं 692 आयुष औषधालयों का जनभागीदारी के माध्यम से उन्नयन एवं सुविधाएं प्रदाय किये जाने हेतु राशि रूपए 2.12 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।


मूल पदों पर वापस लौटेंगे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं चिकित्सकीय स्टाफ: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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 रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज विधानसभा सदन में एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मियों का अटैचमेंट खत्म करने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि ऐसी जानकारी मिली है कि बिना किसी कारण के ही दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों, नर्सिंग स्टाफ एवं चिकित्सकों को अन्यत्र मनचाही जगहों पर अटैच किया गया है जिससे आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।


जायसवाल ने कहा है कि यदि कहीं ऐसी विशेष परिस्थिति है जहां स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ की कमी है और अटैचमेंट करना अनिवार्य हो तो विभागीय अनुमति लेकर उसे जारी रखा जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आम जनों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में अकारण ही अटैचमेंट जैसी व्यवस्था से दूरस्थ क्षेत्रों में स्टाफ की कमी से आम लोगों को परेशानी होती है जिसे खत्म करना आवश्यक है।

लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाएं: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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 रायपुर : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा और बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में काम-काज संभाल लिया है। जायसवाल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित विभागीय कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले भी मौजूद थीं। जायसवाल ने अधिकारियों से राज्य के सभी जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।


स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी शासकीय अस्पतालों में गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जायसवाल ने अधिकारियों से कहा कि वे शासकीय अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेें। उन्होंने नर्सिंग होम एक्ट को और प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों के लिखे बिना दर्द निवारक दवाओं की बिक्री पर भी सख्ती से कार्यवाही करें।

स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय सिकलसेल उन्मूलन मिशन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम, सिकलसेल एनीमिया कार्यक्रम, सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान, संचालक स्वास्थ्य सेवायें जे.पी.मौर्य, आयुष विभाग की संचालक सुनम्रता गांधी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

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