Media24Media.com: निरीक्षण

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गंदगी, गुणवत्ता में लापरवाही और लाइसेंस को लेकर प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई

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रायपुर। कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशानुसार बीजापुर नगर में खाद्य प्रतिष्ठानों की सफाई और खाद्य गुणवत्ता की जांच हेतु एसडीएम, तहसीलदार, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा नगर पालिका सीएमओ की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत शहर के मिठाई दुकानों, होटल, ढाबा, मटन-चिकन शॉप एवं थोक सब्जी दुकानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री तलने के लिए बार-बार एक ही तेल का उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित तेलों के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजा गया।


वहीं ढाबों में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने, शाकाहारी व मांसाहारी वस्तुओं को एक ही फ्रिज में रखने जैसे मामलों में कार्रवाई करते हुए गणपति स्वीट्स से 1000 रुपये, जायसवाल होटल से 1000 रुपये, रघु जायसवाल होटल से 500 रुपये, फर्माइश ढाबा से 5000 रुपये, बिट्टू ढाबा से 5000 रुपये, कन्हैया स्वीट्स से 5000 रुपये, दंतेश्वरी ढाबा से 10,000 रुपये तथा सब्जी मार्केट से 500 रुपये जुर्माना वसूला गया। कुल मिलाकर इस निरीक्षण में 28,000 रुपये का जुर्माना संबंधित प्रतिष्ठानों से वसूला गया। साथ ही थोक सब्जी विक्रेताओं, मटन एवं चिकन दुकानों को साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

टीम ने ऐसे व्यापारियों को भी चेतावनी दी है, जिन्होंने अब तक खाद्य लाइसेंस नहीं बनवाया है, कि वे तत्काल लाइसेंस बनवाएं अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा यह अभियान आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में सतत रूप से जारी रहेगा।

दो पंचायत सचिवों को नोटिस : एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

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रायपुर। मुंगेली जिले के पथरिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत लौदा और बरछा में पदस्थ पंचायत सचिवों की लापरवाही के मामले में कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय ने दोनों सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब-तलब किया है।

कलेक्टर द्वारा पंचायतों के निरीक्षण के दौरान मनरेगा कार्यों में लापरवाही, पंचायत कार्यालय की अव्यवस्था और पलायन रजिस्टर का सही ढंग से संधारण न होने जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और दोनों पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करने और उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए थे। दोनों पंचायत सचिवों को दो दिवस के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

 

 

महासमुंद : एसडीएम बागबाहरा ने किया स्कूलों और छात्रावास का निरीक्षण, सुविधाओं का लिया जायजा

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महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार के निर्देशानुसार जिले में शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सतत निरीक्षण जारी हैं। इसी कड़ी में आज एसडीएम बागबाहरा उमेश साहू द्वारा विभिन्न विद्यालयों एवं छात्रावासों का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षाओं की स्थिति, विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के तहत प्राथमिक शाला मेंस सुखरी डबरी एवं माध्यमिक विद्यालय सुखरी डबरी का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति तथा छात्रों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली। विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को भी समझने का प्रयास किया गया। एसडीएम ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे पढ़ाई के स्तर को सुधारने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए विशेष प्रयास करें।

एसडीएम साहू ने निरीक्षण के दौरान छात्रावासों की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी जांच की। उन्होंने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को समझा तथा उनके समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत एसडीएम ने शिक्षकों एवं विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि वे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने विशेष ध्यान दें। इसके अलावा, यदि किसी विद्यालय या छात्रावास में कोई कमी पाई गई, तो उसे शीघ्र सुधारने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया।

कलेक्टर ने कॉफी प्लांटेशन क्षेत्रों का किया निरीक्षण दौरा

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जगदलपुर। कलेक्टर हरिस एस ने शनिवार को दरभा ब्लॉक के तीन प्लांटेशन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने दरभा कॉफी प्लांटेशन की सभी कार्यों और आवश्यक व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में उद्यानिकी कॉलेज, फील्ड ऑफिसर से चर्चा किए साथ ही कॉफी प्लांटेशन करने वाले किसानों से भी चर्चा किए। प्लांटेशन में मनरेगा से किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कांदानार के कॉफी प्लांटेशन क्षेत्र का भी निरीक्षण किए और ग्रामीणों से चर्चा की।

उन्होंने कॉफी उत्पादन के लिए ग्राम में बनी समिति का एसडीएम और जनपद सीईओ की उपस्थिति में बैठक करवाकर समिति में जागरूक किसानों को रखकर पुर्नगठित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को प्लांटेशन क्षेत्र की सफाई करवाने और कॉफी के पौधों का संरक्षण करने में सहयोग करने कहा। उन्होंने कहा कि जमीन आपका है, कॉफी का फसल होने पर लाभ भी आपको ही होगा। ग्रामीणों से प्लांटेशन की आवश्यकताओं के सम्बन्ध में भी चर्चा किए। इसके अलावा मुंडागढ़ के कॉफी प्लांटेशन का भी जायजा लिया और ग्रामीणों से चर्चा किए। इसके अलावा उरूग़पाल के ग्रामीणों ने कलेक्टर से गांव के आवश्यक मांग भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई सहित जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारी, उद्यानिकी कॉलेज के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक का दौरा

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रायपुर। मुख्य अभियंता छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी, नई दिल्ली के निरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नवम्बर 2024 हेतु दौरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है,


जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक राजू अजय कुमार, मोबाईल नंबर +91-94191-61196 छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा एवं बलरामपुर जिले के दौरे पर आ रहे हैं।

महासमुंद : जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति की बैठक 21 नवम्बर को

महासमुंद। जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आगामी 21 नवंबर 2024 को आयोजित होगी। बैठक सांसद, लोकसभा क्षेत्र महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न होगी। बैठक का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में सुबह 11:00 बजे से किया जाएगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी संबंधित सदस्यों को बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए विकसित करें बेहतर सिस्टम, ठेकेदारों पर रखें नियंत्रण – अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में लोक निर्माण विभाग के सरगुजा संभाग में कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अंबिकापुर विश्रामगृह में आयोजित बैठक में अधिकारियों को परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों का निरीक्षण करने और विभागीय अभियंताओं को फील्ड में भेजकर रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों पर पूरी जानकारी प्रदर्शित करते हुए डिस्प्ले बोर्ड लगाने को कहा। उन्होंने सड़कों की नियमित रिपोर्टिंग के लिए पुख्ता कार्यप्रणाली विकसित करने के साथ ही सड़कों के संधारण के लिए निर्धारित एसओपी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव बैठक में कहा कि सड़कों का रखरखाव शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य  में सड़कों के संधारण के लिए राशि स्वीकृत करने से लेकर निविदा स्तर तक की पूरी कार्यवाही हो चुकी है। जल्दी ही सड़कों के संधारण से प्रदेश में सड़कों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बेहतर कार्य पद्धति अपनाते हुए आज की जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड होने को कहा। उन्होंने काम को व्यवस्थित कर अपने नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए जिससे समय पर काम पूर्ण होंगे और लोगों को लाभ मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों को खुद फील्ड में जाकर परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों के निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों की स्थिति की वास्तविक जानकारी के लिए ऐसी कार्यप्रणाली विकसित करने को कहा जिससे नियमित रूप से सड़कों की स्थिति की रिपोर्टिंग मिलती रहे। साव ने सड़कों के संधारण के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित एसओपी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा शासन की छवि खराब होती है। उन्होंने सड़क मरम्मत के कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संधारण के बाद गड्ढामुक्त सड़कों की जानकारी पब्लिक फोरम पर प्रदर्शित करने को कहा।

साव ने अधिकारियों को सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने की हिदायत देते हुए कहा कि लंबित कार्यों से काफी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने ठेकेदारों पर नियंत्रण रखने के साथ ही लापरवाह और लेट-लतीफ कार्य करने वाले ठेकेदारों पर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। साव ने वर्षा ऋतु के बाद सड़कों और सेतु के संधारण की कार्ययोजना, वार्षिक कार्ययोजना, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सड़क, सेतु एवं भवन निर्माण कार्य की प्रगति तथा लंबित भू अर्जन प्रकरणों की भी समीक्षा की।


निर्वाचक नामावली की शुद्धता सुनिश्चित करने ग्राम सभाओं का आयोजन करें : निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह

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रायपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने निर्वाचक नामावली की प्रविष्टियों की शुद्धता सुनिश्चित करने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को ग्राम सभाओं का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन के लिये प्रदेश में ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावली का पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है। पुनरीक्षण कार्य हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायतों में निर्वाचक नामावली निरीक्षण के लिये दिनांक 24/10/2024 से 29/10/2024 तक का समय निर्धारित  किया गया है।

राजा निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि 26 एवं 27 अक्टूबर को प्रत्येक ग्राम पंचायत में सभाओं का आयोजन किया जाकर संबंधित ग्राम पंचायत की निर्वाचक नामावली का पठन किया जावेगा। पठन के दौरान निर्वाचक नामावली के संबंध में जानकारी प्राप्त कर मतदातागण दावा आपत्ति भी प्रस्तुत कर सकेंगे। निर्वाचक नामावली की शुद्धता के लिये प्राप्त दावा आपत्तियों की जांच भी ग्राम सभा में की जा सकेगी।

मलेरिया व डायरिया पीड़ित मरीजों को देखने सिम्स और जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर

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रायपुर। बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने आज सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा। उनका अच्छे से देखरेख और इलाज करने के निर्देश डॉक्टरों को दिए। उन्होंने यहां मलेरिया और डायरिया के मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में मलेरिया और डायरिया प्रभावित मरीजों के लिए आपात स्थिति में 15 आईसीयू के बेड और 20 सामान्य बेड बढ़ाया जाए।

इसी प्रकार सिम्स में 10 आईसीयू बेड बढ़ाने कहा। कलेक्टर अवनीश शरण ने मरीजों की बेहतर निगरानी और इलाज के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को समझाइश दी गई है कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य की समस्या होने पर झाड़-फूंक या झोलाछाप डॉक्टर से इलाज न कराकर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र जाकर इलाज कराएं।

उन्होंने प्रभावित गांवों में जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है ताकि वर्षा जनित बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने निर्देशित किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वर्षाकाल में जलजनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करें और संक्रमण की जानकारी मिलने पर त्वरित स्वास्थ्य शिविर लगाकर उपचार करना सुनिष्चित करें।

कलेक्टर ने जिले में डायरिया के प्रभाव को नियंत्रित करने हेतु जनचौपाल एवं क्षेत्र भ्रमण के निर्देश पर जिला प्रशासन, राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मदनपुर में स्वास्थ्य चौपाल लगाया। टीम ने गली कूचों का भ्रमण कर साफ सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया। जिसमें ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें स्वच्छ जल सहित खान-पान की जानकारी दी गई। इस दौरान पानी उबाल कर पीना है - डायरिया को  दूर करना है का स्लोगन भी दिया गया। गांव में मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर टू डोर सर्वे कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हे जागरूक किया जाकर ओआरएस एवं दवाई का वितरण किया जा रहा है। पीएचई विभाग द्वारा स्वच्छ जल आपूर्ति हेतु टंकी की सफाई कराकर सभी बोर को क्लोरिन डाला गया। नालियों की सफाई सहित ब्लीचिंग छिड़काव भी कराया जा रहा है।

कलेक्टर के निर्देश पर जिले के सभी गांवों में हर शनिवार को स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। मौसमी बीमारियों जैसे डायारिया मलेरिया के प्रति आम जन को जागरूक करने हेतु जनचौपाल आयोजित किया जा रहा है। चौपाल में हाथ धुलाई ,स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण एवं  जनजागरुकता का कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिला एवं मितानिन द्वारा घर-घर जाकर मौसमी बीमारी के लक्षण एवं रोकथाम के उपाय से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।  सार्वजनिक स्थान मंदिर तालाब ,सड़क ,चौक चौराहों ,गली ,नाली की सफाई रंगमंच सार्वजनिक भवन शाला परिसर आदि में स्वच्छता दीदियों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों के माध्यम से सामूहिक श्रमदान कर साफ सफाई का कार्य एवं कचरा संग्रहण किया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने किया कोरिया-बैकुंठपुर जिला एवं सत्र न्यायालय का औचक निरीक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आज जिला एवं सत्र न्यायालय, कोरिया बैकुंठपुर का औचक निरीक्षण किया। उनके द्वारा न्यायालय परिसर के समस्त कक्षों का निरीक्षण किया गया। न्यायालय भवन की अधोसंरचना न्यायालय की गरिमा के अनुरूप पायी गयी। न्यायालय की साफ- सफाई व्यवस्था पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। न्यायालय भवन की बाह्य दीवारों के रंग-रोगन हेतु प्रशासनिक अधिकारी को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के समय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोरिया बैकुण्ठपुर आनंद कुमार ध्रुव उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ जानी तथा समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित को निर्देशित किये। अंत में समस्त न्यायाधीशों के साथ बैठक कर समस्त पुराने प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा नये प्रकरणों को भी समयानुसार निराकरण किये जाने पर जोर देने हेतु निर्देश दिये गये। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा मुख्य न्यायाधिपति को यह अवगत कराया गया कि वर्तमान में धारा 138 परकाम्य लिखित अधिनियम के कुल 600 प्रकरण लंबित हैं। इन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किये जाने के निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रार जनरल अरविन्द कुमार वर्मा, एडिशनल रजिस्ट्रार कम पीपीएस एम.बी.एल.एन सुब्रहमन्यम तथा प्रोटोकॉल ऑफिसर आर. एस. नेगी भी उपस्थित रहे।

पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने 28 अगस्त से 3 सितम्बर तक चलेगा विशेष अभियान

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 28 अगस्त से 3 सितम्बर तक विशेष अभियान चलाकर जरूरी कार्यवाही करें। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि वे सड़कों पर पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण करें। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि सड़कों पर पशु होने की शिकायत करने एवं निराकरण के लिए हर जिले में आम जनता, यात्रियों एवं मीडिया के लिए एक टोल फ्री नम्बर अनिवार्य रूप से स्थापित करें और इसकी जानकारी लोगों को होर्डिंग्स, साइन बोर्ड और अन्य संसाधनों के माध्यम से दी जाए।

मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में सड़कों पर पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देश दिए। सरगुजा एवं बिलासपुर संभागायुक्त और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, बिलासपुर और सूरजपुर के कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सड़कों से पशुओं को हटाएं जाने की व्यवस्था की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव ने कल रायपुर, बस्तर और दुर्ग के संभागायुक्तों एवं इन संभागों के कलेक्टरों से पशुओं के सड़कों पर आने से रोकने के लिए की गई तमाम व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी।

बैठक में पशुओं के कारण दुर्घटना जन्य सड़कों का चिन्हांकन और इन सड़कों से पशुओं को हटाएं जाने की व्यवस्था के संबंध में जिलेवार विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के लिए चिन्हांकित ग्रामों और नगरीय क्षेत्रों में पशु पालकों के व्यवहार में परिवर्तन लाने का प्रयास करें एवं इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनायें। बैठक में मुख्य सचिव ने चिन्हांकित सड़कों पर पशुओं के आने से संबंधित शिकायतें प्राप्त करने एवं उनके निराकरण की व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टरों ने बताया कि पशुओं के कारण दुर्घटना जन्य सड़कों का चिन्हांकन कर लिया गया है। सभी ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में सड़कों पर आने वाले पालतू और आवारा पशुओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पशुओं को टैगिंग और रेडियम बेल्ट लगाएं जा रहे हैं। पशुओं को सड़कों से हटाकर गौशालाओं, गौठानों और कांजीहाउस में ले जाकर सुरक्षित रखा जा रहा है। पशुओं का टीकाकरण भी किया जा रहा है। ऐसे पशु जिनके कोई मालिक उन्हें लेने नही आ रहे हैं उनकी नीलामी भी की जा रही है।

पशु पालकों को समझाइस दी जा रही है कि वे अपने पशुओं को सड़़कों पर नहीं छोड़े। पशुओं के सड़कों पर आने से दुर्घटनाएं हो जाती है, जिससे जन धन का नुकसान होता है। पशु पालकों को यह भी बताया जा रहा है कि यदि उनके पशु सड़कों पर पाएं जाते है उन पर जुर्माना वसूली की जाएगी। जिला अधिकारियों ने बताया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से त्रैमास में हुई पशु जन्य सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण किया जाकर इसके लिए उत्तरदायित्व निर्धारण कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों पर पशुओं को रोकने के लिए की जा रही कार्यवाही से अच्छे परिणाम मिलने लगे हैं। बैठक में कलेक्टरों ने अपने जिले के गौठानों, गौशालाओं और कांजीहाउस की स्थिति की विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टरों ने पशुओं को सड़क से हटाने की व्यवस्था के लिए तैनात अधिकारी-कर्मचारियों और काउ-केचर वाहन के संबंध में भी जानकारी दी।

बैठक में पशुओं को रखने हेतु गौशालाओं, गौठानों और कांजीहाउस की मैपिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टरों ने बताया कि वे पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पशु पालकों, जनप्रतिनिधियों, और स्वयं सेवी संस्थाओं और समाज सेवकों का सहयोग लेने के लिए सभी जरूरी कार्यवाही की जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में कृषि एवं पशुधन विकास विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज भाई तम्बोली, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्रीमती चंदन त्रिपाठी, संभागायुक्त बिलासपुर और सरगुजा सहित गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, सुरजपुर, बिलासपुर और सरगुजा जिले के कलेक्टर शामिल हुए।

मुख्य न्यायाधीश ने सेंट्रल जेल का किया औचक निरीक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पहुना गेस्ट हाउस में मिले। मुलाकात के दौरान शासन स्तर पर लंबित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों के विभिन्न विषयों पर औपचारिक चर्चा हुई। बैठक के पश्चात मुख्य न्यायाधीश औचक निरीक्षण हेतु केंद्रीय जेल रायपुर पहुंचे। यहां उन्होंने पुरूष बंदीगृह के सभी बैरकों का निरीक्षण किया तथा महिला बंदीगृह का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने जेल के अस्पताल का भी निरीक्षण किया। जेल में स्थायी रूप से चिकित्सक की नियुक्ति के बारे में जानकारी ली और इसकी पुष्टि की। चिकित्सक से उन्होंने बंदियों को दी जा रही चिकित्सा सुविधा व दवाईयों की जानकारी ली तथा बंदियों से भी इस संबंध में पूछताछ की। उन्होंने जेल में वीडियो कान्फ्रेसिंग रूम, विधिक प्रकोष्ठ का निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की। जेल में केन्टिन, बंदियों द्वारा संचालित प्रिंटिंग प्रेस, सिलाई-बुनाई कक्ष, शिक्षा केन्द्र इत्यादि का भी निरीक्षण किया। बंदियों से बातचीत करते हुए जानकारी प्राप्त की कि उन्हें जेल मेन्युअल के अनुरूप सुविधाएँ मिल रही है या नहीं। 

बच्चों के साथ रहने वाले महिला बंदियों के बारे में उन्होंने जेल अधीक्षक से महिला बंदियों के बच्चों को मिलने वाली सुविधाएँ जैसे कि स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास हेतु व्यवस्था की जानकारी ली। जेल अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि जेल में पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई हेतु शासन से मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित है जिसमें संस्कृत की शिक्षा भी दी जा रही है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा स्कूल का भी निरीक्षण किया गया। जेल में शिक्षा, स्वास्थ्य व साफ-सफाई की सुविधा पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के समय वहां जेल अदालत चल रही थी। भूपेन्द्र कुमार वासनीकर, मु. न्या. मजिस्ट्रेट, रायपुर द्वारा प्रकरणों में सुनवाई की जा रही थी।

उन्होने जेल अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी बंदी की अपील न्यायालय के समक्ष दो बार प्रस्तुत की गई है तो उस विषय की जानकारी त्वरित रूप से संबंधित न्यायालय को अवगत कराये। साथ ही उनके द्वारा यह भी जानकारी ली गयी कि कितनी बंदियों को विधिक सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में जेल की क्षमता कुल 1586 बंदियों की है जबकि जेल में बंदियों की कुल संख्या 3267 है जिसमें से पुरूष बंदियों की संख्या 3117 तथा महिला बंदियों की संख्या 150 है।

निरीक्षण के समय संभागायुक्त डॉ. संजय कुमार अलंग, आईजी रतनलाल डांगी, डीआईजी जेल सह केन्द्रीय जेल अधीक्षक एस. एस. तिग्गा, एसएसपी प्रशांत अग्रवाल, जेलर एमएन प्रधान मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल अरविन्द कुमार वर्मा, विधि विभाग, रायपुर के प्रमुख सचिव रजनीश श्रीवास्तव एवं एडिशनल रजिस्ट्रार सह पीपीएस एम. वी. एल.एन. सुब्रहमन्यम भी उपस्थित थे। ज्ञात हो कि मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा मात्र 03 माह के कार्यकाल में ही अनेक न्यायालयों व जेलों का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्था में सुधार हेतु आवश्यक निर्देश जारी कर चुके हैं जिसके सकारात्मक परिणाम भी मिलने शुरू हो गये हैं।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति ने बेमेतरा न्यायालय परिसर का किया औचक निरीक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा हाईकोर्ट के मामलों की सुनवाई पश्चात् औचक निरीक्षण हेतु बेमेतरा पहुंचे। उनके द्वारा न्यायालय परिसर के समस्त कक्षों का निरीक्षण किया गया। न्यायालय परिसर में वाहनों की पार्किंग, स्वच्छता, वाशरूम, अधिवक्ताओं व पक्षकारों की बैठक व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया एवं व्यवस्था में आवश्यक सुधार के निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान न्यायालय का भवन पुराना होने के कारण लायब्रेरी, रिकार्ड रूम अन्य कुछ स्थानों पर सीलन पायी गयी। अधिवक्ता कक्ष में भी पानी का रिसाव होना पाया गया जिस पर उनके द्वारा नाराजगी जाहिर की गयी। निरीक्षण के समय बेमेतरा जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेन्द्र कुमार शास्त्री, कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता एस.डी.एम. कु. सुरूचि सिंह व लोक निर्माण विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे जिन्हें आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिये गये।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए वहां लंबित प्रकरणों की जानकारी ली तथा 05 से 10 वर्ष के पुराने प्रकरण 156 (3) सी.आर.पी.सी के प्रकरण, धारा 138 परकाम्य लिखित अधिनियम (छमहवजपंइसम प्देजतनउमदजे ।बज) के प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित गति से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से भी चर्चा की व उनकी समस्याओं को दूर करने हेतु निर्देश दिये। औचक निरीक्षण में उनके साथ रजिस्ट्रार जनरल अरविन्द कुमार वर्मा तथा एडिशनल रजिस्ट्रार कम पीपीएस एम.वी.एल.एन सुब्रहमन्यम भी उपस्थित थेे।

ज्ञात हो कि मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आये हुये मात्र 03 माह ही व्यतीत हुये हैं, उक्त तीन माह के कार्यकाल में ही उन्होंने अनेक जिला न्यायालयों व केन्द्रीय जेल, बिलासपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था में सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिससे आधारभूत संरचना तथा कार्यदशा में आमूल-चूल परिवर्तन दिखाई देना शुरू हो गया है।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने चिकित्सालय का किया आकस्मिक निरीक्षण

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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने रविवार को रात आठ बजे कवर्धा जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डो का भ्रमण कर मरीजों से इलाज के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों और अन्य स्टॉफ की जानकारी ली।
                    

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने उन्हें जिला चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। परदेशी ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए अस्पताल द्वारा प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर सुधार के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के सचिव परदेशी ने चिकित्सालय में आपातकालीन वार्ड, एसएनसीयू और सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण कर वहां इलाजरत मरीजों से चर्चा की।
                  

उन्होंने मेडिकल वार्ड में उपचाररत मरीजों तथा उनके परिजनों से चर्चा कर चिकित्सालय की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहां मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जानकारी ली। परदेशी ने एनआरसी और पीडियाट्रिक वार्ड का अवलोकन कर वहां मौजूद शिशु रोग विशेषज्ञ से अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा। कबीरधाम जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ-सह-सिविल सर्जन डॉ. सूर्यवंशी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती सृष्टि शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

जब कलेक्टर ने कहा घबराएं नहीं मैं आपका भाई हूँ

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जगदलपुर। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बड़े किलापाल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्ची जलेन्द्री को गोद लेकर दुलारा और अपने हाथों से बिस्किट खिलाया। उन्होंने बच्ची की  माँ को बच्ची का वजन बढ़ने तक अस्पताल में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की। साथ ही  बच्ची की माँ को विधवा पेंशन दिलवाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को कलेक्टर जब बड़े किलेपाल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे तो  यहां भर्ती जलेन्द्री को दुलारने के लिए गोद में लेने की कोशिश की।

इस पर जलेंद्री की माँ डर गई और दूर जाने लगी। कलेक्टर ने दुभाषिये की सहायता से कहा कि घबराएं नहीं मैं आपका भाई हूँ। माँ ने जब धीरे से हामी भरते हुए जब बच्ची को दी तब कलेक्टर ने बच्ची को गोद में लेकर बिस्कीट खिलाया। साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती सभी बच्चों को बिस्किट का वितरण किया गया। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ अस्पताल की प्रसव की स्थिति की जानकारी कलेक्टर ने ली। उन्होंने संस्था द्वारा रिफर किए जाने वाले प्रकरणों में कमी करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही मुतनपाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर विजय ने स्वास्थ्य अमला को पूरे समर्पण के साथ काम करने की आवश्यकता बताई और महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए।इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, तोकापाल के एसडीएम  ऋतुराज बिसेन, तहसीलदार मधुकर सिरमौर, नायब तहसीलदार आशीष सहित स्वास्थ्य विभाग के विकासखंड अधिकारी उपस्थित थे।

 

रात्रिकालीन सफाई अभियान का कलेक्टर ध्रुव ने किया निरीक्षण

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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। कलेक्टर पी.एस.ध्रुव ने गत दिनों मनेंद्रगढ़ नगर में चल रहे रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का लिया जायजा। कलेक्टर ने जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, महिला बाल विकास कार्यालय की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील कार्यालय के समीप पड़े कचरे और मलबे को तत्काल हटाने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिका मनेंद्रगढ़ को दिए। साथ ही तहसील कार्यालय के मुख्य मार्ग पर नाली के चेंबर खुले पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेंबर को तत्काल ढकने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बस स्टैंड पीडब्ल्यूडी चौराहा लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के सामने अस्त व्यस्त पड़े जर्जर सामानों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनेंद्रगढ़ अभिषेक कुमार, तहसीलदार मनेंद्रगढ़ अशोक सिंह, नायब तहसीलदार श्रीकांत पांडे, सीईओ जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ रघुनाथ राम मंडल, संयोजक संजय श्रीवास्तव, मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत के टीए मानिकपुरी उपस्थित थे। कलेक्टर ने शहर के विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता विद्युत वितरण कंपनी को दिए। उन्होंने नेशनल हाईवे 43 के किनारे किनारे दुकानों के सामने रखे गए पुराने कबाड़ सामान को तत्काल हटाने तथा नेशनल हाईवे रोड 43 पर मनेंद्रगढ़ वन विभाग के मोहरपारा से लेकर चौनपुर तक लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश नेशनल हाईवे के अधिकारियों को दिए।

स्कूलों से नदारद 9 शिक्षकों को डीईओ ने थमाया शो काॅज नोटिस

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बिलासपुर। स्कूलों से अनधिकृत रूप से नदारद अथवा विलंब से स्कूल पहुंचने वाले तखतपुर ब्लाॅक के 9 शिक्षकों को शो काॅज नोटिस जारी किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राप्त निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब तलब किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट मुलाकात अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर स्कूलों का अचानक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में डीईओ द्वारा टीम गठित कर आकस्मिक निरीक्षण किये जा रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें तखतपुर ब्लाॅक के खम्हरिया स्कूल के उच्च श्रेणी शिक्षक श्रीमती सुमन गौरावेड़े, योगेन द्विवेदी, श्रीमती दीपशिखा मिका एवं देवेन्द्र केशरवानी, प्रधानपाठिका श्रीमती पुष्पा यादव, सहायक शिक्षक एलबी विजय कौशिक,, सहायक शिक्षक एलबी श्रीमती इन्द्राणी कौशिक, सहायक शिक्षक श्रीमती अरूणा द्विवेदी तथा प्राथमिक स्कूल कुआं के प्रधानपाठक अमित खजुरिया शामिल हैं। डीईओ ने नोटिस में लिखा है कि आपके द्वारा पदीय दायित्व के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं गैरजिम्मेदार व्यवहार किया जा रहा है। तीन दिनों के भीतर जवाब नहीं मिलने पर

 


कलेक्टर ध्रुव ने फाटपानी स्कूल में बच्चों की क्लास ली

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रायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कलेक्टर पी.एस.ध्रुव ने आज अपने आकस्मिक भ्रमण के दौरान कई स्कूलों का निरीक्षण कर वहां अध्ययन-अध्यापन की स्थिति और शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला फाटपानी में कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान शिक्षक के रूप में बच्चों की क्लास ली। उन्होंने बच्चों से छत्तीसगढ़ी में बातचीत कर उनकी पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी लेने के साथ ही छत्तीसगढ़ी बोली-भाषा, कला-संस्कृति, खान-पान एवं पारम्परिक परिधान के बारे में बच्चों से सवाल भी पूछे और इस संबंध में रोचक जानकारी दी।

कलेक्टर ध्रुव आज मनेन्द्रगढ़ विकास खण्ड के कई स्कूलों एवं ऑगनबाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला फाटपानी के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों को पालकों से संपर्क कर बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला फाटपानी में कक्षा 8वीं के बच्चों को छत्तीसगढ़ी बोली भाषा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि हमें हिन्दी के साथ-साथ स्थानीय बोली छत्तीसगढ़ी भाषा का भी अच्छा ज्ञान होना चाहिए।

प्रतियोगी परीक्षाओं के छत्तीसगढ़ी भाषा के संबंध में भी सवाल पूछे जाते हैं। कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला फाटपानी के सभी कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों के संबंध में रोचक जानकारी दी। फाटपानी स्कूल के बच्चे कलेक्टर को छत्तीसगढ़ी बोली भाषा में बात करते देखकर बेहद खुश नजर आए। कलेक्टर ने स्कूल परिसर के खराब हैण्ड पंप को तत्काल सुधरवाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला डांडहसवाही के बच्चों को जीवन में आगे कैसे बढ़ना है, हमारा लक्ष्य क्या होना चाहिए, लक्ष्य को केन्द्रीत कर हमें मुकाम तक कैसे पहुँचना है, विषय पर समेकित रूप से बच्चों को पाठ पढ़ाया।

कलेक्टर ने आँगन बाड़ी केन्द्र घुटरा का निरीक्षण कर वहां बच्चों और महिलाओं को मिल रही सुविधा के बारे में जानकारी ली। ग्राम डांडहसवाही में राजीव गाँधी युवा क्लब के युवाओं द्वारा खेल मैदान समतलीकरण करने की मांग पर कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ को तत्काल मौके पर बुलवाकर प्राक्कलन तैयार कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने इस मौके पर डांडहसवाही गांव में क्रिकेट खेल रहें राजीव गाँधी युवा मितान क्लब के सदस्यों के साथ क्रिकेट खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया।

महासमुंद जिले के बिरबिरा में बनेगी भव्य फिल्म सिटी, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने किया स्थल निरीक्षण

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार महासमुंद जिले के ग्राम बिरबिरा में जल्द फिल्म सिटी बनाने जा रही है। छत्तीसगढ़ फिल्म सिटी बनने के बाद प्रदेश में फिल्म उद्योग से जुड़े हजारों कलाकारों,टेक्निशियनों और निर्माता-निर्देशकों सहित स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। राज्य सरकार फिल्म को बढ़ावा देने के लिए अब महासमुंद जिले में फिल्म सिटी बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए आज संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने महासमुंद विकासखण्ड के बिरबिरा में फिल्म सिटी के लिए स्थल का निरीक्षण किया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नई फिल्म नीति 2021 तैयार की गई है। इसी तारतम्य में संस्कृति मंत्री भगत ने आज महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम बिरबिरा पहुंचकर प्रस्तावित फिल्म सिटी स्थल का निरीक्षण किया। संस्कृति मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यहां फिल्म सिटी बनाने के लिए उपयुक्त स्थल है। फिल्म सिटी के माध्यम से संस्कृति एवं पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर अलग से पहचान मिलेगा। फिल्म सिटी बनने से आस-पास के पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं को अधिक-से-अधिक रोजगार का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसे अनेक मनोरम स्थान हैं, जो फिल्मों के शूटिंग के लिए बेहतर हैं। फिल्म नीति के साथ ही राज्य सरकार की नीतियों से अब ऐसा वातावरण तैयार हुआ है, जिससे अन्य प्रदेशों के फिल्मकारों की रुचि भी छत्तीसगढ़ को लेकर बढ़ी है। कलेक्टर  निलेशकुमार क्षीरसागर ने बताया कि यहां राजस्व की लगभग 327 एकड़ जमीन चिन्हांकित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से बिरबिरा लगभग 4-5 किलोमीटर, नवा रायुपर से लगभग 50 किलोमीटर, ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सिरपुर, कोडार जलाशय, बारनवापारा सहित अन्य पर्यटन स्थल भी समीप है।

संस्कृति मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा फिल्म सिटी बनाने का मकसद छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना, फिल्म शूटिंग के लिए छत्तीसगढ़ को सेंट्रल हब के रूप में डेवलप करना, विनिर्माण क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करना है। साथ ही फिल्म के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा भी मिलेगा। यहां के कलाकारों द्वारा दर्शकों के मनोरंजन के साथ फिल्मों के माध्यम से अपनी संस्कृति को लेकर गौरव की अनुभूति की अपेक्षा होती है। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश की कला, संस्कृति और फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

फिल्म नीति के तहत फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल्स और रियाल्टी शो तथा डाक्यूमेंट्री फिल्म के निर्माण, फिल्मांकन के लिये सुविधा व प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर 1965 में ‘‘कहि देबे संदेश’’ और ‘‘घर-द्वार’’ से शुरू हुआ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार गौरव द्विवेदी, राज्य पशु कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़  के उपाध्यक्ष आलोक चन्द्राकर, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के सदस्य मोहित ध्रुव सहित जनप्रतिनिधिगण, संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

सेना के अधिकारियों ने लिया अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की तैयारियों का जायजा

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दुर्ग। भारतीय थल सेना में अग्निवीर एवं नर्सिंग असिस्टेंट की भर्ती के लिए रैली का आयोजन दिनांक 1 दिसम्बर 2022 से 13 दिसम्बर 2022 तक रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में आयोजित किया जाना है। उक्त रैली के व्यवस्था की जानकारी लेने एवं रैली स्थल के निरीक्षण के लिए ब्रिगेडियर दीपेन्द्र मनराय, उप महानिदेशक भर्ती (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) जबलपुर, कर्नल एस. रमेश संचालक, सेना भर्ती छत्तीसगढ़,  आर.के. कुर्रे,



उप संचालक रोजगार विभाग दुर्ग,  मेजर सैनी उपस्थित रहे। रविशंकर स्टेडियम में रनिंग ट्रेक निर्माण, मानस भवन में सफाई, मार्शलिंग एरिया के समतलीकरण करने हेतु पीडब्लूएडी के अधिकारी गगन जैन को निर्देशित किया गया। इस मौके पर अपर कलेक्टर अरविंद एक्का भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशानुसार सभी आवश्यक तैयारी करने के लिए कहा।

कलेक्टर डॉ. भुरे ने जल विहार कॉलोनी रोड़ मरम्मत कार्य का किया निरीक्षण

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रायपुर। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज यहां जल विहार कॉलोनी के मुख्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की मोटाई एवं डामर मिक्स मटेरियल का टेंपरेचर भी जांच किया। 



कलेक्टर भुरे ने मरम्मत एवं डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता परीक्षण उपरांत सड़कों के गड्ढे में सामग्री भरने के बाद कंप्रेसर मशीन से व्यवस्थित रूप से समतल करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिले की सड़कों का पेंच रिपेयरिंग और संधारण कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तेजी से सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। 


कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सड़कों के मरम्मत का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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