Media24Media.com: महेंद्र पटेल

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आरंग के इतिहास और गौरवगाथा पर बनाया प्रतीक चिन्ह, उत्कृष्ट डिजाइनर हेमंत पुरस्कृत

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आनंदराम पत्रकारश्री. रायपुर (छत्तीसगढ़). पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजन में "मोरध्वज नगरी आरंग" का प्रतीक चिन्ह (LOGO) बनकर तैयार हो गया है। इस विषय पर राज्य स्तरीय लोगो (LOGO) बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें आरंग के डिजाइनर हेमंत कंसारी (पवन फ्लैक्स) की डिजाइन को आयोजन समिति ने चयनित किया है। उन्हें पीपला ग्रुप के अध्यक्ष दूजेराम धीवर और जनपद अध्यक्ष खिलेश देवांगन द्वारा पुरस्कृत किया गया। महेंद्र कुमार पटेल के संयोजन में हेमंत के द्वारा बनाई गई भावपूर्ण व खास डिजाइन की सर्वत्र सराहना की जा रही है। 



उल्लेखनीय है कि पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजन में "मोरध्वज नगरी आरंग" विषय पर राज्य स्तरीय लोगो बनाओ प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2023 निर्धारित की गई थी। संतोषजनक प्रविष्टि नहीं आने से इसकी अवधि बढ़ाई गई। सैकड़ों प्रविष्टियों में हेमंत कंसारी की डिजाइन को ईनाम के लिए चुना गया। नगद ईनाम और स्मृति चिन्ह भेंटकर डिजाइनर हेमंत कंसारी का सम्मान किया गया। यह डिजाइन अब पीपला ग्रुप की अमानत, सर्वाधिक सुरक्षित (Copyright) है।
हेमंत कंसारी, डिजाइनर.

थीम का रखा गया है विशेष ध्यान

प्रतीक चिन्ह बनाने में नामकरण और आरंग के इतिहास को संयोजित किया गया है। इसकी बाहरी भित्तियों में आरंग के प्रख्यात सिद्ध पीठ श्रीबागेश्वरनाथ महादेव मंदिर की चौसठ योगिनी का प्रदर्शन, भीतरी भित्तियों में 107 शिवलिंग का प्रतीकात्मक चित्रण, गर्भ वृत्त में  6 आगर 6 कोरी अर्थात 126 तालाबों का चित्रण, मध्यभाग (गर्भगृह) में आरंग के नामकरण की पौराणिक गाथा पर केंद्रित महादानी राजा मोरध्वज और पद्मावती द्वारा बेटे ताम्रध्वज को आरा से चीरते हुए दृश्य का चित्रण, नामकरण सर्कल में वनगमन परिप्रेक्ष्य का चित्रण करते हुए श्रीराम के पदचिन्हों का प्रतीकात्मक चित्रण और मोर पंख (श्रीकृष्ण के मोर मुकुट) को प्रदर्शित किया गया है। गौरतलब है कि आरंग एक ऐसा नगर है, जहां त्रेतायुग में श्रीराम और द्वापर में श्रीकृष्ण-अर्जुन के आने की पौराणिक मान्यता है। लोक गाथाओं में भी इसका वर्णन मिलता है। दानशीलता के लिए तीन शब्द का कोटेशन 'दानं ददाति कल्याणं' (भावार्थ:-दान देने से कल्याण होता है।) का उल्लेख किया गया है। 
विजेता हेमंत को पुरस्कृत करते हुए जनपद अध्यक्ष खिलेश देवांगन, पीपला अध्यक्ष दूजेराम धीवर.

छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी के तट पर बसे आरंग नगर की महत्ता बताने महानदी की जलधारा का सुंदर चित्रण किया गया है। 'मोरध्वज नगरी आरंग' को आकर्षक ढंग से  लिखकर 'आरंग' को लाल रंग (रक्तांकित) करते हुए बहुत ही बेहतरीन तरीके से 'अं' की मात्रा में रक्त बूंद को प्रदर्शित किया गया है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि राजा-रानी के द्वारा आरा से बेटे को चीरने से टपकने वाले रक्त बूंद से आरंग की उत्पत्ति हुई। इस तरह यह जीवंत हो उठा है।

देखिए: Video



लोगो मे आरंग का इतिहास और गौरवगान समाहित है। यह प्रदर्शित किया गया है कि किस तरह महादानी राजा-रानी द्वारा अपने एकमात्र पुत्र को आरा से चीर कर 'दान' दिया गया। और देने का अपना वचन निभाया गया। ऐसी लोक मान्यता है कि इस पौराणिक कथा के कारण ही आरंग नाम पड़ा।  'आरा+अंग=आरंग '  इस तरह खून से लिखी गई है-आरंग के नामकरण की कहानी। ऐसी मान्यता साहित्यकारों, विद्वतजनों की है। एक छोटे से प्रतीक चिन्ह में सबकुछ प्रदर्शित करने का उम्दा प्रयास सराहनीय है। 

नाचा कलाकारों ने खेती को प्रोत्साहित करने बनाया लघु छत्तीसगढ़ी फ़िल्म खेती अपन सेती

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आरंग। लोगों को खेती की ओर उन्मुख करने के उद्देश्य से बनाई गई शार्ट मूवी खेती अपन सेती पार्ट-2 को सभी कलाकारों ने एकत्रित होकर रविवार 4सितम्बर को रिलीज किया।जिसे यूट्यूब प्लेटफॉर्म  सीजीएम  चैनल पर देखा जा सकता है। फिल्म के निर्माता व निर्देशक महेन्द्र पटेल ने बताया इस फिल्म को मनोरंजक बनाने नाचा कलाकारों का भी सहयोग लिया गया है। 

खेती को प्रोत्साहित करने बनाई गई फ़िल्म रिलीज

फ़िल्म देखने के लिए नीचे दिए Link को क्लिक कीजिए:-

https://youtu.be/UHr27N0Wm-Q



फ़िल्म में नाचा कलाकार परमानंद साहू, पुरानिक साहू,कुलेश्वर मानिकपुरी, बाल कलाकार अर्जुन साहू की चौकड़ी द्वारा खेती किसानी पर हास्य विनोद से फिल्म काफी मनोरंजक बना है। फिल्म की कहानी एवं टाइटल चयन में महासमुंद के समाजसेवी आनंदराम पत्रकारश्री का विशेष मार्गदर्शन है। वहीं टाइटल सांग अंतर्राष्ट्रीय रचनाकार के के पाटिल भिलाई द्वारा लिखा गया है। फिल्म को आकर्षक बनाने एक लव सांग का मुखड़ा भी फिल्मांकन किया गया है।जिसे धर्मेन्द्र साहू व सुप्रसिद्ध गायिका चंपा निषाद ने स्वर दी है।

फ़िल्म देखने के लिए नीचे दिए Link को क्लिक कीजिए:-

https://youtu.be/UHr27N0Wm-Q


 एक सफल कृषक की कहानी

फिल्म की कहानी एक सफल कृषक को लेकर है। जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,आदर्श विवाह, भाई-भाई में  जमीन के बटवारा से बिखरते परिवार, नशा उन्मूलन , सहित अनेक सामाजिक मुद्दो का फिल्मांकन कर प्रेरणादायक बनाने का प्रयास किया गया है। यदि मन से किसी कार्य को किया जाय तो सफलता जरूर मिलती है।इस बात को प्रमुखता से फिल्म में दिखाया गया है।


फ़िल्म के प्रमुख किरदार 

फ़िल्म में प्रमुख किरदार दीपक चंद्राकर, सुधा देवदास, महेन्द्र पटेल, गोवर्धन साहू,पारसनाथ साहू, श्रीमती टिमन साहू,शीत चंद्राकर,गिरधारी साहू,संजय मेश्राम, अभिमन्यु साहू, कोमल लाखोटी, दूजेराम धीवर,बेनीराम साहू, तेजराम यादव, डाक्टर छन्नूलाल साहू,जनक साहू, रामजी साहू सहित स्थानीय लोगों व कलाकारों ने अहम भूमिका निभाई है।

फिल्म का विमोचन करते हुए किसान नेता पारस नाथ साहू


फिल्म विमोचन के अवसर पर किसान नेता पारसनाथ साहू, गिरधारी साहू,महेन्द्र पटेल,दीपक चंद्राकर,नाचा कलाकार परमानंद साहू,पुरानिक साहू, संतोष साहू, रमेश देवांगन, संजय साहू, बेनीराम साहू,द्वारिका साहू,आशीष साहू, राहुल पटेल उपस्थित थे। वहीं इस फिल्म के निर्माण व सफलता के लिए पीपला ग्रुप के संरक्षक आनंदराम पत्रकारश्री, अजय कांकरिया, जिला पंचायत सदस्य खेमराज कोसले, जनपद अध्यक्ष खिलेश देवांगन,पीपला ग्रुप अध्यक्ष दूजेराम धीवर सहित समस्त सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी है।

फ़िल्म देखने के लिए नीचे दिए Link को क्लिक कीजिए:-

https://youtu.be/UHr27N0Wm-Q

दस हजार रुपये जीतने का अंतिम अवसर आज, आसान सवालों का जवाब देकर जीतें नगद ईनाम

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आरंग। महासमुन्द. पीपला फाउंडेशन के संयोजन में पर्यावरण संरक्षण जागरूकता अभियान-2022 का आयोजन किया गया है। इसकी अंतिम तिथि आज 25 अगस्त 2022 है। पौधरोपण के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने इसकी अवधि 15 दिवस बढ़ाई गई थी। हरितालिका के अवसर पर 30 अगस्त को इस प्रतियोगिता के भाग्यशाली विजेताओं की घोषणा की जाएगी। प्रतिभागियों को दस हजार रुपये का नगद ईनाम और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। संयोजक महेंद्र पटेल ने बताया कि इस प्रतियोगिता में कुल 10003 रुपये का पुरस्कार रखा गया है। जिसमें प्रथम 5001/- द्वितीय 3001/- तृतीय 2001/- दिया जाएगा।  नगद पुरस्कार 31 अगस्त 2022 को प्रदान किया जाएगा।

 




प्रतियोगिता में भाग लेने नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:-

https://forms.gle/PtccSrSkcioJaWhb6


इसके साथ ही प्रतिभागियों को मिलेगा आकर्षक प्रशस्ति पत्र। इसके लिए जनजागरण से संबंधित 15 आसान सवालों का जवाब देना होगा। सही जवाब देने वालों का चयन ऑनलाइन ड्रा से किया जाएगा। प्रतियोगिता में 12 साल आयु वर्ग से ऊपर के सभी व्यक्ति भाग ले सकते हैं। यह प्रतियोगिता ओपन है। इसमें कोई भी नागरिक भाग ले सकते हैं। यह प्रतियोगिता 25/08/2022 की मध्य रात्रि 12 बजे तक चलेगा। इसके बाद की प्रविष्टि स्वीकार्य नहीं होगा। यह प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित है।


जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य की प्रविष्टियों को पुरस्कृत करने में प्राथमिकता दी जाएगी। यह जनजागरण सामाजिक सरोकार कार्यक्रम है। इसमें किसी प्रकार के दावा/विवाद /न्यायालयीन कार्यवाही स्वीकार्य नहीं है। इस आयोजन के मीडिया पार्टनर श्रीपुर एक्सप्रेस और www.media24media.com हैं। प्रतियोगिता संबंधी अंतिम निर्णय का सर्वाधिकार आयोजक मंडल के पास सुरक्षित है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए, अधिक जानकारी के लिए ( Helpline No.9753896810 पर संपर्क कर सकते हैं। 9669140004 whatsapp, sms only. Not for call)। 

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:-

https://forms.gle/PtccSrSkcioJaWhb6


आनलाइन प्रतियोगिता का तकनीकी संचालन अभनपुर के नवाचारी शिक्षक हेमंत साहू करेंगे। यह जनजागरण सामाजिक सरोकार कार्यक्रम है। पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने अधिक से अधिक लोगों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने व अधिक से अधिक लोगों तक यह जानकारी पहुंचाने अपील की है।  

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