Media24Media.com: महिला एवं बाल विकास

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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास से सूरजपुर को मिली सड़कों की सौगात

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से सूरजपुर जिले की तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को राज्य शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 14.28 करोड़ रुपये है, जिनमें लगभग 9.80 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

यह मंजूरी वित्त विभाग की सहमति के उपरांत जारी की गई है, जिसका उद्देश्य जिले की आवागमन व्यवस्था को सुगम बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देना है।

स्वीकृत परियोजनाओं में बीरपुर अटल चौक से करमपुर सीमा एवम कसलगिरी सीमा तक सड़क निर्माण (लंबाई 3.40 किमी) के लिए 4.43 करोड़ रुपए, कसलगिरी से शिवसागरपुर तक 1.40 किमी के लिए 2.19 करोड़ रुपए,प्रतापपुर-भैयाथान मुख्य मार्ग ( राज्य मार्ग क्र.12) से झिलमिली होते हुए परसापारा तक मार्ग निर्माण (लंबाई 5.00 किमी) के लिए 7.66 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, वर्तमान सरकार ग्रामीण संपर्क और बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। सूरजपुर की इन सड़कों से न केवल आवागमन बेहतर होगा, बल्कि यह सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।इन परियोजनाओं से सूरजपुर जिले के कई ग्रामों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा और यह कार्य क्षेत्रीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।


मंत्री राजवाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की दी शुभकामनाएं

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रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 08 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी है। राजवाड़े ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा और हौसला देता है। मातृ शक्ति ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है और अपनी क्षमता और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।


महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं काबिल और मेहनती हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई प्रावधान किये हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में महतारी वंदन योजना शुरू की गई है।

राजवाड़े ने आह्वान किया है कि बेटों के समान बेटियों को भी पढ़ने और आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध कराएं। महिलाओं को विकास के समान अवसर मिलने से ही हम एक मजबूत और विकसित समाज की कल्पना को साकार कर पाएंगे।

 

शिक्षा व्यक्तित्व विकास में सहायक: लक्ष्मी राजवाड़े

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर के एक निजी स्कूल के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न परीक्षा में उत्तीर्ण मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।


इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। ऐसे आयोजन से बच्चों का उत्साहवर्धन होता है। इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होता है। मंच पर सबके सामने प्रस्तुति देने से बच्चों के अंदर की झिझक दूर होती है व रचनात्मकता के साथ आत्मविश्वास बढ़ता है।


उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करती है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, क्योंकि यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने में मदद करती है।

शिक्षा से हमें न केवल ज्ञान प्राप्त होता है बल्कि यह हमें सोंच, समझ और विश्लेषण करने की क्षमता को भी बढ़ाती है। यह हमें अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है। इस अवसर पर विद्यार्थी, उनके अभिभावक और विद्यालय परिवार के सदस्यगण उपस्थित थे।

मंत्री राजवाड़े ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सड़क निर्माण एवं सुधार के लिए लिखा पत्र

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अंबिकापुर-सूरजपुर-बैकुंठपुर-मनेन्द्रगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-43) को दो लेन से फोर लेन में विस्तारित करने और इस मार्ग पर अंबिकापुर (जिला सरगुजा) के गांधी चौक से लेकर सूरजपुर जिले के पार्वतीपुरम गांव स्थित कुम्दा मोड़ तक बने बड़े-बड़े गड्ढों की जल्द मरम्मत कराने का आग्रह किया है।


मंत्री राजवाड़े ने पत्र में लिखा है कि इन गड्ढों के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है और कई घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने बार-बार इस समस्या को उनके सामने रखा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा, इस कार्य के लिए मैं और समस्त क्षेत्रवासी सदैव आपके आभारी रहेंगे।

मंत्री राजवाड़े ने इसके साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, को भी पत्र लिखकर एनएच-43 पर गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

मंत्री राजवाड़े ने कहा, जनता की समस्या को समझना और उसे हल करना हमारी प्राथमिकता है। डबल इंजन सरकार जनता की समस्याओं के समाधान में कोई देरी नहीं होने देगी। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और लोगों की सुरक्षा के लिए यह कार्य अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार जनहित के कार्यों में बाधा उत्पन्न नहीं होने देगी। क्षेत्र के विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए, वह जनता की हर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।

बच्चों के व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में - लक्ष्मी राजवाड़े

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, इसमें वे बच्चे भी शामिल है, जिन्हें विभिन्न कारणों से संस्थाओं में रहना पड़ रहा है। संस्थाएं उन बच्चों का घर नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में किसी व्यक्ति का सम्पूर्ण विकास परिवार और समाज के बीच रहकर ही हो सकता है। इसे ध्यान में रखकर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 में गैर संस्थागत देखरेख का समावेश किया गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज रायपुर के स्थानीय होटल में आयोजित पोषण देखरेख कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन एवं पोषक परिवार नेटवर्क पर कार्यशाला उमंग का शुभारंभ किया। इस कार्यशाला में देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में पोषण देखरेख ब्रोशर का विमोचन एवं वीडियो जारी की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण देखरेख (फॉस्टर केयर) कर रहे पोषक परिवारों को भी सम्मानित किया। इस कार्यशाला का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों के लिये अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्ग बच्चों को विकास के अवसर देने से प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं और अपने समाज और प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर सकते हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि पोषण देखरेख (फॉस्टर केयर) संस्था के बाहर बच्चों की देखरेख का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। ‘‘मिशन वात्सल्य’’ के तहत जरूरतमंद और संरक्षण वाले बच्चों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए गैर नातेदार परिवार में अस्थाई देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था की जाती है। इससे पोषक परिवार में जहां उत्साह, उमंग का संचार होता है। वहीं बच्चों को समुचित विकास का पूरा मौका मिलता है। इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये प्रत्येक नागरिक को संवेदनशील और सहयोगी होना होगा। उन्होंने अपील कि है कि समाज के सभी वर्ग, स्वयं-सेवी संस्थाएं, सरकार के साथ बच्चों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने और उनके विकास के अवसर उपलब्ध कराने एकजुट होना होगा, जिससे एक योग्य नागरिक और सशक्त भारत का निर्माण हो सके।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लास, उम्मीद,  उजियार, उमंग और उदय कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में 112 बाल देखरेख संस्थायें संचालित हैं, जिनमें से 33 विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरणों में 125 बच्चे निवासरत हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 56 बच्चों को विभिन्न परिवारों में दत्तक ग्रहण के माध्यम से पुर्नवासित किया है। 76 बाल देखरेख संस्थाओं में 2112 बच्चें निवासरत हैं, इनमें 61 बच्चे पोषण देखरेख कार्यक्रम हेतु चिन्हांकित किए गए हैं। राज्य में 22 बच्चें पोषण देखरेख कार्यक्रम अंतर्गत निवास कर रहे है एवं प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) कार्यक्रम के अन्तर्गत 1080 बच्चों को लाभ दिलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री तूलिका प्रजापति, बाल संरक्षण विशेषज्ञ यूनिसेफ दिल्ली प्रभात कुमार, नंदलाल चौधरी संयुक्त संचालक, सुश्री वसुंधरा, सुश्री बिभूति दुग्गर, रामशरण चौकसे सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं पोषक परिवार उपस्थित थे।

स्वदेशी मेला का उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेला हमारे भारत देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है। स्वदेशी मेला के माध्यम से अपने देश में बने चीजों को खरीदने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वदेशी वस्तुएं आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का भाव पैदा करता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया का संदेश दिया है और डिजिटल इंडिया को बढ़ाने का कार्य कर रहे है, जिससे देश मजबूत हो रहा है।


प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में स्वदेशी वस्तु को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमें अपने देश की समान खरीद कर देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना चाहिए। राजवाड़े ने कहा कि लगातार स्वदेशी मेला के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है। पहले हमारा देश आर्थिक स्थिति में 11 वे नंबर पर था लेकिन आज हमारा देश 5 वे नंबर पर आ कर मजबूत हुआ है। हमें इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि हमारे पास कौन सी स्वदेशी वस्तुएं उपलब्ध है। हमें ऑनलाइन खरीदी करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि उपयोग करने वाली वस्तुएं स्वदेशी हो। कवर्धा के स्वदेशी मेले में बहुत सारे स्वदेशी वस्तुओं का स्टॉल लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इस बात की जानकारी होना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था कैसे बढ़ेगी हम आत्मनिर्भर कैसे होंगे। हमारा दायित्व है कि हम आने वाली पीढ़ी को देश में बनी चीजों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।

उल्लेखनीय है कि कवर्धा जिले में पहली बार स्वदेशी मेला का आयोजन हो रहा है, जिसका आगाज 17 अक्टूबर से कवर्धा के पीजी कॉलेज ग्राउंड में हुआ। स्वदेशी मेला में विभिन्न राज्यों से स्वदेशी उत्पादों के हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम के अलावा लखनऊ, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली, पंजाब और कश्मीर तक के स्टाल की प्रदर्शनी लगाया गया है। साथ ही प्रतिदिन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना तथा लोगों तक स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता पैदा करना है। स्वदेशी मेला को लेकर जिले के नागरिकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्वदेशी मेला में 150 से अधिक स्टाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच और संचालन के लिए आफिस का भव्य सेटअप बनाया गया है।

महतारी वंदन योजना के फर्जी लिंक से सावधान रहने की अपील

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महासमुंद महिला एवं बाल विकास विभाग ने महतारी वंदन योजना में आवेदन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रहे फर्जी लिंक से महिलाओं को सावधान रहने की अपील की है। विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए विभाग द्वारा www.mahtarivandan.cgstate.gov.in और मोबाइल ऐप जारी किया गया है,

इस लिंक और एप्प पर महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। आवेदन के लिए किसी भी तरीके का शुल्क नहीं देना है। इसके अलावा महिलाएं अपने इलाके के आगंनबाडी़ केन्द्र, ग्राम पंचायत सचिव, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और वार्ड प्रभारी से संपर्क कर उनके लॉगिन यूजर आईडी से आवेदन कर सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पात्र आवेदकों को फॉर्म भरने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा फर्जी लिंक सोशल मीडिया में वायरल किया गया है। महिलाओं के मोबाइल, व्हाट्सअप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से https://www.mahtarivandanyojana.info/beneficiary-apply नाम से लिंक आएं तो इस लिंक का उपयोग नहीं करें। विभाग द्वारा आवेदन के लिए किसी भी निजी संस्था अथवा व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया गया है।

 

महतारी वंदन योजना के लिए फॉर्म भरना हुआ शुरू

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रायपुर। राज्य शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। आज से राज्य के सभी जिलों में ऑनलाईन फॉर्म एवं ऑफलाईन पंजीयन शुरू हो गया है। महिलाओं में योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है और फॉर्म भर रहे हैं।

जिला स्तर पर फॉर्म भरने के लिए कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि महिलाओं फॉर्म भरने में किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाएं। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 हैं। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं ऑनलाईन पोर्टल  https://mahtarivandan.cgstate.gov.in/ तथा मोबाईल एप के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।

महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि महिला के विवाहित होने के संबंध में यदि उनके पास दस्तावेज उपलब्ध न हो तो वह अपना स्वघोषणा शपथ पत्र प्रस्तुत कर सकती है। यदि महिला हितग्राही के पास मोबाइल नम्बर नहीं है तो इसके स्थान पर हितग्राही के द्वारा राशन कार्ड की छायाप्रति आवेदन पत्र के साथ अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर सकती है। गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित महिला को विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, निवास प्रमाण, ग्राम पंचायत या वार्ड पार्षद द्वारा जारी प्रमाण पत्र को शामिल किया गया है।

योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी एवं विवाहित महिला पात्र होंगे। आवेदन के कैलेण्डर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है, उस वर्ष की 1 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होंगी। योजनांतर्गत पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को 1000 रूपए से कम पेंशन राशि प्राप्त होने से शेष अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा।

महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए स्व सत्यापित स्वयं की पासपोर्ट साईज फोटो, स्थानीय निवासी के संबंध में निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दस्तावेज, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड, यदि हो तो स्वयं का एवं पति का पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत व स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा जारी, वार्ड, ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। जन्म प्रमाण पत्र कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकसूची या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा स्व-घोषणा पत्र, शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।

महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही : अनिला भेंड़िया

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया बुधवार को मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिले के जिला मुख्यालय मोहला में आयोजित शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में क्रियान्वयन, चुनौतियां एवं समाधान विषय पर आधारित कार्यशाला में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने बाल सरंक्षण, पोषण और बाल शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले सरपंचगणों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि नवगठित मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिला बनने से तेजी से विकास के कार्य हो रहे हैं। महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। महिला बाल विकास विभाग के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें गरीब और किसान के बच्चे भी पढ़ने जा रहे हैं। राज्य सरकार की अच्छी नीति के चलते अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कम आय वर्ग वाले लोगों के बच्चों के पढ़ने का सपना आज साकार हो रहा है। समाज के लोग भी आगे आएं और बच्चों के कल्याण और संवर्धन में अपनी सहभागिता दें।

श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा एवं संवर्धन के लगातार काम किया जा रहा है। बचपन को सुदृढ़ बनाकर बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में कार्य हो रहा है। महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक मजबूती देने के लिए विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बने और समाज में अग्रणी भूमिका निभाएं, इसके लिए राज्य सरकार संकल्पित है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के पास हुनर की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल मंच और अवसर देने की जरूरत है।

संसदीय सचिव व क्षेत्रीय विधायक श्री इंद्रशाह मंडावी ने कहा कि मजबूत बचपन से  बच्चे का पूरा भविष्य मजबूती के साथ आगे बढ़ता है। इसे समझते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम, जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती गीता साहू, सहित कलेक्टर एस जयवर्धन उपस्थित थे। 

महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग के लिए 1251.98 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया केे विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु 1251 करोड़ 98 लाख 10 हजार रूपए की अनुदान मांगे सर्व सम्मति से पारित की गई। इसमें महिला एवं बाल विकास के लिए 1136 करोड़ 34 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 115 करोड़ 64 लाख 10 हजार रूपए की राशि शामिल हैं। अनुदान मांगों की चर्चा में सदस्यगण श्रीमती रंजना दीपेन्द्र साहू, डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, श्रीमती इंदु बंजारे, श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा ने भाग लिया।

मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सम्पूर्ण बजट को प्रदेश की नारी शक्ति, किशोरी बेटियों और नौनिहालों को समर्पित किया। सदन में चर्चा में उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ ने कुपोषण से सुपोषण की ओर यात्रा में कई मील के पत्थर स्थापित किए है। राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2015-16 में कुपोषण की दर 37.7 प्रतिशत थी, जो 2020-21 में घटकर 31.3 प्रतिशत रह गई। उन्होंने बताया कि वजन त्यौहार के अनुसार कुपोषण के स्तर में 2016 की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक की कमी आयी है। पिछले प्रयासों के साथ नई गतिविधियों को जोड़कर मुख्यमंत्री सुपोषण योजना लागू की गई। 

गतवर्ष दो वर्षों में लक्ष्य के विरूद्ध 40 प्रतिशत बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाला गया है। मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने सदन में कहा कि बजट में महिला कोष के माध्यम से कम ब्याज पर महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उनके आर्थिक सशक्तिकरण हेतु 5 करोड़ 70 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आईसीडीएस सेवाओं के लिए 797.90 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए 696.04 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बच्चों को गुणवत्ता युक्त पोषण आहार मिले इसके लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत् है। 

आंगनबाड़ी केन्द्रों को नर्सरी स्कूलों की तरह विकसित कर बच्चों को वहां अनौपचारिक शिक्षा के केन्द्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा और केन्द्रों के उन्नयन के लिए 21.87 करोड़ रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है। शुचिता योजना के माध्यम से 1000 कन्या शालाओं तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकीन वेडिंग मशीन और मासिक स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में शुरू की गई कौशल्या मातृत्व योजना के माध्यम से द्वितीय बालिक संतान के लिए भी मातृत्व सहायता हेतु एकमुश्त 5 हजार रूपए की सहायता प्रदान करने हेतु 17 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

कन्या विवाह योजना के लिए 19 करोड़ रूपए, महिला जागरूकता शिविरों के लिए 4.85 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बजट में राज्य महिला आयोग के स्थापना व्यय और अन्य कार्यों के लिए 5 करोड़ 12 लाख 7 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश में वेदांता के सहयोग से 300 आंगनबाड़ी भवन और जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से 10 हजार आंगनबाड़ी भवनों को आकर्षक एवं सर्वसुविधायुक्त बनाने की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा अभिसरण से भवन निर्माण के लिए 8.34 करोड़ रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है।

श्रीमती भेंड़िया ने समाज कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि नशापान करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण और प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायत स्तरों पर महिलाओं के 08 सदस्यों वाली भारत माता वाहिनी का गठन किया गया है। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, सरगुजा और धमतरी में नशामुक्ति केन्द्र संचालित हैं। निकट भविष्य में प्रत्येक जिले में एक नशामुक्ति केन्द्र संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए बजट में 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि दिव्यांग व्यक्ति के समग्र पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इसके लिए बजट में 81 करोड़ 98 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रम के संचालन हेतु 4 करोड़ 40 लाख रूपए, प्रशामक देखरेख गृह के लिए 45 लाख रूपए, उभयलिंगी व्यक्ति के कल्याण के लिए 63 लाख 30 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। योग आयोग के लिए बजट में 3 करोड़ 15 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।  

महिला सम्मेलन : मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला कर्मियों का किया सम्मान

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने गुरूवार को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखण्ड के ग्राम हथबंद में आयोजित वृहद महिला सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य के लिए 30 से अधिक महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सम्मान किया। उन्होनें 5 आंगनबाड़ी केन्द्रों को गैस-चूल्हा तथा महिला कोष से विभिन्न स्व-सहायता समूह को 11 लाख रूपये से अधिक का ऋण वितरण भी किया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर राज्य सभा की पूर्व सांसद श्रीमती छाया वर्मा, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष विद्याभूषण शुक्ल, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा, पूर्व विधायक बलौदाबाजार जनक राम वर्मा, पूर्व विधायक दुर्ग श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में कामयाब हो रही हैं। महिलाएं खेती किसानी करने से लेकर हवाई जहाज तक उड़ाकर विभिन्न क्षेत्रों के माध्यम से देश की सेवा कर रहीं है। राज्य सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा श्रमिक परिवार की बेटियों की शिक्षा, रोजगार तथा विवाह में सहायता के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से पात्र पंजीकृत हितग्राहियों की प्रथम दो पुत्रियों की बैंक खातें में एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाएगा।

राज्य के प्रत्येक जिले में पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन सेंटरों के माध्यम से एक छत के नीचे महिलाओं को निःशुल्क विधिक चिकित्सा, परामर्श और आश्रय दिया जा रहा है। श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए काम कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

अच्छे से पढ़ाई कर अपने जीवन को दिशा प्रदान करें - कलेक्टर

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राजनांदगांव। कलेक्टर डोमन सिंह ने आज  विभाग द्वारा संचालित शासकीय बालक संप्रेक्षण गृह नया ढाबा एवं बालिका संप्रेक्षण गृह नीलगिरी पार्क राजनांदगांव का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर सिंह ने शासकीय बालक संप्रेक्षण गृह नया ढाबा से बच्चों से पढ़ाई-लिखाई तथा उनके घर-परिवार के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने इन बच्चों से चर्चा करते हुए उन्हें भविष्य में अच्छा काम करने की समझाईश दी। उन्होंने कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें तथा अपने जीवन को दिशा प्रदान करें।

उन्होंने संप्रेक्षण गृह के शयन कक्ष की व्यवस्था, रसोई कक्ष, किचन गार्डन, मनोरंजन कक्ष, अध्ययन कक्ष, परामर्श कक्ष का निरीक्षण किया। कलेक्टर सिंह ने बच्चों की पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संप्रेक्षण गृह में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अच्छा करने के लिए 4 कम्प्यूटर स्थापित करने के निर्देश दिए। जिससे बच्चे पढ़ाई के साथ कम्प्यूटर की शिक्षा भी प्राप्त कर सकें। उन्होंने बच्चों को पेंटिंग, सिलाई एवं अन्य गतिविधियां सिखाने कहा। कलेक्टर ने बालक संप्रेक्षण गृह में बच्चों के आवास और भोजन व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने किचन गार्डन में केला, पपीता सहित अन्य सब्जियों को उत्पादन कर उपयोग करने कहा।

सिंह ने इसके बाद नीलगिरी पार्क में शासकीय बालिका संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। वर्तमान में यहां पर 4 बालिका है। उन्होंने बालिका संप्रेक्षण गृह में रह रही बालिकाओं से बात की। बच्चों को अच्छे से पढ़ाई-लिखाई करने कहा। कलेक्टर ने बालिका संप्रेक्षण गृह में बच्चों के आवास और भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर सिंह को बच्चों ने अपने हाथों से बनाए पेंटिंग भेंट किया। उन्होंने बच्चों के शयन कक्ष में रंगरोगन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बच्चों द्वारा बनाये पेंटिंग की प्रशंसा की। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरप्रीत कौर, तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता, बाल सुरक्षा अधिकारी चंद्रकिशोर लाडे उपस्थित थे

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