Media24Media.com: स्वास्थ्य मंत्री

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cg news : कैंसर उपचार की दिशा में उम्मीद की नई किरण पाइपेक तकनीक से शुरू हुई उपचार सुविधा की शुरुआत

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 रायपुर :   प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार सशक्तिकरण हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अथक प्रयासों से राज्य की जनता को सहज और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। वहीं नित नये वैज्ञानिक शोध, परीक्षण और निष्कर्ष पर आधारित आधुनिक चिकित्सा प्रणाली की मदद से आज मनुष्य कई गंभीर बीमारी से ठीक होकर निकल रहे हैं।


डॉक्टरों की उपचार प्रक्रिया और मरीज की सकारात्मक सोच की बदौलत कैंसर जैसे असाध्य रोग भी अब साध्य हो चले हैं। इसी क्रम में हाल ही में पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के आंकोसर्जरी (कैंसर सर्जरी) विभाग के डॉक्टरों की टीम ने पेट की झिल्ली के (पेरिटोनियम) कैंसर से पीड़ित महिला का उपचार पाइपेक (PIPAC) पद्धति से कर महिला के बहुमूल्य जीवन को बचाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है।

संभवतः मध्य भारत के किसी भी शासकीय कैंसर अस्पताल में इस पद्धति से पहली बार इलाज कर डॉक्टरों ने मरीज के पेट की झिल्ली के कैंसर का इलाज किया है। पाइपेक यानी प्रेशराइज्ड इंट्रापेरिटोनियल एरोसोलाइज़्ड कीमोथेरेपी, कैंसर बीमारी में दी जाने वाली कीमोथेरेपी का ही एक प्रकार है। यह उदर गुहा में दबाव के साथ कीमोथेरेपी को पहुंचाती है जिससे कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोकने में मदद मिलती है। कैंसर सर्जन डॉ.(प्रो.) आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में लेप्रोस्कोपिक विधि से न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया के अंतर्गत किये गये इस उपचार विधि में कीमोथेरेपी को एक मशीन के जरिये एरोसोल के रूप में दिया जाता है जिससे कैंसर उत्तकों में दवा का प्रभाव ज्यादा होता है और कैंसर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। ओड़िशा की रहने वाली 54 वर्षीय महिला मरीज को उपचार के पांच दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। उपचार के बाद वह अब ठीक है और फॉलोअप के लिए आ रही है।

पाइपेक एक लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया है। इसका मतलब है कि डॉक्टर मरीज के पेट में एक या दो छोटे छेद करके इस प्रक्रिया को पूरी करते हैं जिन्हें एक्सेस पोर्ट भी कहा जाता है।

क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के संचालक एवं पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने पहली बार इस नये विधि से किये गये सफल उपचार के लिए कैंसर सर्जरी विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यह एक सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रक्रिया है जो कीमोथेरेपी के प्रभाव को बढ़ाता है। कोलोरेक्टल कैंसर, डिम्बग्रंथि का कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर जैसे कैंसर बीमारियों में कीमोथेरेपी के नये विकल्प के रूप में इसे अपनाया जा सकता है। प्रयास करेंगे कि भविष्य में कैंसर के अन्य मरीजों को भी इस उपचार सुविधा का लाभ मिल सके।

अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा मरीजों के उपचार हेतु किये जा रहे निष्ठापूर्ण प्रयासों ने लोगों का विश्वास इस संस्था के प्रति सदा से ही बनाये रखा है।

कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, प्रेशराइज्ड इंट्रापेरिटोनियल एरोसोलाइज़्ड कीमोथेरेपी एक तकनीक है जो दबाव के तहत एरोसोल के रूप में उदर गुहा में कीमोथेरेपी को पहुंचाती है। एरोसोल दो शब्दों से मिलकर बना है। एयरो यानी विशेष हवा और सोल अर्थात् द्रव में अत्यंत छोटे कणों के रूप में पदार्थ का मिश्रण। दबावयुक्त एरोसोल पूरे पेट में कीमोथेरेपी को समान रूप से वितरित करता है। एडवांस पेरिटोनियम कैंसर, जीआई कैंसर और एडवांस ओविरयन कैंसर जैसी बीमारियों में उपचार की इस नई प्रक्रिया के कई संभावित लाभ हो सकते हैं। कीमोथेरेपी की उच्च सांद्रता के कारण कैंसर कोशिकाओं से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है और अन्य अंगों को नुकसान कम होता है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण जैसे मतली, उल्टी, कब्ज, दस्त और भूख न लगना जैसी स्थितियां कम होती हैं। लीवर और किडनी जैसे अंगों को कम नुकसान होता है।

 
ऐसे संपन्न की जाती है प्रक्रिया

डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले प्रक्रिया के लिए एक्सेस पोर्ट बनाते हैं फिर पेरिटोनियम (पेट की परत वाली झिल्ली) को फुलाने के लिए पोर्ट का उपयोग करते हैं। एक एक्सेस पोर्ट में दबावयुक्त कीमोथेरेपी देने वाला उपकरण डालते हैं। दबावयुक्त एरोसोल कीमोथेरेपी को लगभग 30 मिनट तक पेरिटोनियम के भीतर दिया जाता है। इसके बाद मरीज के पेट से सभी उपकरणों को बाहर निकाल देते हैं और छोटे छेद/चीरे को बंद कर देते हैं। उपचार करने वाली टीम में कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता के साथ डॉ. किशन सोनी, डॉ. राजीव जैन, डॉ. गुंजन अग्रवाल और एनेस्थीसिया से डॉ. शशांक शामिल रहे।

आम जन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निस्वार्थ भाव से काम करें अधिकारी व चिकित्सक : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस के आडिटोरियम में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए। शुक्रवार को शुरू हुई ये समीक्षा बैठक दो दिनों तक चलेगी। समीक्षा बैठक के पहले दिन स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए जायसवाल ने कहा कि सभी अधिकारी एवं चिकित्सक आम जन के स्वास्थ्य को देखते हुए निस्वार्थ भाव से काम करें।

उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार करने का काम किया जा रहा है। बिलासपुर मे 200 करोड़ की लागत से बनने वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रायपुर के मेकाहारा में 700 बिस्तरीय एकीकृत नवीन अस्पताल भवन का 231 करोड़ रूपए का ई टेंडर, चार नवीन मेडिकल कालेजों के लिए 1 हजार 20 करोड़ का ई टेंडर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से एक वर्ष के भीतर 8 सौ से ज्यादा चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती, राज्य में एमबीबीएस की हिन्दी में पढ़ाई जैसे निर्णय से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है।

जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर संचालन एवं क्रियान्वयन के जरूरी निर्देश देते हुए कहा कि आम जन तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित होना चाहिए। विभागीय समीक्षा बैठक में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ ही जिलों से आए अधिकारी भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के14 स्वास्थ्य संस्थाओं को मिला गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार हो रही बेहतर : स्वास्थ्य मंत्री

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 रायपुर : उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने वाले छत्तीसगढ़ के 14 शासकीय अस्पतालों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS – National Quality Assurance Standard) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। इनमें 10 आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र, 03 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की विशेषज्ञों की टीम द्वारा विगत अक्टूबर व नवंबर माह में इन अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता के परीक्षण के बाद राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र जारी किया गया है।


राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुणवत्ता आश्वासन के मानकों पर खरा उतरने वाले स्वास्थ्य केंद्रों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बेहतर हो रही हैं और 14 शासकीय अस्पतालों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र मिलना इसी का नतीजा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा महासमुंद ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र भदरसी को 91.29% , बड़े टेमरी को 90.27%, झलप को 91.93% व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयापारा को 88.89% के साथ सूरजपुर ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र नवापाराकला को 76.09%, धरमपुर को 87.75% व कांकेर जिले आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र मुसरपट्टा को 94.2%,पीवी89 को 85.58%, कोदागांव को 93.36%, माकरीखुना को 81.54 व बलौदाबाजार ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद् ठेलकी को 86.83%, रायगढ़ जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र छर्राटानगर को 82.39%, बस्तर जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र जमावड़ा को 88.99% व रायपुर ज़िले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी को 88.15% अंक प्राप्त हुए हैं ।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान करने के पूर्व विगत माह भारत सरकार के विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया गया। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासकीय चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालयों का बड़ा निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में चिकित्सा के क्षेत्र में जनहित का विशेष रूप से ध्यान  रखते हुए स्वास्थ्य विभाग में जनहित में निर्णय लेते हुए जनसुविधाओं के विस्तार के लिए नित नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री साय की पहल और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर शासकीय चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालयों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। 

इसके अन्तर्गत आमजनों के लिए चिकित्सा शिक्षा की वेबसाइट www.cgdme.in पर  नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस (एन पी ए) लेने वाले चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों की सूची सार्वजनिक कर दी गई है। सूची में इस बात की जानकारी दी गई है की उक्त चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस की जा रही है या नहीं। उल्लेखनीय है कि ऐसे चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक जो निजी प्रैक्टिस नही करते हैं उन्हें शासन द्वारा वेतन के अतिरिक्त नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस (एन पी ए) भी दिया जाता है। एन पी ए लेने के बाद भी निजी प्रैक्टिस करना प्रतिबंधित है और ये नियम विरुद्ध है।

आमजनों को ये जानकारी रहे की कौन सा चिकित्सक निजी प्रैक्टिस करने के लिए पात्र है और कौन नही, इसके लिए राज्य के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेज और डेंटल मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों के द्वारा एनपीए लेने अथवा न लेने की जानकारी चिकित्सा शिक्षा की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी गई है।

आयुष्मान योजना में इंश्योरेंस या ट्रस्ट, व्यापक सहमति बनाने के बाद होगा निर्णय: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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रायपुर। आयुष्मान भारत योजना को इंश्योरेंस व ट्रस्ट मोड में चलाने को लेकर चिकित्सकों और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के बीच निवास कार्यालय में विस्तृत चर्चा हुई। इसको लेकर चिकित्सकों व विभाग के बीच व्यापक सहमति निर्मित कर निर्णय पर पहुंचने की बात स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कही।

चिकित्सकों ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में आने वाली समस्याओं और अन्य मुद्दों पर स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। इस दौरान आयुष्मान योजना में चिकित्सकों की शिकायतों के समाधान के लिए सुधारात्मक कदम उठाने पर भी विचार हुआ। मंत्री जायसवाल ने कहा कि सरकार चिकित्सकों के साथ मिलकर योजना के हित में किसी भी तरह का निर्णय लेगी।

चर्चा के दौरान एमबीबीएस और स्नात्कोत्तर के छात्रों के बॉन्ड को समाप्त करने की मांग पर भी चर्चा हुई। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले छात्रों को बॉन्ड से मुक्त करने की दिशा में विचार किया जाएगा। इसके साथ ही रूरल बॉन्ड की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि छात्रों का समय खराब न हो। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया कि शासकीय सेवा के दौरान स्नात्कोत्तर की पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को अब तीन वर्षों का सवैतनिक अध्ययन अवकाश मिलेगा। पूर्ववर्ती सरकार ने इसे घटाकर दो वर्ष कर दिया था, जिसे अव्यवहारिक मानते हुए इसे पुनः तीन वर्षों के लिए करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में नर्सिंग होम एक्ट के तहत् 30 बिस्तरों के अस्पताल को छूट देने की मांग पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री जी ने इस पर सहमति जताते हुए शीघ्र ही आदेश जारी करने को लेकर आश्वस्त किया। उन्होंने पर्यावरण, फायर फाईटिंग आदि के लिए सिंगल विंडो की प्रक्रिया शुरू करने की भी बात कही। पी.एन.डी.टी. एक्ट, छात्रावास संबंधी समस्या, चिकित्सक प्रोटेक्शन एक्ट, संविदा चिकित्सकों के नियमितीकरण, राज्य चिकित्सा प्रशासनिक सेवा प्राधिकरण के गठन, बायोमेडिकल वेस्ट प्लाण्ट को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल से चर्चा हुई। सभी विषयों पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सहमति बनाते हुए सुधार या किसी निर्णय पर पहुंचने का आश्वासन दिया।  

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के साथ विशेष सचिव चंदन कुमार, संचालक,  महामारी डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, राज्य नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत, डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, डिप्टी डायरेक्टर, चिकित्सा शिक्षा डॉ. प्रतीक प्रधान, डॉ. पुर्णेन्दु सक्सेना, आईएमएस के प्रदेश अध्यक्ष, डॉ. विनोद तिवारी, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विमल चोपड़ा, डॉ. कमलेश्वर अग्रवाल, डॉ. प्रशांत द्विवेदी, डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला, डॉ. अशोक त्रिपाठी, डॉ. प्रेम चौधरी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संस्थागत प्रसव में हो रहा है बेहतर प्रदर्शन

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रायपुर। मुंख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों से स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संस्थागत प्रसव में बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है। बलौदाबाजार भाटापारा विकासखंड के ग्राम पंचायत करहीबाजार में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक 129 प्रसव हुए हैं जो औसतन 16 प्रतिमाह है। जबकि लक्ष्य 3 प्रतिमाह का है। इस तरह करहीबाजार स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिमाह लक्ष्य से पाँच गुना अधिक प्रसव हो रहा है।

जो शासकीय संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को दिखाता है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में विगत दिनों हुए एक प्रसव में चार किग्रा के शिशु वाली गर्भवती महिला ग्राम केशला निवासी 26 वर्षीय श्रीमती पितर पटेल का सामान्य प्रसव कराया गया। उनके पति हरकुमार पटेल ने बताया की वह कृषि मजदूरी करते हैं और पत्नी का यह तीसरा बच्चा है। बीच में आवश्यक जांच हुई थी और हम लोग एक निजी अस्पताल भी गए थे। पर फिर करहीबाजार के स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किये जहाँ स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने आवश्यक दवाईयां और सलाह दी तथा समय-समय पर हम लोग जाँच के लिए जाते रहे है। प्रसव के बाद अब जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

इस संबध में भाटापारा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया की बच्चे का वजन अधिक होने के कारण प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव,पेल्विक विकृति, गर्भाशय के नीचे सरकने का खतरा हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में सामान्य प्रसव एक उपलब्धि है जिससे परिजनों का किसी संभावित परेशानी से भी बचाव हुआ। उक्त स्वास्थ्य केंद्र में शकुन बंजारे और विक्रम शर्मा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक और आशा दिवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधीकारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे है।

गौरतलब है की कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश में जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ही प्रसव की सुविधा प्रदान करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ाने देने के उद्देश्य से जिला खनिज न्यास निधि से कई केंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गई थी जिसके अच्छे परिणाम मिल रहे है।

 

बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़ : श्याम बिहारी जायसवाल

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रायपुर। छत्तीसगढ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज IIT भिलाई में आयोजित "हेल्थ इनोवेशन केयर इन छत्तीसगढ़" के दूसरे राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।  इस कॉन्फ्रेंस में IIT, IIM, AIIMS, NIT और मल्टी नेशनल कंपनी के पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल तक बेहतर मेडिकल सुविधा कैसे पहुंचे इस पर सकारात्मक चर्चा हुई। कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए सुझाव और तकनीक को लेकर चर्चा हुई जो आने वाले दिनों में राज्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।

कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है जो इंसान के साथ ताउम्र जुड़ा रहता है , लिहाजा एक बीमारी को ठीक करना हे स्वास्थ्य नहीं है बल्कि व्यक्ति बीमार ही न हो यह ज्यादा आवश्यक है। ऐसी स्थिति लाने की लिए युवा पीढ़ी को शादी से पहले जन्म कुंडली ही नहीं बल्कि जेनेटिक कुंडली भी मिला लेनी चाहिए ताकि सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारी पूरी तरह से खत्म हो जाए।

जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और इसका लाभ भी दूरस्थ अंचल के लोगों को मिल रहा है। अंबिकापुर से उदयपुर तक ड्रोन चिकित्सा सेवा और रायपुर के मेकाहारा में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत नई तकनीक का ही उदाहरण है।

जायसवाल ने भारत की अग्रणी संस्थाओं से कहा कि वो स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए तकनीक की खोज करेगें जिसके लिए राज्य सरकार का हर संभव सहयोग रहेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है जिसमें रायपुर और बिलासपुर में 700 बेड के अस्पताल तथा बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण की घोषणा शामिल हैं।

कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ धीरेंद्र तिवारी,  IIT भिलाई के निदेशक प्रो.डॉ. राजीव प्रकाश , AIIMS रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल , NIT रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमन्ना राव सहित  IIM रायपुर और स्टैनफोर्ड बायर्स सेंटर फॉर बायोडिजाइन के पदाधिकारी और IIT भिलाई के रिसर्च स्कॉलर्स उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के जिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में खुलेंगे प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र : स्वास्थ्य मंत्री

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 रायपुर। प्रदेश की जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयों के लिए सभी जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे. इसके अलावा जनहित में आवश्यक उपकरणों की खरीदी सीजीएमएससी के अलावा जैम पोर्टल से भी की जा सकेगी. इस बात के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को दिए.


देश में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं. इस दौरान जायसवाल ने प्रदेश के सभी अस्पतालों में दवाइयों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

जायसवाल ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में टीबी की दवाइयां उपलब्ध कराये एवं शासकीय अस्पतालों के अधूरे निर्माण कार्य जल्द ही सीजीएमएससी के माध्यम से पूर्ण किए जाएं.

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग के सभी बड़े अधिकारियों को हर सप्ताह 3 अस्पतालों के निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आयुष्मान भारत योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत मरीजों को शत प्रतिशत मिलने वाले लाभ को सुनिश्चित करें.

जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में आयुर्वेद के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है, मरीजों के हितों को देखते हुए रायपुर में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की पहल की जाएगी और इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा जाएगा. जायसवाल ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए इनोवेशन स्कीम्स, ड्रोन डिलीवरी जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने की बात कही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी त्वरित और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके.

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, विशेष सचिव चंदन कुमार, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ऋतुराज रघुवंशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक जगदीश सोनकर, आयुष की प्रबंध संचालक सुइफ्फत आरा तथा सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई उपस्थित थीं.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सौजन्य मुलाकात की

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सौजन्य मुलाकात की। 

मुख्यमंत्री बघेल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव को उप मुख्यमंत्री बनाये जाने पर मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री कुमारी शैलजा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 23 जून को सिकल सेल संस्थान के ‘‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’’ का करेंगे भूमिपूजन

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 23 जून को शाम 4 बजे राजधानी रायपुर के देवेन्द्र नगर चौक जेल रोड में ‘‘सिकल सेल संस्थान छत्तीसगढ़’’ के ‘‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’’ का भूमिपूजन करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, रायपुर लोकसभा सांसद सुनील सोनी, संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चन्द्राकर, गुरूदयाल सिंह बंजारे और विकास उपाध्याय, वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम महापौर एजाज ढेबर, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा और रायपुर नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे उपस्थित रहेंगे।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न्यूजीलैंड में ऑकलैंड विश्वविद्यालय का भ्रमण कर विशेषज्ञों से की चर्चा

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अध्ययन दौरे पर गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड विश्वविद्यालय (यूओए) का भ्रमण कर विशेषज्ञों से चर्चा की। टीम ने वहां स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के परिमाणों व गुणवत्ता प्रबंधन, स्वास्थ्य विज्ञान तथा व्यवहार विज्ञान के साथ तंबाकू मुक्त जीवनशैली के संबंध में जानकारियों का आदान-प्रदान किया।

बहुसंख्यक आबादी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के लिए नवीन तकनीकों की खोज व अस्पताल प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर लोक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में संसाधनों और कुशल रणनीतियों को विकसित करने की नीति पर भी दोनों देशों के अधिकारियों ने अनुभव साझा किए। ऑकलैंड विश्वविद्यालय सार्वजनिक शोध विश्वविद्यालय है और न्यूजीलैंड के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है। अकादमिक प्रतिष्ठा से संबंधित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में यह दुनिया के 100 शीर्ष विश्वविद्यालयों में शामिल है। 

तंबाकू नियंत्रण से संबंधित नीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर हुई चर्चा

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आकलैंड विश्वविद्यालय में प्रदेश को तंबाकू मुक्त बनाने में आ रही चुनौतियों तथा तंबाकू उत्पादों के नियंत्रण की दिशा में उठाए गए विभिन्न सामजिक पहलुओं पर विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने तंबाकू नियंत्रण से संबंधित नीतियों व कार्यक्रमों को भविष्य में और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने एवं इसके सेवन से लगातार बढ़ रहे रोगियों की संख्या से अर्थव्यवस्था पर पड़ते बोझ पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने वहां किए गए शोध के आधार पर बताया कि तंबाकू उत्पादों से अर्जित आय से अधिक खर्च इससे होने वाली बीमारियों में हो रहा है। इसे देखते हुए न्यूजीलैंड सरकार ने तंबाकू पर रोक के लिए बहुत ठोस नीति बनाई है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने वहां स्मोक-फ्री जनरेशन की दिशा में उठाए गए क़दमों की जानकारी दी। तंबाकू और धूम्रपान पर नियंत्रण के लिए वहां सामुदायिक स्तर पर बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन पर बल दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि न्यूजीलैंड में किस तरह से तंबाकू के विक्रय को नियंत्रित करने के साथ ही इससे जुड़े उत्पादों में निकोटीन की मात्रा घटाई गई। धूम्रपान मुक्त पीढ़ी तैयार करने के लिए वहां 2009 या उसके बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए तंबाकू उत्पाद के उपयोग/उपभोग/विक्रय को अवैध करार दिया गया है। उन्होंने तंबाकू उत्पादों के लिए लाइसेंस पद्धति और अल्टरनेट कल्टीवेशन पर काम करने की आवश्कता पर बल दिया। ऑकलैंड विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने वर्ष 2025 तक न्यूजीलैंड के स्मोक-फ्री जनरेशन हो जाने की बात कही। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, ऑकलैंड विश्वविद्यालय के प्रो. क्रिस बुलेन, सह-प्राध्यापक प्रो. नताली वॉकर, डॉ. रोड्रिगो और डॉ. वर्तिका शर्मा भी चर्चा के दौरान मौजूद थीं।

तंबाकू उत्पाद सेहत व समाज दोनों के लिए हानिकारक टी.एस. सिंहदेव

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर कहा कि तंबाकू से न केवल इसका सेवन करने वाला व्यक्ति बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोग भी प्रभावित होते हैं। तंबाकू सेवन से सेहत पर होने वाले खतरनाक प्रभाव के प्रति जागरूकता फैलाने और छत्तीसगढ़ में तंबाकू सेवन को निम्नतम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश को जल्द से जल्द तंबाकू मुक्त प्रदेश की श्रेणी में अग्रिम पंक्ति में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि समाज में तम्बाकू एवं धूम्रपान के सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए तम्बाकू उत्पादों के हानिकारक प्रभाव से समाज को अवगत कराने की जरूरत है। तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर इसके उपयोग को बन्द करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।


स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऑस्ट्रेलिया में सेंट जॉन गॉड हॉस्पिटल के विशेषज्ञों से की चर्चा

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रायपुर। ऑस्ट्रेलिया के अध्ययन दौरे पर गए स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव और अधिकारियों ने आस्ट्रेलिया के जीलोंग शहर के सेंट जॉन गॉड हॉस्पिटल का दौरा कर विशेषज्ञों से चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेंट जॉन गॉड हॉस्पिटल में निर्धारित मानकों पर दी जाने वाली गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं

मेडिकल ऑडिट प्रणाली, छात्रों को दिए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं प्रोटोकॉल के साथ ही गोल्डन ऑवर में मरीज़ को किस तरह से सेवाएँ प्रदान की जाती है, इनका अध्ययन किया। सेंट जॉन गॉड हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने राज्य की टीम को ग्रामीण क्षेत्रों में दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी।

वरिष्ठ कॉर्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जैन ने मेडिकल ऑडिट प्रणाली विकसित करने की आवश्कता पर दिया सुझाव

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेंट जॉन गॉड हॉस्पिटल में प्रमुख कॉर्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार जैन से मुलाकात की। पिछले 20 वर्षो से ऑस्ट्रेलिया में सेवा प्रदान कर रहे डॉ. जैन ने बताया की अनुशासन के साथ क्वालिटी और टीम वर्क के आधार पर ही हम अपने अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. से चर्चा के दौरान उन्होंने अस्पतालों में बेहतर स्किल के साथ ही मेडिकल ऑडिट प्रणाली विकसित करने की आवश्कता पर बल दिया। डॉ. जैन ने बताया कि मरीज़ की मृत्यु होने की स्थिति में मल्टीपल और इंडिपेंटेड ऑडिट होना चाहिए। मरीज़ के परिजनों से मेडिकल कन्सेंट के साथ ही फाइनेंसियल कन्सेंट भी लेना चाहिए। सभी मरीजों का फॉलो-अप स्वयं डॉक्टर द्वारा लिया जाना भी सुनिश्चित करना चाहिए जिससे मरीज़ व उनके परिजन बेहतर इलाज के प्रति आश्वस्त हो सकें।

डॉ. जैन ने बताया कि स्नातकोत्तर कर रहे चिकित्सा विशेषज्ञों का सर्जरी के दौरान लॉग बुक एनालिसिस होना चाहिए। इस लॉग बुक का मल्टीपल लेवल पर मूल्यांकन भी होना चाहिए जिससे कि छात्र का आत्मविश्वास कार्य के प्रति हमेशा बना रहे। उन्होंने बताया कि बिना टीम वर्क के सर्जिकल कार्य करना बहुत कठिन है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. जितेंद्र जैन से सेवारत डॉक्टरों को बाहर जाने से रोकने जैसे विषयों पर भी चर्चा की। इस पर डॉ. जैन ने कहा कि डॉक्टर को एक इंडिपेंडेंस और इंसेंटिवाइज्ड मोटिवेशन की जरूरत होती है। मेडिकल क्षेत्र में यह पहले नहीं था, पर अब काफी ज्यादा आ चुका है और इसे सतत बनाए रखने की जरूरत है।

डॉ. जैन ने छत्तीसगढ़ से गए स्वास्थ्य विभाग की टीम से मिलकर ख़ुशी जाहिर की और मुलाकात के लिए अपना आभार व्यक्त किया। डॉ. जितेन्द्र कुमार जैन रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरु चिकित्सा महाविद्यालय के 1988 बैच के छात्र हैं और आज ऑस्ट्रेलिया के जाने माने हार्ट-की-होल (Heart-key-hole (कॉर्डियोथोरेसिक) सर्जन के रूप में जाने जाते हैं। हार्ट-की-होल सर्जरी हृदय के ऑपरेशन की एक नवीनतम तकनीक है। डॉ. जैन भारत के साथ अमेरिका और न्यूजीलैंड में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

फैमिली फिजिशियन पर हुई चर्चा

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऑस्ट्रेलिया में फैमिली फिजिशियन और जनरल प्रैक्टिशनर के रूप में कार्यरत डॉ. रूपाली जैन से भी चर्चा की। डॉ. रूपाली जैन ने मरीज़ों को जर्नल प्रैक्टिशनर द्वारा जांच के बाद ही चिकित्सा विशेषज्ञ तक पहुंचने की बात कही जिससे कि अस्पतालों में मरीज़ों के लोड को कम किया जा सके। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में दी जाने वाली फैमिली फिजिशियन सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया और स्पेश्लिस्ट लिंक के विषय पर राज्य की टीम के साथ अपने अनुभव साझा किए।


मंत्री का महिला के साथ कथित बातचीत का अश्लील वीडियो वायरल, BJP ने मांगा इस्तीफा

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रांची : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का एक वीडियो रविवार शाम वायरल हो गया। 21 सेकेंड के इस आपत्तिजनक वीडियो में बन्ना गुप्ता एक महिला से बातचीत करते दिख रहे हैं। वीडियो को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार रात ट्वीट किया और कांग्रेस के नेताओं के चरित्र पर सवाल उठाए। इधर, इस पूरे मामले को विरोधियों की साजिश बताते हुए मंत्री बन्ना गुप्ता ने एसएसपी को एफआईआर के लिए पत्र लिखा। इसके बाद जमशेदपुर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। मंत्री बन्ना गुप्ता ने वायरल वीडियो को फेक और एडिटेड बताते हुए कहा कि यह उनकी छवि को धूमिल करने का षडयंत्र है। ‘हिन्दुस्तान’ इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।


बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने ट्वीट किया था वीडियो

इससे पहले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘यह है कांग्रेस का चरित्र, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जी का यह तथाकथित माजरा है। महिलाओं की इज्जत से खेलना, कांग्रेस कार्यकर्ता सुशील शर्मा का पत्नी को तंदूर में जलाना, काश गांधी परिवार समझ पाता।’

स्वास्थ्य मंत्री ने पुलिस से की प्रकरण की जांच की मांग

वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी प्रभात कुमार को पत्र लिखकर उनकी छवि धूमिल करने के आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा। उन्होंने पत्र में बताया कि उन्हें कहीं से जानकारी मिली है कि उनकी तस्वीर लगा किसी अज्ञात शख्स ने अश्लील वीडियो वायरल किया है। ऐसा लगता है मानो वीडियो चैटिंग हो रही हो। ऐेसे में साइबर सेल से जांच करवा इसमें शामिल लोगों पर केस दर्ज कराएं। इसके बाद रात 10 बजे बिष्टूपुर स्थित साइबर थाने में केस दर्ज कराया गया। इसमें धारा 469/500 आईपीसी एवं 66 (सी), 66 (ई), 67 आईटी ए एक्ट 2008 व अन्य धाराओं का जिक्र है। इस केस का अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर दीपक को बनाया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया छवि धूमिल करने की साजिश

वीडियो के वायरल होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया में मेरी छवि को धूमिल करने की साजिश है। विद्वेष की भावना के साथ राज्य के कुछ प्रमुख राजनीतिक विरोधियों ने षडॺंत्र के तहत एक फेक और एडिटेड वीडियो को जानबूझ कर वायरल किया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि फोटोशॉप या अन्य किसी एडिटिंग एप से यह कुकृत्य किया गया है। इसके विरुद्ध मैंने एफआईआर दर्ज करवा दी है। जल्द ही पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि जिनलोगों ने मुझे फंसाने और बदनाम करने का काम किया है, उन सभी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करूंगा।

पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने मीडिया से कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के पत्र के आलोक में बिष्टुपुर स्थित साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ कार्रवाई के मूड में कांग्रेस

बन्ना गुप्ता के वायरल वीडियो मामले को कांग्रेस ने गंभीरता से लिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक मंत्री का वीडियो वायरल होने की सूचनो के बाद पार्टी आलाकमान पूरे मामले को लेकर काफी गंभीर है। बन्ना गुप्ता पर सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। रविवार देर शाम मामला सामने आने के बाद देर रात तक झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं तथा प्रदेश प्रभारी के बीच मंथन होता रहा। सोमवार को प्रदेश प्रभारी आलाकमान के समक्ष पूरी बातों को रख सकते हैं। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। पार्टी सूत्रों की माने तो आलाकमान के निर्देश के बाद कांग्रेस स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से इस्तीफे की भी मांग कर सकती है

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने कहा

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने देश और प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहते हुए कोरोना की जांच, इलाज, इससे बचाव और नियंत्रण के लिए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 के लक्षण वाले लोगों में इसकी पुष्टि के लिए ज्यादा से ज्यादा जांच आरटीपीसीआर टेस्ट के माध्यम से कराए जाने के साथ ही मेडिकल उपकरणों, ऑक्सीजन किट, वैक्सीन, दवाईयों, कन्जुमेबल्स (Consumables) आदि की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने पिछले एक माह में कोरोना से हुई मौतों की समीक्षा भी की।स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कोरोना के संदिग्ध मरीजों की सैंपल जांच में तेजी लाते हुए रोजाना दस हजार टेस्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में जीवनरक्षक उपकरणों के संचालन और कोविड-19 के उपचार से जुड़े मानव संसाधन का प्रशिक्षण भी शुरू करने को कहा। सिंहदेव ने अस्पतालों में सामान्य बिस्तरों के साथ ही आईसीयू बेड, एचडीयू बेड तथा ऑक्सीजन सुविधा एवं वेंटिलेटर सुविधा वाले बिस्तरों की जानकारी ली। उन्होंने अस्पतालों में सर्जिकल मास्क, पीपीई किट, कैप्स, ग्लोव्स एवं एन-95 मास्क की उपलब्धता के बारे में भी पूछा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि कोरोना संक्रमित 95 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में ही उपचार से अभी स्वस्थ हो जा रहे हैं। लेकिन देश और प्रदेश में लगातार बढ़ रहे संक्रमण दर को देखते हुए अस्पतालों में भी इसके इलाज और नियंत्रण की तैयारी रखनी होगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश में रोजाना सैंपलों की जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है। विगत 11 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच प्रतिदिन औसत 3763 टेस्ट किए गए हैं, जबकि मार्च महीने के प्रथम सप्ताह में प्रतिदिन औसत 1008 टेस्ट किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में विगत एक महीने में (17 मार्च से 17 अप्रैल के बीच) कोविड-19 के 11 मरीजों की मृत्यु हुई है जिनमें से आठ कोमोरबिडिटी पीड़ित थे।

इन 11 मरीजों में से चार मरीजों ने कोविड-19 से बचाव का टीका नहीं लगाया था। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के सिविल लाइन स्थित निवास कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान, चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त सुश्री नम्रता गांधी, संचालक डॉ. विष्णु दत्त, महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक चन्द्रकांत वर्मा, पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय की डीन डॉ. तृप्ति नागरिया, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. एस.बी.एस. नेताम, डॉ. ओ.पी. सुंदरानी और स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. धर्मेन्द्र गहवई भी मौजूद थे। 

 

महासमुंद आगमन पर स्वास्थ्य मंत्री का आतिशबाजी के साथ स्वागत

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 संसदीय सचिव निवास पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री ने की भेंट-मुलाकात


महासमुंद । महासमुंद प्रवास में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर की अगुवाई में आत्मीय स्वागत किया गया। बाद इसके स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने संसदीय सचिव श्री चंद्राकर के निवास में पहुंचकर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से भेंट मुलाकात की।
आज शनिवार को छुरा प्रवास के दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का महासमुंद आगमन हुआ। शहर के बस स्टैंड के पास संसदीय सचिव श्री चंद्राकर की अगुवाई में स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव का आतिशबाजी के साथ स्वागत किया गया। बाद इसके स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव संसदीय सचिव निवास पहुंचे। यहां कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से भेंट मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव के साथ संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने चर्चा कर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्याे को लेकर चर्चा भी की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से कृषि उपज मंडी अध्यक्ष हीरा बंजारे, जिला वनोपज यूनियन के अध्यक्ष प्रमोद चंद्राकर, जसबीर ढिल्लो, हार्दिक सोना, पार्षद बबलू हरपाल, अमन चंद्राकर, रिंकू चंद्राकर, दीपक ठाकुर, सूरज नायक, बबलू महानंद, व्यंकटेश चंद्राकर, जयंत पींचा, अक्षय साकरकर, गोलू चंद्राकर, अनुराग चंद्राकर, मिंटू सिंह, शिवा निहाल, रहीम खान, हर्ष सोनवानी, कुशल राय, बसंत सूर्या, मोहित साहू, विकास कुमार, हरीष तांडी, पिंटू सोनवानी, उमेश मांझी, यश सोनवानी, त्रिलोचन सिन्हा, हितेश निहाल सहित बड़ी संख्या में कांर्ग्रेसजन मौजूद थे।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने 'अनमोल जीवन' पत्रिका का किया विमोचन

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज अपने निवास कार्यालय में सेहत के महत्व और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं पर केंद्रित 'अनमोल जीवन' पत्रिका का विमोचन किया। विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अनमोल न्यूज-24 द्वारा इस पत्रिका का प्रकाशन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने 'अनमोल जीवन' आरोग्य विशेषांक का विमोचन करते हुए कहा कि जीवन में स्वास्थ्य का महत्व सर्वोपरि है। 

लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना ही चाहिए। यह कई प्रकार की बीमारियों से बचाव का महत्वपूर्ण तरीका है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति बीमार नहीं होना चाहता, लेकिन अपने स्वास्थ्य के प्रति बरती गई लापरवाही उसे गंभीर रूप से बीमार कर देती है। उन्होंने लोगों से अपने स्वास्थ्य का अच्छा देखभाल करने और स्वास्थ्य सेवाओं की जरुरत होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की।

अनमोल न्यूज-24 के सम्पादक अशोक कुमार साहू ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य को विशेष केंद्रित करके "अनमोल जीवन" आरोग्य विशेषांक का प्रकाशन किया गया हैं। इसमें स्वास्थ्य जागरूकता की सभी जानकारियाँ विस्तार से दी गई हैं। अनमोल जीवन "आरोग्य विशेषांक" पत्रिका सभी प्रदेशवासियों के लिए उपयोगी साबित होगा। पत्रिका के विमोचन के अवसर पर डॉ. सुखदेव राम साहू, अध्यक्ष समाज गौरव विकास समिति रायपुर, अलख राम यादव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़िया झेरिया यादव समाज रायपुर और युवा व्यवसायी व समाज सेवी जितेन्द्र चन्द्राकर उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री के सरेआम कत्ल पर नया खुलासा , तीन महीने से प्लानिंग कर रहा था हत्यारोपी पुलिसवाला

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भुवनेश्वर: ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास हत्या मामले में जांच आगे बढ़ गई है. इस केस में कई अहम खुलासे हुए हैं. पुलिस के अनुसार हत्यारोपी पुलिसकर्मी हत्या को लेकर काफी समय से प्लानिंग कर रहा था. वह कई बार मंत्री के घर से लेकर ऑफिस तक रेकी करता हुआ पाया गया है. यहां तक कि उसने महज 24 घंटे पहले ही हत्या वाली जगह का जायजा भी लिया.


मंत्री मर्डर में बड़ा खुलासा

पुलिस ने खुलासा किया है कि हत्यारोपी पिछले कई महीनों से इस मर्डर की प्लानिंग कर रहा था. क्योंकि वह पिछले काफी समय से मंत्री के घर से लेकर दफ्तर तक कई बार रेकी कर रहा था. हत्या करने से पहले भी उसने टारगेट वाली जगह का जायज़ा लिया था. ऐसा इसलिए क्योंकि वह किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता था. अभी तक ‘हैंड नोट’ में लिखी कत्ल की वजह का खुलासा नहीं हुआ है. हालांकि CFSL ने पुलिसवाले की हैंडराइटिंग का सैंपल ले लिया है. फिलहाल पुलिस पूरा ‘सीन रीक्रिएट’ करने में जुटी है.

3 महीने पहले कर सकता था मर्डर

ओडिशा के सबसे अमीर मंत्रियों में शामिल नब किशोर दास के मर्डर की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है. आरोपी ASI गोपाल कृष्ण दास से पूछताछ भी की जा चुकी है. पूछताछ में उसने कबूला है कि वो करीब तीन महीनों से मंत्री नब किशोर दास का कत्ल करना चाहता था. उसने ये भी कबूला कि नब किशोर दास को मारने के लिए ना सिर्फ पूरी तैयारी की थी, बल्कि कई बार अपनी पिस्टल कॉग लेकर भी उनके पास पहुंचा था लेकिन सही मौका ना मिल पाने से वह बच गए.

ये हो सकती है वजह

बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी के अनुसार मंत्री दास ने झारसुगुडा का माहौल खराब कर रखा था. उनकी दबंगई से खुद इलाके के पुलिसवाले भी घबराते थे ऐसे में गोपाल को लगा कि जब तक वह मंत्री की ह्त्या नहीं करेगा तब तक पुलिसवाले चैन की सास नहीं ले पाएंगे.

 

BIG-NEWS : स्वास्थ्य मंत्री को सीने में मारी गोली, पुलिस की वर्दी में थे हमलावर

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भुवनेश्वर: ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नाबा किशोर दास को गोली मारी गई है। घटना झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर इलाके में हुई। स्वास्थ्य मंत्री को गोली मारने वाले हमलावर पुलिस की वर्दी पहनकर आए थे। एक शख्स ने उन्हें गोली मारी और भाग निकला। हत्या के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य मंत्री को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें एयरलिफ्ट करके भुवनेश्वर लाया जा रहा है।


मंत्री के सीने में दो गोलियां लगी हैं, जिसके लगते उनकी हालत गंभीर है। वहीं पुलिस अभी तक पुष्टि नहीं कर पाई है कि हत्यारा एक पुलिस अधिकारी था या नहीं। घटना ने पूरे राज्य में सनसनी मचा दी है। नाबा किशोर दास को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का बेहद करीबी माना जाता है।

कार से उतरते ही मारी गोली

बताया जा रहा है कि मंत्री को उस समय करीब से गोली मारी गई जब वह ब्रजराजनगर नगरपालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के दो नए कार्यालय भवनों का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वह जैसे ही अपनी कार से बाहर निकले पास में पुलिस की वर्दी में खड़े शख्स ने उन्हें गोली मारनी शुरू कर दी।

स्वास्थ्य मंत्री को सीने से गन सटाकर गोली मारी गई है, जिससे गोलियां सीने से आर-पार हो गई हैं। गोली मारते ही वह मौके पर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। हमले को लेकर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं क्योंकि स्वास्थ्य मंत्री के साथ उन्हें राज्य सरकार की मिली सुरक्षा है। ऐसे में हमलावरों को इतना करीब आकर स्वास्थ्य मंत्री को गोलियां मारना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।


COVID: सभी अस्पतालों में राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल

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नई दिल्ली। रायपुर. देश में कोविड की आपात तैयारियों की जांच के लिए आज सभी अस्पतालों में राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल की गई। यह मॉकड्रिल चीन सहित कुछ देशों में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए आयोजित की गई है। इस दौरान ऑक्सीजन संयंत्रों, वेंट्लिटरों, संचालन व्यवस्था और मानव संसाधनों पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित करते हुए बुनियादी सुविधाओं का आकलन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में कोविड स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद मॉकड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया गया था।


इस बीच, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया ने देश में कोविड मामले बढने की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य तैयारियों का जायजा लेने के मद्देनजर आज नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल का दौरा किया। संवाददाताओं से बातचीत में मांडविया ने विश्वास जताया कि सरकार कोविड से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि लोगों के उचित उपचार को लेकर आज पूरे देश के कोविड अस्पतालों में मॉकड्रिल कराई गई।

इधर, छत्तीसगढ़ के विभिन्न कोविड अस्पतालों में भी मॉकड्रिल किया गया। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज प्रदेशभर में कोरोना प्रबंधन के लिए हुए मॉकड्रिल का ऑनलाइन निरीक्षण कर अस्पतालों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने राजधानी रायपुर के डॉक्टर भीरामव अंबेडकर अस्पताल के साथ ही बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और कोरबा के शासकीय मेडिकल कॉलेजों से संबंद्ध अस्पतालों में कोविड-नाइंटीन प्रोटोकॉल और इसके इलाज की व्यवस्था का स्वयं अवलोकन किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के डीन से बात कर जरूरी दवाइयों, जांच की सुविधाओं और पीपीई किट की उपलब्धता की भी जानकारी ली। मॉकड्रिल के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोरोना का कोई मामला आने पर उसे तत्काल इलाज मुहैया कराया जा सके। इस दौरान सभी तरह के जीवन रक्षक उपकरणों का प्रतीकात्मक रूप से उपयोग करते हुए उनकी क्रियाशीलता की जांच की गई।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने कहा

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रायपुर स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहते हुए कोरोना की जांच, इलाज, इससे बचाव और नियंत्रण के लिए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने कोविड-19 के लक्षण वाले लोगों में इसकी पुष्टि के लिए ज्यादा से ज्यादा जांच आरटीपीसीआर टेस्ट के माध्यम से कराए जाने के साथ ही ऑक्सीजन किट, वैक्सीन, दवाईयों, कन्जुमेबल्स (Consumables) आदि की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने विभाग को अलर्ट रहने के साथ ही प्रदेशवासियों से कोविड उपयुक्त व्यवहार के ज्यादा से ज्यादा अनुपालन की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने बैठक में भारत सरकार के निर्देशानुसार कोरोना संक्रमितों के सैंपल्स को जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने टेस्टिंग के लिए आरटीपीसीआर, ट्रूनॉट व एंटीजन किट की उपलब्धता तथा जरुरी दवाइयों एवं अन्य कन्ज्युमेबल्स की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी जिलों को वेंटिलेटर्स, मॉनिटर्स, आईसीयू और ऑक्सीजन की व्यवस्था की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के साथ ही मॉक-ड्रिल करने को कहा।

स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में मंत्रालय से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान, खाद्य एवं औषधि नियंत्रक के.डी. कुंजाम, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक चन्द्रकांत वर्मा और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े थे।

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