Media24Media.com: भरोसे का सम्मेलन

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भरोसे का सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन जिलों को दी बड़ी सौगात

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 राजनांदगांव। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम ठेकवा में भरोसे का सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा मल्लिकार्जुन खड़गे और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के लिए 355 करोड़ 23 लाख रूपए की लागत के कुल 1 हजार 867 के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। जिसमें 177 करोड़ 86 लाख रूपए के 1 हजार 691 कार्यों का भूमिपूजन एवं 177 करोड़ 36 लाख रूपए के 176 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।


राजनांदगांव जिला अंतर्गत 98 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत के 824 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन होगा। इसमें 47 करोड़ 26 लाख रुपए के 793 कार्यों का भूमिपूजन और 51 करोड़ 47 लाख रुपए के 31 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग के 8 कार्य के लिए 19 करोड़ 22 लाख 38 हजार रुपए, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग के 3 कार्य के लिए 3 करोड़ 99 लाख 39 हजार रुपए, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के 14 कार्य के लिए 2 करोड़ 57 लाख रुपए, जिला पंचायत राजनांदगांव के तहत ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन ईकाई एसएचजी के 38 कार्य के लिए 1 करोड़ 29 लाख 58 हजार रुपए, सामुदायिक सोकपिट के 389 कार्य के लिए 3 करोड़ 89 लाख रुपए, सामुदायिक शौचालय के 1 कार्य के लिए 5 लाख 50 हजार रुपए, एफसीटीपी वर्क के 3 कार्य के लिए 39 लाख 34 हजार रुपए, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के 126 कार्य के लिए 5 करोड़ 88 लाख 17 हजार रुपए, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण अन्य पिछड़ा क्षेत्र विकास प्राधिकरण के 201 कार्य के लिए 8 करोड़ 10 लाख 15 हजार रुपए और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल संभाग के 1 कार्य के लिए 57 लाख 2 हजार रुपए, कृषि उपज मंडी समिति के 9 कार्य के लिए 1 करोड़ 28 लाख 53 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया।

इसी तरह कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग के 7 कार्य के लिए 33 करोड़ 57 लाख 82 हजार रुपए, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण उप संभाग के 3 कार्य के लिए 13 करोड़ 7 लाख 19 हजार रुपए, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राजनांदगांव के 10 कार्य के लिए 65 लाख 55 हजार रुपए, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के 1 कार्य के लिए 1 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के 5 कार्य के लिए 1 करोड़ 27 लाख 80 हजार रुपए, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के 1 कार्य के लिए 12 लाख 70 हजार रुपए, सीजीएमएससी के 2 कार्य के लिए 32 लाख 72 हजार रुपए, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के 2 कार्य के लिए 51 लाख 37 हजार रुपए के कार्यों का लोकार्पण हुआ।


भरोसे का सम्मेलन का आयोजन 8 सितम्बर को ग्राम ठेकवा में

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रायपुर। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम ठेकवा में 8 सितम्बर 2023 को भरोसे का सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा मल्लिकार्जुन खड़गे उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार सुश्री कुमारी शैलजा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव उपस्थित रहेंगे।

इस अवसर पर मंत्री अमरजीत भगत, सांसद बस्तर दीपक बैज तथा मंत्री ताम्रध्वज साहू, रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर, गुरू रूद्र कुमार, डॉ. शिवकुमार डहरिया, कवासी लखमा, मोहन मरकाम, जयसिंह अग्रवाल, उमेश पटेल, श्रीमती अनिला भेडिय़ा, पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक राजनांदगांव डॉ. रमन सिंह, सांसद संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव संतोष पाण्डेय, संसदीय सचिव व विधायक मोहला-मानपुर इन्द्रशाह मंडावी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण व विधायक डोंगरगांव दलेश्वर साहू, अध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण व विधायक डोंगरगढ़ भुनेश्वर शोभाराम बघेल, विधायक खुज्जी श्रीमती छन्नी चन्दू साहू तथा विधायक खैरागढ़ श्रीमती यशोदा निलाम्बर वर्मा उपस्थित रहेंगे।

साथ ही भरोसे का सम्मेलन में अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती गीता घासी साहू, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम धनेश पाटिला, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग जितेन्द्र उदय मुदलियार, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग श्रीमती तेजकुंवर नेताम, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव नवाज खान, अध्यक्ष श्रीमती रानी सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास विवेक वासनिक, अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिक्षा सूर्यकांत भंडारी, सरपंच ग्राम पंचायत ठेकवा श्रीमती गुंजा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक व बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों की भी उपस्थिति रहेगी।

प्रदेश में 5 साल पहले किसानों की हालत थी खराब, अब किसानों की स्थिति हुई मजबूत : सीएम बघेल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर में आयोजित ’भरोसे का सम्मेलन’ कार्यक्रम में शामिल होने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को जांजगीर-चांपा पहुंचे। यहां उन्होंने अतिथियों के साथ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलित कर और राज्य गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में 467 करोड़ 32 लाख 92 हजार के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।



’भरोसे का सम्मेलन’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, आज 467 करोड़ की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास मल्लिकार्जुन खड़गे जी के हाथों हुआ। पौने 2 लाख करोड़ के आसपास की राशि डायरेक्ट ट्रांसफर हुई है। कोई बीच का आदमी नहीं है, हमने लोगों की जेब में सीधे पैसे डाले। इस साल हमने 107 लाख मीट्रिक टन धान किसानों से खरीदे। तीसरे दिन खाते में पैसे पहुंच जाते थे। यह किसानों की सरकार है। इस साल 20 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदेंगे। हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि, 23 लाख, 30 लाख, 36 लाख मीट्रिक टन धान की हमने नीलामी की थी। कर्जमाफी, धान खरीदी का वादा हमने निभाया। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में हमने वादा निभाया। कर्ज माफी और धान खरीदी का जो वादा हमने किया था, उसे निभाया है।

सीएम बघेल ने कहा कि, 7 दिन बाद 20 अगस्त को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की अगली किश्त किसानों के खातों में आएगी। छत्तीसगढ़ पूरे देश में इकलौता राज्य है, जहां मजदूरों को भी 7 हजार रुपए की सालाना सहायता राशि दी जा रही है। 13 लाख परिवार से हम तेंदूपत्ता 4000 रुपए प्रति मानक बोरा खरीद रहे हैं। हमारे प्रदेश में किसान बढ़के अब 26 लाख हो गए हैं। हमने 1 लाख 22 हजार बेरोजगारों को 112 करोड़ रुपए बेरोजगारी भत्ता दिया। पूरे देश में गोबर कहीं नहीं खरीदा जाता, लेकिन हमारे छत्तीसगढ़ में हम 2 रुपए प्रति किलो में गोबर खरीद रहे हैं। 42 लाख परिवारों को हम बिजली बिल हाफ योजना का लाभ दे रहे हैं। 3800 करोड़ रुपए का लाभ मिला है। हमारी सरकार में छत्तीसगढ़ में ऐसा कोई वर्ग नहीं जिसकों हमने फायदा नहीं पहुंचाया है। सब को फायदा…मजदूरों से लेकर किसानों को सीधा पैसा पहुंच रहा है। अब हम हर ब्लॉक में जैतखाम बनाएंगे। ग्राम पंचायत के माध्यम से सरपंच इसका निर्माण करवाएंगे। हम सभी को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। ऐसा कोई समाज नहीं है जो यह कह सके कि सरकार ने हमें जमीन नहीं दी है, या जमीन में भवन निर्माण के लिए पैसे नहीं दिए है।
हमने छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों और समाज के संरक्षण और उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया है।



भरोसे का सम्मेलन, जगदलपुर : पहले बस्तर में गोलियां चलती थीं आज नौजवानों के गीत गूंजते हैं : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित भरोसे का सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पहले बस्तर में गोलियां चलती थी, आज नौजवानों के गीत गूंजते हैं। पहले बस्तर आने से लोग डरा करते थे। आज बस्तर में रोजगार और नवाचार दिख रहा है। वहीं कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि बस्तर की संस्कृति और छत्तीसगढ़ में हो रहे नवाचार की गूंज पूरी दुनिया में है। नेहरू जी और इंदिरा जी के दिल में बस्तर के लोगांे के लिए विशेष सम्मान था। कार्यक्रम में उन्होंने धान खरीदी - लघु वनोपज के एमएसपी मॉडल और स्वास्थ्य मॉडल के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की जमकर तारीफ की। 

भरोसे का सम्मेलनकार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने श्रीमती प्रियंका गांधी की विशेष उपस्थिति में आदिवासियों के तीज त्यौहारों की संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित करने के उद्देश्य मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजनाका शुभारंभ किया है। जिसके तहत अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 10,000 रुपए की अनुदान राशि दो किस्तों में दी जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने इस योजना के अन्तर्गत 1840 ग्राम पंचायतों को 5-5 हजार रूपए की राशि प्रथम किस्त के रूप मे वितरित की।

मुख्यमंत्री बघेल ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि यहां पर आदिवासियों की जमीनें छीन ली गयी थी। देश में पहला उदाहरण था, जब हमने लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीनें वापस कराने का काम किया। विकास के रास्ते पर हम चल रहे हैं, बस्तर आगे बढ़ रहा है। योजनाओं का लाभ लोग ले रहे हैं। शिक्षा के माध्यम से फिर से बस्तर को आगे बढ़ाने का काम चल रहा है। श्रीमती इंदिरा गांधी आई थी, उन्होंने आदिवासियो को पट्टा दिया था। राहुल गांधी ने आदिवासियो को जमीन का पट्टा वापस दिलाया है। बस्तर के नौजवानों को रोजगार मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में आज डेनेक्स में कपड़े बनाए जा रहे हैं, ये कपड़े देश दुनिया में जा रहे हैं। हमारी बहनें काम कर रही हैं, आगे बढ़ रही हैं। हमारी सरकार ने लाखों परिवारों को वनाधिकार पट्टा देने का काम किया। यह सम्मेलन आदिवासियों, किसानों, मजदूरों, माताओं, बच्चों, बस्तर और छत्तीसगढ़ के भरोसे का सम्मेलन है। माँ दंतेश्वरी माई, बस्तर का दशहरा, और यहां के आदिवासियों की संस्कृति बस्तर की पहचान है, बस्तर की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में काम करते हुए हम देवगुड़ियों और घोटुलों का निर्माण कर रहे हैं। हमारी योजनाओं से वनांचल क्षेत्रों में किसानों और लघु वनोपज विक्रेताओं, तेंदूपत्ता संग्रहको में सम्पन्नता आई है।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि हमने लोक पर्वों पर अवकाश की घोषणा की है। हमारी कोशिश यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को काम दे सकें और लोगों की विकास में भागीदारी हो। हम जूते, चप्पल और मोबाइल नहीं दे रहे बल्कि आपकी जेब में सीधे पैसा डाल रहे हैं ताकि आप जो चाहें वो खरीद सकें। हमने डेढ़ लाख करोड़ रूपए लोगों की जेब में डाले हैं। बैगा, पुजारी, गुनिया और भूमिहीनों को हम 7000 रूपए प्रतिवर्ष दे रहे हैं। सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करते हुए हम लोगों को अधिकार सम्पन्न बना रहे हैं। हमारी सरकार सबको साथ लेकर चलने वाली सरकार है। हमने किसानों का कर्जा माफ किया, इनपुट सब्सिडी और समर्थन मूल्य के साथ धान का 2500 रूपए दिलाने का वादा पूरा किया है। राजीव किसान न्याय योजना से किसानों को 9000 रूपए प्रति एकड़ देने का कार्य किया है। यही कारण है कि आज प्रदेश के  लाखों परिवार उन्नति के रास्ते चल पड़ा है।

हर हाथ को मजबूत बनाने का कार्य किया: श्रीमती प्रियंका गांधी

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती प्रियंका गांधी ने भरोसे के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां पहली बार आई हूं, आप मुझे नहीं जानते, आप इसलिए आए हैं क्योंकि आपका मेरे परिवार पर भरोसा है। यहां की कहानियों, आपकी संस्कृति, आपके संघर्ष के बारे में मैं बचपन से जानती हूं। मेरे घर के सदस्यों ने आपकी संस्कृति, संघर्षों और चुनौतियों को जाना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यहां के लोगों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ग खुशहाल है और आगे बढ़ रहा है। हमारी कांग्रेस की सरकार ने हर हाथ को मजबूत बनाने का कार्य किया है।

श्रीमती गांधी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज भरोसा होता है। यहां जब मैं आई तो एक बहन ने मेरे लिए सुबह से आइसक्रीम बना कर रखी थी, लेकिन जब मैं वहां पहुंची तो उसने मुझसे कहा कि आपको अभी मंच से बोलना है आप ठंडी आइसक्रीम मत खाइए... ये एक बहन का भरोसा है, एक पल में मेरा उनसे रिश्ता बन गया। एक जगह की पहचान तीन चीजों से होती है। संस्कृति का सम्मान, लोगों का मान और सरकार द्वारा जनता का सम्मान। मुख्यमंत्री जी ने आप सभी से कहा कि एक समय यहां लोगों को आने में डर लगता था। आज यही बस्तर एक ब्रांड बन गया है। सरकार की मदद के साथ आपकी आमदनी बढ़ रही है। 

प्रकृति का सम्मान करने के लिए मेरी दादी इंदिरा गांधी आप सभी आदिवासी भाई-बहनों का बहुत सम्मान करती थीं। यहां बेरोजगारी की दर सब कम है और सबसे ज्यादा वनोपज के लिए एमएसपी। यहां का स्वास्थ्य मॉडल देश के लिए उदाहरण है। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्योग एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर अंचल के नागरिकों की ओर से श्रीमती प्रियंका गांधी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल देश के अग्रणी मुख्यमंत्री हैं। सांसद बस्तर दीपक बैज ने मां दन्तेश्वरी की पावन धरा बस्तर में पहली बार आगमन पर श्रीमती प्रियंका गांधी का स्वागत किया और कहा कि बस्तर की धरती में गांधी-नेहरू परिवार का गहरा नाता रहा है। सम्मेलन को पूर्व सांसद सुश्री शैलजा और विधायक मोहन मरकाम ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

 मुख्यमंत्री की घोषणाएं :-

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भरोसे का सम्मेलनमें जगदलपुर के इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी स्टेडियम का उन्नयन कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के फुटबाल, हॉकी और टेनिस ग्राउंड के रूप में विकसित करने, प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधकों को तीन स्तरीय संविदा वेतनमान देने, बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में इन्दिरा गांधी महिला सहकारी बैंककी स्थापना करने, शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय नारायणपुर का नामकरण वीरांगना रमोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय के नाम से करने की घोषणा की।

इसी प्रकार उन्होंने कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र केरलापाल का नामकरण घोटुल के संस्थापक देव लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र केरलापाल नारायणपुरके नाम से करने, शासकीय नवीन महाविद्यालय कटेकल्याण का नामकरण हिड़मा मांझी शासकीय महाविद्यालय कटेकल्याणके नाम से करने एवं शासकीय नवीन महाविद्यालय भैरमगढ़ का नामकरण धुर्वाराव माड़िया शासकीय महाविद्यालय भैरमगढ़के नाम से करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, विधानसभा उपाध्यक्ष संत कुमार नेताम, लोकसभा सांसद बस्तर दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, पूर्व सांसद सुश्री कुमारी शैलजा सहित संसदीय सचिवगण, विधायक मोहन मरकाम सहित अनेक विधायकगण, अनेक जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में भरोसे का सम्मेलन: बस्तर दौरे पर पहुंचेंगी Priyanka Gandhi, जनसभा को संबोधित करेंगी

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रायपुर :  कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी आज छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएँगी. वे भरोसे का सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी. सीएम भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. सीएम दिल्ली से सीधे जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे.


छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के लाल बाग मैदान में दोपहर 12 बजे भरोसे का सम्मेलन होगा. इसमें सीएम बघेल आदिवासियों के तीज त्योहारों की संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित करने के उद्देश्य ‘मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ करेंगे. इस योजना के तहत अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 10,000 रुपए की अनुदान राशि दो किस्तों में दी जाएगी.

मुख्यमंत्री सम्मेलन के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 129 करोड़ के 49 विकास कार्यों की सौगात देंगे. मुख्यमंत्री इनमें से 62 करोड़ 29 लाख 47 हजार के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण और 66 करोड़ 70 लाख से अधिक राशि के 34 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. सम्मेलन में मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और योजनाओं के हितग्राहियों को चेक तथा सामग्री का वितरण भी करेंगे.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली दौरे पर है। बताया जा रहा है की आज वो प्रियंका गांधी साथ ही जगदलपुर आएंगे। वहां दोनों दिग्गज नेता भरोसे के सम्मलेन में शामिल होंगे और प्रियंका गांधी लालबाग में आयोजित सभा को संबोधित करेंगी। वहीं दिल्ली रवानगी से पहले सीएम बघेल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा की दिल्ली जाकर राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के बस्तर प्रवास पर मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर रमन सिंह भी कांग्रेस के मंच पर आना चाहते हैं, तो आ जाएं। प्रियंका के शासकीय कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल खड़ा किया है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार के समय जब कार्यक्रम होता था, तब क्या उनकी पार्टी के अध्यक्ष साथ नहीं रहते थे? भाजपा के सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह की फोटो भी उन दिनों पोस्टरों में छपती थी।

नारी शक्ति-भरोसे का सम्मेलन में बस्तर संभाग के जिलों द्वारा लगाई जा रही है प्रदर्शनी

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जगदलपुर। लालबाग मैदान में आयोजित भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों द्वारा जिले में महिला समूहों द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों तथा नवाचार योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनी में फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की बस्तर संभाग में की गई यात्राओं को भी छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। 

इसके अलावा बस्तर काॅफी उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक का जीवंत प्रदर्शन, बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प द्वारा लकड़ी की नक्काशी, जिला प्रशासन के नवाचार थिंक-बी से संबंद्ध माम्स फूड, पुलिस विभाग की सामुदायिक पुलिसिंग मनवा नवानार, टसर कोसा से धागाकरण एवं वस्त्र बुनाई, बस्तर फूड फर्म द्वारा महुआ की चाय और अन्य उत्पाद, वन विभाग के ईमली और काजू प्रसंस्करण निर्माण का प्रदर्शन किया गया है।

इसी तरह सुकमा से शिल्पकला टेराकोटा और पुनः संचालित शालाएं, कांकेर जिले से सीताफल, जामुन, मैंगों पल्प, सीताफल आईस्क्रीम एवं शेक, नारायणपुर जिले से मिलेट्स उत्पाद और बांस शिल्प, कोंण्डागांव जिले से बेलमेटल ज्वेलरी, सजावटी सामान और कोकोनट कोल्ड प्रेस आयल, दंतेवाड़ा जिले से डेनेक्स द्वारा कपड़े सिलाई का कार्य और बीजापुर जिले से चिकी मिलेट्स प्रोसेसिंग के कार्य का प्रदर्शन किया गया है।

उल्लेखनीय है कि बस्तर काॅफी के उत्पादन की गतिविधि वर्ष 2016-17 से प्रारंभ की गई है। जिसमें महिला समूह के सदस्यों द्वारा लगभग 06 लाख रूपए वार्षिक सकल लाभ अर्जित की जा रही है। बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प निर्माता संगठन द्वारा लकड़ी की नक्काशी का कार्य वर्ष 2021-22 से 40 सदस्यों के समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें वार्षिक सकल लाभ 10 लाख रूपए अर्जित की जा रही है। इसी प्रकार माम्स फूड में 92 महिला सदस्यों द्वारा वर्ष 2021 में प्रारंभ की गई और समूह के द्वारा सालाना 32 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया जा रहा है।

सुकमा जिले के शिल्पकला टेराकोटा के 20 सदस्यों द्वारा वर्ष 2022-23 में प्रारंभ कर 14 लाख रुपए सालाना लाभ प्राप्त किया जा रहा है। कांकेर जिला के कांकेरवैली फ्रेश परियोजना अंतर्गत 250 महिला सदस्यों द्वारा संचालित प्रसंस्करण कार्य में सालाना 18 लाख 12 हजार रुपए से अधिक की कमाई की जाती है। नारायणपुर मिलेटस उत्पादन में 50 महिला सदस्यों के द्वारा सालाना सकल लाभ 30 लाख अर्जित की जा रही है। कोंण्डागांव जिले के बेलमेटल ज्वेलरी से 20 लाख रूपए और सजावटी उत्पाद बनाने वाली महिला समूह के द्वारा 15 लाख वार्षिक सकल लाभ प्राप्त किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में वर्ष 2020-21 सेे प्रारंभ की गई डेनक्स कपड़ा सिलाई कार्य में 850 महिला सदस्यों के द्वारा 04 करोड़ का वार्षिक सकल लाभ अर्जित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने किया राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त की राशि का अंतरण

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बेमेतरा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मुंगेली जिले के सरगांव में आयोजित भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम में महात्मा गांधी रुरल इंडस्ट्रियल पार्क का प्रदेश स्तर में वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से  लोकार्पण किया। बेमेतरा जिले में महात्मा गांधी रुरल इंडस्ट्रियल पार्क कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत बेरला के ग्राम रामपुर (भांड़) एवं जनपद पंचायत नवागढ़ के ग्राम अमलडीहा में किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। वर्चुअल कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक पुन्नू लाल मोहले एवं धरमजीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

जिले के रामपुर (भांड़) में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक बेमेतरा आशीष कुमार छाबड़ा एवं कलेक्टर बेमेतरा पदुम सिंह एल्मा ने महात्मा गाँधी और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र में माल्यार्पण एवं दीप जलाकर राजगीत अरपा पैरी के धार महा नदी हे अपा..........के साथ कार्यक्रम की शुरुवात की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) युगल किशोर उर्वशा, तहसीलदार बेरला मनोज गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बेरला स्वप्निल ध्रुव, वरिष्ट जनप्रतिनिधि बंशी पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बेरला हीरा देवी वर्मा, सहित जनप्रतिनिधिगण एवं आसपास के ग्रामीणजन उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि बेमेतरा जिले में जनपद पंचायत बेमेतरा के अन्तर्गत गांगपुर (ब) एवं झालम, जप साजा के अन्तर्गत ग्राम राखी एवं ओड़िया, नवागढ़ के अन्तर्गत अमलडीहा एवं मोहतरा तथा जनपद पंचायत बेरला के अन्तर्गत सांकरा एवं रामपुर (भांड़) में महात्मा गांधी रूलर इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जाएगा। जिसमें दाल मिल एवं दाल प्रसंस्करण इकाई, फेन्सिंग वायर यूनिट, सिलाई मशीन यूनिट, साबुन निर्माण, फर्नीचर निर्माण यूनिट, फिनाइल उत्पादन यूनिट, आचार-पापड़-बड़ी निर्माण यूनिट, आटा मिल, दोना पत्तल यूनिट, चना-मुर्रा यूनिट, जैविक कीटनाशक, उत्पादन यूनिट आदि गतिविधियां संचालित की जाएगी। जिसके तहत ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार से सम्बंधित इकाइयों का भविष्य में विस्तार किया जाएगा। बेमेतरा जिले में रीपा अन्तर्गत 19 उद्योग शुरु हो रहे हैं। इन उद्योगों में कुल 254 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा, जिसमें 107 महिलाएं एवं 147 पुरुष होंगे। रामपुर भांड़ में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने पोहा मिल का शुभारंभ किया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण औद्योगिक पार्क और अन्य योजनाओं का बटन दबाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के 4.99 लाख हितग्राहियों के खाते में 149.92 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 2325041 किसानों के खाते में चौथी किस्त की राशि 174020.73 लाख रुपये का अंतरण किया गया। जिसमें बेमेतरा जिले के 140319 किसानों के खाते में चौथी किस्त की राशि 104 करोड़ रुपये अंतरित हुई। इसके अतिरिक्त गोधन न्याय योजना की 6.34 करोड़ रुपये की राशि का भी अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ, छ.ग. बेरोजगारी भत्ता योजना का वेब पोर्टल और छ.ग. सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण-2023 एप का शुभारंभ किया एवं नवनिर्मित 278 मल्टीएक्टिविटी सेंटर का लोकार्पण किया। 

 मुख्यमंत्री ने उद्घाटन के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और सम्बोधित करते हुए कहा कि ये किसान, मजदूर और युवा मन के भरोसा के सम्मेलन हे अउ ये भरोसा अभी के नई हे बल्कि चार साल के हे। गांव एवं नगर पंचायत (बड़ा कस्बा) के बीच मे ज्यादा फर्क नही होता है इसलिए नगर पंचायत क्षेत्र के किसानों को भी लाभांवित करने के लिए नगरीय राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शुरुआत की जा रही है। इससे नगरीय क्षेत्र में रहने वाले किसानों को आर्थिक लाभ होगी। राज्य विकास के लक्ष्य को सबको मिलकर हासिल करना है। शासन ने सभी वर्गों को लाभ देने का काम किया है।

प्रदेश के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत भूमिहीन मजदूर श्रमिक को सहायता राशि दी जा रही है। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। आंगनबाड़ी, सफाई कर्मी, कोटवार आदि का मानदेय बढ़ाया गया। नये आत्मानन्द स्कूल और मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे साथ ही पत्रकार सुरक्षा योजना लागू किया गया। जैसे-जैसे गोधन न्याय योजना आगे बढ़ती जाएगी वैसे वैसे हम जैविक राज्य के दिशा में आगे बढ़ते जाऐंगे। आज के समय में व्यापार व्यवसाव और उद्योग के साथ-साथ किसानों की भी आर्थिक स्थिति सुधरी है। हमारा प्रयास सभी वर्गों के लोगों को आगे बढ़ाना है। आज के इस रीपा कार्यक्रम की शुरुआत होने से प्रदेश के युवाओं महिलाओं को रोजगार मिलेगा। रीपा के माध्यम से परंपरागत उद्योगों का लाभ प्रदेश के सभी वर्गों को मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने कहा कि 20 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है। अब 20 क्विंटल धान बेचने से किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी, मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कर हमारे किसान भाईयों के दुखः दर्द को समझा है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अब कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी आज किसानों के लिए खुशी का दिन है, भुपेश है तो भरोसा है ये केवल किसानों का नारा नहीं है बल्कि सामुहिक रूप से छत्तीसगढ़ के पूरी जनता का नारा है। छत्तीसगढ़ को जैविक राज्य बनाना है। रासायनिक खादों के प्रयोग से कई प्रकार की बीमारियां पैदा हो रही हैं इसलिए जैविक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कृषि मंत्री रवींद्र चौबे अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि-मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पिछले चार साल में 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा पैसा किसानों को दिया है। प्रदेश में 2640 रुपये में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी हो रही है जो देश भर में सबसे ज्यादा है। इस साल से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर होगी, भूपेश है तो भरोसा है। प्रदेश सरकार ने विगत 4 साल में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर हर वर्ग के लोगों को लाभ पहुँचाया है। सरकार द्वारा किसानों का ऋण माफ कर, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर किसानों को उनकी उपज का वास्तविक लाभ दिलाया जा रहा है, साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान की बोनस राशि किसानों के खाते में सीधा अंतरित किया जाता है। जिससे हर वर्ष किसानों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

विपरीत परिस्थितियों में भी हमने छत्तीसगढ़ वासियों का भरोसा रखा कायम : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुंगेली जिले के सरगांव में आयोजित प्रदेश स्तरीय भरोसे का सम्मेलनसे किसानों, भूमिहीन मजदूरों और पशुपालकों के लिए संचालित न्याय योजनाओं के अंतर्गत कुल 1949 करोड़ 26 लाख रूपए की राशि का हितग्राहियों के खाते में अंतरण किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ किया तथा बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए वेबपोर्टल का लोकार्पण और छत्तीसगढ़ सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का एप्लीकेशन लांच किया।

महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना के तहत ग्रामीण युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न स्थानों में नवनिर्मित 278 मल्टीएक्टिविटी सेन्टरों का शुभारंभ  भी मुख्यमंत्री ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए 731 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत के 73 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भरोसे का सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षो के विपरीत परिस्थियों में भी हमने छत्तीसगढ़वासियों का भरोसा कायम रखा।

इसी भरोसे का यह सम्मेलन है। प्रदेश के किसानों, मजदूरों, नौजवानों के हित में लगातार कार्य  हुए हमने उनका भरोसा और विश्वास राज्य सरकार पर बनाए रखा। राज्य सरकार की योजनाओं सेे प्रदेश के किसान खुशहाल हैं और खेती किसानी में प्रगति हुई है। शासन लगातार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों के जेब में पैसे पहुंच रही है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के किसानों में सम्पन्नता आई है, जिससे प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय भी फल-फूल रहे हैं, जिससे प्रदेश में मंदी का प्रभाव नहीं पड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान लगातार किसानों से चर्चा के दौरान यह बात आई थी कि उनकी धान बेचने की सीमा को बढ़ाया जाए, इसलिए किसानों का सम्मान करते हुए हमने यह निर्णय लिया है। 

उन्होंने कहा कि आज सरगांव से एक उल्लेखनीय कार्य के रूप में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर निर्मित 278 मल्टीएक्टिविटी सेंटर का लोकार्पण किया गया है। गांव में उद्योग खोलने के लिए जरूरी सुविधाएं प्रदान करना और रोजगार उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ के परंपरागत उद्योगों को प्रोत्साहित करने में रीपा की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत क्षेत्र के भूमिहीन मजदूरों को लाभान्वित करने के लिए शुरू की गई राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना को भी लाभकारी बताया और कहा कि वर्तमान में संचालित राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में शहरी क्षेत्र के मजदूरों का लाभ नहीं मिल पा रहा था इसलिए उनके लिए राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना शुरू की गई।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे गोधन न्याय योजना का विस्तार होता जाएगा, हम जैविक राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ते जाएंगे। उन्होंने बेरोजगारी भत्ता के लिए लॉन्च किए गए वेबपोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे बेरोजगार युवा जिनकी परिवारिक आय 2.50 लाख रूपए से कम हो वे इस वेबपोर्टल के माध्यम 01 अप्रैल से आवेदन कर सकेंगे। आवास योजना के लिए 01 अपै्रल से होने वाले सर्वे के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को क्रमबद्ध रूप से आवास मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है। कोटवारों, मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों एवं स्कूल में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों के मानदेय को बढ़ाने का निर्णय लिया है। 

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के 9 हजार में से 5 हजार गौठान स्वावलंबी बन चुके हैं। शेष गौठानों को भी स्वावलंबी बनने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्ष को 750 रूपए और सदस्यों को 500 रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमने पत्रकार सुरक्षा कानून विधानसभा में पारित कर पत्रकारों का भरोसा जीता है। स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देते हुए प्रदेश में 04 नए मेडिकल कॉलेज की घोषणा वर्ष 2023-24 की बजट में की है।

 विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि  कृषि के क्षेत्र में प्रदेश में बेहतर कार्य हुए हैं, इसे आगे बढ़ाते हुए हमें छत्तीसगढ़ को जैविक राज्य बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। भूपेश है तो भरोसा है, ये केवल किसानों का नारा नहीं है बल्कि सामूहिक रूप से छत्तीसगढ़ के पूरी जनता का नारा है। कृषि मंत्री श्री रवींद्र चौबे ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों की मदद करने वाला मुख्यमंत्री है, इसलिये लगातार किसानों के हित में निर्णय लिए जा रहे हैं। 15 क्विंटल से बढ़कर 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने की घोषणा भी किसानों के लिए मददगार होगी। मंत्री चौबे ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि आज छत्तीसगढ़ के किसान सबसे खुशहाल किसान हैं।

न्याय योजना के हितग्राहियों को मिली सहायता राशि

 मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम के दौरान राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2021 की चौथी एवं अंतिम किस्त के रूप में 23 लाख 23 हजार 154 किसानों के खाते में 1793 करोड़ रूपए की राशि, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत 4 लाख 99 हजार 756 पात्र हितग्राहियों के खाते में तृतीय किस्त की 3000 रूपए प्रति हितग्राही के मान से कुल 149 करोड़ 92 लाख 68 हजार रूपए की राशि का अंतरण किया। उन्होंने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रेता, पशुपालकों, महिला स्व-सहायता समूहों और गौठान समितियों के खाते में 6 करोड़ 34 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया। इस राशि में से 8367 गौठानों और गोबर खरीदी केन्द्रों में 1 से 15 मार्च 2023 तक खरीदे गए 01 लाख 67 हजार 932 क्विंटल गोबर के एवज में गोबर विक्रेता, पशुपालकों को 03 करोड़ 68 लाख रूपए, लाभांश राशि के रूप में स्व-सहायता समूहों को 1.08 करोड़ रूपए तथा गौठान समितियों को 1.58 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया गया। 

गोबर खरीदी के एवज में भुगतान की जा रही राशि में से 2.02 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा तथा 1.66 करोड़ रूपए की राशि विभाग द्वारा दी जा रही है। सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, विधायक धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, धरमजीत सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय प्रदीप शर्मा और विनोद वर्मा, अध्यक्ष जिला पंचायत मुंगेली श्रीमती लेखनी सोनू चन्द्राकर, अध्यक्ष राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग थानेश्वर साहू, अध्यक्ष नगर पंचायत सरगांव राजीव तिवारी एवं गणमान्य जनप्रतिनिधिगण शामिल होंगे। साथ ही कार्यक्रम में वन मंत्री मोहम्मद अकबर तथा संसदीय सचिव श्री गुलाब कमरो वर्चुअल रूप से शामिल हुए।                                

सीएम 25 मार्च को मुंगेली जिले के सरगांव में आयोजित ‘भरोसे का सम्मेलन‘ में बेरोजगारी भत्ता योजना के वेबपोर्टल का करेंगे लोकार्पण

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 मार्च को मुंगेली जिले के सरगांव में आयोजित भरोसे का सम्मेलनमें बेरोजगारी भत्ता योजना के वेबपोर्टल का लोकार्पण करेंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का एप्लीकेशन लॉन्च करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में 1 अप्रैल 2023 से प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को 2500 रुपए प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा एनआईसी से बेरोजगारी भत्ता वेबपोर्टल तैयार कराया गया है। जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री करेंगे। बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदक को निर्धारित मापदण्ड एवं शर्तों के अनुसार इस वेब पोर्टल के माध्यम से केवल ऑन लाईन आवेदन करना होगा, यह पोर्टल 01 अप्रैल 2023 से आम जनता के लिये उपलब्ध रहेगा।

छत्तीसगढ़ सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के लिए भी राज्य सरकार द्वारा एप्लीकेशन तैयार कराया गया है। जिसे मुख्यमंत्री लॉन्च करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने सर्वेक्षण में आवासहीनों, उज्जवला गैस और शौचालय योजना के हितग्राहियों का 01 अप्रैल से सर्वेक्षण कराने की घोषणा की है। जिससे इन योजनाओं के पात्र हितग्राहियों की जानकारी मिल सके और उन्हें भी लाभान्वित किया जा सके।

बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने की पात्रता -

गौरतलब है कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए निर्धारित मापदण्ड एवं शर्तों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। शिक्षित बेरोजगारों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। वह मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम हायर सेकंडरी (12वीं) उत्तीर्ण हो। वह जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्ग दर्शन केंद्र में पंजीकृत हो और आवेदन के वर्ष के 1 अप्रैल को हायर सेकंडरी अथवा उससे अधिक योग्यता में उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना हो। आवेदक की आय का कोई स्त्रोत न हो एवं आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक न हो। परिवार से तात्पर्य है- पति, पत्नी एवं आश्रित बच्चे एवं आश्रित माता-पिता।

पात्र शिक्षित युवा को प्रथमतः एक वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यदि व्यक्ति विशेष का एक वर्ष की इस अवधि में लाभकारी नियोजन नहीं हो पाता है, तो बेरोजगारी भत्ते की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ाई जा सकेगी। किसी भी प्रकरण में यह अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होगी।

एक परिवार से एक ही व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा। यदि किसी परिवार के किसी व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है, तो दूसरा व्यक्ति अपात्र होगा। आवेदक के परिवार के किसी भी सदस्य को केन्द्र अथवा राज्य सरकार की किसी भी संस्था अथवा स्थानीय निकाय में चतुर्थ श्रेणी या ग्रुप डी को छोड़कर अन्य नौकरी होने पर ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होगा। यदि आवेदक को स्वरोजगार या शासकीय अथवा निजी क्षेत्र में किसी नौकरी को ऑफर दिया जाता है, परन्तु आवेदक ऑफर स्वीकार नहीं करता है, तो ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होगा।

पूर्व और वर्तमान मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और संसद या राज्य विधान सभाओं के पूर्व या वर्तमान सदस्यों, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होंगे। 10,000/-रूपये या उससे अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशन भोगी के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। वे परिवार जिन्होंने पिछले असेस्मेंट ईयर में इनकम टैक्स भरा हो, उनके परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। अन्य पेशेवर जैसे- इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड एकाऊन्टेंट और पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत ऑर्किटेक के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होंगे।

बेरोजगारी भत्ते की राशि पात्र हितग्राही के बैंक खाते में प्र्रतिमाह अंतरित की जाएगी। जिन लोगों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा उन सभी व्यक्तियों को कौशल विकास प्रशिक्षण का ऑफर दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशिक्षण के पश्चात् उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता की जाएगी और यदि वे कौशल विकास प्रशिक्षण में भाग लेने से इनकार करते हैं या ऑफर किया गया रोजगार स्वीकार नहीं करते हैं तो उनका बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा।

योजना के आवेदनों का भौतिक सत्यापन, आवेदकों को समक्ष में बुलाकर किया जाएगा, जिसके लिये गावों एवं शहरों के वार्डो में क्लस्टर बनाए जाएंगे तथा प्रत्येक क्लस्टर के लिये सत्यापन टीम का गठन किया जाएगा। आवेदन सत्यापन उपरांत बेरोजगारी भत्ता जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी/आयुक्त नगर निगम द्वारा स्वीकृत किया जायेगा। बेरोजगारी भत्ता का भुगतान आवेदकों के बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।

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