Media24Media.com: मंत्री टी.एस. सिंहदेव

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डॉक्टरी सलाह के बिना स्टेरायडयुक्त एंटीबायोटिक का उपयोग न करें - टी.एस. सिंहदेव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज रायपुर के नवीन विश्राम भवन में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। सिंहदेव ने पत्रकार-वार्ता में कहा कि राज्य में कंजक्टिवाइटिस के निदान के लिए पर्याप्त मात्रा में आई ड्राप्स और दवाईयां हैं। चिंता वाली कोई बात नहीं है।

उन्होंने लोगों से डाक्टरी सलाह के बिना स्टेरायडयुक्त एंटीबायोटिक का उपयोग नहीं करने की अपील की है। सिंहदेव ने बताया कि कंजक्टिवाइटिस के बारे में सभी जिलों में सेंसिटाइज किया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों में इससे बचाव और रोकथाम के लिए जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने नि-क्षय मित्रों का किया सम्मान

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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज रायपुर के नवीन विश्राम भवन में टीबी के मरीजों को सुपोषण उपलब्ध करा रहे प्रदेश भर के नि-क्षय मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कार्यक्रम में टीबी के मरीजों को पोषण आहार का पैकेट भी वितरित किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नि-क्षय मित्र के रूप में टीबी के इलाजरत मरीजों के पोषण आहार की जिम्मेदारी उठा रहे नौ गैर-सरकारी व स्वयं सेवी संस्थाओं, नौ सार्वजनिक उपक्रमों एवं औद्योगिक कंपनियों, चार जनप्रतिनिधियों, निजी क्षेत्र के 11 अस्पतालों एवं डॉक्टरों, स्वास्थ्य विभाग के चार अधिकारियों तथा 14 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि टीबी के उन्मूलन के लिए जन और समुदाय की भागीदारी जरूरी है। नि-क्षय मित्रों के रूप में स्वास्थ्य विभाग को इसमें अच्छा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों की समय पर पहचान और इलाज आवश्यक है। इसके पीड़ितों का समय पर उपचार नहीं होने से 50 प्रतिशत मामलों में मृत्यु संभावित है। सिंहदेव ने स्वास्थ्य विभाग को नि-क्षय मित्र के तौर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने कहा। उन्होंने खुद भी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में नि-क्षय मित्र के रूप में जुड़ने की इच्छा जताई। स्वास्थ्य मंत्री ने नि-क्षय मित्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके जुड़ने से प्रदेश से टीबी को खत्म करने के अभियान में तेजी आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अभियान में आगे भी व्यक्तिगत और संस्थागत रूप में लोगों का सहयोग लगातार मिलते रहेगा।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए विभाग 2019 से विशेष अभियान चला रहा है। वर्ष 2025 तक प्रदेश को टीबीमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बीमारी को लेकर पूर्व में कई भ्रांतियां थी जो अब काफी हद तक दूर हो गई हैं। दवा से इसका पूर्ण इलाज संभव है। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक जयप्रकाश मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में टीबी की जांच और उपचार के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। टीबी से पूर्णतः स्वस्थ होने के लिए मरीजों को इसकी दवा की पूरी खुराक लेना जरूरी है। उन्होंने नि-क्षय मित्रों से टीबी पीड़ितों के आहार के साथ ही उनके दवा सेवन और काउंसिलिंग पर भी ध्यान देने का आग्रह किया।

महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा ने कार्यक्रम में कहा कि टीबी को हराने के लिए मरीजों का सुपोषण काफी महत्वपूर्ण है। पौष्टिक आहार से शरीर की इम्युनिटी मजबूत रहती है। इसमें नि-क्षय मित्रों से अच्छा सहयोग मिल रहा है। समुदाय आधारित कार्यक्रमों और जन भागीदारी से राज्य में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में तेजी आई है। राज्य क्षय अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने कार्यक्रम में प्रदेश से टीबी को खत्म करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने ली राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के संचालन समिति की बैठक

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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (National Viral Hepatitis Control Program) की राज्य स्तरीय संचालन समिति (State Steering Committee) की बैठक ली। उन्होंने बैठक में हेपेटाइटिस पर नियंत्रण के लिए उच्च जोखिम वाले वर्गों (High Risk Group) में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर पर हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों और ज्यादा जोखिम वाली आबादी को हेपेटाइटिस-बी का टीका अनिवार्यतः लगाने को कहा।

सिंहदेव ने लोगों को हेपेटाइटिस के सभी प्रकारों के बारे में जागरूक करने के लिए आईईसी, मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य और टीकाकरण डिवीजन को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक जयप्रकाश मौर्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान, सीजीएमएससी (Chhattisgarh Medical Services Corporation) के प्रबंध संचालक चंद्रकांत वर्मा और महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा भी संचालन समिति की बैठक में शामिल हुए।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत नवजात, एक माह और छह माह के बच्चों को हेपेटाइटिस-बी से बचाव के लिए लगाए जाने वाले टीके अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। इससे एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम की राज्य स्तरीय संचालन समिति की अगली बैठक शीघ्र आयोजित करने को कहा।

राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (SHRC) के निदेशक समीर गर्ग, एम्स (AIIMS) रायपुर में माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुदिता भार्गव, पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. निकिता शेरवानी, कम्युनिटी मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मल वर्मा, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत, राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक डॉ. के.आर. सोनवानी, स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. महेन्द्र सिंह और विश्व स्वास्थ्य संगठन के श्री उरिया नाग भी बैठक में मौजूद थे।

वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने जीएसटी संग्रहण के लंबित मामलों पर त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश

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रायपुर। वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज सिविल लाइन स्थित वाणिज्यिक कर कार्यालय में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में जीएसटी संग्रहण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताया और कहा कि इस साल भी हम कर संग्रहण का लक्ष्य पूर्ण करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर संग्रहण से राज्य का विकास जुड़ा हुआ है। अत: लक्ष्य के अनुरूप जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार इसका संग्रहण करें।

वाणिज्यिक कर मंत्री सिंहदेव ने बैठक में जीएसटी संग्रहण के लंबित मामलों पर अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने जीएसटी जमा नहीं करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। सिंहदेव ने बैठक में रिटर्न फाइलिंग, लंबित करों की वसूली, सेक्टरवाइज राजस्व वसूली, जीएसटी अधिनियम के तहत कर निर्धारण और विलंब के प्रकरणों में ब्याज वसूली की कार्यवाही तथा ऑडिट की प्रगति की भी समीक्षा की। वाणिज्यिक कर विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता, आयुक्त भीम सिंह और विशेष आयुक्त टी.एल. ध्रुव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

वाणिज्यिक कर विभाग के आयुक्त भीम सिंह ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में 18 हजार 500 करोड़ रूपए कर संग्रहण का संशोधित लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्तीय वर्ष में दिसम्बर-2022 तक 12 हजार 580 करोड़ रूपए का कर संग्रहण किया जा चुका है जो कि कुल लक्ष्य का 68 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष राज्य को इसी अवधि में मिले राजस्व से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है। इस वर्ष 26 प्रतिशत अधिक जीएसटी और 22 प्रतिशत अधिक वेट (VAT) मिला है। इस साल अब तक 8241 करोड़ रूपए जीएसटी के रूप में और 4339 करोड़ रूपए वेट के रूप में प्राप्त हुए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 15 हजार करोड़ रूपए के कर संग्रहण के लक्ष्य के विरूद्ध अप्रैल-2021 से दिसम्बर-2021 के बीच दस हजार 092 करोड़ रूपए का कर संग्रह हुआ था।   

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस साल पिछले वर्ष की तुलना में डीजल की खपत में दो लाख 30 हजार किलोलीटर और पेट्रोल की खपत में 53 हजार किलोलीटर की बढ़ोतरी हुई है। तदनुरूप इनसे मिलने वाले टैक्स में भी 791 करोड़ 14 लाख रूपए की वृद्धि हुई है। अप्रैल-2021 से दिसम्बर-2021 के बीच पेट्रोल और डीजल की बिक्री से प्रदेश को 3546 करोड़ 90 लाख रूपए का राजस्व मिला था जो इस वर्ष बढ़कर 4338 करोड़ चार लाख रूपए हो गया है। समीक्षा बैठक में वाणिज्यिक कर विभाग के अपर आयुक्त टी.आर. धुरवे, एच.एल. हिड़को और श्रीमती नीलिमा तिग्गा सहित सभी डिवीजन और सर्किल के अधिकारी मौजूद थे।

मरीजों और उनके परिजनों से रखें संवेदनशील व्यवहार : टी.एस. सिंहदेव

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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन व अस्पताल अधीक्षक के साथ दिनभर मैराथन बैठक कर मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन-अध्यापन एवं इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों, डॉक्टरों और अन्य स्टॉफ को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध सभी अस्पतालों में सभी तरह की दवाईयां पर्याप्त मात्रा में रखने कहा ताकि किसी भी मरीज को बाहर से दवा न खरीदना पड़े। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक हर माह आयोजित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., संचालक डॉ. विष्णु दत्त और सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक चंद्रकांत वर्मा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सिंहदेव ने आज रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में हुई बैठक में मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में आईपीडी उपचार की राशि डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत क्लेम करने के मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि नौ मेडिकल कॉलेजों द्वारा एक लाख 95 हजार 070 आईपीडी इलाज के मामलों में से एक लाख 18 हजार 832 प्रकरणों में क्लेम प्राप्त करने की कार्यवाही की गई है। सिंहदेव ने इसमें आ रही दिक्कतों को दूर करने अस्पताल स्टॉफ के समुचित प्रशिक्षण के निर्देश दिए। बैठक में सभी मेडिकल कॉलेजों द्वारा सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक ओपीडी संचालित करने की सहमति दी गई। इलाज के लिए सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक पंजीयन कराया जा सकेगा।

सिंहदेव ने सभी मेडिकल कॉलेजों के छात्रावासों में छात्रों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने को कहा। उन्होंने कांकेर, महासमुंद और कोरबा के नए कॉलेजों में भी यूजी (Under Graduate) विद्यार्थियों के साथ ही पीजी (Post Graduate) छात्रों के लिए भी छात्रावास निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए निविदा की प्रक्रिया जल्दी पूरी कर तत्काल काम शुरू करने को कहा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बैठक में सभी मेडिकल कॉलेजों की वित्तीय, मानव संसाधन और उपकरणों की जरूरत के बारे में भी जानकारी ली।

बैठक में मेडिकल कॉलेजों में ड्यूटी के समय डॉक्टरों की मौजूदगी, दवाईयों की उपलब्धता, सामान्य और सिजेरियन प्रसवों की संख्या, जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन, डायलिसिस सुविधा, सीजीएमएससी द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों, सिकलसेल प्रबंधन केंद्र के कार्यों, एम्बुलेंस और मुक्तांजलि शव वाहनों की उपलब्धता, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन प्रकरणों और मेडिकल कॉलेजों व संबद्ध अस्पतालों से संबंधित न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा की गई। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की डाइट, सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजामों की भी समीक्षा बैठक में की गई।     

सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : टी.एस. सिंहदेव

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री एवं बेमेतरा जिला के प्रभारी मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज बेमेतरा जिला मुख्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंहदेव ने 1 नवम्बर से जिले में धान खरीदी की तैयारी के साथ ही रबी सीजन के लिए खाद व बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और स्थानीय विधायक आशीष छाबड़ा भी बैठक में शामिल हुए।



प्रभारी मंत्री सिंहदेव ने जिले के अस्पतालों में लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, दवाईयों के पर्याप्त स्टॉक रखने तथा डॉक्टरों एवं अन्य स्टॉफ को निर्धारित समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने संवेदनशील होकर कार्य करें। राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो। इनमें किसी भी प्रकार की उदासीनता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सिंहदेव ने सुराजी गांव योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना जैसी हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने कहा। सिंहदेव ने राजस्व, जल संसाधन, आदिम जाति कल्याण, पंचायत, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, मछली पालन, खेल, खाद्य, खनिज, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल जीवन मिशन और समाज कल्याण सहित अनेक विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

कृषि तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे ने बैठक में खेती में उत्पादन बढ़ाने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग के लिए प्रेरित करने कहा। उन्होंने गौठानों में पैरा एवं चारा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश जनपद पंचायतों के सीईओ को दिए। उन्होंने पैरादान के लिए किसानों को अभी से प्रेरित करने कहा। चौबे ने किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लंबित दावा भुगतान की जानकारी ली और इस पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में बेमेतरा के कलेक्टर जितेन्द्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण एलिसेला और जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती लीना मण्डावी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद थे।


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