Media24Media.com: श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री ने शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे को दी श्रद्धांजलि: पार्थिव शरीर को कंधा देकर दी अंतिम विदाई

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरपुंजे को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री साय ने माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी।

मुख्यमंत्री साय ने शहीद गिरपुंजे के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लगातार हो रही सुरक्षाबलों की सफल कार्रवाइयों से नक्सली बौखलाए हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शहीद गिरपुंजे की वीरता और देशभक्ति को सदैव याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक पुरन्दर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, शहीद के परिजन, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

हमारे जवान नक्सली चुनौती का बहादुरी के साथ कर रहे हैं मुकाबला : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर जिले के करनपुर स्थित 201 कोबरा सीआरपीएफ कैंप पहुंचकर वहां टेकलगुड़ेम गांव में (थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा) नक्सल मुठभेड़ में शहीद जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 201 कोबरा बटालियन के जवानों से मुलाकात कर उनके साहस और जज्बों की सराहना करते हुए जवानों का मनोबल बढ़ाया।

बेहद गमगीन माहौल में टेकलगुड़ेम गांव में नक्सली मुठभेड़ में शहीद जवानों स्वर्गीय देवेन सी., स्वर्गीय पवन कुमार और स्वर्गीय लम्बाधर सिंघा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, चित्रकोट के विधायक विनायक गोयल, बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल, जगदलपुर की महापौर सफीरा साहू, पूर्व विधायक संतोष बाफना, डीजीपी अशोक जुनेजा, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्याम धावड़े, आईजी सुन्दरराज पी. सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किए गए। इनमें 201 कोबरा सीआरपीएफ बटालियन के शहीद जवान देवेन सी. का पार्थिव शरीर ग्राम मोटूर जिला वेल्लूर तमिलनाडू, शहीद पवन कुमार का पार्थिव शरीर ग्राम कुपावली जिला भिंड़ मध्यप्रदेश और 150 वीं बटालियन के शहीद जवान लम्बाधर सिंघा ग्राम काकरागांव जिला चिंटांग असम के लिए रवाना किया गया।

मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि फोर्स के लगातार आगे बढ़ते जाने और पहुंचविहीन इलाकों में भी कैम्प लगाने से माओवादी आतंकी बौखला गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर स्थिति में अपने जवानों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सुरक्षा बल के जवान सर्चिंग पर निकले थे। माओवादी आतंकियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। हमारे जवानों ने उनके इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के विरूद्ध लड़ाई तेज हुई है। माओवादी आतंक से आम नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने, लोगों तक योजनाओं के लाभ पहुंचाने के लिए सुरक्षा बलों के जवान प्रभावी कार्यवाही कर रहे हैं। हमारे जवान नक्सली चुनौती का बहादुरी के साथ मुकाबला कर रहे हैं।

महासमुंद : शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन रखा गया, अधिकारी-कर्मचारियों ने महात्मा गांधी को अर्पित की श्रद्धांजलि

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 महासमुंद : महात्मा गांधी के बलिदान दिवस एवं भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने जीवन के बलिदान देने वाले शहीदों की स्मृति पर आज कलेक्ट्रेट में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 


इस अवसर पर अपर कलेक्टर  दुर्गेश वर्मा,  निर्भय साहू, डिप्टी कलेक्टर  आशीष कर्मा,  श्रवण कुमार टंडन सहित कलेक्टोरेट के अधिकारी कर्मचारियों ने 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी तरह जिले के शासकीय कार्यालयों सहित विकासखंडों के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में 2 मिनट का मौन रखकर स्वतंत्रता संग्राम में हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया। राज्यपाल ने राजभवन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्यपाल हरिचंदन ने कहा कि नेताजी सुभाषचन्द्र बोस देश के स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक थे। उनके राष्ट्र के प्रति त्याग एवं बलिदान की भावना ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और दशा प्रदान की। 

राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण, देश को आजाद देखने की प्रबल भावना और उनके अदम्य साहस भरे कदमों ने तत्कालीन समय में देश में विशेष कर युवाओं में एक नवीन ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया था। वे दूरदृष्टि रखते थे और देश को स्वतंत्र कराने की रणनीति तैयार की। इसके लिए उन्होंने देश भी छोड़ दिया। नेताजी ने आजाद हिन्द फौज की कमान संभालने के बाद देश की आजादी से पहले ही अंडमान निकोबार में अस्थाई सरकार बनाई और भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। इस कदम से उन्होंने अंग्रेजों को कड़ा संदेश दिया था कि भारत में अंग्रेजी शासन ज्यादा दिन तक नहीं रहेगा। उन्होंने युवाओं का आहवान किया कि ‘‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा‘‘

राज्यपाल ने कहा कि नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का ओजस्वी व्यक्तित्व, अभूतपूर्व संगठन क्षमता, साहस, निष्ठा एवं नेतृत्व के अद्भुत गुण हमेशा याद किए जाएंगे। उनके विचार एवं आदर्श हमारे लिए धरोहर की तरह हैं। आजादी की लड़ाई में हम उनके योगदान को कभी नहीं भूला सकते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव सहित राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। 

सामाजिक संगठनों ने दी समाजसेवी अजय कंकरिया को श्रद्धांजलि

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आरंग। पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने समाजसेवी अजय कांकरिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए आरंग के बस स्टैंड में श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया। जिसमें राजा मोरध्वज के स्टेच्यू के समीप सैकड़ों दीप जलाकर भावपूर्वक श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही बारी-बारी से अजय की उदारता व उनके व्यक्तित्व पर विचार रखे। 

इस मौके पर नगर के अनेक सामाजिक संगठनों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित होकर समाजसेवी अजय कांकरिया के निधन पर गहरा संवेदना व्यक्त करते हुए नम् आंखों से श्रद्धांजलि दी। आज दिनभर नगरवासियों द्वारा सोशल मीडिया में भी अजय की आकस्मिक निधन की चर्चा होती रही। इस मौके पर अजय कांकरिया के अनुज अनिल कांकरिया ने उन्हें व उनके परिवार के लोगों को आरंग में मिले अगाध स्नेह से अभीभूत होकर नगर के समस्त सामाजिक संगठनों, नागरिकों तथा नगरवासियों का आभार जताया। 

श्रद्धांजलि सभा में रानी पद्मावती महिला समूह की महिलाओं, गायत्री शक्तिपीठ के सदस्यगण,कोसल मंच के सदस्यों, व्यापारी संघ के सदस्यगण,जिला मानस संघ के सदस्यगण, मोरध्वज मानस शक्ति केन्द्र के सदस्यगण, मोरजधज ग्रुप के सदस्यों, सृजन कोचिंग संस्थान, महाकाल ग्रुप के सदस्यों, पीपला फांऊडेशन के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अजय कांकरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

वन मंत्री अकबर ने वन शहीद स्मारक में पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

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रायपुर। वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीद वन अधिकारियों तथा कर्मचारियों की स्मृति में 11 सितम्बर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है। इस तारतम्य में आज राजीव स्मृति वन (ऊर्जा पार्क) रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा श्रद्धांजलि सभा का अयोजन किया गया। 

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, प्रमुख सचिव वन विभाग मनोज पिंगुवा तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद वन कर्मियों का सम्मान करते हुए वन शहीद स्मारक में पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही वन शहीदों को सैल्यूट करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

उल्लेखनीय है राजीव स्मृति वन रायपुर स्थित वन शहीद स्मारक में अंकित नाम में उप वनक्षेत्रपाल स्व. के. डी. साहिल, वनपाल स्व. मोतीलाल कुशवाह, वनपाल स्व. मधुसुदन पाटिल, उपवनक्षेत्रपाल स्व. वीरेन्द्र कुमार तिवारी, वनरक्षक स्व. जगदीश चंद्र मरकाम, परियोजना अधिकारी स्व. अशोक कुमार आचार्य, वनपाल स्व. मार्क ताण्डी, वनरक्षक स्व. शिव कुमार कौशिक, वनपाल स्व. मेहत्तर सिंह डनसेना, स्व. बुधराम भगत, वनपाल स्व. व्ही. पी. शास्त्री, वनपाल स्व. अंगनपल्ली पांडू, स्व. वीरेन्द्र कुमार सिन्हा, वनरक्षक स्व. रामजी राम जयसवाल, वनरक्षक स्व. के.पी. गौतम

वनरक्षक स्व. शम्भूनाथ सिंह, वनरक्षक स्व. रामजी वर्मा, वनपाल स्व. मनेश्वर यादव, वनरक्षक स्व. चुन्नी लाल साहू, वनरक्षक स्व. सुरेश कुमार राव, वनरक्षक स्व. सुखदेव राम नेताम, वनरक्षक स्व. जगदीश राम कुमेटी, वनरक्षक स्व. देशभक्त दास मांगरे, वनरक्षक स्व. विजय कुमार साहू, वनरक्षक स्व. रामेश्वर पांडे, वनपाल स्व. गणपति, वनरक्षक स्व. बलीराम टंडन, वनरक्षक स्व. मदन सिंह परिहार, उपवनक्षेत्रपाल स्व. अशरफी लाल श्रीवास्तव, वनक्षेत्रपाल स्व. दौलत राम दलेर, वनक्षेत्रपाल स्व. रथराम पटेल शामिल है।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक संजय ओझा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एम.टी. नंदी, शेट्टी पनावर, अरूण पाण्डेय, सुनील मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओ.पी. यादव तथा श्रीमती संगीता गुप्ता, श्रीमती शालिनी रैना, अमरनाथ प्रसाद, एस.पी. पैकरा और राजू आगासिमणि, राम अवतार दुबे, अलोक तिवारी सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

लोकतंत्र की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य - राज्यपाल हरिचंदन

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन अपने तीन दिवसीय ओडिशा प्रवास के दौरान ओडिशा के पूर्व मंत्री और समाजवादी नेता स्वर्गीय प्रदीप किशोर दास के जन्मशताब्दी समारोह में शामिल हुए। यह समारोह भुवनेश्वर के गीतगोबिंद सदन में आयोजित किया गया था।

इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदीप किशोर दास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ समाज के लिए किये गये योगदान को याद किया और स्वर्गीय दास को एक ईमानदार नेता बताया। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिचंदन ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

भ्रष्टाचार से मुक्त एक स्वस्थ एवं सुंदर देश का निर्माण करने के लिए में प्रत्येक नागरिक को योगदान देना चाहिए। योग्य लोगों को ही राज्य एवं  देश पर शासन करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक होने की आवश्कता है। स्वच्छ एवं भ्रष्टाचार मुक्त शासन जनता का अधिकार है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सभी को भागीदारी करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने कल जाएंगे दंतेवाड़ा

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में हुए नक्सली हमले के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक ली और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू उक्त नक्सली हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने कल दंतेवाड़ा जाएंगे।

इस आपातकालीन बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, पुलिस महानिरीक्षक गुप्तवार्ता अजय यादव उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री बघेल ने नक्सल हिंसा की घटना में जवानों की शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त किया

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में 10 डीआरजी जवानों एवं एक वाहन चालक की शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है। बघेल ने माओवादियों की इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हमारे जवानों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में हम सब शहीदों के परिवारों के साथ हैं।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती पर आज कृतज्ञ राष्ट्र उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा

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नई दिल्ली। महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज कृतज्ञ राष्ट्र उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। वर्ष अट्ठारह सौ संतानवे में आज ही के दिन ओडिशा के कटक में नेताजी का जन्म हुआ था। उनकी जयंती हर वर्ष पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाती है।

पराक्रम दिवस के अवसर पर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों के नाम पर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के इक्कीस बड़े द्वीपों का नामकरण किया। उन्होंने इस सिलसिले में पोर्ट ब्लेयर में आयोजित समारोह में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। प्रधानमंत्री ने नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक का भी अनावरण किया। इस स्मारक को पोर्ट ब्लेयर में नेताजी सुभाषचंद्र द्वीप में बनाया गया है। स्मारक मे नेताजी का संग्रहालय, विरासत गाथा और पोर्ट ब्लेयर को जोड़ने वाला रोप-वे तथा बाल उद्यान होंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने भारत के वीर सैनिकों के महान शौर्य और सर्वोच्च बलिदानों को मान्यता दी है, जिनके लिए देश ही सबकुछ था। द्वीपों के नामकरण से एक भारत-श्रेष्ठ भारत, भारतीय सैनिकों के बलिदान और उनके अद्भूत पराक्रम का संदेश दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भी आज नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर देशभर के पांच सौ केंद्रीय विद्यालयों में राष्ट्रव्यापी चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है।

 छत्तीसगढ़ में नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती पर विविध कार्यक्रम

इधर, छत्तीसगढ़ में भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। धमतरी जिले में सिहावा चौक के पास स्थित सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर महापौर विजय देवांगन ने मार्ल्यापण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नेताजी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि नेताजी के अभूतपूर्व संगठन क्षमता, निष्ठा और नेतृत्व के अद्भुत गुण के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे। उनके विचार और आदर्श हमारे लिए धरोहर की तरह हैं। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन कर स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और अमूल्य योगदान के लिए नेताजी सदा याद किए जाएंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मातृ शोक होने पर मुख्यमंत्री बघेल ने शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता श्रीमती हीरा बेन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।


बघेल ने कहा है कि माँ का जाना जीवन से मुख्य आधार स्तंभ के ढह जाने जैसा होता है। एक ऐसी क्रिया है जिसकी शून्यता सदैव अनुभव होती है उन्होंने कहा है कि इस शोक की घड़ी में ईश्वर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और उनके परिवारजनों को दुख सहन करने की शक्ति दे। ईश्वर माता जी को अपने चरणों में स्थान दे।

आधुनिक भारत के निर्माता, लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल को दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली। कृतज्ञ राष्ट्र आज आधुनिक भारत के निर्माता, लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी एक सौ सैंतालीसवीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सुबह नई दिल्ली में पटेल चौक पर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के केवड़िया में स्टेचू ऑफ यूनिटी पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की अध्यक्षता की।



राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर, बिलासपुर, कोंडागांव सहित विभिन्न जिला मुख्यालयों में एकता दौड़ का आयोजन किया गया। रायपुर के कलेक्टोरेट चौक से मरीन ड्राईव तेलीबांधा तक एकता दौड़ आयोजित की गई। इस दौड़ में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, एनसीसी केडेट्स, एनएसएस के स्वयंसेवक, राजीव मितान क्लब के सदस्य, पुलिस जवान और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। समापन स्थल पर सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता तथा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए शपथ दिलाई गई।

भिलाई के कल्याण महाविद्यालय में एकता दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। इस मौके पर कैडेट्स को राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।  वहीं, राजभवन सचिवालय में राज्यपाल के उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। साथ ही सतर्कता जागरूकता सप्ताह के पहले दिन भ्रष्टाचार मुक्त भारत-विकसित भारत’’ पर सत्य निष्ठा की प्रतिज्ञा भी ली गई।

अशांत क्षेत्रों में तैनात पुलिस के जवानों ने अपने साहस का लोहा मनवाया, उनकी तैनाती ढाल की तरह : राज्यपाल

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज माना स्थित चौथी बटालियन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड में शामिल हुई और शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल सुश्री उइके और गृहमंत्री ताम्रध्वज  साहू ने राष्ट्रगान की धुन पर परेड की सलामी भी ली। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए पुलिस के शहीद वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्मृति दिवस अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद पुलिस जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम का स्मरण कराता है।



राज्यपाल सुश्री उइके ने भगवत गीता में उल्लेखित पुलिस के ध्येय वाक्य परित्राणाय साधुनाम के अर्थ को पुलिस द्वारा सार्थक बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि समय के साथ देश ने अपनी सामरिक क्षमता बढ़ाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। पुलिस के जवानों को बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं मिलने से उनका मनोबल बढ़ा है। देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने निरंतर शांति व  सौहार्द्र स्थापित करने में अपना योगदान दिया है। 



हमें ऐसी धारणा नहीं बनानी चाहिए कि पुलिस के जवान केवल आंतरिक क्षेत्रों में ही सेवाएं देंगेयदि सीमा पर हमें जवानों की आवश्यकता होगी तो वे देश रक्षा के अपने कर्त्तव्य से विमुख नहीं होंगे।राज्यपाल ने कहा कि कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में पुलिस के जवानों ने किस प्रकार चौबीस घंटे, सातों दिन लोगों की सेवा की और अपना कर्त्तव्य निभाया। पुलिस की कार्यप्रणाली और दायित्व सबसे अलग है। पुलिस की सजगता व सतर्कता से ही समाज में शांति व सौहार्द्र बना रहता है और लोग चौन से रह पाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पुलिस कर्मियों के प्रति अपने व्यवहार में संवेदनशीलता लाएं और मानवीय दृष्टिकोण रखें।



उन्होंने कहा कि आपका मृदु व्यवहार उनके तनाव प्रबंधन में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है, जो उन्हें अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा भी देगा। इस आशय से सांस्कृतिक और शारीरिक गतिविधियों का आयोजन उनकी क्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकता है। छत्तीसगढ़ प्रदेश नक्सल समस्या से ग्रसित है। अशांत क्षेत्रों में तैनात हमारे पुलिस के जवानों ने कई मौकों पर अपने साहस का लोहा मनवाया है। उनकी तैनाती ढाल की तरह है, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विस्तार में कमी आई है। हमारे जवानों के साहस, पराक्रम और सूझबूझ से नक्सलियों का दायरा सीमित हुआ है और राज्यपाल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नक्सल समस्या का पूर्ण रूप से उन्मूलन होगा।



गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए जांबाज अधिकारियों और जवानों की शहादत को स्मरण और नमन किया। उन्होंने कहा कि वीर जवानों ने नक्सली व अन्य घटनाओं में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है और प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहकर निरंतर अपने दायित्वों का निर्वहन भी कर रहे हैं। गृहमंत्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस बल को सुरक्षा, सम्मान व सुविधाएं देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं। परिणाम स्वरूप नक्सली घटनाओं में कमी आई है।



अपने संबोधन के अंत में गृहमंत्री ने शहीद जवानों के परिजनों को भी विश्वास दिलाया कि शासन सदैव उनके साथ खड़ी है। तत्पश्चात् राज्यपाल और गृहमंत्री ने वर्ष 2022 के तीन अमर शहीदों आरक्षक अर्जुन कुड़ियम, सहायक आरक्षक गोपाल कड़ती और प्रधान आरक्षक सालिक राम मरकाम को भी श्रद्धांजलि दी। स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया।

शहीद परिजनों से मिले राज्यपाल और गृहमंत्री, संवेदना व्यक्त करते हुए सदैव साथ खड़े रहने का दिलाया विश्वास पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने शहीद पुलिस अधिकारियों व जवानों के परिजनों से भेंट की और अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए सदैव उनके साथ खड़े रहने का विश्वास दिलाया। राज्यपाल ने शॉल और श्रीफल देकर शहीदों के परिजनों का सम्मान भी किया। 

राज्यपाल सुश्री उइके ने शहीदों के बेटे-बेटियों से मिलकर अभिभावक की तरह उन्हें दुलारा और स्नेह किया तथा आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। इस अवसर पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव गृह मनोज पिंगुआ, डी.जी. संजय पिल्ले, ए.डी.जी.पी. हिमांशु गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, अरूणदेव गौतम, पवनदेव, एस.आर.पी. कल्लूरी, आई.जी. आनंद छाबड़ा ओ.पी. पॉल, एस.सी. द्विवेदी, संजीव शुक्ला उपस्थित थे।


राजकीय सम्मान के साथ विधानसभा उपाध्यक्ष स्व. मनोज मण्डावी को दी गई अंतिम विदाई

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष स्वर्गीय मनोज सिंह मण्डावी को विकासखण्ड कांकेर अंतर्गत उनके गृह ग्राम नथिया-नवागांव में आज शाम राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दुख के इस घड़ी में मुख्यमंत्री बघेल आज उनके गृह ग्राम पहुंचकर स्वर्गीय मण्डावी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय मनोज सिंह मण्डावी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।



स्वर्गीय मण्डावी के अंतिम विदाई में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, वरिष्ठ विधायक मोहन मरकाम, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि तथा क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। 



मुख्यमंत्री बघेल विधानसभा उपाध्यक्ष मण्डावी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे वरिष्ठ आदिवासी नेता थे। स्वर्गीय मण्डावी छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े हुए थे। उन्होंने नवगठित छत्तीसगढ़ के गृह राज्यमंत्री और विधानसभा के उपाध्यक्ष सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया और प्रदेश की सेवा की। वे वर्ष 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के तथा वर्ष 2013 और 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मंडावी छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष भी रहे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मनोज सिंह मंडावी आदिवासी समाज के बड़े नेता थे। वे आदिवासियों की समस्याओं को विधानसभा में प्रभावशाली ढंग से रखते थे। मंडावी आदिवासी समाज की उन्नति और अपने क्षेत्र के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहे। विधानसभा उपाध्यक्ष के रूप में उनकी कार्यशैली को पक्ष और विपक्ष के सभी लोग प्रशंसा करते थे। सरल, सौम्य व मृदुभाषी व्यवहार वाले स्वर्गीय मनोज सिंह मण्डावी को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। प्रदेश के विकास में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उनका निधन क्षेत्र के साथ-साथ आदिवासी समाज और प्रदेश सहित हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है।

ध्यानचंद ने अपने उत्कृष्ट खेल के बदौलत देश को गौरवान्वित किया

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रायपुर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती को आज देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। केंद्रीय खेल मामलों की सचिव सुजाता चतुर्वेदी ने बताया कि आज देशभर के छब्बीस स्कूलों में ‘‘मीट द चैंपियन’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर लोगों को बधाई दी है। उन्होंने मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खेल दिवस के अवसर पर आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।



इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा की मेजर ध्यानचंद ने अपने उत्कृष्ट खेल के बदौलत देश को गौरवान्वित किया। उनके दौर में भारत ने हॉकी का स्वर्णिम दौर देखा है। उनसे प्रेरणा पाकर आज भी हॉकी के खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रौशन कर रहे हैं। वहीं, मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जांजगीर-चांपा के मेजर ध्यानचंद हॉकी मैदान से सद्भावना रैली निकाली गई। इस रैली में पूर्व हॉकी खिलाड़ी दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में हॉकी प्रेमी शामिल हुए। इस मौके पर खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया।

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