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छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने किया कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर 27 सितंबर की हड़ताल का समर्थन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा प्रदेश के शासकीय सेवकों की मांगों को पूर्ण करने हेतु 27 सितंबर 2024 को कलम बंद - काम बंद हड़ताल का जनसंपर्क अधिकारी संघ समर्थन करता है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र के समान देय तिथि से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता, जुलाई 2019 से देय तिथि पर लंबित महंगाई भत्तों के एरियर्स राशि का जी.पी.एफ. खाते में समायोजन करने, 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण, चार स्तरीय समयमान वेतनमान, केन्द्र के समान गृहभाड़ा भत्ता स्वीकृत करने के मांगों को लेकर 27 सितम्बर 2024 दिन शुक्रवार को कलम बंद-काम बंद हड़ताल किया जा रहा है। यह सभी शासकीय सेवकों के हित में फेडरेशन का सराहनीय निर्णय है। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ दिनांक 27 सितम्बर 2024 को घोषित कलम बंद-काम बंद हड़ताल को कर्मचारी-अधिकारी हित में जायज मानते हुए उक्त हड़ताल का पूर्ण समर्थन करता है।

फेडरेशन के आह्वान पर घोषित अगस्त क्रांति आंदोलन का प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघर्ष करेगा पूर्ण समर्थन - कमल वर्मा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले "झन कर इनकार, हमर सुनव सरकार" आंदोलन का पूर्ण समर्थन करने का निर्णय लिया है।छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल वर्मा एवं प्रवक्ता बालमुकुंद तंबोली ने बताया कि  6 अगस्त 2024 को इंद्रावती भवन (संचालनालय) से महानदी भवन (मंत्रालय) तक दोपहर 2 बजे से आयोजित मशाल रैली में संचालनालय में पदस्थ सभी राजपत्रित अधिकारी शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा शासकीय अधिकारियों के मौलिक अधिकार महंगाई भत्ते से वंचित रखने के कारण अधिकारियों को आर्थिक रूप से काफी क्षति  हो रही है। प्रदेश के विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समस्त अधिकारीगण दिन-रात परिश्रम करते है लेकिन सरकार द्वारा उन्हें केंद्र सरकार के समान डीए प्रदान नही किए जाने से अधिकारीगण हतोत्साहित हो रहे है। शासन के इस उपेक्षापूर्ण रवैए से राजपत्रित अधिकारियों में काफी नाराजगी है।

उन्होंने कहा कि शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने की कई बार कोशिश की गई है, लेकिन 6 महीने गुजर जाने के बाद भी सरकार की तरफ से अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अभी तक कोई पहल नहीं की गई है, ऐसे में अब सिवाय आंदोलन के कर्मचारी संगठनों के पास कोई अन्य रास्ता नहीं बचता है। अतः प्रदेश के समस्त राजपत्रित अधिकारी फेडरेशन के चार स्तरीय आंदोलन का समर्थन करेंगे।

छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रवक्ता बालमुकुंद तंबोली ने बताया कि प्रथम चरण में 6 अगस्त को इंद्रावती भवन से महानदी भवन तक मशाल रैली प्रदर्शन, द्वितीय चरण में 20 से 30 अगस्त तक सांसदों एवं विधायकों को ज्ञापन, तृतीय चरण में 11 सितंबर को जिला/ब्लॉक/तहसीलों में मशाल रैली का आयोजन एवं चौथे चरण में 27 सितंबर को सामूहिक अवकाश लेकर जिलों में धरना-प्रदर्शन का आयोजन होगा। राजपत्रित अधिकारी संघ फेडरेशन के इस चरणबद्ध आंदोलन का पूर्णतः समर्थन करते हुए आंदोलन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

उन्होंने आगे बताया कि भाजपा घोषणा पत्र के अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान 1 जनवरी 2024 से  महंगाई भत्ता में 4 % वृद्धि के साथ 50 % डी ए स्वीकृत करने,  प्रदेश के कर्मचारियों को जुलाई 2019 से देय तिथि पर महंगाई भत्तों के एरियर्स राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में जमा किये जाने, भाजपा घोषणा पत्र के अनुसार प्रदेश के शासकीय सेवकों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिये जाने, केन्द्र के समान गृह भाड़ा भत्ता, भाजपा घोषणा पत्र अनुसार मध्यप्रदेश सरकार की भांति प्रदेश के शासकीय सेवकों को अर्जित अवकाश नगदीकरण 240 दिन के स्थान पर 300 दिन देने का मुद्दा शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मांगों में प्रमुखता से शामिल है।

सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति के संबंध में शासन सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा - संचालक लोक शिक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों ने आज संचालक लोक शिक्षण सुनील कुमार जैन से लोक शिक्षण कार्यालय में सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगतियों के संबंध में मुलाकात की। संचालक जैन ने फेडरेशन के पदाधिकारियों से उनकी मांगों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। संचालक ने शिक्षकों से कहा कि शासन ने सदा शिक्षकों के हित में निर्णय लिये हैं। नयी सरकार के आते ही समस्त शिक्षा कर्मियों का संविलयन किया गया है। जैन ने यह भी कहा कि सहायक शिक्षकों की मांगों पर शासन विचार करेगा। जैन ने प्रतिनिधिमंडल से आने वाली परीक्षा एवं छात्र हित को देखते हुए 6 फरवरी से होने वाली हड़ताल को स्थगित करने का आग्रह किया और उम्मीद जताई कि शिक्षक हड़ताल जैसा कोई कदम छात्रहित को दृष्टि में रखते हुये नही उठायेंगे


बैठक में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्षश्री मनीष मिश्रा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष द्वय कौशल अवस्थी और बंसत कुमार कौशिक, उपाध्यक्ष द्वय रंजीत बेनर्जी और आदित्य गौरव, महासचिव द्वय सिराज बक्स और शेषनाग पाण्डेय, प्रदेश सचिव ईश्वर प्रसाद चन्द्राकर, प्रवक्ता अलोक त्रिवेदी, मीडिया प्रभारी राजू टंडन, जिला अध्यक्ष रायपुर हेमकुमार साहू, जिला अध्यक्ष बेमेतरा अशोक धु्रव, ब्लॉक अध्यक्ष बागबाहरा प्रकाश बघेल उपस्थित थे।

आश्वासन पर अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल हुआ खत्म, मिला इस तरह का आश्वासन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में बीते बाईस अगस्त से चल रही अधिकारी-कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज समाप्त हो गई है। आज कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात के बाद अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की मध्यस्थता में दो सूत्रीय मांगों के संबंध में हुई चर्चा सकारात्मक रही। 



उन्होंने बताया कि चर्चा के दौरान कर्मचारी-अधिकारियों को उनकी मांगों के संबंध में सरकार की ओर से आश्वासन दिए गए हैं। अगस्त दो हजार इक्कीस से अगस्त दो हजार बाईस तक डी.ए. के एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में जमा की जाएगी। वहीं, तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता दीपावली पर देने का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा गृह भाड़ा भत्ता के लिए एक समिति गठित की जाएगी। इससे पहले, अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की कोर कमेटी की एक बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री की अपील और आश्वासन पर चर्चा के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया गया।


फेडरेशन में फूट के आसार, आंदोलन समाप्ति की घोषणा पर रार, कहा :- दबाव डालकर आंदोलन खत्म करा रही सरकार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले किए जा रहे आंदोलन की समाप्ति की घोषणा के साथ ही संगठन में फूट पड़ने की आशंका जताई जा रही है। आंदोलन की समाप्ति से प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारी-अधिकारियों में कथित तौर पर नाराजगी है। कर्मचारियों-अधिकारियों ने इसे यूनियन लीडर द्वारा की गई जबरदस्त धोखा, छल एवं गद्दारी करार दिया है। 



बताया गया है फेडरेशन के प्रदेश स्तरीय बैठक में कल यह कहा गया था की 12% डीए एवं एचआरए की मांग पूर्ति के बगैर आंदोलन समाप्ति नहीं होगा। परंतु आज अचानक ऐसा क्या हो गया जिसके कारण आंदोलन समाप्ति की गई? यह सवाल सभी के जेहन में है।

कर्मचारियों के साथ धोखा, छल!

छत्तीसगढ़ प्रदेश के कर्मचारी नेता एवं शिक्षक एलबी संवर्ग छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने बयान जारी कर कहा है कि फेडरेशन द्वारा हड़ताल समाप्ति की घोषणा प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारी अधिकारियों के साथ जबरदस्त धोखा, छल एवं पीठ में छुरा भोंकना है।  प्रदेश के तेजतर्रार कर्मचारी नेता जाकेश साहू ने कहा कि हमारे साथ फेडरेशन के टॉप लीडर कमल वर्मा सहित उनके कोर कमेटी के सदस्यों के  धोखा किया गया है। जब आंदोलन के संबंध में दो दिन पहले मुख्यमंत्री का स्टेटमेंट आया कि प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी हड़ताल समाप्त कर दें। 

इसके बाद फेडरेशन के आंदोलन में हलचल बढ़ गई थी। तब फेडरेशन के यूनियन लीडर कमल वर्मा द्वारा रायपुर में अचानक एक सितंबर को बैठक बुलाई गई थी। जिसमें आंदोलन समाप्ति की सुगबुगाहट का खबर प्रदेश भर में आग की तरह फैल गया। जिसके पश्चात प्रदेश भर के विभिन्न संगठनों के अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में रायपुर में फेडरेशन के बैठक में उपस्थित हुए। वहां पर आंदोलन समाप्ति के मुद्दे पर कमल वर्मा एवं समस्त प्रदेश पदाधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई एवं आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।

ऐसी की गई व्यूह रचना

प्रदेशभर से आए हुए कर्मचारी अधिकारियों का स्पष्ट कहना था कि जब तक लंबित डीए और एचआरए अर्थात 38% डीए और सातवें वेतनमान पर एचआरए का आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक हम साढ़े चार लाख कर्मचारी-अधिकारी आंदोलन पर डटे रहेंगे। साथ ही इस संबंध में राजधानी के समस्त इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में यह खबर चलने लगा कि लगातार हड़ताल जारी रहेगा। तत्पश्चात बैठक समाप्त हो गई। लेकिन इसके दूसरे ही दिन अर्थात दो सितंबर को अचानक ऐसा क्या हुआ कि आंदोलन समाप्त करना पड़ा। 

इसकी पटकथा थी कि मुख्यमंत्री के आंदोलन समाप्ति की चेतावनी के बाद संयोजक कमल वर्मा एवं इसकी कोर कमेटी मुख्यमंत्री के बयान से डरे हुए थे और आंदोलन समाप्त करने वाले थे लेकिन विभिन्न सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में प्रदेशभर के साढ़े चार लाख कर्मचारियों के तेवर एवं विरोध को देखते हुए कमल वर्मा ने अचानक बैठक बुलाई। जहां पर सभी कर्मचारी पहुंचकर विरोध जता दिए। इसलिए कमल वर्मा एवं उसकी टीम ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया था। लेकिन बैठक समाप्ति होने के बाद कमल वर्मा द्वारा फिर एक नई पटकथा लिखी गई और कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे से मिलकर आंदोलन समाप्ति की घोषणा कर दी गई। यह कर्मचारी एवं अधिकारियों के साथ जबरदस्त धोखा, छल एवं गद्दारी है।

विश्वास नहीं हो रहा है...

कर्मचारी नेता जाकेश साहू ने बताया कि उक्त आंदोलन की समाप्ति से प्रदेशभर के कर्मचारी अधिकारी हक्के- बक्के रह गए हैं लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि आंदोलन समाप्त हो चुकी है। आज प्रदेश के बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग, बिलासपुर संभाग एवं दुर्ग संभाग में सभी जगह के साढ़े चार लाख कर्मचारी अधिकारियों द्वारा फेडरेशन के उक्त आंदोलन समाप्ति से काफी नाराज एवं दुखी हैं।

चार सितंबर को रायपुर में आपात बैठक

इस मुद्दे पर प्रदेश के कद्दावर कर्मचारी नेता एवं शिक्षक एलबी संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने आगामी रविवार 4 सितंबर को राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट गार्डन में प्रदेश भर के समस्त 27 जिलों के समस्त 104 संगठनों के जिलाध्यक्ष, जिला संयोजक, जिला बॉडी के सभी पदाधिकारी एवं प्रदेश के 146 विकास खंडों के फेडरेशन के समस्त विकासखंड संयोजक, ब्लॉक अध्यक्ष, सचिव एवं सभी पदाधिकारियों से अपील की है, 

कि 27 जिलों एवं 146 विकासखंडों से एक-एक गाड़ी में सभी साथी हड़ताल समाप्ति के मुद्दे पर विरोध जताने और आगे की रणनीति तय करने, अधिक से अधिक संख्या में रविवार 4 सितंबर को, रायपुर कलेक्ट्रेट गार्डन में सुबह 11:00 बजे तक पहुंचें। सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक प्रदेश के साढ़े चार लाख अधिकारीयों कर्मचारियों के केंद्र के समान लंबित डीए एवं एचआरए तथा विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन एवं भावी रणनीति तय करने के लिए बैठक आयोजित की गई है।


शासकीय अधिकारी-कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल, मुख्यमंत्री-पूर्व मुख्यमंत्री में जुबानी जंग

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रायपुर। राज्य के चार लाख से अधिक शासकीय अधिकारी-कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ये कर्मचारी केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई और आवास भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले की जा रही इस हड़ताल में प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय के कर्मचारी सहित करीब अस्सी संगठन शामिल हो रहे हैं। हड़ताल से राज्य सरकार के लगभग 52 विभागों का कार्य प्रभावित हुआ है। 



इस बीच, राज्य सरकार ने जिला कलेक्टरों को वैकल्पिक व्यवस्था कर कार्य को सुचारू रूप से जारी रखने को कहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल के संबंध में कहा है कि राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों के हित में काम कर रही है। बघेल ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की मांग को ध्यान में रखते हुए उनसे बातचीत के बाद ही छह प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाया गया था, जिसका समर्थन बहुत से संगठनों ने भी किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा उनके लिए सप्ताह में पांच दिन का कार्यदिवस रखा गया है। हड़ताल को देखते हुए राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने कदम उठाए हैं। जो कर्मचारी हड़ताल में शामिल न होकर कार्य में उपस्थित होना चाहते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए शासकीय कार्यालयों में पुलिस बल तैनात किया गया है।

कर्मचारियों को केन्द्र के समान चौंतीस प्रतिशत महंगाई भत्ता दें - रमन

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि राज्य की भूपेश सरकार बलपूर्वक कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने में लगी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को चौंतीस प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। इसी तरह छत्तीसगढ़ में भी राज्य सरकार को अपने कर्मचारियों को केन्द्र के समान चौंतीस प्रतिशत महंगाई भत्ता देना चाहिए।

 त्यौहार अग्रिम दस हजार रुपये

इस बीच, राज्य शासन ने शासकीय सेवकों के त्यौहार अग्रिम में बढ़ोतरी करते हुए यह राशि दस हजार रूपए कर दी है। पहले यह राशि आठ हजार रूपए थी। राज्य शासन ने यह निर्णय कर्मचारियों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया है। त्यौहार अग्रिम की यह राशि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, दशहरा, दीपावली, होली, रक्षाबंधन, ईद-उल-जुहा, ईद-उल-फितर और क्रिसमस जैसे त्यौहारों के मौके पर प्रदान की जाएगी।

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