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राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष का छत्तीसगढ़ प्रवास

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रायपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय पहुंची और आयोग की गतिविधियों की जानकारी ली। श्रीमती शर्मा ने सेरीखेड़ी ग्राम पंचायत स्थित कल्पतरु मल्टीयूटिलिटी सेंटर पहुंचकर महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का भी अवलोकन किया। यहां महिलाएं सैनिटाइज़र, चप्पल, फिनाइल, अगरबत्ती, बिस्किट, साबुन, बल्ब आदि बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।



छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर किरणमयी नायक ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष का राजकीय गमछा और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। डॉक्टर नायक ने रेखा शर्मा को राज्य महिला आयोग का निरीक्षण कराया और आयोग के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

सोशल मीडिया पर भावनात्मक बात शेयर करने से बचें महिलाएं: किरणमयी नायक

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राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा प्रायोजित वेबिनार श्रृंखला के तहत छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित वेबिनार में अंबिकापुर क्षेत्र की महिलाओं ने भाग लिया। आयोग की अध्यक्ष  किरणमयी नायक के अगुवाई में आयोजित वेबिनार का विषय 'महिलाओं के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दुर्व्यवहार और साइबर क्राइम' था। कार्यक्रम में अधिवक्ता उच्च न्यायालय की  निरूपमा वाजपेयी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुनंदा ढेंगे ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान महिलाओं के प्रश्नों और जिज्ञासाओं के जवाब भी वक्ताओं ने दिए और सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म संबंधी सभी शंकाओं का समाधान किया। 


अध्यक्ष किरणमयी नायक ने कहा महिला आयोग में कई ऐसे मामले आते हैं, जिनमें महिलाओं की फोटो का दुरूपयोग कर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश होती है। कई बार महिला के नाम से पुरूष ID बनाकर ठगी कर लेते हैं। इससे महिलाओं को बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को छिपाना नहीं चाहिए। परिजन को इसकी जानकारी देनी चाहिए। महिलाएं इसकी शिकायत महिला आयोग के व्हाट्सएप नंबर 90983-82225 के माध्यम से या लिखित में कर सकती हैं। इसके अलावा 112 में भी शिकायत कर सकती है। इस संबंध में सभी को जागरूक होने की जरूरत हैं।

महिलाओं को न्याय मिलने में आसानी 

अधिवक्ता निरूपमा वाजपेयी ने कहा कि हिंसा किसी वर्चुअल प्लेटफार्म पर होती है तो वह असल जिंदगी से ज्यादा खतरनाक होती है। इस तरह का कोई अपराध होता है तो महिला हेल्पलाइन नंबर का प्रयोग कर सकती है। साइबर क्राइम कानून में संशोधन कर सजा का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं को न्याय मिलने में आसानी हुई है। 

कम उम्र की लड़कियों सबसे ज्यादा होती है शिकार     

डॉ. सुनंदा ढेंगे ने कहा कि कई एप्लीकेशन और प्लेटफॉर्म में लाइव चैटिंग और वीडियो कॉल की सुविधा है। जो सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसके माध्यम से फेस का फोटो लेकर ब्लैकमेल या दुर्व्यवहार किया जा सकता है। इसका शिकार अधिकतर कम उम्र की बच्चियां होती है, जिन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं होती है। टिन्डर, हैपन, इंस्टाग्राम ये सारे ऐप फेसबुक से जुड़े होते हैं। फेसबुक में इमोशनल पोस्ट डालने से आपकी व्यक्तिगत जानकारी उनको मिल जाती है, फोटो को क्रॉप कर उसका दुरूपयोग किया जाता है। 

FB का इस्तेमाल करने वाले इन बातों का रखें ध्यान

डॉ. सुनंदा ने बताया कि किसी अपराध से जुड़ा हुआ पोस्ट तुरंत अपलोड नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई अनावश्यक टिप्पणी कर रहा है, तो उसे ब्लॉक कर देना चाहिए। अलग-अलग ID से कोई परेशान कर रहा है तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर आप शिकायत कर सकते हैं। किसी भी विज्ञापन के जरिए शॉपिंग नहीं किया जाना चाहिए। फेसबुक में भी ऑनलाइन खरीदी से बचें और हमेशा अपनी ID लॉग आउट करके रखें। फेसबुक के माध्यम से आपकी सारी जानकारी देखा जा सकता है। 

राष्ट्रीय महिला आयोग ने कोरोना काल में उत्कृष्ट काम के लिए की महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना

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CM भूपेश बघेल के निर्देशन में कोविड महामारी में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh state women commission news) में किए गए कार्यों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने कोरोना काल में उत्कृष्ट काम के लिए छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की सराहना की है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक को छत्तीसगढ़ में विभाग के मैदानी अमले के सराहनीय टीम वर्क के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया है।





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रायपुर में नायक ने महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया को यह प्रमाण पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री बघेल और मंत्री भेंड़िया ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं सहित सभी मैदानी अमले को प्रमाण-पत्र मिलने पर बधाई दी है। भेंड़िया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में लॉकडाउन में भी महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक्शन मोड में काम किया है। आंगनबाड़ी बंद होने की स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहनों ने घर-घर जाकर सूखा राशन और रेडी-टू-ईट वितरण किया और लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक किया।





बधाई के पात्र





इस दौरान घरों में बच्चों की प्रांरभिक शिक्षा और अभिभावकों को बच्चों की देखरेख के विषय में भी समझाया गया। प्रदेश में कुपोषण मुक्ति की दिशा में जो प्रयास किए जा रहे थे, उसे कोरोना काल में भी थमने नहीं दिया गया इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।





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नायक ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग (Chhattisgarh state women commission news) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित देश के सभी राज्यों के महिला आयोग के अध्यक्षों के सम्मान समारोह में केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं को न्याय और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए कार्यों की प्रसंशा की है। जावड़ेकर ने कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की जा रही है, वैसा किसी और राज्य में परिलक्षित नहीं हो रहा है।





महिलाओं को न्याय दिलाने में आयोग तत्पर





समारोह में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी महिलाओं के मामले में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh state women commission news) सरकार को सजग और संवेदनशील बताया। नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में राज्य महिला आयोग को बहुत ज्यादा शक्ति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर ही पुलिस और प्रशासन से सहयोग लेकर तीव्र गति से महिलाओं को न्याय दिलाने में आयोग तत्परता से काम कर रहा है।





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छत्तीसगढ़ राज्य ने कोविड-लॉकडाउन के दौरान महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए बड़ी संख्या में जनसुनवाई की है। छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने अब तक 5 महीनों में 44 जनसुनवाई में 1100 प्रकरणों की सुनवाई की है, जिसमें लगभग 400 मामलों का निराकरण किया गया है। छत्तीसगढ़ में महिला आयोग की जनसुनवाई में सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक का सहयोग मिलता है। महिला आयोग के निर्देशों पर कड़ाई से पालन किया जाता है। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के शिकायतों के निराकरण में जिस तरह पुलिस-प्रशासन तत्परता से काम कर रही है, वैसा पूरे देश में कहीं नहीं हो रहा है।





विज्ञान के पीएलसी समूह से चर्चा





स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय के सभा गृह में रायपुर जिले के सक्रिय विज्ञान के प्रोफेशनल लर्निंग कम्यूनिटी (पीएलसी) की बैठक ली। उन्होंने कहा कि पीएलसी के माध्यम से राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक में कुछ न कुछ मजबूत पक्ष होता है। ऐसे ही सभी शिक्षक अपने मजबूत पक्ष को एक दूसरे से साझा करेंगें तो पीएलसी को संबल मिलेगा।









प्रोफेशनल लर्निंग कम्यूनिटी





उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार करे जिसमें शिक्षक आपस में मिलजुल कर अपने आईडिया साझा कर सके। उन्होंने कहा कि एक अच्छे शिक्षक को न केवल विज्ञान का ज्ञान होना चाहिए बल्कि उस ज्ञान को बच्चों तक कैसे पहुंचाया जाएं इसकी भी जानकारी होना चाहिए। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने कहा कि प्रोफेशनल लर्निंग कम्यूनिटी के माध्यम से विषय की कठिन अवधारणाओं को बहुत सरल तरीके से बच्चों को सीखाया जा सकता है।





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प्रमुख सचिव ने बहुत से उदाहरण देकर बताया कि विज्ञान की कठिन अवधारणाओं को किस प्रकार से प्राचीन व्याख्यान या लेक्चर विधि को हटाकर नये तरीके से कैसे सीखाया जा सकता है। इस बारे में शिक्षकों से चर्चा की। शिक्षकों ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में प्रायोगिक शिक्षा की स्वरूप को बदल कर नई अवधारणाओं को सामने लाने का प्रयास किया जाए। आलोक शुक्ला ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल को ग्रीष्म अवकाश के दौरान व्याख्याताओं को विषयवार प्रशिक्षण के लिए प्रोफेशनल लर्निंग कम्यूनिटी की जिम्मेदारी देने और उनके माध्यम से शिक्षकों के लिए रोचक प्रशिक्षण संदर्शिका बनाने के निर्देश दिए।





जिला शिक्षा अधिकारी ने दी जानकारी





जिला शिक्षा अधिकारी ए.एन. बंजारा ने कहा कि पीएलसी समूह को लगातार मोटिवेट करें। सीनियर अपने अनुभव को साझा करेंगे तो दूसरे बहुत से शिक्षकों को प्रेरणा मिलेगी। समग्र शिक्षा के सहायक संचालक एम.सुधीश ने बताया कि राज्य में प्रारंभिक स्तर पर विभिन्न विषयों और मुद्दों पर बहुत सी पीएलसी का गठन किया गया है, जिसमें शिक्षकों को एकेडमिक और क्वॉलिटी कार्यों के लिए सक्रिय रखा गया है।





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स्कूल शिक्षा विभाग पीएलसी की अवधारणा को हाईस्कूल, हायर सेकण्डरी स्तर तक ले जाना चाहता है। इस संबंध में कुछ दिन पूर्व राज्य में गणित विषय की पीएलसी का गठन किया गया। माध्यमिक शिक्षा मण्डल में विज्ञान विषय के पीएलसी के साथ चर्चा में लगभग 75 व्याख्याता स्वेच्छा से शामिल हुए। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि 4 फरवरी को माध्यमिक शिक्षा मण्डल में फिर अंग्रेजी के व्याख्याताओं के साथ प्रोफेशनल लर्निंग कम्यूनिटी पर चर्चा की जाएगी। बैठक में परियोजना समन्वयक श्री पटेल के साथ-साथ राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारी भी उपस्थित थे।


छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की कार्यप्रणाली को मिली तारीफ, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर बोले - कार्यों से प्रेरणा लें अन्य राज्य

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केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग (Chhattisgarh Women Commission News) द्वारा महिलाओं को न्याय और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए कार्यों की प्रसंशा की। उन्होंने कहा जिस तरह छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए त्वरित कार्यवाही की जा रही है, वैसा किसी और राज्य में परिलक्षित नहीं हो रहा है। सभी राज्यों के महिला आयोग को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यों से प्रेरित होकर महिलाओं को यथाशीघ्र न्याय दिलाने की दशा में काम करना चाहिए।





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राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित कार्यक्रम





केन्द्रीय मंत्री जावेड़कर ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित देश के सभी राज्यों के महिला आयोग के अध्यक्षों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही। यह समारोह नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय में आयोजित हुआ।





महिलाओं को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार सजग





इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि महिलाओं के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार सजग और संवेदनशील है। छत्तीसगढ़ राज्य ने कोविड-लॉकडाउन के दौरान महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए बड़ी संख्या में जनसुनवाई की है।





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छत्तीसगढ़ महिला आयोग (Chhattisgarh Women Commission News) ने अब तक 5 महीनों में 44 जनसुनवाई में 11 सौ प्रकरणों की सुनवाई की है, जिसमें लगभग 400 मामलों का निराकरण किया गया है। छत्तीसगढ़ में महिला आयोग की जनसुनवाई में सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक का सहयोग मिलता है। महिला आयोग के निर्देशों पर कड़ाई से पालन किया जाता है। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के शिकायतों के निराकरण में जिस तरह पुलिस-प्रशासन तत्परता से कार्य कर रही है, वैसा पूरे देश में कहीं नहीं हो रहा है।





CM ने की है बहुत सी शक्तियां प्रदान - किरणमयी नायक






छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में राज्य महिला आयोग को बहुत ज्यादा शक्ति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर ही पुलिस और प्रशासन से सहयोग लेकर तीव्र गति से महिलाओं को न्याय दिलाने में आयोग तत्परता से काम कर रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग के विशेष सलाहकार एवं छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय भी उपस्थित थीं।


झारखंड के मुख्यमंत्री पर रेप का आरोप, राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट

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मुंबई की एक मॉडल ने झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है। मॉडल ने मुख्‍यमंत्री के अलावा सुरेश नागरे नाम के एक अन्‍य व्‍यक्ति पर भी दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है। राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन पर लगाए गए दुष्‍कर्म के आरोप मामले में संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने महाराष्‍ट्र के डीजीपी से विस्‍तृत रिपोर्ट मांगी है।





फिर नजर आयी सिंहदेव और बघेल के बीच की दूरियां, बीच कार्यक्रम से चले गए बाबा!





महिला आयोग ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मॉडल ने मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन पर 2013 में दुष्‍कर्म करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही एक अन्‍य व्‍यक्ति सुरेश नागरे पर भी दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है। मॉडल ने न सिर्फ दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है बल्कि पब्लिक में घटना के बारे में बोलने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।





हत्या कराए जाने की आशंका





राष्‍ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने इस मामले में महाराष्‍ट्र के डीजीपी को पत्र लिखकर 2013 में दर्ज किए गए केस और इस मामले में विस्तृत कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने गृह मंत्री अमित शाह और शरद पवार से भी ट्विटर पर कहा था कि एक बेटी की जान को खतरा है। माफिया से मिलकर उसकी हत्‍या करा सकते हैं





सोशल मीडिया पर चली मुहिम





सोशल मीडिया पर 'जस्टिस फॉर आएशा' के लिए मुहिम तेज हो गई है। लोगों ने मुंबई पुलिस से आएशा को सुरक्षा देने की गुहार लगाई है। #justiceforayesha पिछले 24 घंटे में इंडिया के टॉप ट्रेंड में शामिल हो गया है। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि हेमंत सोरेन अभी एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं। उनके पास पावर है। वे मामले को समाप्त करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।


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