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छत्तीसगढ़ : अब तक 422.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 422.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 719.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 229.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 411.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 426.2 मि.मी., गरियाबंद में 348.8 मि.मी., महासमुंद में 385.9 मि.मी. और धमतरी में 337.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 452.8 मि.मी., मुंगेली में 468.7 मि.मी., रायगढ़ में 556.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 542.3 मि.मी., कोरबा में 504.0 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 428.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 412.3 मि.मी., सक्ती में 479.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 343.3 मि.मी., कबीरधाम में 306.8 मि.मी., राजनांदगांव में 344.7 मि.मी., बालोद में 401.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 501.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 290.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 336.3 मि.मी., सूरजपुर में 559.3 मि.मी., जशपुर में 533.8 मि.मी., कोरिया में 521.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 483.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 459.2 मि.मी., कोंडागांव में 280.6 मि.मी., नारायणपुर में 320.8 मि.मी., बीजापुर में 475.5 मि.मी., सुकमा में 269.6 मि.मी., कांकेर में 378.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 416.1 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।


एक विचार आपका जीवन बदल सकता है - राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा

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रायपुर। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा आज धमतरी जिले के पीएम हायर सेकेण्डरी स्कूल बठेना में स्कूल शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने नई शिक्षा नीति की शुरूआत की है। जिससे विद्यार्थियों का अपना भविष्य गढ़ने में मदद मिलेगी। विद्यार्थी अपनी रूचि अनुसार विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं।

पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चों के मन में उत्साह का संचार करने के लिए प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। यह उत्साह पूरे सत्र बना रहे, इसके लिए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत व लगन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने  बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही सारी समस्याओं का समाधान है। इसकी सहायता से आप अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि बड़ा लक्ष्य लेकर मेहनत करके सफलता पाई जा सकती है। एक विचार आपका जीवन बदल सकता है। मंत्री वर्मा ने 15 स्कूली छात्राओं को सरस्वती सायकल योजनांतर्गत सायकिलों का वितरण किया। राज्य के मेरिट सूची में अपना स्थान सुनिश्चित करने वाले जिले के छात्र सौरभ जोशी और समीर साहू को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को नगरी विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम और नगर निगम महापौर रामू रोहरा ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि आप अपने पालकों और अपने सपनों को पूरा करने के लिए खूब मेहनत करें, अच्छे मुकाम पर पहुंचकर धमतरी का नाम रौशन करें। बच्चों को मोबाईल का उपयोग कम करने की भी सलाह दी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर उस लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।


इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण साहू, अन्य जनप्रतिनिधिगण कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार, जिला शिक्षा अधिकारी जगदल्ले सहित शिक्षक-शिक्षिकायें एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

फिर पकड़ाए 13 हाईवा, अवैध रेत परिवहन के मामले में संयुक्त टीम की कार्रवाई

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रायपुर। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार धमतरी जिले में अवैध रेत परिवहन, भण्डारण और उत्खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना पिटपास रेत का परिवहन कर रहे 13 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया है।

जिला खनिज अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये हाईवा जिले के बोरसी, राजपुर, दोनर, मंदरौद, ढीमरटिकुर सहित विभिन्न भंडारण क्षेत्रों से रेत भरकर बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन कर रहे थे। अवैध परिवहन की पुष्टि होने पर संबंधित वाहनों को छत्तीसगढ़ गौण खनिज अधिनियम के तहत जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई।

जब्त वाहनों में से 7 हाईवा कम्पोजिट भवन के पास, एक हाईवा भखारा थाना परिसर में, 2 हाईवा बिरेझर चौकी में तथा 3 हाईवा कुरुद मंडी में अभिरक्षा में रखे गए हैं। खनिज विभाग का कहना है कि जिले में खनिजों के अवैध परिवहन के मामले में जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि बिना वैध पिटपास या अनुमति के खनिज परिवहन करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

शिक्षा विकास का आधार, जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत जरूरी है :- राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

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रायपुर। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा आज रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टोहड़ा में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं क़ो तिलक लगाकर व मुंह मीठा कर अभिनन्दन किया। नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को  पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया। इसके साथ ही सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत 80 छात्राओं क़ो सायकिल वितरित किए गए।

राजस्व मंत्री वर्मा ने सभी नवप्रवेशी बच्चों क़ो शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा हमारे विकास का आधार है। जीवन के सभी क्षेत्र मे लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत जरूरी है। विद्यार्थी अपनी पूरी क्षमता के साथ अध्ययन कर अपने भविष्य को गढ़ सकते हैं। वर्तमान  सोशल मीडिया के दौर में विद्यार्थियों को  इसके दुष्प्रभाव से बचना है। केवल पढ़ाई के लिए ही इसका उपयोग करें। विद्यार्थी  निष्ठा और लगन के साथ मेहनत करें। 

उन्होंने कहा कि  माता-पिता बच्चों का पालन पोषण कर सभी जरूरतों क़ो पूरा करते हैं। विद्यार्थियों को सही दिशा और व्यक्तित्व का निर्माण स्कूल में ही होता है। विद्यार्थी ईमानदारी से मेहनत करें और भविष्य को उज्ज्वल बनाएं।  कार्यक्रम क़ो  विधायक धरसींवा अनुज शर्मा ने भी सम्बोधित किया।इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने सात अतिरिक्त कक्ष तथा 12 लाख रुपए से निर्मित प्रार्थना शेड का लोकार्पण किया। टोहड़ा स्कूल में शौचालय निर्माण, सायकल स्टैंड,प्रार्थना शेड और रंगमंच निर्माण की घोषणा के साथ ही एक पेड़ माँ के नाम से पौधरोपण किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल,जिला पंचायत के सदस्यगण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी,प्राचार्य श्रीमती रमुला एकता,वरिष्ठ व्याख्याता दिनेश आडिल एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

महासमुंद : शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति लाएं - कलेक्टर

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महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शासकीय एवं विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं कार्यां की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि राज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे तथा अन्य विकासखण्ड अधिकारी वीसी के माध्यम से जुडे़ थे।

कलेक्टर लंगेह ने कहा कि निर्वाचन समाप्ति के पश्चात शासन के सभी कार्य, योजनाओं का क्रियान्वयन लक्ष्य के अनुरूप करना सुनिश्चित करें एवं कार्यालय में आने वाले आम जनता की समस्याओं का निराकरण नियमित और सुचारू रूप से किया जाए। कलेक्टर ने वर्तमान में जारी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध का पालन करने कहा है। साथ ही कहा कि बिना अनुमति के डीजे बजाने पर जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माउन्टेड व्हीकल डीजे पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूर्णतः अनुशासित एवं बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुरूप संचालित हो।

उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा संचालन के दौरान नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर लंगेह ने किसान पंजीयन की जानकारी लेते हुए कहा कि इसमें आवश्यक तेजी लाएं। उन्होंने किसानों का एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्रेशन एप्प/पोर्टल में सीएससी और सहकारी समितियों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं भी एग्रीटेक एप्प के माध्यम से अपना पंजीयन कर सकते है। अभी तक 49000 किसानों ने पंजीयन करा लिया है।

इसी तरह उन्होंने धान उठाव की प्रगति की समीक्षा की। शेष एक लाख 96 हजार क्विंटल धान का उठाव आगामी 13 मार्च तक उठाव करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राशन कार्ड के ई केवाईसी के लिए 31 मार्च तक का समय सीमा निर्धारित है। उन्होंने वर्तमान में चल रहे बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी प्रकार के नकल प्रकरण पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों, नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे मुद्दों का प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जाए जिससे आम जनों को कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा पीएम आवास, पीएम जनमन, जाति, आयुष्मान कार्ड आदि की समीक्षा की गई एवं उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर लंगेह ने श्रम एवं उद्योग विभाग को औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा माइनिंग एवं शराब के अवैध परिवहन एवं शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने माननीय हाई कोर्ट एवं विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों को गम्भीरता से लेते हुए समय सीमा में जवाब देने के निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त मांग एवं शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों को हटाने की कार्रवाई भी निरंतर करने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में ई-ऑक्शन से लकड़ियों की नीलामी शुरू

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में वन विभाग द्वारा ई-ऑक्शन के माध्यम से लकड़ियों की नीलामी की सफल शुरूआत धमतरी वन मंडल से हुई है। यहां ई-ऑक्शन के माध्यम से 254 लॉट लकड़ियों की नीलामी में से 210 लॉट की बिक्री से वन विभाग को 39 लाख 54 हजार 310 रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। नीलाम लॉट में इमारती लकड़ी, बांस, जलाऊ लकड़ी और अन्य लकड़ियां शामिल थी। ई-ऑक्शन में 134 बोलीदारों ने भाग लिया।

यहां यह उल्लेखनीय है कि बीते दिनों वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति (आईडीसी) की 301वीं बैठक में वन विभाग की लकड़ियों की नीलामी ई-ऑक्शन के माध्यम से किए जाने का निर्णय लिया गया था। इसका उद्देश्य वन विभाग के काम-काज में पारदर्शिता, दक्षता और वनोपज के उचित मूल्य का निर्धारण सुनिश्चित करना है। ई-ऑक्शन की प्रक्रिया में कोई भी बोलीदार कहीं से भी शामिल हो सकता है। बोलीदारों को मौके पर उपस्थित होना जरूरी नहीं होता है। ई-ऑक्शन के माध्यम से नीलामी का उद्देश्य क्रेताओं को सुविधा, नीलामी में पारदर्शिता एवं राजस्व में वृद्धि है। वन मंत्री केदार कश्यप ने धमतरी वन मंडल में ई-ऑक्शन के माध्यम से लकड़ियों की सफल नीलामी की शुरूआत होने पर प्रसन्नता जताई है और ई-ऑक्शन की प्रक्रिया तत्परता से राज्य में शुरू करने के लिए अधिकारियों को बधाई दी है। वन मंत्री ने उम्मीद जताई है कि इससे राजस्व में वृद्धि होगी।  

सुगम ऐप बन रहा जमीन रजिस्ट्री में पारदर्शिता की नई पहचान

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रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पहल पर प्रदेश में तकनीकी नवाचारों के निरंतर प्रयास से नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी.चौधरी के निर्देश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से 'सुगम ऐप' का शुभारंभ किया गया है। सुगम मोबाइल ऐप के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सभी पंजीयन कार्यालयों में पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा रहा है। 

रायगढ़ निवासी विवेकानंद मिश्रा सुगम एप को जमीन रजिस्ट्री की दिशा में समय की मांग के अनुसार उठाया गया सबसे जरूरी कदम मानते हैं। उनका कहना है कि इससे जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है। इससे जमीन संबंधित विवाद और मुकदमेबाजी की संभावनाएं काफी कम हो जाती है। क्रेता और विक्रेता दोनों के लिहाज से यह अत्यंत सुविधाजनक है व उनके बीच विश्वसनीयता को भी बढ़ाता है। वहीं दीपेश अग्रवाल का कहना है कि सुगम एप की सबसे खास बात है कि पक्षकार जमीन पर जाकर उसका फोटो अक्षांश देशांश अपलोड कर सकते हैं। यह रजिस्ट्री मॉड्यूल में अपलोड हो जाता है। जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है। खरीददार को अपनी जमीन की वास्तविक स्थिति पता होती है जो रिकॉर्ड में दर्ज होती। शासन को भी वास्तविक राजस्व की प्राप्ति होती है।

सुगम ऐप संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कई बार ऐसी शिकायतें आती है कि रजिस्ट्री दस्तावेज में दिया गया सम्पत्ति विवरण तथा मौके की स्थिति में अंतर होता है। एक सम्पत्ति कई लोगों को बेचने की शिकायतें आती है। जिस जमीन का रजिस्ट्री किया जाता है, वह जमीन वास्तव में अस्तित्व में नही होती। ऐसी घटनाएं भी प्रकाश में आती रहती है कि रोड, रास्ता, उद्यान आदि की जमीन बेच दिया गया है। मौके में जितनी जमीन उपलब्ध है, उससे अधिक रकबा बेच दिये जाने की घटनाएं भी होती रहती है। ऐसी घटनाओं से आपसी लड़ाई-झगड़े तथा कोर्ट-कचहरी के मुकदमेबाजी में वृद्धि होती है। सुगम एप का उद्देश्य रजिस्ट्रीशुदा सम्पत्ति का पहचान, सम्पत्ति के धोखाधड़ी के घटनाओं को रोकना है। इससे ऐसी घटनाओं के पता चलने के बाद पक्षकार रजिस्ट्री के बाद होने वाले परेशानियों से मुक्त हो सकेंगे।

ऐसे काम करता है सुगम ऐप

सुगम ऐप में पक्षकार को रजिस्ट्री के प्रक्रिया के दौरान अपना मोबाईल लेकर उस जगह में जाना होगा, जिस स्थान की रजिस्ट्री किया जा रहा है। उस स्थान में जाकर सुगम ऐप खोलकर ऐप में निर्देशित तीन कोणों अर्थात सम्पत्ति के सामने, दाएं और बाएं से उस स्थान का फोटो लेना होगा। वह फोटो स्वत: ही रजिस्ट्रार के माड्यूल में ट्रांसफर हो जाएगा। उस स्थान की भौगोलिक स्थिति अर्थात अक्षांश व देशांतर की स्थिति रजिस्ट्री पेपर में फोटो के साथ दर्ज हो जाएगी। इस प्रकार संपत्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का निर्देशांक रजिस्ट्री पेपर में स्थायी रूप से अंकित रहेगा, जिससे पक्षकार कभी भी उस स्थान पर जाकर संपत्ति की पहचान कर सकता है।

राजस्व के सही आंकलन में आसानी

सुगम ऐप के माध्यम से सरकार को राजस्व नुकसान पहुँचाने की घटनाओं को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। सुगम ऐप से संपत्ति में क्या वास्तविक संरचना बना हुआ, यह ज्ञात हो सकेगा, जिससे भवन, रोड, फैक्ट्री आदि संरचनाओं को छुपाया नहीं जा सकेगा तथा इसके कारण सरकार को होने वाले राजस्व अपवंचन को रोका जा सकेगा।

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रशासन की कार्रवाई जारी, 4 हाइवा सहित 8 वाहन जब्त

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बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर अवैध रेत उत्खनन  एवं परिवहन के मामलों में जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत परिवहन करते 4 हाइवा  सहित 8 वाहन ज़ब्त किया गया है।

जिला खनिज अधिकारी के. के. बंजारे ने बताया कि अनुभाग कसडोल अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आर. आर. दुबे के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने बुधवार शाम को कसडोल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन की जांच की गई।जांच के दौरान महानदी क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन में संलिप्त 4 हाइवा और 2 ट्रेक्टर जब्त किया गया। तहसील पलारी अंतर्गत ग्राम गिधपुरी क्षेत्र में खनिज विभाग की टीम की जाँच में अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त 2 ट्रेक्टर  जब्त कर वाहन नजदीकी थाना के सुपुर्दगी में रखा गया है।

यह सभी कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 21 से 23 के अंतर्गत किया गया है। इन वाहन मालिकों पर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञातव्य है कि राज्य शासन की मंशानुरूप अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत उत्खनन की जाँच की जा रही है।

महासमुंद : दो अवैध क्लीनिक सील, दवाइयां और मेडिकल सामान जब्त

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 महासमुंद : अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नेतृत्व में राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का आकस्मिक दौरा करते हुए दो अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों को सील कर दिया। इन क्लीनिकों का संचालन बिना वैध दस्तावेज और उचित अनुमति के किया जा रहा था।


इस दौरान टीम ने ’’चन्द्रहास क्लीनिक’’ और ’’बंगाली क्लीनिक’’ का निरीक्षण किया, जहां कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गई। क्लीनिकों के पास आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण नहीं थे। संयुक्त टीम ने दोनों क्लीनिकों में उपलब्ध दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और उपचार सामग्री को तत्काल जप्त कर लिया।

अनुविभागीय अधिकारी ने बताया कि ’’अवैध रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों’’ पर नकेल कसने के लिए इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी की जाएगी। ताकि आम जन को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

महासमुंद : रेत खदान का संचालन 16 अक्टूबर से प्रारम्भ, अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से कुल 35 लाख 40 हजार से अधिक की राजस्व वसूली

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महासमुंद। जिले में खनिज विभाग द्वारा निविदा के माध्यम से 08 रेत खदानों का आबंटन किया गया था। जिसमें बरबसपुर रेत घाट तथा बड़गांव रेत घाट का संचालन मानसून अवधि के पूर्व किया जा रहा था। पर्यावरण विभाग के गाईड लाईन के अनुसार मानसून अवधि के पश्चात् दिनांक 16 अक्टूबर से 04 अन्य रेत खदान क्रमशः लाफिनखुर्द, लामीसरार, मुडियाडीह, बल्दीडीह का संचालन किया जाएगा। ग्राम मुरकी में आबंटित रेत खदान पर्यावरण सम्मति हेतु प्रक्रिया धीन है। रेत भंडारण हेतु ग्राम बरबसपुर 04 भंडारण अनुज्ञप्ति एवं ग्राम बिरकोनी 05 भंडारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत किया गया है। महासमुंद जिले में कुल 17 अस्थायी भंडारण अनुज्ञा स्वीकृत किया गया है।

खनिज अधिकारी सनत साहू ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन एवं भंडारण करने वालों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अवैध खनिज अवैध उत्खनन के कुल 07 प्रकरणों में कुल राशि 10 लाख 26 हजार 500 रुपए एवं अवैध परिवहन के कुल 85 प्रकरणों में कुल राशि 14 लाख 85 हजार 486 रुपए तथा अवैध भंडारण के कुल 14 प्रकरणों में 10 लाख 28 हजार 250 अर्थदण्ड राशि वसूल की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह सितम्बर तक अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से कुल राशि 35 लाख 40 हजार 236 रुपए राजस्व की वसूली की गई है। ग्राम बिरकोनी में श्री दामोदर चंद्राकर स्वीकृत भंडारण अनुज्ञप्ति को छ०ग० खनिज नियम 2009 (परिवहन, उत्खनन एवं भंडारण) के तहत नियमों के उल्लंघन पर निरस्त किया गया।

मुदांक प्रकरणों में प्रथम अपीलीय अधिकारी अब महानिरीक्षक पंजीयन

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रायपुर। पंजीयन विभाग के मुद्रांक प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु प्रथम अपीलय अधिकारी संभागायुक्त के स्थान पर महानिरीक्षक पंजीयन को बनाया गया है। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में 27 अगस्त अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। महानिरीक्षक पंजीयन को अपील का प्रावधान होने से पक्षकारों को सहूलियत होने के साथ ही मुद्रांक प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण होने के साथ-साथ अवरूद्ध राजस्व की वसूली समय पर हो सकेगी तथा शासन के राजस्व में वृद्धि होगी। 

पंजीयन कार्यालयों में पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन फीस प्रभार्य होती है। यदि किसी दस्तावेज में कर अपवंचन के उद्देश्य से प्रचलित बाजार मूल्य अथवा वास्तविक प्रतिफल से कम प्रतिफल अंकित किया जाता है तो ऐसे दस्तावेज न्यून मूल्यांकन की श्रेणी में आते हैं। न्यून मूल्यांकित प्रकरणों में कलेक्टर ऑफ स्टाम्प द्वारा भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 47(क) के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर कम मुद्रांक शुल्क की वसूली हेतु आदेश पारित किया जाता है। इस धारा का उद्देश्य स्टाम्प शुल्क का अपवंचन रोकना है।

कलेक्टर द्वारा पारित आदेश से यदि पक्षकार संतुष्ट नही हैं तो ऐसे आदेश के विरूद्ध अधिनियम की धारा 47(क) (4) के तहत् एक माह के भीतर अपील किये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में ऐसी प्रथम अपील संभागीय आयुक्त को तथा द्वितीय अपील मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी को प्रावधानित है।

मुद्रांक प्रकरणों के निराकरण के लिए कोई विहित समयसीमा निर्धारित नही है। प्रकरण लंबे समय तक लंबित रहने से शासन का राजस्व अवरूद्ध रहता है, इसे दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा कलेक्टर के आदेश के विरूद्ध प्रथम अपील संभागायुक्त के स्थान पर महानिरीक्षक पंजीयन, छत्तीसगढ़ को किये जाने संबंधी प्रावधान किया गया है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना दिनांक 27 अगस्त 2024 को राजपत्र में प्रकाशित की गई है।

 

रेत के अवैध भंडारण के मामले में कारवाई 2 ट्रक और 1 चैन माउन्टन जप्त, राजस्व और पुलिस विभाग की कार्रवाई

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महासमुंद। जिला प्रशासन के निर्देश पर रेत के अवैध भंडारन एवं परिवहन के मामले में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 2 ट्रक और एक चैन माउन्टन जप्त किया गया है। तहसीलदार श्रीधर पंडा ने बताया कि कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर ग्राम बिरकोनी मे शासकीय खसरे मे भंडारन एरिया के सीमा के बाहर अवैध तरीके से रेत का भंडारन किया गया था। मौके पर परिवहन करते 2 ट्रक पकड़ी गई है।   जिसे  तुमगांव थाना मे सुपुर्द किया गया है।साथ ही  एक चैन माउन्टन भी मौके पर पकड़ा गया। जिसे  मौके पर ही सील किया गया है। आज शाम को हुई कार्रवाई में राजस्व और पुलिस की टीम ने छापा मार कार्रवाई की  है।

अग्रिम कार्रवाई के लिए खनिज विभाग के सुपुर्द किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है की गत दिवस जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने समीक्षा बैठक के दौरान अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारीमहासमुंद उमेश साहू ने रेत के अवैध भंडारण के निरीक्षण के लिए राजस्व निरीक्षकों के नेतृत्व में पटवारी की टीम गठित कर रिर्पोट देने के निर्देश दिए थे। कारवाई के दौरान राजस्व टीम प्रभारी तहसीलदार श्रीधर पण्डा, नायब तहसीलदार, मोहित अमिला, टी आई शरद दुबे सहित पटवारी और खनिज विभाग की टीम मौजूद थे।

CG NEWS : पटवारी हड़ताल से आम जनता परेशान, पिछले दरवाजें से निपट रहे रसूखदारों के काम

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 रायपुर : एक तरफ शासन की ओर से राजस्व मामलों को निपटाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं, दूसरी ओर पटवारी संघ अपनी 32 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर चला गया है। इसकी वजह से आम आदमी आय, जाति, निवास, नामांतरण सहित अन्य कार्यों के लिए तो परेशान है, लेकिन रसूखदारों के काम अब भी धड़ल्ले से रहे हैं।


राजस्व पटवारी संघ का दावा है, कि 5,000 पटवारी हड़ताल पर हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार दिनों में हड़ताल की अवधि के दौरान पिछले दरवाजे से सैकडों पटवारियों ने लोगों के काम निपटाए हैं। इतना ही नहीं, प्रदेशभर में लगभग 250 पटवारी परिवीक्षा अवधि में कार्य कर रहे हैं और नियमानुसार वे सभी हड़ताल पर नहीं जा सकते। लेकिन इसके बावजूद वे 250 पटवारी भी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं और काम छोड़कर धरना स्थल में जाकर विराेध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी बीच विभागीय अफसरों के अनुसार पटवारियों से चर्चा की जा रही है कि वे विराेध छोड़कर काम पर वापस लौट जाएं, लेकिन अब तक हड़ताली पटवारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी बीच पटवारी संघ का कहना है कि संघ की मांगों को लेकर विभागीय सचिव से चर्चा की गई है और जिसमें सचिव की ओर से मांगों पर सहमति जताते हुए, इन्हें हल करने की कोशिश करने की बात कही है।

निशर्त खत्म हुई थी पिछली हड़ताल

राजस्व पटवारी संघ ने एक साल पहले भी हड़ताल किया था, उस दौरान यह हड़ताल लगभग एक महीने तक चली थी और इसके बाद शासन ने पहले तो पटवारियों की आइडी को बंद किया था और इसके बाद एस्मा तक लगाने की नौबत आ गई थी। इसके बाद जाकर शासन के दबाव के बाद ही पटवारियों ने नि:शर्त हड़ताल वापस ली थी।

अनुपूरक प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जवाब

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रायपुर। मैं छत्तीसगढ़ की पूरी जनता को हृदय से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मोदी की गारंटी के प्रति अपना भरोसा जताया और मुझे छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का अवसर दिया है।

मुख्यमंत्री की शपथ लिए मुझे कुछ घंटे हुए थे लेकिन मोदी जी के गारंटी का क्रियान्वयन करने के लिए हमने एक सेकंड भी टाइम नहीं लगाया। क्योंकि मोदी जी की गारंटी का मतलब होता है गारंटी पूरा होने की गारंटी।

सदन में प्रस्तुत अनुपूरक बजट, प्रदेश की जनता को मोदी जी द्वारा दी गई गारंटी पूरा करने की दिशा में हमारी सरकार का पहला कदम है।

पूर्व सरकार ने 1 लाख 21 करोड़ रुपए से भी अधिक का बजट पेश किया था, सरकार ने राजस्व की व्यवस्था नहीं की थी।

5 साल के कार्यकाल में 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज सरकार ने लिया। इतनी विपरीत परिस्थिति के बाद भी हम घोषणाएं पूरा करने को प्रतिबद्ध हैं।

मोदी की गारंटी में राज्य के लगभग 18 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास देने की गारंटी है, इसलिए हमारी सरकार इसकी व्यवस्था कर रही है। 3 हजार 7 सौ 99 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण आवासों के लिए हमने इस अनुपूरक बजट में किया है।

छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की मांग वर्षो से चली आ रही थी। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किया ताकि छत्तीसगढ़ की जनता के सपनों को साकार किया जा सके।

किसानों के लिए 2 साल के बकाया धान बोनस भुगतान के लिए द्वितीय अनुपूरक में 3800 करोड रुपए का प्रावधान किया गया।

महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए महतारी वंदन योजना का प्रावधान हमने किया गया है। इसमें आर्थिक सहायता दिए जाने हेतु द्वितीय अनुपूरक बजट में 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

10 वर्ष की उम्र में ही मेरे पिता का साया मेरे सिर से उठ गया, मैं अपना जीवन छत्तीसगढ़ के नागरिकों की बेहतरी के लिए करूंगा समर्पित

10 वर्ष की उम्र में ही मेरे पिता का साया मेरे सर पर से उठ गया था, लेकिन मैं छत्तीसगढ़ के हर नागरिक की बेहतरी के लिए अपना सर्वस्व समर्पण  करने से भी पीछे नहीं रहूंगा।

हर घर तक नल से जल पहुंचाने की दिशा में हमने काम शुरू कर दिया है। 1 हजार 230 करोड़ रुपए का राज्यांश मद में प्रावधान किया गया है।

कृषक जीवन ज्योति योजना के लिए अनुपूरक बजट में 1 हजार 102 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 255 करोड़ 25 लाख रुपए का राज्यांश प्रावधान किया गया है।

हमारी सरकार के घोषणापत्र में हर वर्ग के लिए हितकारी प्रावधान हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रस्तावित 

बारह हजार नौ सौ बयानबे करोड़, सत्तर लाख, अनठानबे हजार, आठ सौ रूपये की अनुपूरक राशि दिए जाने का प्रस्ताव पास।

छत्तीसगढ़ में अब तक 737 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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रायपुर। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2023 से अब तक राज्य में 737 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2023 से आज 03 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1306.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 336.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 655.7 मिमी, बलरामपुर में 699.7 मिमी, जशपुर में 595.3 मिमी, कोरिया में 708.7 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 715 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 834.2 मिमी, बलौदाबाजार में 732.4 मिमी, गरियाबंद में 671.4 मिमी, महासमुंद में 768.1 मिमी, धमतरी में 731.2 मिमी, बिलासपुर में 748.7 मिमी, मुंगेली में 888.3 मिमी, रायगढ़ में 815.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 665.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 618.3 मिमी, सक्ती में 614.2 मिमी, कोरबा में 719.2 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 745.4 मिमी, दुर्ग में 591.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 569.5 मिमी, राजनांदगांव में 791.4 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 930.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 750 मिमी, बालोद में 779.8 मिमी, बेमेतरा में 563.9 मिमी, बस्तर में 802.6 मिमी, कोण्डागांव में 701.4 मिमी, कांकेर में 713.7 मिमी, नारायणपुर में 704.8 मिमी, दंतेवाड़ा में 857.1 मिमी और सुकमा में 1086.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

महासमुंद : जिले के 6 तहसीलदार एवं 8 नायब तहसीलदारों को नवीन प्रभार

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महासमुंद। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश के परिपालन में महासमुंद जिले में 6 पदस्थ तहसीलदार एवं 8 नायब तहसीलदारों द्वारा जिला कार्यालय में उपस्थिति दिए जाने के फलस्वरूप कलेक्टर प्रभात मलिक ने प्रशासकीय दृष्टिकोण से शासकीय कार्याें के सुचारू सम्पादन को दृष्टिगत रखते हुए इन्हें आगामी आदेश पर्यंत तक नवीन प्रभार व दायित्व सौंपे हैं। आज जारी आदेश के तहत तहसीलदार लीलाधर कंवर को तहसीलदार बागबाहरा का दायित्व सौंपा गया है। 
                 

इसी तरह भवानी शंकर साव तहसीलदार को अतिरिक्त तहसीलदार बागबाहरा, जुगल किशोर पटेल को तहसीलदार बसना, कृष्ण कुमार साहू को तहसीलदार सरायपाली, श्रीमती नमिता मारकोले को अतिरिक्त तहसीलदार पटेवा एवं चन्द्रशेखर मंडई को तहसीलदार महासमुंद का प्रभार सौंपा गया है। 8 नायब तहसीलदारों को भी नवीन प्रभार सौंपे गए हैं। जिनमें सुश्री प्रकृति सिंह नायब तहसीलदार को तहसील पिथौरा, श्रीधर पंडा को उप तहसील तुमगांव, मोहित कुमार अमिला को तहसील महासमुंद, युवराज साहू को तहसील सरायपाली, हरीश कांत धु्रव को तहसील बागबाहरा, अभिषेक अग्रवाल को तहसील बसना, टेकेन्द्र नुरूटी को उप तहसील झलप एवं नीरज कुमार को तहसील पिथौरा में पदस्थ किया गया है।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री का राजस्व पटवारी संघ ने जताया आभार

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री का 500 रूपए मासिक संसाधन भत्ता की घोषणा पर प्रतिनिधिमंडल ने आभार जताते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया राज्य के सभी पटवारियों में इस फैसले से हर्ष है।
                

केंद्र के समान डीए और गृहभाड़ा वृध्दि सहित कर्मचारी हित में लिए गए सभी फैसले ऐतिहासिक हैं। उल्लेखनीय है कि अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री बघेल द्वारा प्रदेश के सभी पटवारियों को 500 रूपए मासिक संसाधन भत्ता सहित कर्मचारी हित में कई घोषणाएं की गयी हैं। इस अवसर पर राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ से भागवत कश्यप, ज्योतिष सर्वे, नीरज सिंह, कमलेश तिवारी, अश्वनी वर्मा, संतोष त्रिपाठी, मुरली वर्मा, सतीश चन्द्राकर, सुदर्शन पनिका, रविकांत सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

आकाशीय बिजली गिरने से बचने के लिए जरूरी है सावधानी बरतना

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महासमुंद। बारिश के दिनों में यदा-कदा आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की घटनाएं होती रहती है। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा वज्रपात, आकाशीय बिजली से बचने के लिए आम नागरिकों से सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिसके अंतर्गत यदि घर में हो तो पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छुएं और उससे दूर रहे तथा बिजली से चलने वाली यंत्रों, उपकरणों को बंद कर दें।
                  

यदि दो पहिया वाहन, साईकिल, ट्रक, खुले वाहन नौका आदि पर सवार हो तो तुरंत उतरकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाए। वज्रपात, आकाशीय बिजली के दौरान वाहनों पर सवारी न करें, धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग न करें, टेलीफोन व बिजली के पोल/खम्भें तथा टेलीफोन व टेलीफोन टावर से दूर रहें, कपड़े सुखाने के लिए तार प्रयोग न कर, जूट या सूत की रस्सी का उपयोग करें, बिजली की चमक देख तथा गड़गड़ाहट की आवाज सुनकर ऊंचे एवं एकल पेड़ों पर नहीं जाये, यदि आप जंगल में हो तो छोटे एवं घनें पेड़ों की शरण में चले जाये, वृक्षों दलदल वाले स्थलों तथा जलस्त्रोतों से यथा संभव दूर रहें पंरतु खुले आकाश में रहने से अच्छा है कि छोटे पेड़ों के नीचे रहें।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कहा गया है कि खुले आकाश में रहने को बाध्य हो तो नीचे के स्थलों को चुनें, एक साथ कई आदमी इक्ट्ठे न हो, दो आदमी की दूरी कम से कम 15 फीट हो, तैराकी कर रहे लोग मछुवारे आदि अविलंब पानी से बाहर निकल जाये, गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसानों तथा मजदूरों या तालाब में कार्य रहे व्यक्ति तुरंत सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर जाये, धातु से बने कृषियंत्र, डंडा आदि से अपने को दूर कर लें, यदि आप खेत-खलिहान में काम कर रहे हो तथा किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पाए तो - जहां है वहीं रहे, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें,

दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनां हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छुआएं, जमीन पर कदापि न लेंटे। अपने घरों तथा खेल-खलिहानों के आस-पास कम ऊंचाई वाले उन्नत किस्म के फलदार वृक्ष समूह लगायें, ऊंचे पेड़ के तनों या टहनियों में तांबे का एक तार स्थापित कर जमीन में काफ गहराई तक दबा दें ताकि पेड़ सुरक्षित हो जाये, मजबूत छत वाला पक्का मकान सबसे सुरक्षित स्थल है। यदि संभव हो तो अपने घरों में तड़ित चालक लगवा लें। यथा संभव खुले क्षेत्र में स्वयं को धात्विक संपर्क से बचाये रखें।

रायगढ़ : 6 जुलाई को सभी तहसील कार्यालय में लगेंगे राजस्व शिविर

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रायगढ़। राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर आगामी 6 जुलाई दिन गुरुवार को सभी तहसील कार्यालयों में प्रात: 10.30 बजे से राजस्व शिविर लगाए जाएंगे। जहां एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई व पटवारी सहित पूरा राजस्व अमला मौजूद होगा। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने शिविर की तैयारी के निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र के सभी गांवों में शिविर आयोजन के संबंध में सूचना दी जाए।
                 

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि राजस्व मामलों का त्वरित निराकरण किया जाए। शिविर के माध्यम से आमजनों को एक ही स्थान में राजस्व से जुड़ी सभी प्रकार की सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।कलेक्टर सिन्हा के मार्गदर्शन में बीते महीनों में भी सभी तहसीलों में राजस्व शिविर लगाए गए थे। जहां एक ही दिन में हजारों की संख्या में राजस्व मामलों का मौके पर निराकरण किया गया था। ऐसा ही शिविर अब फिर से 6 जुलाई दिन गुरुवार को प्रात: 10.30 बजे से सभी तहसील कार्यालयों में लगेगा। जहां पूरे राजस्व अमले की मौजूदगी से राजस्व के प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सकेगा

राजस्व शिविर में नक्शा बटांकन, फौती नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख सुधार, किसान किताब, सीमांकन, आय, निवास, जाति प्रमाण-पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र, नक्शा-खसरा, बी-1, डिजिटल सिग्नेचर व अन्य राजस्व मामलों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।

खनिजों से राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2022-23 में मिला रिकार्ड, 12 हजार 941 करोड़ रूपए का खनिज राजस्व

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में खनिज बहुल छत्तीसगढ़ प्रदेश में खनिज क्षेत्रों के विकास, खनिज क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन और अत्याधुनिक तकनीक के खनिज प्रशासन में उपयोग से प्रदेश को खनिजों से मिलने वाले राजस्व में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रदेश में संचालित खनिज गतिविधियों से 12 हजार 941 करोड़ रूपए का रिकार्ड खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जो विगत वर्ष की तुलना में 636 करोड़ रूपए अधिक है।

संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म जय प्रकाश मौर्य से प्राप्त जानकारी के अनुसार लौह अयस्क से सर्वाधिक 3607 करोड़ रूपए का राजस्व मिला है। प्रदेश में मुख्यतः कोयला, लौह अयस्क, चूनापत्थर एवं बाक्साइट खनिजों से राजस्व प्राप्त होता है। लौह अयस्क से 3607 करोड़ रूपए, खनिज कोयले से 3336 करोड़ रूपए, चूनापत्थर से 392 करोड़ रूपए एवं बाक्साइट से 31 करोड़ रूपए राजस्व प्राप्त हुआ है।

सर्वाधिक खनिज राजस्व प्राप्ति वाले जिलों में दंतेवाड़ा अव्वल

वित्तीय वर्ष 2022-23 में सर्वाधिक खनिज राजस्व प्राप्ति के जिलों में दंतेवाड़ा से 6419 करोड़ रूपए, कोरबा से 2361 करोड़ रूपए, रायगढ़ से 1717 करोड़ रूपए, बालोद से 760 करोड़ रूपए, बलौदाबाजार से 315 करोड़ रूपए, कांकेर से 286 करोड़ रूपए एवं सरगुजा जिले से 262 करोड़ रूपए खनिज राजस्व की प्राप्ति हुई है। प्रदेश में प्राप्त होने वाले खनिज जहां राज्य में अधोसंरचनात्मक विकास, बिजली के उत्पादन, उद्योगों के संचालन में अपना योगदान दे रहे हैं, वहीं खनिज राजस्व राज्य के वित्तीय विकास में महत्त्वपूर्ण साझेदारी प्रदान कर रहा है।

रेवेन्यू शेयरिंग व्यवस्था से राज्य शासन को प्रथम बार 02 चूना पत्थर ब्लॉक्स से बतौर लाभ में हिस्सेदारी मिला 52.52 लाख रूपए का राजस्व

विभाग के संयुक्त संचालक अनुराग दीवान से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन की नवीन नीति के तहत वर्ष 2015-16 में ई-नीलामी के माध्यम से आबंटित 02 मुख्य खनिज चूनापत्थर ब्लॉक्स यथा करही चंडी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा एवं केसला, जिला रायपुर में वर्ष 2022-23 में उत्पादन प्रारंभ हुआ है। आबंटन की उक्त नवीन व्यवस्था से जहां खानों का पारदर्शी आबंटन हुआ, वहीं रेवेन्यू शेयरिंग व्यवस्था से शासन को उक्त दोनों ब्लॉक्स से रायल्टी, डीएमएफ पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर आदि के अतिरिक्त प्रथम बार बतौर लाभ में हिस्सेदारी के 52.52 लाख रूपए का राजस्व राज्य शासन को प्राप्त हुआ है।

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