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उद्योग-धंधे और व्यापार से पैदा होने वाले रोजगारों में स्थानीय निवासियों को दें प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योगों की सतत उन्नति और विकास हो। आप सभी का व्यवसाय खूब फले-फूले और तरक्की करे। अपने उद्योग-धंधे और व्यापार से पैदा होने वाले रोजगारों में स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता दें। वे आज पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के 64वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत और अभिवादन किया गया तथा उन्हें प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 12 लाख व्यापारी हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में उद्योगों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। यहां की धरती उर्वर है और किसान मेहनतकश हैं। यहां धान की बंपर पैदावार होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा का भी विपुल भंडार है। लोहा, कोयला, टिन, बॉक्साइट जैसे बहुमूल्य खनिज यहां उपलब्ध है। प्रदेश लघु वनोपजों के संग्रहण में भी अग्रणी है। पानी और बिजली की भी पर्याप्त उपलब्धता है। इस तरह प्रदेश में उद्योगों के विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में व्यवसाय के अनुकूल वातावरण तैयार करने का काम किया है। उद्योगों के विकास को बढ़ावा देने के लिए अनेकों निर्णय लिए गए हैं, जिससे व्यापार आसान और सुगम हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए समर्पित होकर कार्य करेगी। भारत के विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का संकल्प भी निश्चित ही पूरा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के पुनीत अवसर पर छत्तीसगढ़ के व्यवसायियों द्वारा सुगंधित चावल, सब्जियां भेजी गई है। साथ ही अयोध्या धाम में 60 दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था करने का भी काम व्यापारी भाइयों ने किया है। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर मोदी की सभी गारंटी पूरी करने की बात भी दोहराई।उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आप केवल व्यापार ही नहीं करते बल्कि आपके माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। 

प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इसके अनेक फायदे होते हैं। रोजगार के अवसर सृजित होने से लोग आत्मनिर्भर होंगे और इससे देश भी आत्मनिर्भर होगा। व्यापार के सुगम और सरल बनने से भारत समृद्ध होकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अयोध्या में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही भारत की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार व्यापार हितैषी सरकार है। देश में उन्नति हो इसके लिए उद्योग और व्यापार सुदृढ़ होने चाहिए। शर्मा ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने व्यापार में बाधा बनने वाले नियमो में बदलाव किया और व्यापार के अनुकूल नियम बनाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि व्यापार को इतना सुगम बनाया जाए, ताकि व्यापारी सरकार का खजाना टैक्स से भर दे। सरकार के खजाने से जनता की भलाई का काम किया जाएगा। मंत्री अग्रवाल ने चेम्बर से सेवा के काम में आगे आने का आग्रह किया। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमेन सुनील सिंघी ने कहा कि देश में सुगम, सरल, सुरक्षित व्यापार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल से राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की स्थापना की गई है। 

इस व्यवस्था में भारत सरकार के 9 विभाग को जोड़ा गया है। इसमें नीति आयोग भी शामिल है, जिससे राष्ट्र स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड के माध्यम से छोटे बड़े सभी व्यवसायों और उद्योगों के हित की बात की जाती है। सिंघी ने राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के विभिन्न पहल और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल तथा रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अमर परवानी ने दिया।


उद्योग और व्यापार के लायसेंस का रिन्यूअल अब दस साल के लिए किया जाएगा - मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने में कोई कमी नहीं रहने देंगे। प्रदेश में उद्योग विकास दर 24 प्रतिशत है। राज्य सरकार हर सेक्टर में उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। व्यापारी और उद्योगपति प्रदेश की समृद्धि के लिए मिलकर कार्य करें। विकास में निंरतर भागीदारी करते रहें। प्रदेश में बेहतर निवेश और रोजगार की कोशिशें जारी हैं। प्रदेश और देश को व्यापारियों और उद्योगपतियों से बहुत आशाएँ हैं।
                    

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उद्योग और व्यापार के लायसेंस का रिन्यूअल अब दस साल के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री भोपाल में फेडरेशन ऑफ एमपी चेम्बर्स ऑफ कामर्स-एण्ड इंडस्ट्रीज के 7वें आउट स्टेंडिंग अवार्ड वितरण और 44 वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों, उद्योगपतियों और संस्थानों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. राधाशरण गोस्वामी और बड़ी संख्या में व्यापार और उद्योग से जुड़े नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की जीएसडीपी 71 हजार करोड़ से बढ़ कर 15 लाख करोड़ हो गई है। देश के अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 40 हजार रूपए हो गई है। प्रदेश का बजट 21 हजार करोड़ से बढ़कर 3 लाख 14 हजार करोड़ हो गया है। कृषि के क्षेत्र में लगातार विकास दर बढ़ने का चमत्कार हुआ है।

कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बिजली का उत्पादन 2900 मेगावॉट से बढ़कर 28 हजार मेगावॉट हो गया है। चारों तरफ विकास और प्रगति के कार्य हो रहे हैं। रोजगार और कौशल, सिंचाई, शहरों के विकास, पेयजल, पंचायत, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, वन सहित हर क्षेत्र में हम आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश को आगे बढ़ाने की अनंत संभावनाओं को पूरा करने में आपका बेहतर योगदान हो। बासमती राइस की सुगंध कनाडा, अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में है। शरबती गेहूँ भी निर्यात होता है। किसानों की आय बढ़ रही है। किसानों के पास पैसा आने से व्यापारी मित्रों का व्यापार चलता है। रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। कृषि विकास का अर्थ उद्योगों का विकास है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बहनों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य शासन ने मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना शुरू की है जो अदभुत योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने के सपनों को पूरा करने के लिए तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने उद्योगपति स्व. रमेश अग्रवाल का स्मरण करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश के ब्रांड एम्बेस्डर थे।

डॉ. राधाशरण गोस्वामी ने कहा कि फेडरेशन ऑफ एमपी चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंण्डस्ट्री द्वारा व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। विश्व भर में उत्पाद भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान, उद्योगपतियों को लगातार प्रेरित कर रहे हैं। प्रदेश की अर्थ- व्यवस्था बढ़ रही है। फेडरेशन के संरक्षक गिरीश अग्रवाल ने कहा कि उद्योगपतियों को राज्य सरकार साथ लेकर चल रही है। मध्यप्रदेश कृषि के साथ औद्योगीकरण में भी आगे बढ़े और सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बने, इसके प्रयास तेजी से होना चाहिए। मुख्यमंत्री चौहान का फेडरेशन की ओर से स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।

आलेख : छत्तीसगढ़ मॉडल: गांवों में आ रही तेजी से समृद्धि

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के गांवों में इन दिनों खुशी का माहौल है। गांव-गांव धान खरीदी चल रही है। किसानों की जेब में पैसा भी आ रहा है। गांवों में खेती किसानी का तरीका बदलते जा रहा है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों में भी किसानों को ट्रैक्टर चलाते और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करते देखा जा सकता है। दरअसल इन बदलावों के पीछे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की किसान हितैषी नीतियां और कार्यक्रम हैं। उन्होंने सरकार बनते ही किसानों का कर्जा लम्बे समय बकाया सिंचाई कर माफ किया इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल शुरू की। पिछले चार सालों में किसानों-मजदूरों और गरीबों की जेब में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि डाली गई है। इसका असर उद्योग और व्यापार जगत में देखने को मिला। कोरोना संकट काल में जहां देश में आर्थिक मंदी रही, वहीं छत्तीसगढ़ में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।


छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है, इसके लिए छत्तीसगढ़ में विकास का नया मॉडल अपनाया गया। जहां सभी वर्गों के विकास के लिए न्याय योजनाओं की शुरूआत की गई है। इस मॉडल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर मुख्य फोकस है। राज्य में लगभग 31 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए राज्य में ढाई हजार से भी अधिक धान खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं। धान खरीदी की पूरी व्यवस्था कम्प्यूटरीकृत की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से किसानों को धान खरीदी की राशि ऑनलाइन मिल रही है। किसानों को धान बेचने में सुविधा के लिए एक मोबाईल एप टोकन तंुहर हाथभी बनाया गया है। इसके माध्यम से धान खरीदी के लिए टोकन जारी किया जाता हेै इससे धान बेचने में किसानों को कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

 सुराजी गांव योजना में बनाए जा रहे गौठान से खुले में पशुओं की चराई पर रोक लगी है। वहीं इससे किसान आसानी से दोहरी फसल ले रहे है। गोधन न्याय योजना में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार किए जा रहे है। इससे किसानों और पशुपालकों की आय में इजाफा हो रहा है। नरवा योजना से भू-जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिल रही है। बाड़ी योजना से पोषण स्तर में वृद्धि हो रही है। घुरूवा योजना में स्मार्ट घुरूवा बनाए जा रहे है। इसके अलावा लगभग 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क गौठानों में विकसित किए जा रहे है। इससे युवाओं को स्वरोजगार का मौका मिल रहा है।

 राज्य में लघू और सीमात किसानों की स्थिति को समझते हुए तथा खेती-किसानी की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इनपुट सब्सिडी की व्यवस्था की गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत किसानों को 9 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। धान के बदले उद्यानिकी, कोदो-कुटकी आदि की फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। इससे किसानों में खेती-किसानी के प्रति उत्साह बढ़ा है। किसानों की संख्या में वृद्धि के साथ ही खेती का रकबा भी बढ़ते जा रहा है।

छत्तीसगढ़ मॉडल से राज्य में कृषि एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में बदलते जा रहा है। इस मॉडल में किसानों को इनपुट सब्सिडी के साथ सस्ते दर पर विद्युत और शून्य प्रतिशत ब्याज पर खेती-किसानी के लिए ऋण की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा इस मॉडल में खेती के सहायक उद्योग-धंधे को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मछली पालन और लाख उत्पादन को खेती का दर्जा दिया गया है। मत्स्य पालन और लाख उत्पादन करने वाले किसानों को कृषि के समान ही दी जाने वाली सुविधाएं मिल रही हैं।

 क्लाइमेट चेंज और किसानों की आय बढ़ाने की ओर भी ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को सोलर ड्यूल पंप और लघू-सीमांत किसानों को सामुदायिक सौर सिंचाई परियोजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इससे वनांचल क्षेत्र में जहां अभी तक विद्युत नहीं पहुचंी है वहां रहने वाले किसानों को भी सिंचाई सुविधा का लाभ मिल रहा है। सामान्य क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के मद्देनजर सोलर ड्यूल पंप अनुदान पर दिये जा रहे हैं।

राज्य में उद्यानिकी फसलों की संभावनाओं को देखते हुए किसानों को उद्यानिकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को माइक्रोइरीगेशन, ग्रीन हाउस, शेडनेट और मलचिंग के लिए अनुदान दिया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देेने के लिए शाकम्भरी बोर्ड का गठन किया गया है। युवाओं को उद्यानिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए पाटन में उद्यानिकी विश्वविद्यालय के साथ ही नये उद्यानिकी महाविद्यालय भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ पवेलियन में दिख रही ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की झलक

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नई दिल्ली। दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में लगाए गए छत्तीसगढ़ पवेलियन वर्तमान में देश व विदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। छत्तीसगढ़ पवेलियन में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़की झलक देखने को मिल रही है। इस बार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन में भी सुदृढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था व आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ को दिखाने का प्रयास किया गया है। यहाँ प्रदर्शनी बोर्ड के माध्यम से आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।


आज मेले में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के मुख्य महाप्रबन्धक एसके सिन्हा ने ज्यूरी के सदस्यों को छत्तीसगढ़ के पवेलियन का अवलोकन कराया। उन्होने ज्यूरी के सदस्यों को नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के साथ ही ग्रामीण औद्योगिक पार्क के संबंध में विशेष जानकारी प्रदान की। पवेलियन में मॉडल के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल ग्रामीण औद्योगिक पार्क को प्रस्तुत किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर प्रदान कर रहा है।

इस योजना के माध्यम से चयनित गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया गया है। जहां केंचुआ खाद उत्पादन के अलावा मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां चल रही है। इस योजना से गौठान से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है।

इसके साथ ही पवेलियन में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गाँव योजना, नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना को प्रस्तुत किया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के स्टॉल पर ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को मॉडल द्वारा प्रदर्शित किया गया है। इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आंतरिक क्षेत्रों में शत-प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है।

सी मार्ट- ग्रामीणों का अपना शॉपिंग मॉल

छत्तीसगढ़ पवेलियन में सी-मार्ट का स्टॉल लगा हुआ है। सी मार्ट ग्रामीण अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए गांवों में तैयार उत्पादों को शहरों से जोड़ने की पहल की गयी है। यहाँ महिला स्व सहायता समूहों, शिल्पियों, बुनकरों व अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों का विक्रय किया जाता है। पवेलियन में भी इस स्टाल पर विभिन्न उत्पादों की खरीदी की जा सकती है।

स्टालों में दिख रही छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति

पवेलियन में छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति से जुड़े हुए उत्पादों को बखूबी डिस्प्ले किया गया है। छत्तीसगढ़ की जनजाति समुदाय द्वारा हाथ से बनाई गयी शिल्प वस्तु, कलाकृति, चित्रकारी, परिधानों की प्रदर्शनी लगाई गयी है। यहाँ बुनकर राज्य की खास पहचान कोसा सिल्क की साड़ियाँ लेकर पहुंचे हैं। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध शिल्पकारी बेलमेटल, ढोकरा और गोदना आर्ट को प्रस्तुत किया जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की नीतियों को फिर मिला सम्मान

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रायपुर. छत्तीसगढ़ की नीतियों को एक बार फिर केन्द्र सरकार ने सराहा है। केन्द्रीय उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा आज स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग की घोषणा की गई. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को प्रदेश में स्टार्टअप्स ईकोसिस्टम के विकास हेतु एस्पायरिंग लीडर के रूप में सम्मानित किया गया.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने इस उपलब्धि के लिए उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की वर्तमान औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत स्टार्टअप इकाइयों को लाभान्वित करने हेतु स्टार्टअप पैकेज लागू किया गया है. राज्य में कुल 748 स्टार्टअप पंजीकृत है. एस्पायरिंग लीडर के रूप में छत्तीसगढ़ को प्रदान किए गए प्रशस्ति पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कई सराहनीय पहल की गई है. 


जिनमें स्टार्टअप पॉलीसी की स्थापना, स्टार्टअप्स के लिए करों में छूट और अनुदान का प्रावधान और इन्क्यूबेटर्स की स्थापना और उनका उन्नयन प्रमुख पहल है. इन्क्यूबेटर्स के माध्यम से स्टार्टअप्स के लिए को-वर्किंग स्पेस, मेंटरशिप, फंडिंग और प्रौद्योगिकी सपोर्ट के प्रावधान किए गए हैं. 
केन्द्रीय मंत्री द्वारा स्टार्टअप क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु छत्तीसगढ़ के तीन अधिकारियों अनुराग पांडेय, विशेष सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, प्रवीण शुक्ला अपर संचालक उद्योग, एवं श्रीमती सुमन देवांगन सहायक संचालक को सम्मानित किया गया.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक नीति- 2019-24 के अंतर्गत स्टार्टअप इकाईयों को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य स्टार्टअप पैकेज लागू किया गया है. भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इकाईयों को छत्तीसगढ़ में स्थापित होने पर विशेष प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया गया है. पैकेज के तहत ब्याज अनुदान अधिकतम 70 प्रतिशत अधिकतम 11 वर्ष के लिए, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान अधिकतम 55 प्रतिशत, नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति अधिकतम 15 वर्ष तक, 



विद्युत शुल्क छूट अधिकतम 10 वर्ष तक एवं पात्रता अनुसार औद्योगिक नीति 2019-24 में उल्लेखित अन्य अनुदान जैसी भू-प्रब्याजी में छूट, स्टाम्प शुल्क छूट, परियोजना प्रतिवेदन में छूट आदि की सुविधा प्रदान की जाती है. स्टार्टअप को तीन वर्षों तक भवन किराए का 40 प्रतिशत, जिसकी अधिकतम सीमा 8 हजार रूपए प्रति माह प्रतिपूर्ति दी जा रही है और स्टार्टअप इकाईयों द्वारा सेमिनार, वर्कशॉप, संगोष्ठी, प्रदर्शनी में भाग लिए जाने पर 50 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रूपए प्रति वर्ष होगी, दी जा रही है।

राज्य में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने इन्क्यूबेटर की स्थापना के लिए किए जाने वाले व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम राशि 50 लाख रूपए एवं संचालन के लिए 3 लाख रूपए प्रति वर्ष अनुदान के रूप में दिया जा रहा है. औद्योगिक पुरस्कार योजना पुरस्कार योजना के अंतर्गत स्टार्टअप श्रेणी में भी पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया है. प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों के रूप में क्रमशः 1,51,000 रूपए, 1,00,000 रूपए एवं 51,000 रूपए की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देने का प्रावधान किया गया है.

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