Media24Media.com: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय. Show all posts
Showing posts with label मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय. Show all posts

दंतेवाड़ा के सुदूर ग्राम मुलेर पहुँचे मुख्यमंत्री साय, विकास योजनाओं की दी सौगात

No comments Document Thumbnail

 रायपुर/दंतेवाड़ा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर संभाग के अत्यंत दुर्गम और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर का दौरा किया। यह गांव दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित अंतिम गांवों में से एक है, जहां ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत तेजी से समावेशी विकास हो रहा है।


मुख्यमंत्री का ग्रामीणों ने पारंपरिक महुआ-माला और गौर मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। उनके साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और डीजीपी अरुण देव गौतम भी मौजूद रहे। इस दौरान इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई घोषणाएं कीं।

घोषणाओं में अंदल कोसम माता मंदिर के लिए ₹4 लाख, उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, नाहाड़ी तक सड़क निर्माण और पारा को जोड़ने पुलिया-सीसी सड़क निर्माण के लिए ₹5 लाख की स्वीकृति शामिल है। साथ ही, वनाधिकार पत्र, आधार और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शिविर आयोजित करने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने राशन दुकान, आंगनबाड़ी और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में 9वां स्थान पाने वाली छात्रा रमशिला नाग को सम्मानित भी किया।

ग्राम मुलेर: सुदूर बस्तर में बदलते विकास की तस्वीर

ग्राम पंचायत मुलेर, जो बड़े बचेली विधानसभा क्षेत्र में आता है, जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी दूर है और पूरी तरह माड़िया जनजाति बहुल है। यहां 112 परिवारों के 474 लोग निवास करते हैं। दो आंगनबाड़ी, छह महिला स्व-सहायता समूह, सौर ऊर्जा से होम लाइटिंग, और महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक संबल जैसी योजनाओं ने गांव को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है।

लक्ष्मी स्व-सहायता समूह को डीएमएफ मद से ट्रैक्टर दिया गया है, जिससे कृषि कार्यों के साथ आयवर्धन भी हो रहा है। राशन की नियमित आपूर्ति और योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन ने मुलेर को आदिवासी अंचलों में एक आदर्श ग्राम का स्वरूप दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण: मरीजों से की आत्मीय बातचीत

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तृतीय चरण में महासमुंद जिले में जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और मरीजों से आत्मीय संवाद कर उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर प्रदेश के खाद्य एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी तथा महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री साय ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय 60 वर्षीय मरीज गंगाराम से भी मिले, जिन्होंने बताया कि कमजोरी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन चार दिन के उपचार के पश्चात अब वे स्वस्थ अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था, इलाज और चिकित्सकों के व्यवहार की सराहना की।


इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय ने डायलिसिस वार्ड का निरीक्षण कर किडनी पीड़ित मरीजों से बातचीत की और उनके इलाज संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता वाले मरीज अतुल चंद्राकर से आत्मीयता से बात की। जब श्री चंद्राकर ने मदद की गुहार लगाई, तो मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि डोनर की व्यवस्था होते ही ट्रांसप्लांट का पूरा खर्च हम उठाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ इलाज मिल सके।

इस अवसर पर कलेक्टर विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अस्पताल स्टाफ तथा बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर जारी एंटी नक्सल ऑपेरशन का अपडेट लिया

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गृह विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षाबलों की नक्सलियों के विरुद्ध जारी मुठभेड़ के विषय में अधिकारियों से अपडेट लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने ऑपेरशन के संदर्भ में भविष्य की रणनीति के बारे में अधिकारियों से चर्चा की।


बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन विवेकानंद सिन्हा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री खुद उतरे ग्राउंड जीरो पर: ग्रामीणों ने खुशी में कहा- राम-राम जी गा मुख्यमंत्री जी ! अपने मुखिया से मिलने उमड़ी भीड़

No comments Document Thumbnail

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आज अपने दौरे के दूसरे दिन ग्राउंड जीरो पर खुद उतरे। मुख्यमंत्री आकस्मिक तौर पर बेमेतरा जिले के ग्राम- सहसपुर पहुंचे और ग्रामीणों से योजनाओं का सीधा फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि मैं आप लोगों के बीच आपकी दुख-तकलीफ जानने आया हूँ। ग्राम- सहसपुर में मुख्यमंत्री के आने की कोई पूर्वयोजना नहीं थी। ऐसे में जब गांव में सहसा गूंजी हेलीकॉप्टर की आवाज तो अचंभित ग्रामीण अपने घरों से निकले। अपने मुखिया से मिलने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने खुशी में कहा- राम-राम जी गा मुख्यमंत्री जी ! और सदाबहार फूल की माला और चंदन-आरती के साथ उनका स्वागत किया।


बरगद की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल

मुख्यमंत्री ने ग्राम- सहसपुर में ग्रामीणों से पुराने बरगद की छांव में खाट पर बैठ संवाद किया। उन्होंने लोगों से शासन की योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नल जल योजना, धान खरीदी, स्कूल में बच्चों की शिक्षा सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को अभी डेढ़ साल हुए हैं इस अवधि में हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई गारंटी की पूरा किया है। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास को स्वीकृति दी। किसानों को 2 साल का बकाया बोनस दिया। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी भी की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का ये तीसरा चरण है। शुरुआती चरणों में लोगों से उनकी समस्याओं के सम्बंधित आवेदन लिए गए । इन आवेदनों का अधिकारियों द्वारा लगातार निराकरण किया जा रहा है। अब मैं स्वयं आप सभी के बीच सरकार के अधिकारियों के साथ पहुंचा हूँ ताकि आप सीधे मुझतक अपनी बात रख पहुंचा सकें।

मुख्यमंत्री ने थमाया माइक तो पूनम साहू ने कहा- महतारी वंदन से मिली बड़ी मदद
मुख्यमंत्री के चौपाल में महतारी वंदन से मिल रही सहायता पर श्रीमती पूनम साहू ने अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने पूनम को थमाया माइक, पूनम ने कहा परिवार और बच्चों की जरूरतों को पूरी करने में मिलती है बड़ी मदद। हर माह नियमित मिलती है महतारी वंदन योजना की राशि।

सहसपुर ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने सहसपुर में ग्रामीणों से बरगद के नीचे खाट पर बैठकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नए भवन को स्वीकृति दी। साथ ही उन्होंने 13 वीं-14 वीं शताब्दी में फणी नागवंशी राजाओं द्वारा निर्मित शिव मंदिर व हनुमान मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेंगे। महाशिवरात्रि के मेले में मैं खुद आऊंगा। मुख्यमंत्री ने सहसपुर में 33 केव्ही विद्युत सब स्टेशन की भी घोषणा की।

इस अवसर पर विधायक ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने तेरहवीं शताब्दी के प्राचीन शिव व हनुमान मंदिर के किए दर्शन

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत आज अपने आकस्मिक निरीक्षण के दूसरे दिन बेमेतरा जिले के ग्राम-सहसपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम सहसपुर में 13वीं- 14वीं शताब्दी में निर्मित भगवान शिव व हनुमान के प्राचीन मंदिर के दर्शन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


उल्लेखनीय है कि ग्राम-सहसपुर में यह प्राचीन मंदिर कवर्धा के फणिनागवंशी राजाओं द्वारा नागर शैली में निर्मित किया गया था। गांव के सुरम्य वातावरण में स्थित यह मंदिर इस बात का जीवंत सबूत है की छत्तीसगढ़ की धरती में धर्म और आस्था के बीज बहुत पुराने हैं। ये मंदिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

सोलह स्तम्भों पर टिका शिव मंदिर और आठ स्तम्भों का हनुमान मंदिर बहुत सुंदर प्रतीत होता है। आज भी इन मंदिरों का पुराना वैभव यथावत है। ये अपने कालखंड की एक निशानी के तौर पर मौजूद हैं और हमारी समृद्ध कला संस्कृति का भी परिचय देते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज अपने आकस्मिक दौरे से छत्तीसगढ़ के गांवों की आस्था के इस ऐतिहासिक पहलू को छुआ है।

सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ति जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत की जानकारी ली

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत सक्ति जिले के ग्राम करिगांव का दौरा किया। यहां उन्होंने पीपल के वृक्ष के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई। इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करते हुए अपनी समस्याएं, सुझाव और सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल आधार जनसुनवाई और जनसरोकार से जुड़ाव है और आज की यह चौपाल उसी दिशा में एक कदम है।

पीएम आवास योजना हितग्राही के घर पहुंचे मुख्यमंत्री

चौपाल के उपरांत मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी श्रीमती सोनाई बाई के निर्माणाधीन आवास पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखी और परिवार से बातचीत करते हुए योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने हितग्राही से पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि मिल रही है। इस पर श्रीमती सोनाई बाई ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से यह राशि प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सहयोग मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने देखा कि उनके घर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल से जल आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि अब तो आपके घर तक पानी भी पहुंच रहा है, यह हमारे गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

आवास योजना के सर्वे हेतु मुख्यमंत्री की अपील

चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नए आवास की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सबके लिए आवास उपलब्ध कराने प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य 15 मई 2025 तक चल रहा है, जिसमें वे सभी लोग अपना नाम दर्ज कराएं जो अब तक इस योजना से वंचित हैं। पात्रता के अनुसार सभी को आवास देने का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक आवास के अधिकार से वंचित न रहे। यह केवल एक छत देने की योजना नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित शासन प्रणाली है। उन्होंने कहा कि चौपाल के माध्यम से हम सीधे लोगों के जीवन से जुड़कर यह जान पाते हैं कि योजनाएं वास्तव में लोगों के जीवन में क्या बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि जब हम किसी हितग्राही के घर जाकर पूछते हैं कि पैसा आया या नहीं, जब हम स्वयं निर्माण कार्य की गुणवत्ता को देखते हैं, तभी हमें विश्वास होता है कि योजनाएं फाइलों से निकलकर हितग्राहियों तक पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री साय का सांस्कृतिक स्वागत, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के साथ गोंडवाना ध्वज फहराया

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आयोजित आदि उत्सव का कार्यक्रम जनजातीय समाज के लिए गौरव की बात है। आदि उत्सव कार्यक्रम में जनजातीय समाज के रीति-रिवाज, परंपरा, संस्कृति, इतिहास इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाती है, इसलिए संपूर्ण जनजातीय समाज आदि उत्सव के महाकुम्भ में उपस्थित हुआ है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को रामनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय के आगमन पर उनका फूलमालाओं, लोकगीत व लोकनृत्य कर भव्य स्वागत किया गया, इस अवसर पर गोंडवाना ध्वजारोहण भी किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय जनजातीय मंत्री जुएल ओराम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, मध्यप्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री समाज कल्याण अनु.जा. एवं जन. कल्याण संजीव गौंड़, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, लोकसभा सांसद कांकेर भोजराज नाग सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उन्हें आदि उत्सव कार्यक्रम के महाकुंभ में शामिल होने का अवसर मिला है। आदि उत्सव कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जनजातीय समाज के चौगान स्थित मढ़िया में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता के लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य, छत्तीसगढ़ राज्य का बड़ा भाई है इसलिए मध्यप्रदेश में आने पर उन्हें बहुत प्रसन्नता होती है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। छत्तीसगढ़ राज्य बने अब 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामनगर मंडला में आदि उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री जुएल ओराम के द्वारा किया गया था। आदि उत्सव कार्यक्रम आयोजित करने से जनजातीय समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोंड़वाना की इस धरा में रानी दुर्गावती और राजा शंकरशाह व कुंवर रघुनाथशाह ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। हमारे इन महापुरूषों की वीरगाथाओं से आने वाली पीढ़ी को अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में जनजातीय समाज के 11 करोड़ लोग निवास करते हैं। जनजातीय समाज के विकास और उत्थान के लिए भारत सरकार के द्वारा जनजातीय मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जनजातीय समाज के विकास व उत्थान की गहरी चिंता है। प्रधानमंत्री प्रतिवर्ष जनजातीय क्षेत्रों के लिए करोड़ों रूपए का बजट आवंटित कराते हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास के नारा के साथ काम करते हुए 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा और नक्सलवाद को समाप्त किया जायेगा। डबल इंजन की सरकार का लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसामुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने धरती आबा योजना प्रारंभ कर जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों को विकास के पथ पर जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों के लिए बिजली, सड़क और पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

आमजन के हित में करें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तारः मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों के इलाज में कोई कमी नहीं आएगी और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को भी शीघ्र ही पीएससी और व्यापम के द्वारा भरा जाएगा।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना, श्रद्धालु पुरी, भुवनेश्वर और कोणार्क दर्शन करेंगे

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर पांच साल के लम्बे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शुरू हुई है। योजना के तहत आज बिलासपुर जिले के 775 यात्रियों का पहला जत्था पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालुओं ने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।


बिलासपुर, मुंगेली और जीपीएम जिले के तीर्थ यात्री बिलासपुर स्टेशन पर पहुंचे जहां पर जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। ट्रेन को बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यात्रियों को भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन द्वारा रवाना किया गया। तीर्थ यात्रा की बरसो पुरानी अभिलाषा पूरी होने पर बुजुर्गाे के आंखों की चमक देखते बन रही थी। इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार मौजूद थे।

विधायक धरमलाल कौशिक और सुशांत शुक्ला ने तीर्थ यात्रा पर जा रहे बुजुर्गाे से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने तीर्थ यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल तीर्थ यात्रा ही नहीं बल्कि नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी कल्याणकारी योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लोगों के बेहतरी के लिए लगातार काम कर रहे हैं वे श्रवण कुमार की भूमिका निभाते हुए लोगों को तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। यह योजना शुरू कर सरकार ने अपना एक और वादा निभाया है।

बुजुर्गाे की आंखों में बरसो से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी
पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन के लिए जा रहे बुजुर्गाे की आज बरसो पुरानी तीर्थ यात्रा की अभिलाषा पूरी हुई है। तीर्थ यात्रा को लेकर उनमें खासा उत्साह देखा गया। सभी समय से पहले ही स्टेशन पहुंच चुके थे। स्टेशन पर यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। 65 वर्षीय अम्बे सिंह बिलासपुर से यात्रा पर निकली। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पहले रामलला दर्शन योजना शुरू की गई। उसके बाद मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू कर मुख्यमंत्री ने हम सब बुजुर्गाे की सुध ली है। पंडित ईश्वर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित उम्र के बाद हर किसी बुजुर्ग का सपना होता है कि तीर्थ यात्रा दर्शन के लिए जाए लेकिन पैसों की कमी के कारण यह सपना अधूरा रह जाता है। इस योजना से हमारा सपना पूरा हुआ है।

सिरगिट्टी से यात्रा पर जा रहे चन्द्रपाल सिंह राजपूत ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम जैसे लोगों के लिए तीर्थ यात्रा पर जाना सपने जैसे होता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमारा यह सपना पूरा किया है। जोरापारा सरकण्डा निवासी धनी राम अग्रवाल भी सपत्निक यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना बुजुर्गाे के लिए अमूल्य अवसर है। जगन्नाथ पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क दर्शन की खुशी साझा करते हुए राज्य शासन का आभार व्यक्त किया। यात्रा के दौरान शासन द्वारा तीर्थयात्रियों को भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

छत्तीसगढ़ में सात सितारा हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में औरिया ग्रुप की रुचि, मुख्यमंत्री से की निवेश पर चर्चा

No comments Document Thumbnail

 मुंबई : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मुंबई में औरिया ग्रुप के मुख्य व्यवसाय अधिकारी अक्षय कुलकर्णी ने मुलाकात कर राज्य में पांच सितारा और सात सितारा स्तर की हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश की इच्छा जताई।


कुलकर्णी ने बताया कि औरिया ग्रुप हिमाचल प्रदेश में एक प्रतिष्ठित प्रीमियम होटल का संचालन कर रहा है और अब छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक लक्जरी हॉस्पिटैलिटी से जोड़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि समूह राज्य में लक्जरी पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश की योजना पर विचार कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की जानकारी दी, जिसमें पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को नीति समर्थन, भूमि की उपलब्धता, एकल खिड़की स्वीकृति, और अनुकूल वातावरण जैसी सुविधाएं दे रही है।

CMAI के साथ हुआ एमओयू, मुख्यमंत्री साय बोले - छत्तीसगढ़ ने वस्त्र उद्योग क्षेत्र में निवेश के नए द्वार खोले

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुंबई के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित सीएमएआई फैब शो 2025 में भाग लेकर राज्य में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निवेशकों और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योगपतियों से संवाद कर छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा हमने वस्त्र उद्योग क्षेत्र में निवेश के नए द्वार खोले हैं। इस मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार ने सीएमएआई (क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के साथ एमओयू भी साइन किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ ने वस्त्र, गारमेंट और हैंडलूम सेक्टर में एक उभरता हुआ केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में हमने कैबिनेट में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन डिजाइन के संस्थान को नवा रायपुर में खोलने की मंजूरी दी है। 271 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस संस्थान से छत्तीसगढ़ में टैक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में चांपा की कोसा साड़ियां अपने शिल्प में बेमिसाल हैं। सीएमएआई से एमओयू और निफ्ट की स्थापना से चांपा के कोसा जैसे वस्त्रों की ब्रांडिंग, प्रमोशन में बड़ी मदद मिलेगी।


उन्होंने कहा कपड़ा उद्योग प्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण स्वरोजगार, तकनीक और कौशल विकास से जुड़ा है। नई औद्योगिक नीति में हमने इन सभी सुविधाओं का ख्याल रखते हुए, टैक्सटाइल सेक्टर से जुडे़ एमएसएमई को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। हम 1000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों को विशेष अनुदान दे रहे हैं। 100 करोड़ के इन्वेस्टमेंट में 252 करोड़ की प्रतिपूर्ति हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। टेक्सटाइल के क्षेत्र में देश में इतनी अच्छी पॉलिसी किसी भी राज्य में नहीं है। इसका लाभ कपड़ा उद्योग से जुड़े छोटे और मझोले उद्यमों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में उद्यम शुरू करने पर विशेष रियायतें दी गई हैं।

उन्होंने कहा सिंगल विंडो सिस्टम, इज आफ डूइंग बिजनेस और स्पीड आफ डूइंग बिजनेस की नीतियों के चलते बहुत तेजी से निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा रही है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस से अब हम स्पीड और बिजनेस की ओर बढ़ चुके हैं। हमने 350 से अधिक रिफार्म्स किये हैं और निवेश का वातावरण बेहद सहज कर दिया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन भी किया और जानकारी ली। उन्होंने बताया कि हमारे पारंपरिक हस्तशिल्प को टेक्सटाइल उद्योग से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक अभिषेक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सेंट्रल इंडिया की लोकेशन, बेहतर कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने बताया सेंट्रल इंडिया की हमारी लोकेशन आपको देश भर में सबसे अच्छी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है। इसी साल से रायपुर एयरपोर्ट में कार्गो की सुविधा आरंभ हो गई है। हमारे यहां 48 हजार करोड़ रूपए की कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। रेल्वे नेटवर्क के विस्तार का सबसे अधिक लाभ उद्योग जगत को मिलेगा। रायपुर से विशाखापट्नम तक एक्सप्रेस वे का निर्माण तेजी से हो रहा है। विशाखापट्नम जैसे पोर्ट से हमारी सीधी कनेक्टिविटी रायपुर में बिजनेस को बहुत विस्तार देगी।

टैक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित युवा हो रहे तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा टैक्सटाइल इंडस्ट्री को स्किल्ड मैनपावर भी चाहिए। प्रदेश के आईटीआई में टेक्नालॉजी और इनोवेशन पर आधारित एडवांस कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे टैक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए भी प्रशिक्षित युवा तैयार हो रहे हैं। हमारे यहां आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान हैं जिससे दक्ष मानव संसाधन इंडस्ट्री के लिए उपलब्ध हैं।

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने साराडीह में हितग्राहियों के घर पहुंचकर किया सर्वे

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद : विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा ने आज जिले के ग्राम पंचायत साराडीह में हितग्राहियों के घर पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए मोर दुआर-साय सरकार के तहत स्वयं सर्वेक्षण किया। उन्होंने हितग्राहियों से जानकारी ली।


सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में अब कोई भी पात्र व्यक्ति बिना पक्का आवास के नहीं रहेगा। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने जब हितग्राही के घर पहुंचे उनके परिवार की जानकारी ली । इस दौरान हितग्राहियों ने कहा कि उनका परिवार वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहा था, जो अब इस योजना के तहत पूरा होता नजर आ रहा है। उन्होंने‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। इस दौरान मौजूद जनपद के सी ईओ को समय सीमा में सर्वे करने के निर्देश भी दिए।



विधायक सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।

उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें जल्दी योजना में सम्मिलित किया जाएगा। इस दौरान जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी एस मंडावी,ग्राम पंचायत सरपंच भारती यादव, साजन यादव, महिलाएंऔर ग्रामीणजन उपस्थित थे ।

ज्ञात है कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले के ग्राम घाटपदमपुर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए प्रदेशव्यापी मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का शुभारंभ किया था ।यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के सम्बन्ध में दिए निर्देश

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है, और हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशानिर्देश देते हुए यह बात कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में मंत्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा सुश्री किरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर संभाग के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशेष प्रावधान किए गए हैं।  आज जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में बस्तर संभाग के विकास में उद्योगों की भूमिका को लेकर चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा की नई औद्योगिक  नीति के तहत बस्तर संभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ खनिज आधारित, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन उद्योगों की असीमित संभावनाओं को साकार करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

बस्तर के औद्योगिक परिदृश्य को देखें तो वर्तमान में बस्तर संभाग में 690 MSME इकाइयाँ संचालित हैं। बस्तर संभाग के 3 प्रमुख सेक्टर्स में चावल मिल, ईंट निर्माण और धातु निर्माण उद्योग शामिल हैं। एनएमडीसी माइनिंग, एनएमडीसी स्टील, एस्सार, ब्रज इस्पात और ए एम एन एस इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियाँ यहाँ स्थापित हैं। संभाग से लगभग 102 करोड़ रुपये का निर्यात होता है, जिसमें लौह अयस्क की हिस्सेदारी सर्वाधिक है।

विकसित बस्तर की ओर बढ़ने के लिए औद्योगिक नीति 2024-30 के अनुसार बस्तर संभाग के विकास के लिए 32 में से 28 विकासखंडों को समूह 3 के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है, ताकि उद्योगों को अधिकतम प्रोत्साहन मिले।  इस्पात उद्योग के लिए 15  वर्षों तक रॉयल्टी प्रतिपूर्ति का प्रबंध है।

विकास की मुख्य धारा में बस्तर को जोड़ने के लिए नई औद्यौगिक नीति में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने के लिए रोजगार सब्सिडी का प्रावधान है जिसमे 5 वर्षों तक शुद्ध वेतन का 40% का प्रावधान है। अनुसूचित जाति/जनजाति और नक्सलवाद प्रभावित लोगों के लिए 10% अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान है। युवाओं के लिए प्रशिक्षण व्यय प्रतिपूर्ति तथा मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है जिसमे अनुसूचित जाति/जनजाति और नक्सलवाद प्रभावित व्यक्तियों द्वारा स्थापित नए MSME के लिए 25% तक कि सब्सिडी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में विकसित बस्तर की ओर का रोडमैप  तैयार करने के लिए भूमि बैंक प्रबंधन को मजबूत करना और व्यापार को आसान बनाना शामिल है। स्थानीय उद्योगों (वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प) के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, विशेष रूप से जनजातीय युवाओं और महिला उद्यमिता पर फोकस किया जा रहा है।  

इस्पात, धातु प्रसंस्करण, कृषि, वनोपज आधारित उद्योग और हर्बल-औषधीय उत्पादों के लिए क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में सभी मौसमों के लिए उपयुक्त सड़कों का निर्माण और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ एकीकरण का काम हो रहा है।  स्टार्टअप्स के लिए समर्थन हेतु नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ संचालित की जा रही है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि - आने वाले समय में पूरी तरह से शांति कायम हो जाएगी और नक्सलवाद का पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना होगा ताकि विकसित बस्तर की ओर हम बढ़ सकें। यहां उद्योग के लिए उचित वातावरण है और हमने उद्योगों लिए नई औद्यौगिक नीति में विशेष प्रावधान भी किए है।

श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं, महिलाओं और नक्सलवाद प्रभावित लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना हमारी प्राथमिकता है। यह नीति बस्तर को औद्योगिक और आर्थिक समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि वन संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करके हम स्थानीय लोगों को समृद्ध बना सकते है और हमारी सरकार महुआ आधारित उद्योग पर भी विशेष ध्यान देगी।

जगदलपुर में आयोजित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संबंधित विभागों के सचिव, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य,  बस्तर संभाग में स्थापित उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जगदलपुर पहुंचने पर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। साय दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर जगदलपुर पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पहुंचे।


मुख्यमंत्री साय बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने हेतु वहां के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विचार मंथन करेंगे। बस्तर में कृषि पशुपालन, मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ ही बस्तर में औद्योगिकीकरण और रोजगार के अवसरों के निर्माण और पर्यटन विकास की संभावनाओं के साथ ही युवाओं के रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। अगले दिन मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर संभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।

मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री साय का वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया।

लोकल फॉर वोकल एवं स्वावलंबी भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई।


मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारत’ के निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। उन्होंने शासकीय भवनों से लेकर ट्रेनों तक में खादी वस्त्र की उपयोगिता को बढ़ावा दिया है। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है।उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर मोदी की एक और गारंटी को पूर्ण करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में "अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र" के लिए कॉमन सर्विस सेंटर सेवा प्रदाता एवं सरपंचों के मध्य एमओयू किया गया है। आगामी 24 अप्रैल पंचायत दिवस से इन केंद्रों में नगद भुगतान की सुविधा प्रारंभ होगी। इन केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे और ग्रामवासियों को अनेक वित्तीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे लोगों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस सुविधा का विस्तार चरणबद्ध रूप से सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर खादी पहुंचे, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गजेंद्र यादव, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, धरमलाल कौशिक, प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व सांसद सरोज पांडेय सहित विभिन्न निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर मृत बालक दिव्यांश के परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये की मिली आर्थिक सहायता

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा रायपुर के गुलमोहर पार्क पीएमवाय कॉलोनी में विगत दिवस हुई आकस्मिक दुर्घटना में मृत बालक दिव्यांश के शोकसंतप्त परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये आर्थिक सहायता देने के निर्देश पर परिवारजनों को तत्काल सहायता राशि दी गई।


मुख्यमंत्री के आदेश पर रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ सतत संपर्क बनाकर आकस्मिक घटना के तत्काल पश्चात अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे दो अन्य बालकों की स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। दोनों बालकों का स्वास्थ्य निरंतर सुधर रहा है। चिकित्सक गण लगातार दोनों बालकों के स्वास्थ्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सीएम साय का युवाओं से संवाद, छत्तीसगढ़ के विकास में भागीदारी पर चर्चा

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने युवाओं के साथ आत्मीय संवाद कर छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य और विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप प्रमोशन और उद्योगों से जुड़ाव जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और राज्य के समग्र विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में अब अंतिम साँसें गिन रहा है और मार्च 2026 तक नक्सल का समूल नाश होगा। छत्तीसगढ़ की यह सुंदर धरती विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगी और शांत, सुरक्षित, खुशहाल और समृद्ध प्रदेश के रूप में इसे नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में एएनआई द्वारा आयोजित विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश के साथ पॉडकास्ट में अपने पारिवारिक, राजनीतिक जीवन और मुख्यमंत्री के रूप में अब तक के सफर और उपलब्धियों पर खुलकर बातचीत की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने प्रदेशवासियों के हित में मोदी की गारंटी की बात कही थी और हमारी सरकार ने बड़े निर्णय लेते हुए इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मोदी की गारंटी पूरी कर दी गई हैं। हमारी सरकार ने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास मुहैया कराने का बड़ा फैसला लिया था। प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह ₹1000 की राशि प्रदान की जा रही है। पीएससी की परीक्षाओं में युवाओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ सीबीआई जांच जैसे बड़े निर्णय हमारी सरकार ने लिए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। इस नीति की सफलता का प्रमाण इस बात से मिलता है कि इसके लागू होने के बाद से सरकार को करोड़ों रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। हमारा उद्देश्य निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार देना भी है। साय ने कहा कि हमने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है और विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में हर प्रदेशवासी की अहम भूमिका होगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

शिक्षा ही है विकास का मूलमंत्र : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

No comments Document Thumbnail

रायपुर : शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है। स्कूली बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में पाठ्य पुस्तक निगम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में कहीं।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने पर राजा पांडेय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम का दायित्व है की किताबें समय पर छपें और बच्चों को स्कूल में पुस्तकें समय पर उपलब्ध हों। मुझे पूरी उम्मीद है कि राजा पांडेय पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लिहाज से पाठ्यपुस्तक निगम के पास एक बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई है, जिसे हमने छत्तीसगढ़ में लागू किया है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार पर भी फोकस किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर हम बच्चों को 18 स्थानीय बोलियों में किताबें उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर पायेंगे। नई शिक्षा नीति का लाभ राज्य के बच्चों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ स्कूल और ट्रिपल आईटी छत्तीसगढ़ में स्थापित हुए हैं। आज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 14 मेडिकल कॉलेज हैं। एम्स जैसे राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान का लाभ लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। आज नवा रायपुर में हमने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन किया है। ये सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश का दूसरा यूनिट है। 1143 करोड़ की लागत से इस संयंत्र की स्थापना हुई है। कम्पनी ने 10 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी दिया है। इससे सेमीकंडक्टर चिप्स निर्माण में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। इसी तरह नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में आज स्कवायर बिजनेस सर्विसेज को ऑफिस स्पेस आबंटित किया गया है। बिहान की बहनों को 40 बैटरी चालित ई-रिक्शा भी दिया गया है। साथ ही आज एल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का भी हमने शुभारंभ किया है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की निवेशकों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। एनर्जी और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में राज्य को निवेश प्राप्त हो रहा है। हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है।

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा समाजिक परिवर्तन की धुरी है। समाजिक परिवर्तन से आर्थिक परिवर्तन संभव है। आर्थिक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र की संकल्पनाओं को साकार किया जा सकता है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन को लेकर कार्य कर रही है। अभी गांवों से लेकर शहरों तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन के उद्देश्यों और आम जनमानस तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने में सभी निगम-मंडल का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने इस अवसर पर नवनियुक्त श्री राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल,विधायक गोमती साय,विधायक मोतीलाल साहू, विधायक सुशांत शुक्ला,विधायक प्रबोध मिंज, विधायक भूलन सिंह मरावी, पूर्व मंत्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा,पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल सहित निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण भूपेंद्र सवन्नी, रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, अनुराग सिंहदेव, लोकेश कांवड़िया, शशांक शर्मा, श्रीनिवास मद्दी , अमरजीत छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा छ. ग. पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारी-कर्मचारीगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प होगा पूरा: मुख्यमंत्री साय

No comments Document Thumbnail

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कांकेर के ग्राम भिरावाही में गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित मरका पंडुम (चैतरई महापर्व) के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गोंडवाना समाज के आराध्य बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा-अर्चना कर तेंदू, चार, चिरौंजी, महुआ और आम फल अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की।



मुख्यमंत्री साय ने भिरावाही के गोंडवाना भवन परिसर में आयोजित मरका पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का समृद्धशाली इतिहास रहा है। मरका पण्डुम पर्व में नए फलों, फसलों का अर्पण अराध्य देवी-देवताओं को किए जाने की परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री  साय ने समाज को शिक्षित होने पर जोर देते हुए बच्चों को पढ़ाने के लिए सबको आगे आने तथा जागरूक होने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति का तेजी से विकास हुआ है, वहीं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी जैसी उच्च संस्थाएं स्थापित हुई हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर से नक्सलवाद जड़ से खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि अब नियद नेल्लानार योजना के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अधिक से अधिक ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर 80 लाख 48 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिसमें गोंडवाना समाज के भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 45 लाख रुपए, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 23 लाख 47 हजार रूपए और देवगुड़ी के सांदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों के लिए 12 लाख 01 हजार रूपए की स्वीकृति शामिल है।

समापन समारोह को कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हितचिंतक मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे, यह गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को विस्मृत नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी जड़ और वास्तविक पहचान है।

इस दौरान बस्तर गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने सामाजिक गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, सुमित्रा मारकोले, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.